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बलिया- पासपोर्ट सत्यापन के बदले वसूली करना पड़ा महंगा, हो गई धु’नाई !

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बलिया डेस्क : पासपोर्ट सत्यापन में तमाम मशक्कत आम लोगों को उठानी पड़ती है और इस बात से इनकार भी नहीं किया जा सकता है कि सत्यापन करने के नाम पर भी उगाही की जाती है. ऐसे में अब लक्ष्मणपुर के रहने वाले दिलीप के साथ बड़ा खेल हो गया. हुआ यह कि उसने पासपोर्ट बनाने के लिए आवेदन किया था.

जांच का उसको इंतजार था. इस बीच शनिवार को एक शख्स उसके पास पहुंचा और खुद को एलआईयू का सिपाही बताने लगा. इसके बाद दिलीप ने उसे अपनी सारी जानकारी दी और सत्यापन कराया. सभी जानकारी को खुद को एलआईयू का सिपाही बताने वाले शख्स ने कागज़ पर नोट किया और 15 सौ रूपये मांगने लगा.

ऐसे में दिलीप का आरोप है कि जब उसने पैसा देने से इनकार किया तो वह शख्स उसकी जेब से 15 सौ रूपया निकाल भागने लगा. भागने के दौरान उसने एक व्यक्ति पर अपनी बाइक भी चढ़ा दी. खैर, किसी तरह इलाके के लोगों ने उसे धर लिया और उसकी पिटाई शुरू कर दी. पुलिस को इसकी सूचना दी गयी.

लेकिन बाद में जब छानबीन की गयी तो पता चला कि खुद को एलआईयू का सिपाही बताने वाला शख्स बलिया के काजीपुरा मुहल्ले का रहने वाला है. इसके बाद गाँव के प्रधान और तमाम लोगों ने मामला शांत कराया. लाइव हिंदुस्तान की रिपोर्ट के मुताबिक इस मामले में एलआईयू इंस्पेक्टर अजितोष त्रिपाठी ने बताया कि सत्यापन करने गया व्यक्ति विभाग का सिपाही है.

वहीँ, एसपी देवेन्द्र नाथ ने गाँव में हुए इस घटना, वसूली की बात को ख़ारिज कर दिया है. उन्होंने कहा है कि फिलहाल एलआईयू सिपाही या किसी और के साथ हुई मार’पीट की घटना की जानकारी नहीं है. उन्होंने मामले की जांच करवाने की बात कही है.

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UGC के ‘Equity Rules’ में स्पष्टता व संतुलन की मांग, बलिया के भानु प्रकाश सिंह ने चेयरमैन को लिखा पत्र

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बलिया। ध्रुवजी सिंह स्मृति सेवा संस्थान, पूर-बलिया के सचिव भानु प्रकाश सिंह ‘बबलू’ ने विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) के चेयरमैन डॉ. विनीत जोशी को पत्र भेजकर यूजीसी विनियम, 2026 में आवश्यक स्पष्टीकरण और सुधार की मांग की है। उन्होंने पत्र की प्रतिलिपि राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, केंद्रीय शिक्षा मंत्री, गृह मंत्री एवं रक्षा मंत्री को भी भेजते हुए इस विषय पर शीघ्र और ठोस कार्रवाई की आवश्यकता जताई है।

भानु प्रकाश सिंह ने यूजीसी विनियमों के उद्देश्य को सराहनीय बताते हुए कहा कि उनके प्रभावी क्रियान्वयन के लिए संविधान के अनुच्छेद 14, 15(1) एवं 21 तथा नैसर्गिक न्याय के सिद्धांतों के अनुरूप संतुलित, स्पष्ट और न्यायसंगत व्यवस्था अनिवार्य है। उन्होंने समता समिति के गठन, उसकी संरचना और निर्णय प्रक्रिया में पारदर्शिता, संतुलन और निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए ठोस दिशा-निर्देश जारी करने की मांग की।

शिकायतों के निस्तारण के लिए एक समान मानक कार्य-प्रणाली (एसओपी) तय करने पर जोर देते हुए उन्होंने कहा कि केवल आरोप के आधार पर कठोर कार्रवाई न्यायसंगत नहीं है। किसी भी दंडात्मक कदम से पूर्व प्रथम दृष्टया जांच आवश्यक होनी चाहिए। साथ ही झूठी या दुर्भावनापूर्ण शिकायतों के दुरुपयोग को रोकने के लिए भी स्पष्ट प्रावधान किए जाने की मांग की गई।

उन्होंने स्पष्ट किया कि शिक्षा संस्थानों में नियमों का पालन सहयोग, मार्गदर्शन और न्याय की भावना पर आधारित होना चाहिए, न कि पुलिसिंग या अत्यधिक निगरानी जैसा वातावरण बनाकर। इसके अतिरिक्त उच्च शिक्षा को शोध और नवाचार का मजबूत केंद्र बनाने के लिए रिसर्च इंफ्रास्ट्रक्चर के सुदृढ़ीकरण, साझा प्रयोगशालाओं की स्थापना, उद्योग-सहयोग, स्टार्टअप को बढ़ावा देने और पेटेंट संस्कृति को प्राथमिकता देने का भी सुझाव दिया।

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BHU छात्र नेता योगेश योगी के प्रयास से एक्सप्रेस ट्रेनों के ठहराव को मिली मंजूरी!

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बलिया। फेफना जंक्शन पर एक्सप्रेस ट्रेनों के ठहराव को लेकर क्षेत्रवासियों की लंबे समय से चली आ रही मांग अब पूरी हो गई है। बीएचयू छात्र नेता योगेश योगी के लगातार प्रयास और पहल से रेलवे ने एक्सप्रेस ट्रेनों के ठहराव को स्वीकृति दे दी है। प्राप्त जानकारी के अनुसार 16 जनवरी से इन ट्रेनों का फेफना स्टेशन पर ठहराव शुरू हो जाएगा। इस उपलब्धि का श्रेय प्रदेश सरकार के आयुष मंत्री दयानंद मिश्रा ‘दयालु’ को दिया जा रहा है,

छात्र नेता योगेश योगी ने यात्रियों, छात्रों और आम नागरिकों की समस्याओं को लेकर संबंधित अधिकारियों व जनप्रतिनिधियों के समक्ष लगातार मांग उठाई थी। उनके प्रयासों के बाद यह महत्वपूर्ण फैसला लिया गया, जिससे क्षेत्र के हजारों यात्रियों को सीधा लाभ मिलेगा।

ट्रेन ठहराव से विशेष रूप से छात्रों, नौकरीपेशा लोगों, व्यापारियों और इलाज के लिए बाहर जाने वाले मरीजों को सुविधा होगी। स्थानीय लोगों ने इसे जनहित में लिया गया निर्णय बताते हुए योगेश योगी के प्रति आभार जताया है।

योगेश योगी ने कहा कि यह केवल शुरुआत है, आगे भी क्षेत्र और छात्रों के हित में संघर्ष जारी रहेगा।

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