बलिया
बलिया- आज 35 उम्मीदवारों का नामांकन: उमाशंकर, नारद और जयप्रकाश ने भरा पर्चा
बलिया। उत्तरप्रदेश में 7 चरणों में होने वाले चुनाव के लिए पहले चरण का मतदान हो चुका है। बलिया में छठवें चरण में चुनाव के लिए नामांकन प्रकिया चल रही है। आज दिग्गजों के साथ ही 35 उम्मीदवारों ने अपना नामांकन दाखिल किया। जुलूस और रैली पर रोक के बावजूद भारी संख्या में समर्थक उम्मीदवारों के साथ पहुंचे। टीडी कॉलेज चौहारा से लेकर चिंतू पांडेय चौक तक जाम की स्थिति तक बन गई थी। जहां पुलिस को जाम हटाने में काफी मशक्कत करनी पड़ी। इस दौरान ड्रोन कैमरे से पुलिस हर गतिविधि पर नजर बनाई हुई थी।
35 उम्मीदवारों का नामांकन-रसड़ा से बसपा उम्मीदवार विधायक उमाशंकर सिंह, बलिया नगर सीट से सपा के पूर्व मंत्री नारद राय, बैरिया से सपा के जयप्रकाश अंचल, बसपा से सुभाष यादव ने नामांकन किया। इसके अलावा कई निर्दलियों ने भी नामांकन दाखिल किया। सिकंदरपुर से निर्दलीय शारदानंद, जन अधिकार पार्टी के अशोक और रसड़ा से बसपा के उमाशंकर सिंह, कांग्रेस से ओमलता राज, निर्दलीय राजाराम, बिल्थरारोड से निर्दलीय सीमोन प्रकाश, भाजपा के छट्ठू राम, बीएसपी के प्रवीण प्रकाश ने पर्चा दाखिल किया। फेफना से बसपा के कमल देव और बांसडीह से 10 उम्मीदवारों ने नामांकन किया।
मंदिर में पूजा के बाद नारद ने भरा पर्चा- नामांकन से पहले पूर्व मंत्री नारद राय ने मुबारकपुर के काली मंदिर पर मत्था टेका और शहर के मंदिरों में भी दर्शन किए। साथ ही नामांकन से पहले वह पार्टी कार्यालय भी पहुंचे। बता दें बलिया नगर सीट से वह 2002 में जीते थे। 2012 में भी वह सपा के टिकट पर चुनाव लड़े और विजयी रहे। सरकार में उन्हें मंत्री बनाया गया था। 2017 के चुनाव में पार्टी से अनबन होने के बाद वह बसपा में शामिल हो गए और बसपा से ही नगर के सीट पर चुनाव लड़े, लेकिन हार का सामना करना पड़ा। और अब सपा से लड़ रहे हैं।
बलिया में बसपा के इकलौते विधायक- रसड़ा विधानसभा से उमाशंकर सिंह तीसरी बार बसपा के प्रत्याशी बने हैं। नामांकन के दिन उन्होंने अपनी विधानसभा क्षेत्र के मंदिरों में पूजा-अर्चना की। उसके बाद बलिया के लिए निकले। बता दें 2012 में सपा और 2017 में भाजपा की लहर में भी वह जीते थे। कोई भी हवा उनकी जीत प्रभावित नहीं कर सकी। इस सरकार में बसपा ने उमाशंकर सिंह को विधानमंडल दल का नेता भी नियुक्त किया था।
बसपा से चुनावी जंग में सुभाष यादव- बैरिया विधानसभा से बसपा प्रत्याशी के रूप में सुभाष यादव ने अपना नामांकन किया। वह 2007 में बैरिया से बसपा से ही चुनाव लड़कर विधायक बने थे। इस बार वह सपा से टिकट के दावेदार थे, लेकिन पार्टी ने उन्हें टिकट नहीं दिया। ऐसे में बसपा ने पूर्व में घोषित प्रत्याशी अंगद मिश्रा का टिकट परिवर्तन कर सुभाष यादव को अपना प्रत्याशी बनाया है।
तीसरी बार चुनावी मैदान में जयप्रकाश- बैरिया विधानसभा क्षेत्र से सपा प्रत्याशी जयप्रकाश अंचल अपने गांव बेल्थरारोड के पशुहारी गांव से मंदिरों में मत्था टेक नामांकन करने निकले। वह 2012 में भी सपा से बैरिया विधान सभा क्षेत्र से चुनाव लड़े और विजयी हुए। पार्टी ने 2017 में भी उन्हें अपना प्रत्याशी बनाया था, लेकिन वह भाजपा के सुरेंद्र सिंह से चुनाव हार गए। तीसरी बार वह इसी विधान सभा से वह सपा के प्रत्याशी बने हैं।
featured
फेफना में अकीदत के साथ मनाया गया मोहर्रम, मातमी जुलूस और हैरतअंगेज करतब बने आकर्षण का केंद्र
बलिया। फेफना थाना क्षेत्र में शुक्रवार को मोहर्रम का पर्व पूरी अकीदत, शांति और सौहार्दपूर्ण माहौल में संपन्न हुआ। चिलचिलाती धूप के बावजूद फेफना सहित आसपास के गांवों में पारंपरिक ताजिया जुलूस निकाला गया। हजरत इमाम हुसैन की शहादत की याद में मातमी दस्तों ने नोहा-ख्वानी और मातम कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।
फेफना में निकले मातमी जुलूस के दौरान मुस्लिम समुदाय के युवाओं ने पारंपरिक हैरतअंगेज करतबों का प्रदर्शन किया, जिसने लोगों का ध्यान आकर्षित किया। वहीं समाजसेवी लडू अंसारी द्वारा जुलूस में शामिल लोगों और राहगीरों के लिए ठंडे शरबत की व्यवस्था की गई, जिसकी लोगों ने सराहना की।
जुलूस निर्धारित मार्गों से गुजरते हुए कर्बला पहुंचा, जहां परंपरागत रीति-रिवाज के अनुसार ताजियों को सुपुर्द-ए-खाक किया गया।

फेफना के अलावा तीखा, मिठवार, पक्काकोट, बहादुरपुर, सिंहपुर, एकौनी, बलेजी, सागरपाली, अमडारी, निधरिया और मिढ्ढा गांवों में भी मोहर्रम का पर्व शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ।
सुरक्षा व्यवस्था को लेकर थानाध्यक्ष अखिलेश चंद पांडेय पुलिस बल के साथ लगातार क्षेत्र में भ्रमण करते रहे और पूरे आयोजन पर नजर बनाए रखी। पर्व सकुशल संपन्न होने के बाद बड़ी संख्या में लोगों ने बलेजी में लगे मेले का भी आनंद लिया।

ग्रामीणों ने कहा कि मोहर्रम केवल शोक का पर्व नहीं, बल्कि इंसानियत, त्याग, सत्य और कुर्बानी का संदेश देने वाला अवसर है, जो समाज में भाईचारा, एकता और आपसी सौहार्द को मजबूत करता है।
featured
एक साल से धूल फांक रही करोड़ों की जांच सुविधा, बांसडीह सीएचसी में नहीं चालू हो सकी बायोकेमिस्ट्री एनालाइजर मशीन
बांसडीह (बलिया)। ग्रामीण क्षेत्र के मरीजों को आधुनिक जांच सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) बांसडीह में स्थापित की गई बायोकेमिस्ट्री एनालाइजर मशीन पिछले एक वर्ष से अधिक समय से निष्क्रिय पड़ी है। स्वास्थ्य विभाग की यह महत्वपूर्ण मशीन अस्पताल परिसर तक पहुंचने के बावजूद अब तक चालू नहीं हो सकी है, जिससे क्षेत्र के हजारों मरीजों को अपेक्षित लाभ नहीं मिल पा रहा है।
जानकारी के अनुसार, मशीन के संचालन से लीवर फंक्शन टेस्ट, किडनी प्रोफाइल, लिपिड प्रोफाइल, यूरिक एसिड, कोलेस्ट्रॉल, थायराइड, इलेक्ट्रोलाइट्स, कार्डियक प्रोफाइल, कैल्शियम, मैग्नीशियम, प्रोटीन और आयरन समेत करीब 30 प्रकार की महत्वपूर्ण जांचें सीएचसी स्तर पर ही उपलब्ध हो सकती हैं। फिलहाल इन जांचों के लिए मरीजों को जिला अस्पताल या निजी पैथोलॉजी केंद्रों का सहारा लेना पड़ता है, जिससे समय और धन दोनों की अतिरिक्त लागत उठानी पड़ती है।
सीएचसी बांसडीह में प्रतिदिन सैकड़ों मरीज उपचार के लिए पहुंचते हैं। सामान्य जांच सुविधाएं उपलब्ध होने के बावजूद गंभीर बीमारियों से जुड़ी कई आवश्यक जांचों का अभाव बना हुआ है। ऐसे में मशीन का चालू होना क्षेत्र की स्वास्थ्य सेवाओं के लिए बड़ा बदलाव साबित हो सकता है। अनुमान है कि इससे क्षेत्र की लगभग 40 हजार आबादी को प्रत्यक्ष लाभ मिलेगा।
बायोकेमिस्ट्री एनालाइजर एक अत्याधुनिक चिकित्सा उपकरण है, जिसे क्लिनिकल केमिस्ट्री एनालाइजर भी कहा जाता है। यह रक्त, प्लाज्मा और सीरम जैसे जैविक नमूनों की रासायनिक जांच कर विभिन्न रोगों के सटीक निदान में मदद करता है। आधुनिक स्वास्थ्य सेवाओं में इसकी महत्वपूर्ण भूमिका मानी जाती है।
मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए बलिया के मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) डॉ. अभय नारायण राय ने कहा कि उन्हें मशीन के स्थापित न होने की जानकारी नहीं थी। उन्होंने आश्वासन दिया कि मामले की जांच कराकर मशीन को शीघ्र चालू कराने की कार्रवाई की जाएगी।
सीएमओ ने कहा कि मशीन के संचालन से बांसडीह सीएचसी में कई महत्वपूर्ण जांचें शुरू हो जाएंगी, जिससे मरीजों को स्थानीय स्तर पर बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध होंगी और उन्हें अनावश्यक भागदौड़ से राहत मिलेगी। अब क्षेत्रवासियों को मशीन के जल्द शुरू होने का इंतजार है।
बलिया
अघोषित बिजली कटौती पर सपा युवजन सभा का हल्ला बोल, 9 सूत्रीय मांगों के साथ सौंपा ज्ञापन
भीषण गर्मी के बीच लगातार हो रही अघोषित बिजली कटौती और खराब विद्युत व्यवस्था को लेकर समाजवादी युवजन सभा ने विद्युत विभाग के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। मंगलवार को समाजवादी युवजन सभा के प्रदेश अध्यक्ष अरविन्द गिरि के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने विद्युत वितरण खंड के अधिशासी अभियंता को 9 सूत्रीय मांगों से संबंधित ज्ञापन सौंपकर क्षेत्र की समस्याओं के शीघ्र समाधान की मांग की।
ज्ञापन में रघुनाथपुर, दुबहड़ और आईटीआई विद्युत उपकेंद्रों से जुड़े इलाकों में बार-बार हो रही बिजली कटौती पर रोक लगाने, जर्जर तारों को बदलने, कम क्षमता वाले ट्रांसफार्मरों की क्षमता बढ़ाने, फीडरों और लाइनों का नियमित रखरखाव कराने तथा उपभोक्ताओं को निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करने की मांग की गई।
इस दौरान गड़वार क्षेत्र में 33 केवी लाइन पर पेड़ गिरने से बाधित बिजली आपूर्ति को बहाल कराने में व्यस्त अधिशासी अभियंता से दूरभाष पर वार्ता कर क्षेत्र की समस्याओं से अवगत कराया गया। उनकी अनुपस्थिति में विभाग द्वारा अधिकृत अधिकारी को ज्ञापन सौंपा गया।
अरविन्द गिरि ने कहा कि भीषण गर्मी में अघोषित बिजली कटौती से आम जनता, किसान, छात्र-छात्राएं, व्यापारी और छोटे व्यवसायी परेशान हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि एक सप्ताह के भीतर बिजली व्यवस्था में सुधार नहीं हुआ तो समाजवादी लोग आम जनता के साथ मिलकर व्यापक जनआंदोलन शुरू करेंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी विद्युत विभाग और शासन-प्रशासन की होगी।


