बलिया
गड्ढामुक्त की बजाय गड्ढायुक्त हो गई हैं बलिया की सड़कें, प्रशासन नहीं दे रहा ध्यान
बलिया में सड़कों का नहीं, बल्कि गड्ढों का जाल बिछ रहा है। मुख्यमंत्री ने आदेश दिए कि सड़कों को सुधारा जाए लेकिन जिले में इन आदेशों का कोई असर नहीं है। यही वजह है कि जिले की हर सड़कें गड्ढामुक्त होने की बजाए गड्ढायुक्त हो गई हैं।
कई सड़कें इतनी क्षतिग्रस्त हो गई हैं कि यहां वाहन चलाना तो दूर पैदल चलना तक मुश्किल है। चारों तरफ गड्ढों से पटी इन सड़कों से आवागमन करना राहगीरों के लिए टेड़ी खीर साबित हो रहा है। सबसे बुरा हाल बैरिया का है। यहां के मठिया सोनवरसा मार्ग, बलराम सिंह के डेरा कर्ण छपरा धतूरी टोला मार्ग, करमानपुर नारायणगढ़ मार्ग, शोभा उपरा बीएसटी बंधा मार्ग, लालगंज शिवपुर घाट मार्ग, लालगंज सतीघाट मार्ग, बैरिया टेंगरही बनवा के बाजार मार्ग सहित तीन दर्जन से अधिक मार्गों की स्थिति दयनीय है सड़कों पर बड़े-बड़े गड्ढे बने हुए हैं।
इन गड्ढों पर सफर करना खतरों से खेलने के बराबर है। कई बार इन सड़कों की मरम्मत के लिए कदम उठाए गए, सरकार ने डेडलाइन भी तय की लेकिन लोक निर्माण विभाग के द्वारा पैसों की कमी बताकर कभी काम नहीं किया गया। इधर सोनबरसा दलन छपरा रामपुर के बीच बना प्रधानमंत्री सड़क योजना की सड़क गारंटी अवधि में है लेकिन इस सड़क पर जगह जगह गड्ढे बन गए है और इसकी सुधि न तो कार्यदायी संस्था ले रही न हो विभाग की ही नजर है।
वहीं लोक निर्माण विभाग के अवर अभियंता एके सिंह का कहना है कि कुछ सड़कें गड्ढामुक्त कर ली गई है। उसका काम तत्काल होगा। कुछ सड़कें बहुत बुरी तरह से शक्ति है, उनका नवीनीकरण किया जाना है। नवीनीकरण की स्वीकृति के लिए प्रस्ताव शासन को भेजा गया है। स्वीकृति प्राप्त होते ही कार्य शुरू करा दिया जाएगा।
बलिया
शिक्षा पदम सम्मान 2025 से सम्मानित हुए हाली पाथ कॉन्वेंट स्कूल के युवा निदेशक डॉ. परवेज अंसारी
हिमाचल प्रदेश के प्रतिष्ठित हिलटॉप पब्लिक स्कूल में आयोजित भव्य सम्मान समारोह में हाली पाथ कॉन्वेंट स्कूल के युवा निदेशक डॉ. परवेज अंसारी को “शिक्षा पदम सम्मान 2025” से सम्मानित किया गया। यह सम्मान उन्हें शिक्षा के क्षेत्र में उनके 10 वर्षों से अधिक की समर्पित सेवा और अभिनव प्रयासों के लिए प्रदान किया गया।
डॉ. अंसारी की नेतृत्व क्षमता और शिक्षा के प्रति प्रतिबद्धता ने स्कूल को नई ऊँचाइयों तक पहुँचाया है। उनके मार्गदर्शन में हाली पाथ कॉन्वेंट स्कूल ने गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, आधुनिक शिक्षण पद्धतियों और विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास पर विशेष ध्यान दिया है।
सम्मान प्राप्त करने के बाद डॉ. परवेज अंसारी ने कहा —
“यह सम्मान मेरे लिए प्रेरणा का स्रोत है। मैं शिक्षा के क्षेत्र में लगातार नवाचार और सुधार के लिए प्रयासरत रहूँगा।”
उनकी इस उपलब्धि से न केवल स्कूल परिवार बल्कि पूरे जनपद में गर्व की भावना व्याप्त है।
फेफना
दिखाया जज़्बा: जमुना राम मेमोरियल स्कूल के कराटे वीरों ने जीते 22 पदक, बलिया में बजाया अपना डंका
बलिया के बापू भवन में आयोजित 2nd Gyanti Devi Memorial Cup District Karate Championship 2K25 में जिले के लगभग 15 विद्यालयों ने भाग लिया। इस प्रतियोगिता में जमुना राम मेमोरियल स्कूल, मानपुर चितबड़ागांव के 22 छात्रों ने प्रतिभाग कर दमखम दिखाया।
शानदार प्रदर्शन करते हुए स्कूल के 12 छात्रों ने स्वर्ण पदक , 6 ने रजत पदक और 4 ने कांस्य पदक हासिल किए। छात्रों की इस उपलब्धि ने न केवल विद्यालय का नाम रोशन किया बल्कि माता-पिता और क्षेत्र को भी गौरवान्वित किया।
विद्यालय के प्रधानाचार्य अबरी के.बी. एवं प्रबंध निदेशक तुषार नंद जी ने विजेताओं को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। उन्होंने कहा कि इस प्रकार की प्रतियोगिताएं बच्चों में आत्मविश्वास, अनुशासन और शारीरिक स्फूर्ति को बढ़ावा देती हैं।
विद्यालय प्रबंधन ने यह भी आश्वस्त किया कि भविष्य में भी छात्र ऐसे आयोजनों में भाग लेकर और बेहतर प्रदर्शन करेंगे।
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बलिया की राजनीति में हलचल: भानु दुबे जल्द कर सकते हैं सपा जॉइन, अटकलों का बाजार गर्म
बलिया।
बलिया के प्रमुख सामाजिक नेता भानु दुबे जल्द ही समाजवादी पार्टी (सपा) जॉइन कर सकते हैं। हाल ही में उनके सोशल मीडिया पोस्ट और गतिविधियों से इस बात के कयास तेज हो गए हैं। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, पिछले कुछ दिनों से भानु दुबे लगातार सपा के बड़े नेताओं से मुलाकात कर रहे हैं। उनकी इन मुलाकातों और नेताओं के काफिलों में देखे जाने के बाद यह चर्चा और तेज हो गई है कि वे जल्द ही सपा का दामन थाम सकते हैं।
भानु दुबे को ब्राह्मण समाज का बड़ा चेहरा माना जाता है। सामाजिक स्तर पर उनकी लोकप्रियता भी युवाओं में काफी मजबूत है। अगर वे सपा में शामिल होते हैं तो न केवल बलिया में पार्टी को मजबूती मिलेगी, बल्कि आगामी 2027 विधानसभा चुनाव में बलिया सदर सीट से उनकी दावेदारी भी बेहद मजबूत मानी जा रही है।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि भानु दुबे के सपा में आने से बलिया की राजनीति में नया समीकरण बन सकता है। और यह फैसला पूरे जिले के राजनीतिक परिदृश्य को बदल सकता है।
अब देखना दिलचस्प होगा कि भानु दुबे कब और किस मंच से सपा की सदस्यता ग्रहण करते हैं और इसके बाद जिले की राजनीति कौन सा नया मोड़ लेती है।


