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बलियाः कल कलेक्ट्रेट कार्यालय का घेराव करेंगे पत्रकार संगठन
बलिया पेपर लीक मामले का खुलासा करने वाले पत्रकार की गिरफ्तारी के बाद जिले में माहौल गरमा गया है। पत्रकार संगठन कार्यवाही से आक्रोश में है। इसी बीच भारतीय राष्ट्रीय पत्रकार महासंघ उत्तरप्रदेश के प्रांतीय मुख्य महासचिव मधुसूदन सिंह के नेतृत्व में जिलाधिकारी कार्यालय का घेराव किया जाएगा।
सिंह ने सभी पत्रकारों के साथ साथ सामाजिक संगठनों, छात्र संगठनों और अधिवक्ता संगठनों से भी इस प्रदर्शन में शामिल होने की अपील की है। सिंह ने कहा है कि यह लोकतंत्र के चौथे स्तंभ को बचाने का आंदोलन है इसमें सभी देशभक्त संगठनों की सहभागिता से लड़ाई को मंजिल तक पहुंचने में बल मिलेगा। उन्होंने कहा कि बलिया डीएम और पुलिस अधीक्षक पत्रकारों के ऊपर संगीनों के बल पर आपातकाल लगाये हुए है। यह रोग का इलाज नहीं करना चाहते बल्कि रोग को सामने लाने वाले का ही इलाज करना चाहते हैं। पूरा पत्रकार समूह इसका विरोध करता है।
वहीं ग्रामीण पत्रकार एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष सौरभ कुमार श्रीवास्तव का कहना है कि बलिया प्रशासन की पत्रकारों के खिलाफ की गई कार्यवाही लोकतंत्र का गला घोंटने का कुत्सित प्रयास है। ऐसे में हम बलिया डीएम को तत्काल निलंबित करने की मांग करते हुए सीएम योगी से इनकी संपत्ति की जांच कराने की मांग करते हैं।
ग्रामीण पत्रकार एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष शशिकांत मिश्र ने कहा कि बलिया का एक एक पत्रकार गिरफ्तार पत्रकारों अजित ओझा, दिग्विजय सिंह और मनोज कुमार गुप्ता झब्बू के साथ है। भारतीय पत्रकार संघ के जिलाध्यक्ष/आजमगढ़ मंडल प्रभारी संजय पांडेय ने कहा कि पत्रकारों को गिरफ्तार करना लोकतंत्र के चौथे स्तंभ को संगीनों के बल पर प्रशासन की कमियों को उजागर करने से रोकने की कोशिश है, जिसको हम कभी बर्दाश्त नही करेंगे। सोमवार को कलेक्ट्रेट पर डीएम का घेराव करके हम शासन को यह संदेश देने का काम करेंगे कि बलिया के जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक तानाशाही रवैया अख्तियार करके अपनी कमियों को उजागर होने से रोकने के लिये पत्रकारों को ही अपराधी बनाने पर तुले हुए है जो लोकतंत्र में शर्मनाक है ।
भारतीय राष्ट्रीय पत्रकार महासंघ के जिलाध्यक्ष राणा प्रताप सिंह ने कहा है कि पेपर लीक मामले में पहले दिन से ही बलिया के डीएम व एसपी की भूमिका और कार्यवाही संदिग्ध है । इन दोनों अधिकारियों के रहते न तो यहां परीक्षा की शुचिता बच सकती है और न ही सही तरीके से जांच ही हो सकती है। भारतीय पत्रकार संघ (भारत) के जिलाध्यक्ष अमरनाथ चौरसिया और महामंत्री राजेश गुप्ता महाजन ने भी इस प्रदर्शन को अपना समर्थन दिया है। देवरिया, गाजीपुर से भी पत्रकार इस प्रदर्शन में शामिल होंगे।
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Photos- जमुना राम मेमोरियल स्कूल में गणतंत्र दिवस समारोह हर्षोल्लास से संपन्न
26 जनवरी 2026 को जमुना राम मेमोरियल स्कूल के प्रांगण में 76वां गणतंत्र दिवस समारोह बड़े हर्षोल्लास, उत्साह और गरिमामय वातावरण में संपन्न हुआ। इस अवसर पर नर्सरी से लेकर कक्षा 12वीं तक के विद्यार्थियों ने रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत कर उपस्थित अतिथियों एवं अभिभावकों का मन मोह लिया।

कार्यक्रम का शुभारंभ सरस्वती पूजा एवं ध्वजारोहण के साथ हुआ। विद्यार्थियों ने अनुशासित मार्च-पास्ट के माध्यम से राष्ट्रीय ध्वज को सलामी दी। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि संस्था के अध्यक्ष प्रोफेसर धर्मात्मानंद जी ने ध्वजारोहण किया। अपने प्रेरणादायक संबोधन में उन्होंने कहा कि सामाजिक समरसता, समानता एवं मौलिक अधिकारों की रक्षा के लिए संविधान में निहित प्रावधानों का पालन करना प्रत्येक नागरिक का कर्तव्य है। उन्होंने विद्यार्थियों से राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया।
इस अवसर पर सेना से सेवानिवृत्त महानुभूतियों को स्मृति चिन्ह एवं अंगवस्त्र भेंट कर सम्मानित किया गया, जिससे समारोह की गरिमा और भी बढ़ गई।

कार्यक्रम में नन्हे-मुन्ने बच्चों द्वारा प्रस्तुत देशभक्ति गीतों ने सभी को भावविभोर कर दिया। हरियाणवी नृत्य, “मां से ही माटी” थीम पर आधारित प्रस्तुति, “पधारो मारे देश”, कव्वाली, उत्तर-पूर्व भारत का प्रसिद्ध बिहू नृत्य तथा योग प्रदर्शन को दर्शकों ने खूब सराहा। गरबा और भांगड़ा नृत्य भी विशेष आकर्षण का केंद्र रहे। कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण “वराह रूपम” नृत्य एवं कथकली प्रस्तुति रही, जिसने उपस्थित दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।

इस भव्य आयोजन को सफल बनाने में विद्यालय के समस्त शिक्षक-शिक्षिकाओं एवं गैर-शिक्षण कर्मचारियों का महत्वपूर्ण योगदान रहा। संस्था के निदेशक तुषार नंद जी एवं सौम्या प्रसाद जी ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि संविधान में निहित मौलिक अधिकारों, कर्तव्यों एवं समानता के सिद्धांतों पर आधारित समाज के निर्माण से ही भारत को विश्वगुरु बनाने का सपना साकार हो सकता है।

कार्यक्रम के अंत में विद्यालय के प्रधानाचार्य अजीत कुमार सिंह ने सभी आगंतुकों, अतिथियों, विद्यार्थियों एवं कर्मचारीगण के प्रति आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम की सफलता में कोऑर्डिनेटर नीतू मिश्रा एवं अरविंद चौबे की विशेष सहभागिता रही।
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UGC के ‘Equity Rules’ में स्पष्टता व संतुलन की मांग, बलिया के भानु प्रकाश सिंह ने चेयरमैन को लिखा पत्र
बलिया। ध्रुवजी सिंह स्मृति सेवा संस्थान, पूर-बलिया के सचिव भानु प्रकाश सिंह ‘बबलू’ ने विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) के चेयरमैन डॉ. विनीत जोशी को पत्र भेजकर यूजीसी विनियम, 2026 में आवश्यक स्पष्टीकरण और सुधार की मांग की है। उन्होंने पत्र की प्रतिलिपि राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, केंद्रीय शिक्षा मंत्री, गृह मंत्री एवं रक्षा मंत्री को भी भेजते हुए इस विषय पर शीघ्र और ठोस कार्रवाई की आवश्यकता जताई है।
भानु प्रकाश सिंह ने यूजीसी विनियमों के उद्देश्य को सराहनीय बताते हुए कहा कि उनके प्रभावी क्रियान्वयन के लिए संविधान के अनुच्छेद 14, 15(1) एवं 21 तथा नैसर्गिक न्याय के सिद्धांतों के अनुरूप संतुलित, स्पष्ट और न्यायसंगत व्यवस्था अनिवार्य है। उन्होंने समता समिति के गठन, उसकी संरचना और निर्णय प्रक्रिया में पारदर्शिता, संतुलन और निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए ठोस दिशा-निर्देश जारी करने की मांग की।
शिकायतों के निस्तारण के लिए एक समान मानक कार्य-प्रणाली (एसओपी) तय करने पर जोर देते हुए उन्होंने कहा कि केवल आरोप के आधार पर कठोर कार्रवाई न्यायसंगत नहीं है। किसी भी दंडात्मक कदम से पूर्व प्रथम दृष्टया जांच आवश्यक होनी चाहिए। साथ ही झूठी या दुर्भावनापूर्ण शिकायतों के दुरुपयोग को रोकने के लिए भी स्पष्ट प्रावधान किए जाने की मांग की गई।
उन्होंने स्पष्ट किया कि शिक्षा संस्थानों में नियमों का पालन सहयोग, मार्गदर्शन और न्याय की भावना पर आधारित होना चाहिए, न कि पुलिसिंग या अत्यधिक निगरानी जैसा वातावरण बनाकर। इसके अतिरिक्त उच्च शिक्षा को शोध और नवाचार का मजबूत केंद्र बनाने के लिए रिसर्च इंफ्रास्ट्रक्चर के सुदृढ़ीकरण, साझा प्रयोगशालाओं की स्थापना, उद्योग-सहयोग, स्टार्टअप को बढ़ावा देने और पेटेंट संस्कृति को प्राथमिकता देने का भी सुझाव दिया।


