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बलिया: भाजपा की तरफ़ से यह हो सकते है जिला पंचायत अध्यक्ष पद के उम्मीदवार!
बलिया डेस्क : उत्तर प्रदेश पंचायत चुनाव (UP Panchayat Chunav 2021) के लिए जिला पंचायत अध्यक्ष पद की सीटों के आरक्षण का एलान होने से बलिया की तस्वीर साफ हो गई है। जिला पंचायत अध्यक्ष की सीट दस साल बाद एक बार फिर अन्य पिछड़ा वर्ग के कोटे में चली गई है। पंचायत चुनाव में दिलचस्पी रखने वालों से साथ सभी सियासी दलों की नजर जारी लिस्ट पर थी, क्योंकि यहाँ पर हर वर्ग के दावेदार काफी दिन से सक्रिय थे। हर सियासी दल अपनी जीत तय करने के लिए रणनीति बना रहा था, लेकिन आरक्षण जारी होने से कई लोगों के समीकरण बिगड़ गए तो कई की मुराद पूरी हो गई। हालांकि, फ़िलहाल अभी किसी भी सियासी दल ने उम्मीदवारों को लेकर अपने पत्ते नहीं खोले है, लेकिन सोशल मीडिया पर उम्मीदवारों को लेकर तमाम तरह के दावे किये जा रहे हैं। इसी कड़ी में बलिया जिला पंचायत अध्यक्ष के लिए बीजेपी का प्रत्याशी कौन होगा? इसको लेकर भी चर्चा का बाज़ार गर्म है। वहीँ इस सीट से भाजपा के दावेदारों की संख्या लगातार बढती जा रही है।
राजनीतिक पृष्ठभूमि- 1995 से अगर देखा जाए जिला पंचायत अध्यक्ष पर भाजपा कभी काबिज़ नहीं रही। 1995 से 2000 के कार्यकाल में नंदजी यादव व भुवनेश्वर चौधरी, 2000 में भारती सिंह , 2005 में राजमंगल यादव व 2010 में रामधीर सिंह 2015 में सुधीर पासवान अध्यक्ष बने। एक तरह से देखा जाए तो इस सीट पर पिछले पांच कार्यकाल में समाजवादी पार्टी और बसपा का दबदबा रहा है। लेकिन इस बार राज्य में भाजपा की सरकार हैं। ऐसे में बदले समीकरण में बीजेपी के लिए यह सीट निकाल पाना आसान दिख रहा।
इन प्रत्याशियों की चर्चा जोरो पर
देवेन्द्र यादव – 2014 और 2019 के लोकसभा चुनाव में अपनी दावेदारी पेश कर चुके देवेन्द्र यादव इस बार भाजपा से जिला पंचायत अध्यक्ष पद के दौड़ में शामिल हैं। बांसडीह विधानसभा क्षेत्र के भद्पुरा निवासी देवेन्द्र यादव भाजपा और संघ के काफी पुराने कार्यकर्ता हैं। 1987 से अपनी राजनैतिक पारी की शुरुआत करने वाले देवन्द्र यादव दो बार( 2007- 2010) और (2010- 2012), बलिया में भाजपा जिला अध्यक्ष के पद पर भी आसीन रहे हैं। फ़िलहाल गोरखपुर क्षेत्र के उपाध्यक्ष व आजमगढ़ जनपद के प्रभारी हैं।
दिनेश कुमार गुप्ता – बेल्थरा रोड विधानसभा क्षेत्र से आने वाले वर्तमान में बिल्थरारोड के नगरपंचायत चेयरमैन दिनेश कुमार गुप्ता का नाम भी जिला पंचायत अध्यक्ष पद के दौड़ में शामिल हैं। बिल्थरारोड के नगरपंचायत से लगातार दूसरी बार रिकार्ड मतों से जीत हासिल करने वाले दिनेश इतिहास में ग्रेजुएट हैं। दिनेश ने अपना पहला चुनावनिर्दलीय लड़ा था, जिसके बाद 2014 में वो बीजेपी में शामिल हो गए थे। जीवन के तकरीबन आधी उम्र सामाजिक कार्यों में समर्पित कर चुके दिनेश कुमार गुप्ता के नाम की चर्चा भी जोरो पर हैं। वहीँ जब बलिया खबर ने दिनेश से उनकी दावेदारी के बारे में जानने की कोशिश कि जिसपर उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया तय नहीं करेगा की कौन प्रत्याशी होगा समय आने पर पार्टी तय करेगी कि कौन अध्यक्ष पद का दावेदार है। मैं तो एक सामान्य कार्यकर्ता हूँ पार्टी मुझे जो जिम्मेंदारी देगी उसको बखूबी निभाऊंगा।
अशोक सिंह यादव – रेवती के दात्न्हा के रहने वाले अशोक यादव के नाम की भी चर्चा जोरो पर हैं, अशोक यादव ने राज्यसभा सांसद नीरज शेखर के साथ भाजपा ज्वाइन की थी। तब से ये पार्टी के सक्रिय कार्यकर्ता के रूप में काम कर रहे हैं। भारतीय जनता पार्टी उन्हें इस बार जिला पंचायत अध्यक्ष पद के लिए मैदान में उतार सकती है ऐसे इनके समर्थकों का दावा है। अपनी दावेदारी की चर्चा पर अशोक सिंह यादव ने बलिया खबर उम्मीद जताते हुए कहा कि पार्टी का जो आदेश होगा वो मेरे लिए सर्वमान्य होगा।
आप को बता दें की जिला पंचायत अध्यक्ष पद के लिए और भी कई भाजपा नेताओं के पोस्टर, होर्डिंग्स लगे हुए, जिस पर बलिया खबर ने उनसे उनकी दावेदारी के बारे में जानने की कोशिश की लेकिन उनसे संपर्क नहीं हो सका। वैसे अब तो आने वाला वक़्त ही बताएगा कि भाजपा बलिया जिला पंचायत अध्यक्ष पद के लिए किसको सिकंदर बनाती है !
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Photos- जमुना राम मेमोरियल स्कूल में गणतंत्र दिवस समारोह हर्षोल्लास से संपन्न
26 जनवरी 2026 को जमुना राम मेमोरियल स्कूल के प्रांगण में 76वां गणतंत्र दिवस समारोह बड़े हर्षोल्लास, उत्साह और गरिमामय वातावरण में संपन्न हुआ। इस अवसर पर नर्सरी से लेकर कक्षा 12वीं तक के विद्यार्थियों ने रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत कर उपस्थित अतिथियों एवं अभिभावकों का मन मोह लिया।

कार्यक्रम का शुभारंभ सरस्वती पूजा एवं ध्वजारोहण के साथ हुआ। विद्यार्थियों ने अनुशासित मार्च-पास्ट के माध्यम से राष्ट्रीय ध्वज को सलामी दी। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि संस्था के अध्यक्ष प्रोफेसर धर्मात्मानंद जी ने ध्वजारोहण किया। अपने प्रेरणादायक संबोधन में उन्होंने कहा कि सामाजिक समरसता, समानता एवं मौलिक अधिकारों की रक्षा के लिए संविधान में निहित प्रावधानों का पालन करना प्रत्येक नागरिक का कर्तव्य है। उन्होंने विद्यार्थियों से राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया।
इस अवसर पर सेना से सेवानिवृत्त महानुभूतियों को स्मृति चिन्ह एवं अंगवस्त्र भेंट कर सम्मानित किया गया, जिससे समारोह की गरिमा और भी बढ़ गई।

कार्यक्रम में नन्हे-मुन्ने बच्चों द्वारा प्रस्तुत देशभक्ति गीतों ने सभी को भावविभोर कर दिया। हरियाणवी नृत्य, “मां से ही माटी” थीम पर आधारित प्रस्तुति, “पधारो मारे देश”, कव्वाली, उत्तर-पूर्व भारत का प्रसिद्ध बिहू नृत्य तथा योग प्रदर्शन को दर्शकों ने खूब सराहा। गरबा और भांगड़ा नृत्य भी विशेष आकर्षण का केंद्र रहे। कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण “वराह रूपम” नृत्य एवं कथकली प्रस्तुति रही, जिसने उपस्थित दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।

इस भव्य आयोजन को सफल बनाने में विद्यालय के समस्त शिक्षक-शिक्षिकाओं एवं गैर-शिक्षण कर्मचारियों का महत्वपूर्ण योगदान रहा। संस्था के निदेशक तुषार नंद जी एवं सौम्या प्रसाद जी ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि संविधान में निहित मौलिक अधिकारों, कर्तव्यों एवं समानता के सिद्धांतों पर आधारित समाज के निर्माण से ही भारत को विश्वगुरु बनाने का सपना साकार हो सकता है।

कार्यक्रम के अंत में विद्यालय के प्रधानाचार्य अजीत कुमार सिंह ने सभी आगंतुकों, अतिथियों, विद्यार्थियों एवं कर्मचारीगण के प्रति आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम की सफलता में कोऑर्डिनेटर नीतू मिश्रा एवं अरविंद चौबे की विशेष सहभागिता रही।
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UGC के ‘Equity Rules’ में स्पष्टता व संतुलन की मांग, बलिया के भानु प्रकाश सिंह ने चेयरमैन को लिखा पत्र
बलिया। ध्रुवजी सिंह स्मृति सेवा संस्थान, पूर-बलिया के सचिव भानु प्रकाश सिंह ‘बबलू’ ने विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) के चेयरमैन डॉ. विनीत जोशी को पत्र भेजकर यूजीसी विनियम, 2026 में आवश्यक स्पष्टीकरण और सुधार की मांग की है। उन्होंने पत्र की प्रतिलिपि राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, केंद्रीय शिक्षा मंत्री, गृह मंत्री एवं रक्षा मंत्री को भी भेजते हुए इस विषय पर शीघ्र और ठोस कार्रवाई की आवश्यकता जताई है।
भानु प्रकाश सिंह ने यूजीसी विनियमों के उद्देश्य को सराहनीय बताते हुए कहा कि उनके प्रभावी क्रियान्वयन के लिए संविधान के अनुच्छेद 14, 15(1) एवं 21 तथा नैसर्गिक न्याय के सिद्धांतों के अनुरूप संतुलित, स्पष्ट और न्यायसंगत व्यवस्था अनिवार्य है। उन्होंने समता समिति के गठन, उसकी संरचना और निर्णय प्रक्रिया में पारदर्शिता, संतुलन और निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए ठोस दिशा-निर्देश जारी करने की मांग की।
शिकायतों के निस्तारण के लिए एक समान मानक कार्य-प्रणाली (एसओपी) तय करने पर जोर देते हुए उन्होंने कहा कि केवल आरोप के आधार पर कठोर कार्रवाई न्यायसंगत नहीं है। किसी भी दंडात्मक कदम से पूर्व प्रथम दृष्टया जांच आवश्यक होनी चाहिए। साथ ही झूठी या दुर्भावनापूर्ण शिकायतों के दुरुपयोग को रोकने के लिए भी स्पष्ट प्रावधान किए जाने की मांग की गई।
उन्होंने स्पष्ट किया कि शिक्षा संस्थानों में नियमों का पालन सहयोग, मार्गदर्शन और न्याय की भावना पर आधारित होना चाहिए, न कि पुलिसिंग या अत्यधिक निगरानी जैसा वातावरण बनाकर। इसके अतिरिक्त उच्च शिक्षा को शोध और नवाचार का मजबूत केंद्र बनाने के लिए रिसर्च इंफ्रास्ट्रक्चर के सुदृढ़ीकरण, साझा प्रयोगशालाओं की स्थापना, उद्योग-सहयोग, स्टार्टअप को बढ़ावा देने और पेटेंट संस्कृति को प्राथमिकता देने का भी सुझाव दिया।


