Connect with us

featured

बलिया में धारा 163 लागू , कई चीजों पर लगाई गई पाबंदियां!

Published

on

बलिया में शांति व्यवस्था कायम रखने के लिए धारा 163 ( पूर्व में धारा 144 )लागू की गई है। आदेश के अनुसार 22 फरवरी 2025 से 16 मार्च 2025 तक की अवधि के लिए जनपद, बलिया में धारा 163 लागू किया है।उनके अनुसार 10 वीं और 12 वीं बोर्ड की परीक्षाएं शुरू होने हैं। साथ ही  महाशिवरात्रि, होली, रमजान माह, ईद-उल-फितर भी आने वाला है। इस दौरान प्रेम, भाई चारा, सदभाव बना रहे, उसके लिए कई निर्देश जारी किए गए हैं। किसी भी सूचना पर तुरंत कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं। उनके अनुसार कई चीजों पर पूर्ण रूप से पाबंदियां लगाई गई है।

अपर जिला मजिस्ट्रेट अनिल कुमार ने बताया है कि –
* जनपद सीमा के अन्तर्गत किसी भी सार्वजनिक स्थान पर पॉच या पॉच से अधिक व्यक्ति एक समूह के रूप में एक साथ एकत्रित नहीं होगे और न ही कोई जुलूस निकालेगें और न ही कोई धरना प्रदर्शन करेगा और न ही कोई ऐसी अफवाह फैलायेगें। विशेष परिस्थितियों में जुलूस आदि के लिए सक्षम अधिकारी से पूर्व अनुमति प्राप्त किया जाना अनिवार्य होगा। यह प्रतिबन्ध परम्परागत, सामाजिक या धार्मिक संस्कारों एवं रीति-रिवाज तथा जुमे की नमाज पर लागू नहीं होगा।

* कोई भी व्यक्ति किसी भी प्रकार का अस्त्र- शस्त्र जैसे लाठी, डण्डा, चाकू, भाला, फरसा, बन्दूक,राइफल, रिवाल्वर, पिस्टल आदि आग्नेयास्त्र या अन्य धारदार हथियार एवं किसी प्रकार के विस्फोटक पदार्थ को लेकर नहीं चलेगा। यह प्रतिबन्ध सिक्खों द्वारा परम्परागत रूप से धारण होने वाले कृपाण तथा ड्यूटी पर तैनात अधिकारियों/कर्मचारियों पर लागू नहीं होगा। बूढ़े, बीमार, विकलांग, अपंग तथा अन्य व्यक्ति सहारे के लिए लाठी, डण्डे अथवा छड़ी का प्रयोग कर सकते है।

* कोई भी व्यक्ति किसी सार्वजनिक स्थान, मन्दिर, मस्जिद, गुरुद्वारा, चर्च, सड़क मकान के अन्दर अथवा छत पर ईट, पत्थर, शीशा, बोतल व कॉच के ट्रकड़े तथा विस्फोटक आदि एकत्र नहीं करेगा और न किसी अन्य को ऐसा करने के लिए प्रेरित करेगा।

* कोई भी व्यक्ति साम्प्रदायिकता भड़काने वाले पोस्टर, बैनर, कट आउट आदि नहीं लगायेगा और न किसी अन्य को ऐसा करने के लिए प्रेरित करेगा।

* कोई भी व्यक्ति ऐसी अफवाह अथवा ऐसा नारा नहीं लगायेगा और न ही ऐसा पर्चा छापेगा और न बटवायेगा, जिससे किसी वर्ग विशेष की भावना को ठेस पहुंचे और न ऐसा करने के लिए किसी अन्य को प्रेरित करेगा।

* कोई भी व्यक्ति किसी भी प्रकार के सार्वजनिक संचार साधन तथा मार्ग पर अवरोध उत्पन्न नहीं करेगा और न ही ऐसा करने के लिए किसी अन्य को प्रेरित करेगा।

* कोई भी व्यक्ति सड़क, जल मार्ग, रेलमार्ग, कार्यालय, पेट्रोल पम्प आदि का घेराव नहीं करेगा, न ही यातायात के आवागमन में अथवा किसी प्रकार के सार्वजनिक संचार आदि व्यवस्था में अवरोध उत्पन्न करेगा। ऐसा करने के लिए कोई भी व्यक्ति किसी को न तो उकसाएगा और न ही प्रेरित करेगा।

* कोई भी व्यक्ति मार्केट, व्यावसायिक प्रतिष्ठान, कार्यालय, पेट्रोल पम्प आदि को न बन्द कराएगा न ही किसी सरकारी सम्पत्ति की क्षति, तोड़ फोड़ आदि करेगा न ही किसी प्रकार का पुतला जलायेगा। ऐसा करने के लिए कोई भी व्यक्ति किसी को न तो उकसाएगा और न ही प्रेरित करेगा।

* कोई भी व्यक्ति ऐसा भाषण या नारा नहीं लगाएगा, न ही इस प्रकार का प्रचार-प्रसार करेगा जिससे कि जनभावनाओं को ठेस पहुंचे, लोक शांति व्यवस्था प्रतिकूल रूप से प्रभावित होने की संभावना के दृष्टिगत, न ही कोई व्यक्ति किसी को इस हेतु उकसाएगा अथवा प्रेरित करेगा।

* कोई भी व्यक्ति नई परम्परा अथवा गैर परम्परागत कार्य / कार्यकम नहीं करेगा। न ही कोई व्यक्ति किसी व्यक्ति को इसके लिए उकसाएगा अथवा प्रेरित करेगा।

* कोई भी व्यक्ति किसी प्रकार के आग्नेयास्त्र को किसी प्रकार के आयोजित होने वाले समारोह में उपयोग नहीं करेगा।

* कोई भी व्यक्ति ध्वनि विस्तारक यन्त्रों द्वारा ऐसा प्रचार नहीं करेगा और न ही ऐसा भाषण देगा और न ही ऐसा कैसेट बजायेगा, जिससे किसी वर्ग विशेष या व्यक्ति की भावनाओं को ठेस पहुंचे और न ऐसा करने के लिए किसी अन्य को प्रेरित करेंगा।

* माध्यमिक शिक्षा परिषद उत्तर प्रदेश प्रयागराज द्वारा वर्ष 2025 की हाईस्कूल एवं इण्टरमीडिएट की बोर्ड परीक्षायें दिनांक 24.02.2025 से प्रारम्भ होकर दिनांक 12.03.2025 को समाप्त हो रही है। परीक्षा के दौरान परीक्षा केन्द्रों के आसपास ध्वनि विस्तारक यन्त्रों का प्रयोग तथा परीक्षा परिसर में मोबाइल फोन, ब्लूटूथ व अन्य संचार सम्बन्धी उपकरण एवं आई०टी० गजेट्स ले जाना पूर्णतया प्रतिबन्धित रहेगा।

* परीक्षा केन्द्रों से न्यूनतम 01 किमी की परिधि में फोटो कॉपियर एवं स्कैनर का संचालन परीक्षा अवधि में पूर्णतया प्रतिबन्धित रहेगा।

* परीक्षा केन्द्र पर तैनात सुरक्षा कर्मियों के अतिरिक्त कोई भी व्यक्ति किसी भी प्रकार का अस्त्र-शस्त्र आदि लेकर परीक्षा केन्द्रों से न्यूनतम 200 मीटर की परिधि में व परीक्षा स्थल पर नहीं जायेगा।

इस आदेश का उल्लंघन भारतीय न्याय संहिता-2023 की धारा-223 (पूर्व में भारतीय दण्ड संहिता की धारा 188) के अन्तर्गत दण्डनीय अपराध होगा।

Advertisement
Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

featured

Photos- जमुना राम मेमोरियल स्कूल में गणतंत्र दिवस समारोह हर्षोल्लास से संपन्न

Published

on

26 जनवरी 2026 को जमुना राम मेमोरियल स्कूल के प्रांगण में 76वां गणतंत्र दिवस समारोह बड़े हर्षोल्लास, उत्साह और गरिमामय वातावरण में संपन्न हुआ। इस अवसर पर नर्सरी से लेकर कक्षा 12वीं तक के विद्यार्थियों ने रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत कर उपस्थित अतिथियों एवं अभिभावकों का मन मोह लिया।

कार्यक्रम का शुभारंभ सरस्वती पूजा एवं ध्वजारोहण के साथ हुआ। विद्यार्थियों ने अनुशासित मार्च-पास्ट के माध्यम से राष्ट्रीय ध्वज को सलामी दी। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि संस्था के अध्यक्ष प्रोफेसर धर्मात्मानंद जी ने ध्वजारोहण किया। अपने प्रेरणादायक संबोधन में उन्होंने कहा कि सामाजिक समरसता, समानता एवं मौलिक अधिकारों की रक्षा के लिए संविधान में निहित प्रावधानों का पालन करना प्रत्येक नागरिक का कर्तव्य है। उन्होंने विद्यार्थियों से राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया।

इस अवसर पर सेना से सेवानिवृत्त महानुभूतियों को स्मृति चिन्ह एवं अंगवस्त्र भेंट कर सम्मानित किया गया, जिससे समारोह की गरिमा और भी बढ़ गई।

कार्यक्रम में नन्हे-मुन्ने बच्चों द्वारा प्रस्तुत देशभक्ति गीतों ने सभी को भावविभोर कर दिया। हरियाणवी नृत्य, “मां से ही माटी” थीम पर आधारित प्रस्तुति, “पधारो मारे देश”, कव्वाली, उत्तर-पूर्व भारत का प्रसिद्ध बिहू नृत्य तथा योग प्रदर्शन को दर्शकों ने खूब सराहा। गरबा और भांगड़ा नृत्य भी विशेष आकर्षण का केंद्र रहे। कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण “वराह रूपम” नृत्य एवं कथकली प्रस्तुति रही, जिसने उपस्थित दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।

इस भव्य आयोजन को सफल बनाने में विद्यालय के समस्त शिक्षक-शिक्षिकाओं एवं गैर-शिक्षण कर्मचारियों का महत्वपूर्ण योगदान रहा। संस्था के निदेशक तुषार नंद जी एवं सौम्या प्रसाद जी ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि संविधान में निहित मौलिक अधिकारों, कर्तव्यों एवं समानता के सिद्धांतों पर आधारित समाज के निर्माण से ही भारत को विश्वगुरु बनाने का सपना साकार हो सकता है।

कार्यक्रम के अंत में विद्यालय के प्रधानाचार्य अजीत कुमार सिंह ने सभी आगंतुकों, अतिथियों, विद्यार्थियों एवं कर्मचारीगण के प्रति आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम की सफलता में कोऑर्डिनेटर नीतू मिश्रा एवं अरविंद चौबे की विशेष सहभागिता रही।

Continue Reading

featured

Published

on

Continue Reading

featured

UGC के ‘Equity Rules’ में स्पष्टता व संतुलन की मांग, बलिया के भानु प्रकाश सिंह ने चेयरमैन को लिखा पत्र

Published

on

बलिया। ध्रुवजी सिंह स्मृति सेवा संस्थान, पूर-बलिया के सचिव भानु प्रकाश सिंह ‘बबलू’ ने विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) के चेयरमैन डॉ. विनीत जोशी को पत्र भेजकर यूजीसी विनियम, 2026 में आवश्यक स्पष्टीकरण और सुधार की मांग की है। उन्होंने पत्र की प्रतिलिपि राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, केंद्रीय शिक्षा मंत्री, गृह मंत्री एवं रक्षा मंत्री को भी भेजते हुए इस विषय पर शीघ्र और ठोस कार्रवाई की आवश्यकता जताई है।

भानु प्रकाश सिंह ने यूजीसी विनियमों के उद्देश्य को सराहनीय बताते हुए कहा कि उनके प्रभावी क्रियान्वयन के लिए संविधान के अनुच्छेद 14, 15(1) एवं 21 तथा नैसर्गिक न्याय के सिद्धांतों के अनुरूप संतुलित, स्पष्ट और न्यायसंगत व्यवस्था अनिवार्य है। उन्होंने समता समिति के गठन, उसकी संरचना और निर्णय प्रक्रिया में पारदर्शिता, संतुलन और निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए ठोस दिशा-निर्देश जारी करने की मांग की।

शिकायतों के निस्तारण के लिए एक समान मानक कार्य-प्रणाली (एसओपी) तय करने पर जोर देते हुए उन्होंने कहा कि केवल आरोप के आधार पर कठोर कार्रवाई न्यायसंगत नहीं है। किसी भी दंडात्मक कदम से पूर्व प्रथम दृष्टया जांच आवश्यक होनी चाहिए। साथ ही झूठी या दुर्भावनापूर्ण शिकायतों के दुरुपयोग को रोकने के लिए भी स्पष्ट प्रावधान किए जाने की मांग की गई।

उन्होंने स्पष्ट किया कि शिक्षा संस्थानों में नियमों का पालन सहयोग, मार्गदर्शन और न्याय की भावना पर आधारित होना चाहिए, न कि पुलिसिंग या अत्यधिक निगरानी जैसा वातावरण बनाकर। इसके अतिरिक्त उच्च शिक्षा को शोध और नवाचार का मजबूत केंद्र बनाने के लिए रिसर्च इंफ्रास्ट्रक्चर के सुदृढ़ीकरण, साझा प्रयोगशालाओं की स्थापना, उद्योग-सहयोग, स्टार्टअप को बढ़ावा देने और पेटेंट संस्कृति को प्राथमिकता देने का भी सुझाव दिया।

Continue Reading

TRENDING STORIES

error: Content is protected !!