बलिया
क्या बलिया में सामूहिक विवाह साबित होगा सियासी औजार?
बलिया। रविवार को बलिया जिले में एक साथ 551 जोड़ों का विवाह संपन्न हुआ। मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत फेफना में सामूहिक विवाह कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस सामूहिक के सूत्रधार थे उत्तर प्रदेश सरकार के राज्यमंत्री और फेफना विधानसभा सीट से विधायक उपेंद्र तिवारी। विधायक उपेंद्र तिवारी ने विवाह से पहले सभा को संबोधित किया।
सामूहिक विवाह में पंजीकृत जोड़ियों की संख्या तो 551 थी। लेकिन मौके पर विवाह के लिए 765 वर-वधू पहुंचे। बनारस से गए ब्राह्मणों के मंत्रोच्चार के साथ 551 जोड़ियों का विवाह संपन्न हुआ। लेकिन इस विवाह कार्यक्रम की शुरुआत हुई दिल्ली के कलाकारों द्वारा राम-सीता विवाह के नाट्य मंचन से।
जिले के बैरिया विधानसभा क्षेत्र में भाजपा विधायक सुरेंद्र सिंह की ओर से भी सामूहिक विवाह का आयोजन कराया गया। बैरिया के खपड़िया बाबा आश्रम पर सामूहिक विवाह का कार्यक्रम हुआ। बलिया सदर से विधायक और प्रदेश सरकार में राज्यमंत्री आनंद स्वरूप शुक्ला इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि। विधायक सुरेंद्र सिंह ने अपने फेसबुक पेज पर जानकारी दी है कि मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के अंतर्गत इस आयोजन में 101 जोड़ों का विवाह संपन्न हुआ।
सवाल है कि क्या ये सामूहिक विवाह जितना सीधा दिख रहा है उतना ही सीधा है भी? उत्तर प्रदेश विधानसभा का चुनाव बहुत करीब आ चुका है। इसलिए नेताओं और राजनीतिक दलों की हर गतिविधि को सियासी के नजरिए से भी परखा जाएगा। खासकर सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी के हर कदम को इससे जोड़ा जाना तय है।
बलिया में सात विधानसभा सीटें हैं। 2017 के विधानसभा में चुनाव में पांच सीटें भाजपा के खाते में गईं थीं। लेकिन 2022 के चुनाव का समीकरण पूरी तरह बदल चुका है। 2017 में सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी भाजपा के साथ थी। इस बार सुभासपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष ओमप्रकाश राजभर समाजवादी पार्टी की साईकिल पर सवार हो चुके हैं। बलिया की तीन सीटों पर ओमप्रकाश राजभर का व्यापक प्रभाव में माना जाता है।
सूत्र बताते हैं कि भाजपा के आंतरिक सर्वे से पार्टी को साफ संकेत मिल चुका है कि बलिया में 2017 के प्रदर्शन को दोहरा पाना आसान नहीं है। एक बड़ी वजह है स्थानिय कार्यकर्ताओं का अपनी पार्टी के विधायको से नाराजगी। बलिया से कई ऐसे विधायक हैं जिनकी बयानबाजी अक्सर भाजपा के लिए मुश्किलें खड़ी कर देती है।
ऐसे में बलिया के फेफना और बैरिया में आयोजित हुआ सामूहिक विवाह एक सियासी यज्ञ की तरह दिखता है। जिसमें जन सेवा की खुशबु भी है और चुनावी फायदे की महक भी। 551 जोड़ों का विवाह। कार्यक्रम स्थल पर हजारों की भीड़। विवाह के बाद सभी वर-वधू को घरेलू सामान भी दिए गए। ताकि यादगार बनी रहे। मसलन बरतन और सूटकेस जैसी चीजें हर जोड़े को दी गई।
सामूहिक विवाह में आर्थिक रूप से कमजोर लोगों की संख्या अधिक होती है। सरकार की ओर से आयोजित सामूहिक विवाह में पूरे रीति-रिवाज और सम्मान के साथ वर-वधू की शादी कराई जाती है। कार्यक्रम में आए लोगों के लिए जलपान का प्रबंध भी कराया जाता है। पूरे गाजे-बाजे के साथ यह आयोजन संपन्न होता है। चुनाव से ठीक पहले हुए विवाह लोगों को ठीक-ठीक याद रहेंगे। वैवाहिक मंडप में हुए हवन से पैदा हुए ताप के उर्जा का इस्तेमाल विधानसभा चुनाव में किस कदर होता है इसका जवाब आने वाले दिनों में ही मिलेगा।
बलिया
शिक्षा पदम सम्मान 2025 से सम्मानित हुए हाली पाथ कॉन्वेंट स्कूल के युवा निदेशक डॉ. परवेज अंसारी
हिमाचल प्रदेश के प्रतिष्ठित हिलटॉप पब्लिक स्कूल में आयोजित भव्य सम्मान समारोह में हाली पाथ कॉन्वेंट स्कूल के युवा निदेशक डॉ. परवेज अंसारी को “शिक्षा पदम सम्मान 2025” से सम्मानित किया गया। यह सम्मान उन्हें शिक्षा के क्षेत्र में उनके 10 वर्षों से अधिक की समर्पित सेवा और अभिनव प्रयासों के लिए प्रदान किया गया।
डॉ. अंसारी की नेतृत्व क्षमता और शिक्षा के प्रति प्रतिबद्धता ने स्कूल को नई ऊँचाइयों तक पहुँचाया है। उनके मार्गदर्शन में हाली पाथ कॉन्वेंट स्कूल ने गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, आधुनिक शिक्षण पद्धतियों और विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास पर विशेष ध्यान दिया है।
सम्मान प्राप्त करने के बाद डॉ. परवेज अंसारी ने कहा —
“यह सम्मान मेरे लिए प्रेरणा का स्रोत है। मैं शिक्षा के क्षेत्र में लगातार नवाचार और सुधार के लिए प्रयासरत रहूँगा।”
उनकी इस उपलब्धि से न केवल स्कूल परिवार बल्कि पूरे जनपद में गर्व की भावना व्याप्त है।
फेफना
दिखाया जज़्बा: जमुना राम मेमोरियल स्कूल के कराटे वीरों ने जीते 22 पदक, बलिया में बजाया अपना डंका
बलिया के बापू भवन में आयोजित 2nd Gyanti Devi Memorial Cup District Karate Championship 2K25 में जिले के लगभग 15 विद्यालयों ने भाग लिया। इस प्रतियोगिता में जमुना राम मेमोरियल स्कूल, मानपुर चितबड़ागांव के 22 छात्रों ने प्रतिभाग कर दमखम दिखाया।
शानदार प्रदर्शन करते हुए स्कूल के 12 छात्रों ने स्वर्ण पदक , 6 ने रजत पदक और 4 ने कांस्य पदक हासिल किए। छात्रों की इस उपलब्धि ने न केवल विद्यालय का नाम रोशन किया बल्कि माता-पिता और क्षेत्र को भी गौरवान्वित किया।
विद्यालय के प्रधानाचार्य अबरी के.बी. एवं प्रबंध निदेशक तुषार नंद जी ने विजेताओं को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। उन्होंने कहा कि इस प्रकार की प्रतियोगिताएं बच्चों में आत्मविश्वास, अनुशासन और शारीरिक स्फूर्ति को बढ़ावा देती हैं।
विद्यालय प्रबंधन ने यह भी आश्वस्त किया कि भविष्य में भी छात्र ऐसे आयोजनों में भाग लेकर और बेहतर प्रदर्शन करेंगे।
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बलिया की राजनीति में हलचल: भानु दुबे जल्द कर सकते हैं सपा जॉइन, अटकलों का बाजार गर्म
बलिया।
बलिया के प्रमुख सामाजिक नेता भानु दुबे जल्द ही समाजवादी पार्टी (सपा) जॉइन कर सकते हैं। हाल ही में उनके सोशल मीडिया पोस्ट और गतिविधियों से इस बात के कयास तेज हो गए हैं। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, पिछले कुछ दिनों से भानु दुबे लगातार सपा के बड़े नेताओं से मुलाकात कर रहे हैं। उनकी इन मुलाकातों और नेताओं के काफिलों में देखे जाने के बाद यह चर्चा और तेज हो गई है कि वे जल्द ही सपा का दामन थाम सकते हैं।
भानु दुबे को ब्राह्मण समाज का बड़ा चेहरा माना जाता है। सामाजिक स्तर पर उनकी लोकप्रियता भी युवाओं में काफी मजबूत है। अगर वे सपा में शामिल होते हैं तो न केवल बलिया में पार्टी को मजबूती मिलेगी, बल्कि आगामी 2027 विधानसभा चुनाव में बलिया सदर सीट से उनकी दावेदारी भी बेहद मजबूत मानी जा रही है।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि भानु दुबे के सपा में आने से बलिया की राजनीति में नया समीकरण बन सकता है। और यह फैसला पूरे जिले के राजनीतिक परिदृश्य को बदल सकता है।
अब देखना दिलचस्प होगा कि भानु दुबे कब और किस मंच से सपा की सदस्यता ग्रहण करते हैं और इसके बाद जिले की राजनीति कौन सा नया मोड़ लेती है।


