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बलिया को जल्द मिलेगी नई पहचान, आकर्षक और नए स्वरूप में बनेगा भृगु कॉरिडोर :DM
बलिया में पर्यटन को बढ़ावा देने की दिशा में काम हो रहा है। ऐसे में अब बलिया को नई पहचान भी मिलने वाली है अगर सब कुछ ठीकठाक रहा तो जल्द ही पर्यटन के मानिचत्र पर भृगु कॉरिडोर के रुप में नई पहचान मिलेगी।
बता दें सोमवार को जिलाधिकारी सौम्या अग्रवाल ने नगर पालिका के ईओ एसपी सिंह और पर्यटन विभाग के अधिकारियों के साथ भृगुआश्रम स्थित भृगु मंदिर का निरीक्षण किया और लोगों से सुझाव मांगा। डीएम की यह पहल बीते दिनों सीएम द्वारा भृगु कॉरिडोर बनाने की घोषणा के क्रम में चल रही कवायद का हिस्सा है।
डीएम को मिले सुझाव- निरीक्षण के वक्त लोगों, सभासदों, पूर्व सभासदों और मंदिर के पुजारियों ने डीएम को सुझाया कि मंदिर का सुंदरीकरण कराने के साथ ही परिसर में वेद अध्ययन शाला बनाया जाए। साथ ही लोगों ने खाली परिसर को विश्वनाथ कॉरिडोर की तर्ज पर विकसित करने और कुछ हिस्सों में दुकान आदि बनाने, अंडर ग्राउंड पार्किंग बनाने के साथ बेटियों की शादियों के लिए एक अत्याधुनिक मंडप बनाने की बात कही। साथ ही महर्षि भृगु के गंगा नदी के पार परसिया में स्थित मूल आश्रम को मंदिर से जोड़ने की बात भी कहीं, जिस पर डीएम ने अपनी स्वीकृति दी।
साथ ही डीएम ने कहा कि मूल आश्रम को सड़क और जलमार्ग के माध्यम से जोड़ा जाएगा। इसके अलावा प्रत्येक वर्ष कार्तिक पूर्णिमा के अवसर पर होने वाले स्नान को लेकर भी जिलाधिकारी ने स्ननार्थियों के लिए पक्का व स्थाई मार्ग बनाने की बात कही। इस अवसर पर नपा के अधिशासी अधिकारी सत्य प्रकाश सिंह, सभासद विकास पांडेय लाला, राजेश गुप्ता के अलावा मंदिर के पुजारी आदि रहे।
मंदिर से जुड़ेगा मूल आश्रम- महर्षि भृगु के मूल परसिया गांव स्थित मूल आश्रम को भृगुआश्रम स्थित मंदिर से जोड़ने की मांग पर हामी भरते हुए डीएम सौम्या अग्रवाल ने कहा कि मूल आश्रम को स्थाई रुप से मंदिर से जोड़ा जाएगा। इसके लिए पक्की सड़क का निर्माण कराने के साथ नदी में जेटी बनाई चलाई जाएगी।
नए स्वरूप में बनेगा भृगु मंदिर- निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी सौम्या अग्रवाल ने महर्षि भृगु परिसर में मनमाने तौर पर दुकाने लगाने पर नाराजगी जताई। साथ ही बताया कि मंदिर को आकर्षक लुक देन के लिए इसे नए तरीके से डिजाइन कर बनाया जाएगा। इसके लिए शासन को प्रस्ताव भेजा जाएगा।
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Photos- जमुना राम मेमोरियल स्कूल में गणतंत्र दिवस समारोह हर्षोल्लास से संपन्न
26 जनवरी 2026 को जमुना राम मेमोरियल स्कूल के प्रांगण में 76वां गणतंत्र दिवस समारोह बड़े हर्षोल्लास, उत्साह और गरिमामय वातावरण में संपन्न हुआ। इस अवसर पर नर्सरी से लेकर कक्षा 12वीं तक के विद्यार्थियों ने रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत कर उपस्थित अतिथियों एवं अभिभावकों का मन मोह लिया।

कार्यक्रम का शुभारंभ सरस्वती पूजा एवं ध्वजारोहण के साथ हुआ। विद्यार्थियों ने अनुशासित मार्च-पास्ट के माध्यम से राष्ट्रीय ध्वज को सलामी दी। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि संस्था के अध्यक्ष प्रोफेसर धर्मात्मानंद जी ने ध्वजारोहण किया। अपने प्रेरणादायक संबोधन में उन्होंने कहा कि सामाजिक समरसता, समानता एवं मौलिक अधिकारों की रक्षा के लिए संविधान में निहित प्रावधानों का पालन करना प्रत्येक नागरिक का कर्तव्य है। उन्होंने विद्यार्थियों से राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया।
इस अवसर पर सेना से सेवानिवृत्त महानुभूतियों को स्मृति चिन्ह एवं अंगवस्त्र भेंट कर सम्मानित किया गया, जिससे समारोह की गरिमा और भी बढ़ गई।

कार्यक्रम में नन्हे-मुन्ने बच्चों द्वारा प्रस्तुत देशभक्ति गीतों ने सभी को भावविभोर कर दिया। हरियाणवी नृत्य, “मां से ही माटी” थीम पर आधारित प्रस्तुति, “पधारो मारे देश”, कव्वाली, उत्तर-पूर्व भारत का प्रसिद्ध बिहू नृत्य तथा योग प्रदर्शन को दर्शकों ने खूब सराहा। गरबा और भांगड़ा नृत्य भी विशेष आकर्षण का केंद्र रहे। कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण “वराह रूपम” नृत्य एवं कथकली प्रस्तुति रही, जिसने उपस्थित दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।

इस भव्य आयोजन को सफल बनाने में विद्यालय के समस्त शिक्षक-शिक्षिकाओं एवं गैर-शिक्षण कर्मचारियों का महत्वपूर्ण योगदान रहा। संस्था के निदेशक तुषार नंद जी एवं सौम्या प्रसाद जी ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि संविधान में निहित मौलिक अधिकारों, कर्तव्यों एवं समानता के सिद्धांतों पर आधारित समाज के निर्माण से ही भारत को विश्वगुरु बनाने का सपना साकार हो सकता है।

कार्यक्रम के अंत में विद्यालय के प्रधानाचार्य अजीत कुमार सिंह ने सभी आगंतुकों, अतिथियों, विद्यार्थियों एवं कर्मचारीगण के प्रति आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम की सफलता में कोऑर्डिनेटर नीतू मिश्रा एवं अरविंद चौबे की विशेष सहभागिता रही।
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UGC के ‘Equity Rules’ में स्पष्टता व संतुलन की मांग, बलिया के भानु प्रकाश सिंह ने चेयरमैन को लिखा पत्र
बलिया। ध्रुवजी सिंह स्मृति सेवा संस्थान, पूर-बलिया के सचिव भानु प्रकाश सिंह ‘बबलू’ ने विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) के चेयरमैन डॉ. विनीत जोशी को पत्र भेजकर यूजीसी विनियम, 2026 में आवश्यक स्पष्टीकरण और सुधार की मांग की है। उन्होंने पत्र की प्रतिलिपि राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, केंद्रीय शिक्षा मंत्री, गृह मंत्री एवं रक्षा मंत्री को भी भेजते हुए इस विषय पर शीघ्र और ठोस कार्रवाई की आवश्यकता जताई है।
भानु प्रकाश सिंह ने यूजीसी विनियमों के उद्देश्य को सराहनीय बताते हुए कहा कि उनके प्रभावी क्रियान्वयन के लिए संविधान के अनुच्छेद 14, 15(1) एवं 21 तथा नैसर्गिक न्याय के सिद्धांतों के अनुरूप संतुलित, स्पष्ट और न्यायसंगत व्यवस्था अनिवार्य है। उन्होंने समता समिति के गठन, उसकी संरचना और निर्णय प्रक्रिया में पारदर्शिता, संतुलन और निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए ठोस दिशा-निर्देश जारी करने की मांग की।
शिकायतों के निस्तारण के लिए एक समान मानक कार्य-प्रणाली (एसओपी) तय करने पर जोर देते हुए उन्होंने कहा कि केवल आरोप के आधार पर कठोर कार्रवाई न्यायसंगत नहीं है। किसी भी दंडात्मक कदम से पूर्व प्रथम दृष्टया जांच आवश्यक होनी चाहिए। साथ ही झूठी या दुर्भावनापूर्ण शिकायतों के दुरुपयोग को रोकने के लिए भी स्पष्ट प्रावधान किए जाने की मांग की गई।
उन्होंने स्पष्ट किया कि शिक्षा संस्थानों में नियमों का पालन सहयोग, मार्गदर्शन और न्याय की भावना पर आधारित होना चाहिए, न कि पुलिसिंग या अत्यधिक निगरानी जैसा वातावरण बनाकर। इसके अतिरिक्त उच्च शिक्षा को शोध और नवाचार का मजबूत केंद्र बनाने के लिए रिसर्च इंफ्रास्ट्रक्चर के सुदृढ़ीकरण, साझा प्रयोगशालाओं की स्थापना, उद्योग-सहयोग, स्टार्टअप को बढ़ावा देने और पेटेंट संस्कृति को प्राथमिकता देने का भी सुझाव दिया।


