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देश को कोविड वैक्सीन देने वाले डा. संजय राय पहुँचे बलिया, लोगों ने दिल खोलकर किया स्वागत
सिकंदरपुर डेस्क : कोरोना की स्वदेशी वैक्सीन कोवाक्सिन के मुख्य शोधकर्ता डॉ. संजय राय व एम्स नई दिल्ली में कार्यरत डॉ संजय राय मंगलवार को अपने गावं पहुचे। जैसे ही उनके पहुचने की खबर लोगों को लगी जो जैसे भी था वह उनको सम्मानित करने के लिए कार्यक्रम स्थल पर पहुंच गया। स्थानीय लीलकर गांव में मंगलवार की शाम अपने गांव के होनहार डॉ के सम्मान में पलक पावडा लेकर गांव का हर नागरिक सम्मानित करने के लिए उत्साहित था जब उनको यह पता चला कि इस
इस दौरान भव्य स्वागत समारोह का आयोजन किया गया। जिसमें गांव सहित क्षेत्र के प्रशासनिक अधिकारी जनप्रतिनिधि व वरिष्ठ समाजसेवी लोगों द्वारा स्मृति चिह्न अंगवस्त्रम व माला पहनाकर सम्मानित किया गया। स्वागत समारोह को संबोधित करते हुए उपजिलाधिकारी सिकन्दरपुर अभय कुमार सिंह ने कहा कि यह मेरा सौभाग्य है कि मुझे सिकन्दरपुर जैसे क्षेत्र में एक एसडीएम के रूप में सेवा करने का मौका मिला है, जहां पर डॉ संजय राय जैसे अनुसंधानकर्ता रहते हैं ।
कहा कि उस मां की कोख भी धन्य हो गई होगी जिसने इस महान सपूत को जन्म दिया। जो आज भारत देश ही नहीं बल्कि पूरे विश्व के लोगों को कोरोना वायरस नामक बीमारी से बचाने के लिए मानव धर्म व मानवता की निरंतर सेवा करने में लगे हैं। पूर्व मंत्री जियाउद्दीन रिजवी ने कहा कि डॉ संजय राय का नाम आते ही हम सबका सीना गर्व से चौड़ा हो जाता है कहा कि जिस तरह डॉ संजय राय मेहनत कर रहे हैं वह दिन दूर नहीं जब हम सभी कोरोना नामक बीमारी से पूरी तरह निजात पा लेंगे।
पूर्व विधायक भगवान पाठक ने कहा कि डॉ संजय राय जिस भावना के साथ अपना काम कर रहे हैं वह अनुकरणीय है जिसकी जितनी भी प्रशंसा की जाए वह कम है। कहा कि जिस दौरान कोरोना नामक भयावह बीमारी से लोग अपने घरों में कैद थे उस दौरान दिन रात मेहनत कर 1 साल के अंदर ही देश की आम जनता को इस बीमारी से बचाने के लिए इस गांव के होनहार व्यक्ति ने को वेक्सीन देकर गांव जनपद प्रदेश नहीं पूरे देश का मान बढ़ाने का काम किया है।
इस दौरान अनेक वक्ताओं ने डॉ संजय राय के व्यक्तित्व व कृतित्व पर अपने अनुभवों को साझा किया अपने विचारों को साझा करते हुए कई वक्ताओं की आंखें नम हो गई। स्वागत समारोह को संबोधित करते हुए डॉ संजय राय ने को वैक्सीन से जुड़े तमाम पहलुओं अपने अनुभव को विस्तार से बताया। कहा कि अभी तक लगभग एक करोड़ लोगों को वैक्सीन लगा दिया गया है।
मेडिकल क्षेत्र सेवा भाव का क्षेत्र है अगर इस क्षेत्र में आना चाहिए तो सेवा भाव के साथ आना चाहिए अथवा नहीं आना चाहिए कहा कि अभी भी कोरोना वायरस का खतरा पूरी तरह से टला नहीं है हमें इसके लिए पूरी तरह से सचेत रहना चाहिए मास्क का निरंतर प्रयोग आपस में दूरी व समय समय पर हाथों को धोते रहना चाहिए।
बता दें डॉ संजय राय सिकंदरपुर तहसील के लीलकर गांव के निवासी है। उन्होंने गांधी इंटर कालेज सिकंदरपुर से हाईस्कूल व इंटर की परीक्षा पास करने के बाद गणेशशंकर मेमोरियल मेडिकल कालेज कानपुर से एमबीबीएस की डिग्री हासिल की। इसके बाद काशी हिंदू विश्वविद्यालय से एमडी की पढ़ाई पूरी की। वर्ष 2003 में उनकी नियुक्ति एम्स दिल्ली में हो गई।
वे आज एम्स में प्रोफेसर होने के साथ ही भारतीय पब्लिक हेल्थ एसोसिएशन (आइफा) के अध्यक्ष भी हैं। उन्हें भारत सरकार ने कोविड-19 के स्वदेशी वैक्सीन कोवाक्सिन के ट्रायल के लिए मुख्य अनुसंधानकर्ता बनाया है।
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बलिया की सियासत में नई हलचल: इंजीनियर विजय कांत तिवारी की एंट्री, 2027 पर नजर!
बलिया– अपनी राजनीतिक चेतना और संघर्षों के लिए पहचान रखने वाले बलिया की राजनीति में अब एक नया नाम तेजी से चर्चा में है। पेशे से एक प्रतिष्ठित बहुराष्ट्रीय कंपनी (MNC) में इंजीनियर रहे विजय कांत तिवारी ने सक्रिय राजनीति में कदम रखकर राजनीतिक गलियारों में हलचल पैदा कर दी है। वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर वे बलिया विधानसभा क्षेत्र से एक मजबूत और प्रबल दावेदार के रूप में उभरते दिखाई दे रहे हैं।
बताया जाता है कि विजय कांत तिवारी लंबे समय तक कॉरपोरेट सेक्टर में अपनी सेवाएं देने के बाद अब अपने गृह जनपद के विकास और जनसमस्याओं के समाधान के उद्देश्य से राजनीति के मैदान में उतरे हैं। उनका कहना है कि बलिया जैसे ऐतिहासिक और गौरवशाली जिले में आज भी बुनियादी सुविधाओं की कमी कई क्षेत्रों में देखने को मिलती है, जिसे दूर करना उनकी प्राथमिकता होगी।
तिवारी का मुख्य फोकस जिले में बेहतर और सुलभ चिकित्सा व्यवस्था उपलब्ध कराना है। उनका मानना है कि बलिया के लोगों को गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए वाराणसी या अन्य बड़े शहरों का रुख करना पड़ता है, जो एक बड़ी समस्या है। इसके साथ ही वे सड़क, नाली और पेयजल जैसी बुनियादी समस्याओं के स्थायी समाधान पर भी जोर दे रहे हैं।
युवाओं के रोजगार को लेकर भी उन्होंने अपनी स्पष्ट योजना बताई है। विजय कांत तिवारी का कहना है कि यदि बलिया में एक सशक्त औद्योगिक क्षेत्र विकसित किया जाए और बाहरी निवेश को आकर्षित किया जाए, तो हजारों युवाओं को अपने ही जिले में रोजगार के अवसर मिल सकते हैं। उनका मानना है कि पलायन की समस्या को रोकने के लिए स्थानीय स्तर पर उद्योग और रोजगार के अवसर पैदा करना बेहद जरूरी है।
इंजीनियरिंग पृष्ठभूमि होने के कारण वे विकास कार्यों में तकनीकी समझ, पारदर्शिता और योजनाबद्ध तरीके से कार्य करने की बात करते हैं। उनका कहना है कि सरकारी योजनाओं का सही क्रियान्वयन और निगरानी सुनिश्चित कर विकास कार्यों को गति दी जा सकती है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि शिक्षित और युवा चेहरों की बढ़ती मांग के बीच विजय कांत तिवारी जैसे लोगों का राजनीति में आना आने वाले समय में बलिया की राजनीति को नई दिशा दे सकता है। वहीं स्थानीय लोगों के बीच भी उनकी छवि एक शिक्षित, सुलझे हुए और विकासोन्मुखी नेता के रूप में धीरे-धीरे मजबूत होती दिखाई दे रही है।
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UPSC में सफलता पर बलिया के जमुना राम मेमोरियल स्कूल में आदित्य कृष्ण तिवारी का सम्मान
जमुना राम मेमोरियल स्कूल, चितबड़ागांव में संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की परीक्षा में सफलता हासिल करने वाले आदित्य कृष्ण तिवारी को विद्यालय परिसर में सम्मानित किया गया। विद्यालय परिवार की ओर से उन्हें अंगवस्त्र व पुष्प भेंट कर सम्मानित करते हुए उनकी इस उपलब्धि पर गर्व व्यक्त किया गया।
इस अवसर पर आदित्य के पिता अशोक तिवारी, अरुण तिवारी सहित परिवार के अन्य सदस्यों को भी सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में विद्यालय के प्रबंधक प्रोफेसर धर्मात्मा नंद, प्रधानाचार्य अजीत कुमार सिंह, अरविंद चौबे, आनंद मिश्रा समेत अन्य शिक्षकों व गणमान्य लोगों ने आदित्य को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

कार्यक्रम में केसरी नंदन त्रिपाठी (पूर्व चेयरमैन) तथा अमरजीत सिंह (चेयरमैन, नगर पंचायत चितबड़ागांव) भी उपस्थित रहे। उन्होंने आदित्य कृष्ण तिवारी को उनकी सफलता पर शुभकामनाएं देते हुए कहा कि उनकी उपलब्धि क्षेत्र के युवाओं के लिए प्रेरणा
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Photos- जमुना राम मेमोरियल स्कूल में गणतंत्र दिवस समारोह हर्षोल्लास से संपन्न
26 जनवरी 2026 को जमुना राम मेमोरियल स्कूल के प्रांगण में 76वां गणतंत्र दिवस समारोह बड़े हर्षोल्लास, उत्साह और गरिमामय वातावरण में संपन्न हुआ। इस अवसर पर नर्सरी से लेकर कक्षा 12वीं तक के विद्यार्थियों ने रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत कर उपस्थित अतिथियों एवं अभिभावकों का मन मोह लिया।

कार्यक्रम का शुभारंभ सरस्वती पूजा एवं ध्वजारोहण के साथ हुआ। विद्यार्थियों ने अनुशासित मार्च-पास्ट के माध्यम से राष्ट्रीय ध्वज को सलामी दी। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि संस्था के अध्यक्ष प्रोफेसर धर्मात्मानंद जी ने ध्वजारोहण किया। अपने प्रेरणादायक संबोधन में उन्होंने कहा कि सामाजिक समरसता, समानता एवं मौलिक अधिकारों की रक्षा के लिए संविधान में निहित प्रावधानों का पालन करना प्रत्येक नागरिक का कर्तव्य है। उन्होंने विद्यार्थियों से राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया।
इस अवसर पर सेना से सेवानिवृत्त महानुभूतियों को स्मृति चिन्ह एवं अंगवस्त्र भेंट कर सम्मानित किया गया, जिससे समारोह की गरिमा और भी बढ़ गई।

कार्यक्रम में नन्हे-मुन्ने बच्चों द्वारा प्रस्तुत देशभक्ति गीतों ने सभी को भावविभोर कर दिया। हरियाणवी नृत्य, “मां से ही माटी” थीम पर आधारित प्रस्तुति, “पधारो मारे देश”, कव्वाली, उत्तर-पूर्व भारत का प्रसिद्ध बिहू नृत्य तथा योग प्रदर्शन को दर्शकों ने खूब सराहा। गरबा और भांगड़ा नृत्य भी विशेष आकर्षण का केंद्र रहे। कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण “वराह रूपम” नृत्य एवं कथकली प्रस्तुति रही, जिसने उपस्थित दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।

इस भव्य आयोजन को सफल बनाने में विद्यालय के समस्त शिक्षक-शिक्षिकाओं एवं गैर-शिक्षण कर्मचारियों का महत्वपूर्ण योगदान रहा। संस्था के निदेशक तुषार नंद जी एवं सौम्या प्रसाद जी ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि संविधान में निहित मौलिक अधिकारों, कर्तव्यों एवं समानता के सिद्धांतों पर आधारित समाज के निर्माण से ही भारत को विश्वगुरु बनाने का सपना साकार हो सकता है।

कार्यक्रम के अंत में विद्यालय के प्रधानाचार्य अजीत कुमार सिंह ने सभी आगंतुकों, अतिथियों, विद्यार्थियों एवं कर्मचारीगण के प्रति आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम की सफलता में कोऑर्डिनेटर नीतू मिश्रा एवं अरविंद चौबे की विशेष सहभागिता रही।


