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बलियाः SP ताडा के नेतृत्व में पुलिस हुई एक्टिव, रिकवर किए गए 10 गुमशुदा मोबाइल फोन
बलिया डेस्क : पुलिस अधीक्षक (एसपी) डॉ. विपिन ताडा की तैनाती के बाद बलिया की कानून व्यवस्था सुधरती नज़र आ रही है। एसपी के नेतृत्व में ज़िले की पुलिस एक्टिव मोड में आ गई है। साइबर सेल से लेकर थानों तक के पुलिसकर्मी अपने फ़र्ज़ को बख़ूबी अंजाम देते दिखाई दे रहे हैं। एसपी के नेतृत्व में पुलिस कभी गुमशुदा मोबाइल की रिकवरी कर लोगों का दिल जीत रही है तो कभी बुज़ुर्गों के लिए सवेरा योजना शुरु कर उनके जीवन का अंधियारा दूर कर रही है।
सर्विलांस टीम बलिया की मदद से गुम हुए मोबाइल की रिकवरी कर उनके धारकों को नियमानुसार प्रदान किया गया ।@Uppolice @adgzonevaranasi @digazamgarh @maupolice @deoriapolice @azamgarhpolice @News18India @bstvlive @balliakhabar @dmballia @gorakhpurpolice @varanasipolice @lkopolice pic.twitter.com/GUB4DAplwu
— Ballia Police (@balliapolice) December 29, 2020
मंगलवार को ज़िला पुलिस कार्यालय में एसपी ने रिकवर किए गए 10 गुमशुदा मोबाइल फोन को उनके धारकों को सौंप दिया। पुलिस की इस कामयाबी पर मोबाइल फोन धारकों ने ख़ुशी ज़ाहिर की और पुलिस का शुक्रिया अदा किया। दरअसल, एसपी विपिन ताडा के निर्देश पर गुमशुदा मोबाइल फोन की रिकवरी के लिए एक अभियान चलाया जा रहा है। ये अभियान उन मोबाइल धारकों की शिकायत पर शुरु किया गया है, जिन्होंने पुलिस में अपने मोबाइल गुम हो जाने की तहरीर दी थी।
सभी मोबाइल धारकों ने अपने मोबाइल पुनः प्राप्त होने के पश्चात खुशी व्यक्त किया तथा @balliapolice को धन्यवाद दिया । pic.twitter.com/YllukEILjy
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मोबाइल धारकों की इस शिकायत के बाद एसपी ने सर्विलांस टीम को मोबाइल की तलाश में लगा दिया और उसे कामयाबी भी मिली। सर्विलांस टीम ने अपने इस अभियान में थोड़े से वक्त में 10 मोबाइल फोन रिकवर कर लिए। मोबाइल बरामद करने वाली पुलिस टीम में उनि राजकुमार सिंह प्रभारी सर्विलांस टीम, आरक्षी शशि प्रताप सिंह, आरक्षी राकेश कुमार यादव व आरक्षी रोहित कुमार यादव सर्विलांस शामिल रहे।
वहीं दूसरी तरफ़ पुलिस की तारीफ़ सवेरा योजना को लेकर भी की जा रही है। दरअसल, बेसहारा बुज़ुर्गों को सहारा देने के लिए ज़िले में पुलिस की ओर से सवेरा योजना शुरु की गई है। इस योजना का मक़सद अकेले रह रहे बुज़र्गों को सुरक्षा मुहैया कराना है। पुलिस ने इसके लिए डायल 112 की सुविधा दी है, इसपर कॉल करके बुज़र्ग अपना रजिस्ट्रेशन आसानी से करा सकते हैं।
सर्विलांस टीम बलिया द्वारा गुमशुदा मोबाइलों की बरामदगी कर, उनके धारकों को प्रदान किया गया। इस संबंध में अपर पुलिस अधीक्षक बलिया की बाइट। @Uppolice @adgzonevaranasi @digazamgarh @azamgarhpolice @ghazipurpolice @chandaulipolice @mirzapurpolice @balliakhabar pic.twitter.com/NbEdngGcCo
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कौन हैं एसपी विपिन ताडा?
विपिन ताडा- 2012 बैच के आईपीएस अधिकारी विपिन टाडा मूल रूप से जोधपुर के राजस्थान के रहने वाले हैं। विपिन टाडा ने एमबीबीएस की पढ़ाई की है। आईपीएस बनने के बाद वह अपने सख़्त रवैए के लिए जाने जाते हैं। उनकी जहां भी पोस्टिंग होती है अपराधी उनसे ख़ौफ खाते हैं। अपने काम और ज़िम्मेदारी को लेकर वह ट्रेनिंग के दौरान से ही काफ़ी गंभीर रहे हैं। इससे पहले उनकी पोस्टिंग रामपुर में थी। जहां कानून व्यवस्था कायम रखने के उत्कृष्ट कार्यां के लिए उन्हें सम्मानित भी किया गया था।
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Photos- जमुना राम मेमोरियल स्कूल में गणतंत्र दिवस समारोह हर्षोल्लास से संपन्न
26 जनवरी 2026 को जमुना राम मेमोरियल स्कूल के प्रांगण में 76वां गणतंत्र दिवस समारोह बड़े हर्षोल्लास, उत्साह और गरिमामय वातावरण में संपन्न हुआ। इस अवसर पर नर्सरी से लेकर कक्षा 12वीं तक के विद्यार्थियों ने रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत कर उपस्थित अतिथियों एवं अभिभावकों का मन मोह लिया।

कार्यक्रम का शुभारंभ सरस्वती पूजा एवं ध्वजारोहण के साथ हुआ। विद्यार्थियों ने अनुशासित मार्च-पास्ट के माध्यम से राष्ट्रीय ध्वज को सलामी दी। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि संस्था के अध्यक्ष प्रोफेसर धर्मात्मानंद जी ने ध्वजारोहण किया। अपने प्रेरणादायक संबोधन में उन्होंने कहा कि सामाजिक समरसता, समानता एवं मौलिक अधिकारों की रक्षा के लिए संविधान में निहित प्रावधानों का पालन करना प्रत्येक नागरिक का कर्तव्य है। उन्होंने विद्यार्थियों से राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया।
इस अवसर पर सेना से सेवानिवृत्त महानुभूतियों को स्मृति चिन्ह एवं अंगवस्त्र भेंट कर सम्मानित किया गया, जिससे समारोह की गरिमा और भी बढ़ गई।

कार्यक्रम में नन्हे-मुन्ने बच्चों द्वारा प्रस्तुत देशभक्ति गीतों ने सभी को भावविभोर कर दिया। हरियाणवी नृत्य, “मां से ही माटी” थीम पर आधारित प्रस्तुति, “पधारो मारे देश”, कव्वाली, उत्तर-पूर्व भारत का प्रसिद्ध बिहू नृत्य तथा योग प्रदर्शन को दर्शकों ने खूब सराहा। गरबा और भांगड़ा नृत्य भी विशेष आकर्षण का केंद्र रहे। कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण “वराह रूपम” नृत्य एवं कथकली प्रस्तुति रही, जिसने उपस्थित दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।

इस भव्य आयोजन को सफल बनाने में विद्यालय के समस्त शिक्षक-शिक्षिकाओं एवं गैर-शिक्षण कर्मचारियों का महत्वपूर्ण योगदान रहा। संस्था के निदेशक तुषार नंद जी एवं सौम्या प्रसाद जी ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि संविधान में निहित मौलिक अधिकारों, कर्तव्यों एवं समानता के सिद्धांतों पर आधारित समाज के निर्माण से ही भारत को विश्वगुरु बनाने का सपना साकार हो सकता है।

कार्यक्रम के अंत में विद्यालय के प्रधानाचार्य अजीत कुमार सिंह ने सभी आगंतुकों, अतिथियों, विद्यार्थियों एवं कर्मचारीगण के प्रति आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम की सफलता में कोऑर्डिनेटर नीतू मिश्रा एवं अरविंद चौबे की विशेष सहभागिता रही।
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UGC के ‘Equity Rules’ में स्पष्टता व संतुलन की मांग, बलिया के भानु प्रकाश सिंह ने चेयरमैन को लिखा पत्र
बलिया। ध्रुवजी सिंह स्मृति सेवा संस्थान, पूर-बलिया के सचिव भानु प्रकाश सिंह ‘बबलू’ ने विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) के चेयरमैन डॉ. विनीत जोशी को पत्र भेजकर यूजीसी विनियम, 2026 में आवश्यक स्पष्टीकरण और सुधार की मांग की है। उन्होंने पत्र की प्रतिलिपि राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, केंद्रीय शिक्षा मंत्री, गृह मंत्री एवं रक्षा मंत्री को भी भेजते हुए इस विषय पर शीघ्र और ठोस कार्रवाई की आवश्यकता जताई है।
भानु प्रकाश सिंह ने यूजीसी विनियमों के उद्देश्य को सराहनीय बताते हुए कहा कि उनके प्रभावी क्रियान्वयन के लिए संविधान के अनुच्छेद 14, 15(1) एवं 21 तथा नैसर्गिक न्याय के सिद्धांतों के अनुरूप संतुलित, स्पष्ट और न्यायसंगत व्यवस्था अनिवार्य है। उन्होंने समता समिति के गठन, उसकी संरचना और निर्णय प्रक्रिया में पारदर्शिता, संतुलन और निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए ठोस दिशा-निर्देश जारी करने की मांग की।
शिकायतों के निस्तारण के लिए एक समान मानक कार्य-प्रणाली (एसओपी) तय करने पर जोर देते हुए उन्होंने कहा कि केवल आरोप के आधार पर कठोर कार्रवाई न्यायसंगत नहीं है। किसी भी दंडात्मक कदम से पूर्व प्रथम दृष्टया जांच आवश्यक होनी चाहिए। साथ ही झूठी या दुर्भावनापूर्ण शिकायतों के दुरुपयोग को रोकने के लिए भी स्पष्ट प्रावधान किए जाने की मांग की गई।
उन्होंने स्पष्ट किया कि शिक्षा संस्थानों में नियमों का पालन सहयोग, मार्गदर्शन और न्याय की भावना पर आधारित होना चाहिए, न कि पुलिसिंग या अत्यधिक निगरानी जैसा वातावरण बनाकर। इसके अतिरिक्त उच्च शिक्षा को शोध और नवाचार का मजबूत केंद्र बनाने के लिए रिसर्च इंफ्रास्ट्रक्चर के सुदृढ़ीकरण, साझा प्रयोगशालाओं की स्थापना, उद्योग-सहयोग, स्टार्टअप को बढ़ावा देने और पेटेंट संस्कृति को प्राथमिकता देने का भी सुझाव दिया।
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