बलिया स्पेशल
Ballia- दस्तावेजों में हेरफेर करने के आरोप में लिपिक सस्पेंड, लगे हैं कई गंभीर आरोप !
बलिया डेस्क : बार बार नगर पालिका परिषद बलिया के अध्यक्ष अजय कुमार समाजसेवी द्वारा पटल परिवर्तित कर चार्ज दूसरे लिपिकों को देने के आदेश के बावजूद आनाकानी करते हुए चार्ज न देना प्रमोद चौरसिया नामक लिपिक को आज भारी पड़ गया । चेयरमैन ने आदेश जारी करते हुए प्रमोद कुमार चौरसिया को निलंबित करते हुए 30 दिनों के अंदर अपने समक्ष उपस्थित होकर स्पष्टीकरण देने का आदेश जारी किया है । साथ ही यह भी चेताया है कि चार्ज देने में देर और दस्तावेजो में हेरफेर की दशा में सेवा समाप्ति की भी कार्यवाही की जा सकती है । इस आदेश के बाद नगर पालिका में हड़कम्प मच गया है ।
बता दे कि बलिया नगर पालिका इस समय भ्रष्टाचार के लिये काफी चर्चा में है । चाहे प्रमोद चौरसिया हो या अधिशाषी अधिकारी दिनेश कुमार विश्वकर्मा हो,इनके खिलाफ भ्रष्टाचार की कई शिकायतें सामने आयी है । प्रमोद चौरसिया पर तो आरोप लगता है कि इनके द्वारा शहर की 5 दर्जन से अधिक सेनेटरी गलियों को लोगो को कब्जा करा दिया गया है और इससे संबंधित नक्शे को भी गायब कर दिया गया है । वही रेंट लिपिक के तौर पर भी इनके द्वारा खूब भ्रष्टाचार किया गया है । बता दे कि प्रमोद चौरसिया से पहले संपत्ति और रेंट लिपिक का चार्ज इन्ही के पिता जी के पास था,उनके बाद आज तक प्रमोद चौरसिया ही देख रहे है ।या यूं कहें कि नगर पालिका का संपत्ति व रेंट का पटल प्रमोद चौरसिया का खानदानी पटल बन गया है ।
सन 2019 में बलिया दौरे पर आये तत्कालीन निदेशक प्रशासन ने शासनादेश के क्रम में पटल बदलने का आदेश दिया था जिसके अनुपालन में चेयरमैन अजय कुमार समाजसेवी द्वारा आदेश भी जारी किया गया लेकिन भ्रष्टाचार को पनपाने और उर्वरा जमीन उपलब्ध कराने वाले अधिशाषी अधिकारी ने आजतक ऐसा नही होने दिया क्योंकि अधिशाषी अधिकारी के चहेते लिपिक प्रमोद चौरसिया है ।
वही मुख्यमंत्री योगी के कार्यकाल में जहां भ्रष्टाचार पर करारा प्रहार हो रहा है,बलिया के अधिशाषीअधिकारी दिनेश विश्वकर्मा के खिलाफ लगभग 26 भ्रष्टाचार की जांचे 6 माह से अधिक समय से प्रचलित होने,लगभग 1 साल से स्थानीय विधायक/मंत्री आनंद स्वरूप शुक्ल के द्वारा भी लिखित शिकायत करने के बावजूद आज तक जांच पूरी न होना और कोई कार्यवाही न होने से जहां योगी सरकार की शून्य भ्रष्टाचार की नीति का बलिया में प्रशासनिकअधिकारियों द्वारा पलीता लगाया जा रहा है तो वही भ्रष्टाचार में लिप्त अधिकारियों लिपिकों का मनोबल बढ़ता जा रहा है ।
जनपद के प्रशासनिक अधिकारियों से भ्रष्टाचार की जांच की सुस्त रफ्तार के लिये कोई पूंछने वाला भी नही है । अब तो लोगो का यह कहना है कि बलिया नगर पालिका के ईओ की राजनैतिक व प्रशासनिक पहुंच इतनी है कि वह जबतक चाहेगा अपनी मर्जी से रहेगा,जमकर भ्रष्टाचार को बढ़ावा देगा,कोई कुछ बिगाड़ नही सकता है ।
खुद चेयरमैन ने ही ईओ के खिलाफ भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगाते हुए शासन के उच्चाधिकारियों को छोड़ियो मुख्यमंत्री जी से शिकायत की है,लेकिन आजतक कोई कार्यवाही नही हुई । अगर ईओ के भ्रष्टाचार की जांच कायदे से हो जाय तो प्रमोद चौरसिया जैसे कई कानून की गिरफ्त में होंगे । पर सवाल यह है कि बलिया का जिला प्रशासन जांच करें क्यो ?
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बलिया BJP की इनसाइड स्टोरी! संगठन में पद की लड़ाई अश्लील वीडियो तक आई?
बलिया। बांसडीह में भाजपा से जुड़ी महिला कार्यकर्ता के निजी वीडियो के कथित प्रसार को लेकर दर्ज मुकदमे ने अब संगठन के भीतर चल रही कथित खींचतान की चर्चाओं को भी हवा दे दी है। सवाल उठ रहा है कि क्या संगठन में पद और प्रभाव की लड़ाई का विवाद इतना बढ़ गया कि मामला निजी वीडियो तक जा पहुंचा? सूत्रों के मुताबिक, इस पूरे प्रकरण के पीछे संगठन में पद पाने की कथित होड़ और आपसी राजनीतिक खींचतान का एंगल भी सामने आ रहा है। हालांकि इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और पुलिस जांच में ही वास्तविक तस्वीर साफ होगी।
क्या है पूरा मामला?: बांसडीह थाना क्षेत्र में भाजपा से जुड़ी एक महिला कार्यकर्ता ने पुलिस में शिकायत देकर आरोप लगाया कि उसका निजी वीडियो उसकी अनुमति के बिना प्रसारित किया जा रहा है। शिकायत के आधार पर पुलिस ने तीन लोगों के खिलाफ सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की धारा 67 के तहत मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की है।
मामले में नामजद आरोपियों में भाजपा से जुड़े पदाधिकारियों के नाम होने की बात सामने आई है। महिला ने अपनी शिकायत में बताया है कि वीडियो कॉल के दौरान उसका निजी वीडियो बनाए जाने और बाद में उसके प्रसारित होने की जानकारी उसे बातचीत के दौरान मिली। शिकायतकर्ता ने पुलिस को संबंधित बातचीत के ऑडियो-वीडियो साक्ष्य उपलब्ध होने की बात भी कही है।
पद की कथित लड़ाई से जुड़ा दूसरा एंगल : सूत्रों के मुताबिक, इस पूरे मामले की एक दूसरी तस्वीर भी सामने आ रही है। सूत्रों का दावा है कि संगठन में पद और जिम्मेदारी को लेकर कुछ लोगों के बीच कथित तौर पर अंदरूनी खींचतान चल रही थी। इसी खींचतान के बीच विवाद ने ऐसा रूप लिया कि कुछ लोगों ने कथित तौर पर एक-दूसरे को निशाने पर लेने और फंसाने के लिए मामले का फायदा उठाया।
सूत्रों का यह भी कहना है कि संगठनात्मक पद को लेकर चल रही प्रतिस्पर्धा के बीच व्यक्तिगत विवाद भी जुड़ता चला गया और आखिरकार मामला पुलिस तक पहुंच गया। हालांकि, यह दावा फिलहाल सूत्रों के हवाले से है। पुलिस जांच में इसकी पुष्टि होना बाकी है कि कथित संगठनात्मक खींचतान का इस मामले से वास्तव में कोई सीधा संबंध है या नहीं।
जिले से लेकर लखनऊ तक मामला पहुंचाने की होड़?: इस पूरे प्रकरण को लेकर सूत्र एक और महत्वपूर्ण दावा कर रहे हैं। सूत्रों के मुताबिक, जिले से जुड़े भाजपा के कुछ प्रभावशाली नेता कथित तौर पर मामले को दबाने की कोशिश में जुटे हैं, जबकि दूसरी ओर कुछ नेता इस प्रकरण को लखनऊ तक पहुंचाने की कोशिश कर रहे हैं।
यानी एक तरफ मामले को स्थानीय स्तर पर संभालने और शांत कराने की कोशिश की चर्चा है, तो दूसरी तरफ इसे पार्टी के उच्च स्तर तक ले जाने की कवायद की बात सामने आ रही है। सूत्रों का दावा है कि इसके पीछे भी संगठन में पद और प्रभाव को लेकर चल रही अंदरूनी खींचतान एक वजह हो सकती है।
राजनीतिक हलकों में चर्चा तेज: मामले में भाजपा से जुड़े पदाधिकारियों के नाम सामने आने के बाद स्थानीय राजनीतिक हलकों में भी चर्चा तेज हो गई है। पुलिस की जांच, डिजिटल साक्ष्य और शिकायतकर्ता की ओर से उपलब्ध कराए गए कथित वीडियो एवं अन्य साक्ष्यों के आधार पर ही पूरे मामले की वास्तविक तस्वीर सामने आएगी।
फिलहाल बांसडीह पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। अब जांच में यह स्पष्ट होना बाकी है कि यह मामला केवल निजी वीडियो के कथित प्रसार का है या इसके पीछे संगठनात्मक पद की कथित लड़ाई, आपसी विवाद और राजनीतिक खींचतान की भी कोई भूमिका रही है।
उत्तर प्रदेश
बलिया का बढ़ा मान! जमुना राम मेमोरियल स्कूल सीबीएसई ईस्ट जोन हैंडबॉल के फाइनल में
मिर्जापुर। सनबीम एकेडमी नॉलेज पार्क, मिर्जापुर में आयोजित सीबीएसई ईस्ट जोन हैंडबॉल प्रतियोगिता 2026-27 में जमुना राम मेमोरियल स्कूल, चितबड़ागांव (बलिया) की टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए फाइनल में प्रवेश कर लिया।
प्रतियोगिता के दूसरे दिन खेले गए रोमांचक मुकाबले में जमुना राम मेमोरियल स्कूल ने मेजबान सनबीम एकेडमी नॉलेज पार्क को 06-02 के बड़े अंतर से हराया। मैच की शुरुआत से ही जमुना राम मेमोरियल स्कूल की टीम ने आक्रामक खेल का प्रदर्शन किया और पूरे मुकाबले में अपनी पकड़ बनाए रखी।
टीम की ओर से अंकिता कुशवाहा ने 2, रितिका यादव ने 2, आइशा गुप्ता ने 1 और श्रेया ने 1 गोल कर टीम की जीत में अहम योगदान दिया। इस शानदार जीत के साथ टीम ने प्रतियोगिता के खिताबी मुकाबले में अपनी जगह पक्की कर ली है। फाइनल मुकाबला कल खेला जाएगा।
टीम की सफलता पर विद्यालय के प्रबंध निदेशक इंजीनियर तुषारनंद एवं प्रधानाचार्य अजीत सिंह ने खिलाड़ियों और खेल स्टाफ को बधाई दी। उन्होंने शारीरिक शिक्षक सरदार मोहम्मद अफ़ज़ल, टीम प्रशिक्षक मनोज कुमार और टीम मैनेजर रश्मि श्रीवास्तव को भी शुभकामनाएं देते हुए फाइनल के लिए उत्साह बढ़ाया।
इस अवसर पर इंचार्ज अरविंद चौबे, आनन्द मिश्रा, नीतू मिश्रा सहित विद्यालय के शिक्षक-शिक्षिकाओं ने खिलाड़ियों के शानदार प्रदर्शन की सराहना करते हुए उन्हें फाइनल के लिए शुभकामनाएं दीं।
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