विधानसभा'वार
UP Election Result – यहाँ देखिए बलिया की सातों विधानसभा का LIVE अपडेट
बलिया। उत्तरप्रदेश विधानसभा चुनाव के नतीजों का रुझान आना शुरू हो गया है। सभी प्रत्याशियों की किस्मत का फैसला आज आ रहा है। बलिया की सभी सातों विधानसभा का LIVE अपडेट जानिए बलिया खबर के साथ…बलिया खबर आपको काउंटिंग की पल-पल की अपडेट दे रहा है। कहां आए ‘बाबा’ कहां चली ‘साइकिल’…हर विधानसभा सीट पर बलिया खबर की नजर…बांसडीह, बेल्थरारोड, बैरिया, सिकंदरपुर, फेफना, रसड़ा और बलिया नगर के नतीजे जानिए बलिया खबर पर
8.30: बलिया में पोस्टल बैलट की गणना शुरू
Live-
सिकंदरपुर विधानसभा:
सिंकदरपुर से सपा के जियाउद्दीन रिजवी 12183 वोटों से जीते।
3.20: सिकंदरपुर 20 वां राउन्ड, जियाउद्दीन रिजवी सपा- 59550, संजय यादव भाजपा- 50663
3.12ः सिकंदरपुर के 19वे राउन्ड में सपा के रिजवी को 56708, भाजपा के संजय यादव को 49015 को मत मिले
3.05: 18 राउंड सिकंदरपुर, सपा 52977, बीजेपी 46237
1.40ः सिकन्दरपुर विधानसभा राउन्ड-14, सपा- 40553, भाजपा- 36559
12.56: सिकंदरपुर विधानसभा राउन्ड- 12, जियाउद्दीन रिजवी सपा – 34857, संजय यादव बीजेपी – 32099
12.50ः सिकंदरपुर विधानसभा राउन्ड- 11, जियाउद्दीन रिजवी सपा- 32365, संजय यादव बीजेपी – 29134
12.22: सिकंदरपुर विधानसभा राउन्ड-10, जियेउद्दीन रिजवी- 28568, संजय यादव- 26496
12.04: सिकंदरपुर राउन्ड-9, जियेउद्दीन रिजवी – 24449, संजय यादव- 22669
11.44: सिकंदरपुर राउंड- 7, सपा -18358, बीजेपी- 16690
11.07: सिकंदरपुर पाँचवा राउन्ड- सपा 12931, बीजेपी 12100
9.56: पहला राउन्ड: सपा प्रत्याशी जियाउद्दीन रिजवी 270 वोटों से आगे चल रहे हैं।
फेफना विधानसभा:
फेफना से सपा प्रत्याशी संग्राम सिंह यादव 19085 वोटों से जीते।
3.20: फेफना- 24वां राउंड, उपेंद्र तिवारी बीजेपी – 64798, संग्राम यादव सपा- 81018
2.57: फेफना- 21वे राउंड में संग्राम सिंह यादव 13511 वोट से आगे
2.55: फेफना विधानसभा 20 राउंड, बीजेपी- 54421, सपा- 57187
2.25: फेफना विधानसभा राउन्ड 18, सपा – 60034, बीजेपी- 48816
1.40ः फेफना-15 राउंड, उपेंद्र 40740, संग्राम 50412
1.23ः फेफना विधानसभा राउंड- 14, उपेन्द्र तिवारी बीजेपी- 35537, संग्राम यादव सपा- 47542
1.04: फेफना विधानसभा राउन्ड-13, उपेन्द्र तिवारी- बीजेपी 33965, संग्राम यादव – सपा 44164
12.40: फेफना विधानसभा राउन्ड-13, उपेन्द्र 31825, संग्राम 40345
12.18: फेफना विधानसभा राउन्ड- 11, उपेन्द्र तिवारी – 29366, संग्राम यादव- 36423
12.13: फेफना राउंड-10, उपेन्द्र 27642, संग्राम 34273
11.47: फेफना विधानसभा राउन्ड-9, उपेन्द्र तिवारी – 24602, संग्राम यादव – 30684
11.30: फेफना विधानसभा राउंड- 7, उपेंद्र तिवारी- 19154, संग्राम यादव- 23352
11.13: फेफना राउंड – 6, उपेंद्र तिवारी – 15873, संग्राम यादव 20404
10.25: दूसरा राउन्ड : फेफना विधानसभा से सपा प्रत्याशी संग्राम सिंह 2200 वोटों से आगे
10.18: पहला राउन्ड : फेफना विधानसभा से सपा प्रत्याशी संग्राम सिंह 831 वोटों से आगे।
बैरिया विधानसभा:
4.06ः बैरिया 27 राउन्ड, बीजेपी -54240, सपा -62552
3.30: बैरिया 23वां राउंड, बीजेपी- 48528, सपा- 55415
3.05ः बैरिया 21 राउंड, बीजेपी 42689, सपा 50226
2.57: बैरिया – 21 वें राउन्ड में जय प्रकाश अञ्चल 7537 वोटों से आगे
2.25: बैरिया विधानसभा 18 राउन्ड, बीजेपी – 36030, सपा – 41531
2.12: बैरिया विधानसभा राउन्ड-17, बीजेपी – 33411, सपा- 39343
1.25ः बैरिया राउन्ड-14, आनंद शुक्ल बीजेपी 29293, जय प्रकाश अंचल सपा- 36070
1.15: बैरिया 15 राउंड, आनंद 29293, जय प्रकाश अंचल 36070
1.06ः बैरिया 14 राउंड, आनंद 27555, जय प्रकाश अंचल 33306
12.40: बैरिया विधानसभा राउंड-13, आनंद 26242, जयप्रकाश 31377
12.23: बैरिया विधानसभा राउंड-12, आनंद शुक्ल- 24369, जयप्रकाश अञ्चल- 28973
बैरिया विधानसभा राउंड-11, आनंद शुक्ल – 22942, जयप्रकाश अञ्चल- 27121
12.06: बैरिया विधानसभा 10th राउन्ड, आनंद शुक्ल – 21214, जयप्रकाश अञ्चल- 25452
10.07: बैरिया विधानसभा 6 राउंड- बीजेपी 11960, सपा 17223
10.41: बैरिया विधानसभा पाँचवा राउंड- जय प्रकाश 15579, आनंद 9394, सुरेंद्र 3271
10.08ः दूसरा राउन्ड : बैरिया विधानसभा से सपा प्रत्याशी जय प्रकाश अञ्चल 6,147 वोटों से आगे।
10.06: पहला राउन्ड : बैरिया विधानसभा से सपा प्रत्याशी जय प्रकाश अञ्चल 2110 वोटों से आगे चल रहीं हैं।
बेल्थरारोड विधानसभा:
बेल्थरारोड से सपा गठबंधन के प्रत्याशी हंसु राम 5131 वोटों से जीते।
3.18: बेल्थरा रोड- 26 राउंड, छट्ठू राम (भाजपा)- 61477, हंसु राम- (सुभासपा) 67962, प्रवीण प्रकाश- (बसपा) 33198
3.12ः बेल्थरा रोड- 26 राउंड, छट्ठू राम (भाजपा)- 61477, हंसु राम- (सुभासपा) 67962, प्रवीण प्रकाश- (बसपा) 33198
3.06ः बेल्थरा रोड- 25 राउंड, छट्ठू राम- 58654, हंसु राम- 65489, प्रवीण प्रकाश- 31674
3.05: बेल्थरा 24 राउंड, छट्ठू राम 56707, हंसु राम 62915
2.57: बेलथरा- 24 वें राउन्ड में गठबंधन प्रत्याशी हँसु राम 6208 से आगे
2.50: बेल्थरा रोड- 24 राउंड, छट्ठू राम- 56760, हंसु राम- 62915, प्रवीण प्रकाश- 30127
2.42: बेल्थरा रोड- 23 राउंड, छट्ठू राम- 54990, हंसु राम- 60148, प्रवीण प्रकाश- 28746
12.41: बेल्थरा रोड- 14 राउंड, छट्ठू राम- 36791, हंसु राम- 35428
12.13ः बेलथरा रोड विधानसभा राउन्ड- 12, छट्ठू राम 31862, हंसु राम 31264
11.08: बेल्थरा रोड राउंड- 8, छटठू राम- 22459, हंशु राम – 20298
9.44: पहला राउन्ड : बेल्थरारोड विधानसभा से बीजेपी प्रत्याशी 455 वोटों से आगे चल रहे हैं।
बलिया नगर विधानसभा:
बलिया नगर से भाजपा प्रत्याशी दयाशंकर सिंह 26,176 वोटों से जीते।
4.06ः बलिया नगर 30 राउन्ड, बीजेपी- 102276, सपा- 76100
3.20: बलिया नगर- 26 वां राउन्ड, दयाशंकर सिंह बीजेपी – 92920, नारद राय सपा- 69457
3.12ः बलिया नगर के 22 वे राउंड में दयाशंकर को 80587,नारद राय को 59474 मत मिले
1.24ः बलिया नगर, राउन्ड-17, दया शंकर सिंह बीजेपी- 63497, नारद राय सपा- 45431
12.58: बलिया नगर राउन्ड-15, दयाशंकर सिंह बीजेपी – 57804, नारद राय सपा- 40261
12.21: बलिया नगर राउन्ड-12, दयाशंकर सिंह- 45643, नारद राय- 32745
10.41: चौथा राउन्ड : बलिया नगर विधानसभा से भाजपा प्रत्याशी दयाशंकर सिंह 6201 वोटों से आगे
10.29: तीसरा राउन्ड : बलिया नगर विधानसभा से भाजपा प्रत्याशी दयाशंकर सिंह 1906 वोटों से आगे
10.10: दूसरा राउन्ड: बलिया नगर विधानसभा से भाजपा प्रत्याशी दयाशंकर सिंह 1793 वोटों से आगे
9.20: बीजेपी आगे
रसड़ा विधानसभा:
रसड़ा से बसपा के उमाशंकर सिंह चुनाव जीते।
4.06ः रसड़ा 25 राउन्ड, बसपा – 72977, सपा -68206
3.30: रसड़ा 22 वां राउंड, बीएसपी -64980, सपा -58526
3.05- 20 राउंड रसड़ा, बसपा-58430, सपा -53127
2.25: रसड़ा विधानसभा राउन्ड 18, बसपा- 53362, सपा- 47492
2.12:रसड़ा विधानसभा राउन्ड 17, बसपा – 50683, सपा गठबंधन -44249
1.40ः रसड़ा विधानसभा राउन्ड-15, बसपा -44781, सपा गठबंधन -38055
1.24ः रसड़ा विधानसभा 14 राउन्ड, उमाशंकर सिंह बसपा- 40902, महेंद्र चौहान गठबंधन -35779
1.06- रसड़ा, राउंड -13, बसपा-38195, सपा -32750
12.56: रसड़ा विधानसभा राउन्ड-12, उमाशंकर सिंह बसपा -34990, महेंद्र चौहान गठबंधन -30575
12.50: रसड़ा से बसपा के उमाशंकर सिंह ने 11वें राउन्ड में बनाई बढ़त, 4000 वोटों से चल रहे हैं आगे
12.01: रसड़ा विधानसभा 6th राउन्ड, उमाशंकर सिंह – 17992, महेंद्र चौहान – 16048
11.13: रसड़ा राउंड- 6, उमाशंकर सिंह – 17992, महेंद्र चौहान – 16048
10.54: रसड़ा विधानसभा पाँचवा राउंड- उमाशंकर 12502, महेंद्र 11530, बब्बन 2387
10.29: चौथे राउन्ड में रसड़ा विधानसभा से बसपा के उमाशंकर सिंह से 900 वोटों से आगे चल रहे हैं
10.20: दूसरा राउन्ड : रसड़ा विधानसभा से गठबंधन के महेंद्र चौहान बसपा के उमाशंकर सिंह से 213 वोटों से आगे चल रहे हैं।
9.40: पहला राउन्ड : रसड़ा विधानसभा से गठबंधन के महेंद्र चौहान बसपा के उमाशंकर सिंह से 1353 वोटों से आगे चल रहे हैं।
बांसडीह विधानसभा:
बांसडीह से भाजपा गठबंधन की केतकी सिंह चुनाव जीतीं।
5.14: बांसडीह 31 वां राउंड, केतकी 98506, राम गोविन्द 79003
4.06ः बांसडीह 24वां राउंड, केतकी 74938, राम गोविंद 62945
2.57: बांसडीह – बीजेपी की केतकी सिंह 10408 वोटों से आगे
1.02: बांसडीह विधानसभा राउन्ड- 12, केतकी सिंह- बीजेपी 36057, राम गोविंद चौधरी- सपा 33446
12.50ः बांसडीह विधानसभा राउन्ड-11, केतकी सिंह बीजेपी- 32462, राम गोविंद चौधरी सपा- 31174
12.27: बांसडीह 10 राउंड, केतकी 28916, रामगोविंद 28528
11.46: बांसडीह विधानसभा राउंड7, केतकी सिंह – 20444, रामगोविंद चौधरी 19334
11.43: बांसडीह विधानसभा राउंड- 6 केतकी सिंह – 18125, राम गोविंद चौधरी – 15835
11.22: राउंड – 5 केतकी सिंह -15747, राम गोविंद चौधरी-12736
9.59: पहला राउन्ड : बांसडीह विधानसभा से भाजपा प्रत्याशी केतकी सिंह 486 वोटों से आगे चल रहीं हैं।
सिकंदरपुर – सिकंदरपुर में सपा और बसपा के उम्मीदवार जीतते आ रहे थे। पिछली बार यहां कमल खिला, अब देखना दिलचस्प होगा कि 2022 में बीजेपी अपनी यह सीट बचाकर रख पाती है या वापस सपा-बसपा का कब्जा होगा।
फेफना- इस बार राज्यमंत्री स्वतंत्र प्रभार उपेंद्र तिवारी हैट्रिक लगाने के लिए मैदान में है। सुभासपा के साथ मैदान में उतरी सपा इस बार उपेंद्र तिवारी की अच्छी घेराबंदी की है। यादव बहुल सीट पर बसपा ने केडी यादव को प्रत्याशी बनाया है। सपा के संग्राम सिंह यादव परंपरागत वोटों के सहारे जीत के प्रति आश्वस्त हैं। कांग्रेस से ब्राह्मण प्रत्याशी भी मैदान में है।
बैरिया- बैरिया विधानसभा सीट पर इस बार पूरे प्रदेश की नजरें गड़ी हुई हैं। फायर ब्रांड नेता और अपनी अलग पहचान रखने वाले विधायक सुरेंद्र सिंह टिकट कटने पर भाजपा से बगावत कर वीआईपी से मैदान में हैं। बीजेपी से अपनी नाक का सवाल बनाते हुए राज्यमंत्री आनंद स्वरूप शुक्ल मैदान में हैं। सपा से पर्व विधायक जयप्रकाश अंचल मैदान में हैं।
बेल्थरारोड- यह सीट अग्नि परीक्षा से कम नहीं है। क्योंकि तीन जिलों की सीमा पर स्थित बेल्थरारोड जनपद की एक मात्र सुरक्षित विधानसभा है। भाजपा ने अपने सिटिंग विधायक धनंजय कन्नौजिया का टिकट काटकर बसपा से आए छट्ठू राम पर भरोसा जताया है। सपा से गठबंधन में मिली इस सीट से सुभासपा ने गोरखपुर के हंसू राम तो बसपा ने प्रवीण प्रकाश को प्रत्याशी बनाया है। इनके बीच कांटे की लड़ाई है। \
बलिया नगर- बलिया नगर विधानसभा पर भाजपा और सपा के हैवीवेट प्रत्याशियों के बीच सीधी लड़ाई है। बसपा इस लड़ाई को त्रिकोणीय बना रही है। भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष दयाशंकर सिंह का भविष्य दांव पर है। उनके सामने सपा से पूर्व मंत्री नारद राय हैं। बसपा के व्यापारी शिवदास प्रसाद उर्फ मदन वर्मा लड़ाई को त्रिकोणीय बना रहे। कांग्रेस के ब्राह्मण प्रत्याशी ओम प्रकाश तिवारी ने बीजेपी की मुश्किल बढ़ा दी है।
बलिया नगर- बलिया नगर विधानसभा पर भाजपा और सपा के हैवीवेट प्रत्याशियों के बीच सीधी लड़ाई है। बसपा इस लड़ाई को त्रिकोणीय बना रही है। भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष दयाशंकर सिंह का भविष्य दांव पर है। उनके सामने सपा से पूर्व मंत्री नारद राय हैं। बसपा के व्यापारी शिवदास प्रसाद उर्फ मदन वर्मा लड़ाई को त्रिकोणीय बना रहे। कांग्रेस के ब्राह्मण प्रत्याशी ओम प्रकाश तिवारी ने बीजेपी की मुश्किल बढ़ा दी है।
रसड़ा- साल 2012 और 2017 के विधानसभा चुनाव में रसड़ा सीट से बसपा के उमाशंकर सिंह विधायक बन रहे हैं। सपा ने ये सीट सुभाषपा को गठबंधन में दी है। सुभासपा से पहले भाजपा ने यहां से बब्बन राजभर को प्रत्याशी बना उसका खेल बिगाड़ दिया। सुभासपा ने महेंद्र चौहान को प्रत्याशी बनाया है। दोनों ही दल बसपा को घेरने में जुटे हैं। कांग्रेस से महिला ओम लता प्रत्याशी हैं।
बांसडीह- जीत का चौका लगाने के लिए राम गोविंद चौधरी पांचवीं बार चुनाव मैदान में हैं। सुभासपा छ़ोड़कर बसपा से मानती राजभर मैदान में उतरीं है। केतकी सिंह भाजपा और निषाद पार्टी के गठबंधन से मैदान में हैं। उन्हें अपने निर्दलीय मतों के साथ भाजपा के कोर वोट, मल्लाह वोट और तीन बार से विधायक के विरोध स्वर की आस है। उनके लिए भी भाजपा छोड़ वीआईपी से मैदान में आए कनक पांडेय और कांग्रेस से ब्राह्मण प्रत्याशी पुनीत पाठक परेशानी बढ़ा रहे हैं।
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बेल्थरा रोड में टिकट से लेकर पार्टी तक, किसे पसंद कर रहे लोग? ऑनलाइन सर्वे में सामने आए चौकाने वालेआंकड़े
बलिया ख़बर के ऑनलाइन सर्वे के उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक, विधायक हंसू राम को उनके कामकाज के लिए औसतन 10 में से 3.43 अंक मिले। वहीं, दोबारा टिकट देने के सवाल पर 71.7 प्रतिशत प्रतिभागियों ने ‘नहीं’ कहा। पार्टी की पसंद के सवाल पर बीजेपी 39.8 प्रतिशत के साथ पहले और समाजवादी पार्टी 36.2 प्रतिशत के साथ दूसरे स्थान पर रही।
1. विधायक हंसू राम के कामकाज की औसत रेटिंग 3.43
बलिया ख़बर के ऑनलाइन सर्वे में प्रतिभागियों से पूछा गया कि वे अपने विधायक हंसू राम के काम को 1 से 10 के बीच कितने अंक देंगे। इस सवाल पर औसत रेटिंग 3.43 दर्ज की गई।

आंकड़ों के अनुसार, दोबारा टिकट देने के सवाल पर ‘नहीं’ कहने वाले प्रतिभागियों का प्रतिशत सबसे अधिक रहा। यह नतीजा ऑनलाइन सर्वे में शामिल लोगों की राय को दर्शाता है।
2. 2027 में किस पार्टी का विधायक चाहते हैं ?
अगले विधानसभा चुनाव में किस पार्टी का विधायक बनना चाहिए, इस सवाल पर बीजेपी को सबसे अधिक 39.8 प्रतिशत प्रतिभागियों ने चुना। समाजवादी पार्टी 36.2 प्रतिशत के साथ दूसरे स्थान पर रही।

पार्टी की पसंद के आंकड़ों में बीजेपी और सपा के बीच 3 प्रतिशत अंकों का अंतर दिखाई देता है। हालांकि, ये आंकड़े सर्वे में भाग लेने वाले प्रतिभागियों की पसंद पर आधारित हैं, न कि चुनाव परिणाम का अनुमान।
3. सुभासपा में प्रवीण प्रकाश पहली पसंद
सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (सुभासपा) से कौन-सा नेता पहली पसंद है, इस सवाल पर प्रवीण प्रकाश को 54.2 प्रतिशत प्रतिभागियों ने चुना। मौजूदा विधायक हंसू राम को 25 प्रतिशत समर्थन मिला, जबकि 20.8 प्रतिशत प्रतिभागियों ने अन्य नेताओं का विकल्प चुना।

इस सवाल के आंकड़ों में प्रवीण प्रकाश को हंसू राम से 29.2 प्रतिशत अंक अधिक मिले।
4. बीजेपी में धनंजय कनौजिया को 34.4% समर्थन
बीजेपी से संभावित उम्मीदवार के सवाल पर धनंजय कनौजिया को 34.4 प्रतिशत प्रतिभागियों ने अपनी पहली पसंद बताया। जबकि छठू राम को 21.9 प्रतिशत समर्थन मिला। गोरख पासवान को 18.8 और रीना राव को 15.5 प्रतिशत, 9.4 प्रतिशत प्रतिभागियों ने अन्य नेताओं को चुना।

बीजेपी के विकल्पों में धनंजय कनौजिया को सबसे अधिक समर्थन मिला। वहीं, अन्य नेताओं के विकल्प को चुनने वाले प्रतिभागियों का प्रतिशत भी 9.4 रहा।
5. समाजवादी पार्टी में राजेश पासवान को 35 .5% समर्थन
समाजवादी पार्टी से पहली पसंद के सवाल पर राजेश पासवान को 35.5 प्रतिशत प्रतिभागियों ने चुना। वहीं, संतोष गर्ग को 20.9 प्रतिशत ने अपनी पसंद बताया।

सपा के आंकड़ों में नामित नेताओं में राजेश पासवान को सबसे ज्यादा समर्थन मिला। अन्य नेताओं का विकल्प 35.7 प्रतिशत के साथ दूसरे स्थान पर रहा
6. बसपा में अनुज कुमार भारती को 26.9% समर्थन
बहुजन समाज पार्टी से पहली पसंद के सवाल पर उपलब्ध आंकड़ों में अनुज कुमार भारती को 26.9 प्रतिशत और संतोष कुमार को 7.7 प्रतिशत प्रतिभागियों ने चुना। वहीं, 42.3 प्रतिशत प्रतिभागियों ने अन्य विकल्प को प्राथमिकता दी।

इस सवाल के उपलब्ध आंकड़ों में शेष विकल्पों का पूरा विवरण नहीं है, इसलिए उनकी जानकारी अलग से नहीं जोड़ी गई है।
7. कांग्रेस में 69.2% ने चुना अन्य नेताओं का विकल्प
कांग्रेस पार्टी से पहली पसंद के सवाल पर 69.2 प्रतिशत प्रतिभागियों ने अन्य नेताओं का विकल्प चुना। पारस वर्मा और अखिलेश कनौजिया को 15.4-15.4 प्रतिशत समर्थन मिला।

कांग्रेस के आंकड़ों में किसी एक नामित नेता के बजाय अन्य नेताओं के विकल्प को सबसे अधिक प्रतिभागियों ने चुना।
बेल्थरा रोड में टिकट और पार्टी की पसंद पर क्या कहते हैं आंकड़े?
बलिया ख़बर के ऑनलाइन सर्वे में तीन प्रमुख पहलू सामने आए हैं। पहला, मौजूदा विधायक हंसू राम के कामकाज की औसत रेटिंग 3.43 रही। दूसरा, 71.7 प्रतिशत प्रतिभागियों ने उन्हें दोबारा टिकट देने के पक्ष में राय नहीं दी। तीसरा, पार्टी की पसंद के सवाल पर बीजेपी को 39.8 प्रतिशत और सपा को 36.2 प्रतिशत समर्थन मिला।
उम्मीदवारों की पसंद के सवाल पर सुभासपा में प्रवीण प्रकाश, बीजेपी में धनंजय कनौजिया और सपा में राजेश पासवान को नामित विकल्पों में सबसे अधिक समर्थन मिला। बसपा और कांग्रेस के सवालों में अन्य नेताओं के विकल्प को चुनने वालों का प्रतिशत भी उल्लेखनीय रहा।
सर्वे के बारे में जरूरी जानकारी
यह सर्वे बलिया ख़बर द्वारा ऑनलाइन माध्यम से कराया गया था। ऊपर दिए गए प्रतिशत सर्वे में शामिल प्रतिभागियों के जवाबों पर आधारित हैं। इन नतीजों को पूरी बेल्थरा रोड विधानसभा के सभी मतदाताओं की राय का प्रतिनिधि सर्वे नहीं माना जाना चाहिए। ये आंकड़े सर्वे में भाग लेने वाले लोगों की पसंद और राय को सामने रखते हैं।
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बलिया की राजनीति में हलचल: भानु दुबे जल्द कर सकते हैं सपा जॉइन, अटकलों का बाजार गर्म
बलिया।
बलिया के प्रमुख सामाजिक नेता भानु दुबे जल्द ही समाजवादी पार्टी (सपा) जॉइन कर सकते हैं। हाल ही में उनके सोशल मीडिया पोस्ट और गतिविधियों से इस बात के कयास तेज हो गए हैं। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, पिछले कुछ दिनों से भानु दुबे लगातार सपा के बड़े नेताओं से मुलाकात कर रहे हैं। उनकी इन मुलाकातों और नेताओं के काफिलों में देखे जाने के बाद यह चर्चा और तेज हो गई है कि वे जल्द ही सपा का दामन थाम सकते हैं।
भानु दुबे को ब्राह्मण समाज का बड़ा चेहरा माना जाता है। सामाजिक स्तर पर उनकी लोकप्रियता भी युवाओं में काफी मजबूत है। अगर वे सपा में शामिल होते हैं तो न केवल बलिया में पार्टी को मजबूती मिलेगी, बल्कि आगामी 2027 विधानसभा चुनाव में बलिया सदर सीट से उनकी दावेदारी भी बेहद मजबूत मानी जा रही है।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि भानु दुबे के सपा में आने से बलिया की राजनीति में नया समीकरण बन सकता है। और यह फैसला पूरे जिले के राजनीतिक परिदृश्य को बदल सकता है।
अब देखना दिलचस्प होगा कि भानु दुबे कब और किस मंच से सपा की सदस्यता ग्रहण करते हैं और इसके बाद जिले की राजनीति कौन सा नया मोड़ लेती है।
बलिया
सनातन पांडेय: ग्राम प्रधान वाले परिवार का बच्चा जो बलिया में सपा का खेवैया बन रहा
“अगर इस बार काउंटिंग में गड़बड़ी हुई तो काउंटिंग स्थल से या तो मेरी लाश बाहर आएगी नहीं तो कलेक्टर की.”
पढ़कर लगेगा कि किसी दबंग या बाहुबली नेता ने लोकसभा चुनाव-2024 के बीच ये बयान दिया है. लेकिन तफ़्तीश करेंगे तो पता चलेगा कि बयान देने वाले सनातन पांडेय का पॉलिटिकल कैरेक्टर अपने इलाके में इसके ठीक उलट है. साफ, सीधा और सुलझा हुआ. आज सनातन पांडेय की कहानी में दाखिल होंगे. बलिया को करीब से देखने-समझने वाले लोगों के बिहाफ़ पर देखेंगे कि सनातन पांडेय की कहानी उनके बयान जैसी तीखी है या फिर इससे अलहदा है.
लोकसभा चुनाव-2024 की गर्मी अपने चरम पर पहुंच चुकी है. लड़ाई इंच-इंच और एक-एक सीट की है. बयानबाज़ी चल रही है. प्रचार-प्रसार चल रहा है. उम्मीदवार मैदान में उतारे जा रहे हैं, पर्चा दाखिल किया जा रहा है. इस बीच संसद को सबसे ज़्यादा सांसद देने वाले राज्य उत्तर प्रदेश के पूर्वांचल के इलाके में पूर्व प्रधानमंत्री चंद्रशेखर के घर बलिया से समाजवादी पार्टी ने सनातन पांडेय को अपना उम्मीदवार बनाया है. सपाट पॉलिटिकल भाषा में कहें तो इस सीट से सपा ने टिकट रिपीट किया है. यानी पिछले लोकसभा चुनाव (2019) में भी इस सीट से प्रत्याशी सनातन पांडेय ही थे.
तो ऐसी क्या वजहें रहीं कि एक बार की हार के बावजूद पार्टी ने उन पर भरोसा जताया? समीकरणों की तहें उभारेंगे लेकिन पहले चलते हैं सनातन पांडेय के शुरुआती दिनों की ओर.
61 साल के सनातन पांडेय का जन्म 1963 में बलिया के चिलकहर स्थित पांडेयपुर में हुआ था. पिता रामजी पांडेय ग्राम प्रधान रहे. उनका परिवार शुरू से ब्लॉक स्तर की राजनीति में सक्रिय रहा. बलिया के ही निवासी और सनातन पांडेय को शुरुआती दिनों से ही देखने वाले नमो नारायण सिंह बताते हैं, “सनातन जी के पिता और माता दोनों लोग अपने गांव पांडेयपुर के प्रधान रहे हैं. आज भी उनके ही परिवार के पास प्रधानी है.”
वो अपनी बात आगे बढ़ाते हुए कहते हैं, “आज भी उनकी दूसरी पितृवधु ही ग्राम प्रधान हैं. दरअसल लंबे समय से या तो उनके परिवार का कोई प्रधान बना है या फिर उनसे ही जुड़ा कोई व्यक्ति. माने कि ये पद उनके आसपास ही रहा है हमेशा.” बताते चलें कि पांडेय की प्रधान फिल्हाल मोनिका पांडेय हैं, जो कि सनातन पांडेय के ही परिवार की सदस्य हैं.
ख़ैर. बलिया से ही इंटरमीडिएट तक की पढ़ाई पूरी करने के बाद सनातन पांडेय ने पॉलिटेक्निक करने का मन बनाया. और इसके लिए वो अपना जिला छोड़ पड़ोस की ओर निकल पड़े. आज़मगढ़ से 1980 में उन्होंने पॉलिटेक्निक की पढ़ाई की. इसके बाद गन्ना विकास परिषद में जूनियर इंजीनियर की नौकरी मिल गई.
नमो नारायण सिंह कहते हैं, “परिवार गांव-जवार की राजनीति में सक्रिय था, तो उनको भी इच्छा थी कि राजनीति में ही उतरा जाए, समाज सेवा की जाए.”
राजनीति में उतरने के साथ-साथ सनातन पांडेय के दिमाग़ में जो एक बात थी वो ये कि जब परिवार की राजनीति दूसरी पीढ़ी में जाए तब स्तर गांव से उठकर विधानसभा और संसद भवन तक पहुंच जाए.
नौकरी छोड़, सियासी राह पर गाड़ी:
बहरहाल, नौकरी में रहते हुए राजनीति में परोक्ष तौर पर उनकी सक्रियता रही. लेकिन एकाध सालों में जब उन्हें ये बात समझ आई कि नौकरी और पॉलिटिक्स एक साथ नहीं सध सकता है तो इस्तीफे के लिए खुद को तैयार कर लिया. 1996 में सनातन पांडेय गन्ना विकास परिषद के जेई पद से इस्तीफा देकर राजनीतिक मैदान में उतर जाते हैं.
इस्तीफे की टाइमिंग एकदम परफेक्ट थी. ‘96 में सनातन पांडेय ने इस्तीफा दिया और ‘97 में उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव होने थे. तब बलिया में एक विधानसभा सीट हुआ करती थी चिलकहर. यहीं से सनातन आते हैं. उन्होंने समाजवादी पार्टी की टिकट के लिए चिलकहर से दावेदारी पेश की. लेकिन पार्टी ने उनके बजाय संग्राम सिंह यादव को टिकट देना मुनासिब समझा.
एक नज़र 1996 के यूपी विधानसभा चुनाव और चिलकहर सीट पर डालते हैं. संग्राम सिंह यादव 1993 में हुए उपचुनाव में बहुजन समाज पार्टी की टिकट पर चिलकहर से विधायक बने थे. लेकिन 1996 के चुनाव में उन्होंने साइकिल की सवारी कर ली. बसपा ने यहां से छोटेलाल राजभर को टिकट दिया और सपा ने संग्राम सिंह यादव को. पार्टी ने टिकट नहीं दिया तो सनातन पांडेय निर्दलीय ही मैदान में उतर गए. लेकिन उन्हें हार का सामना करना पड़ा. चिलकहर ने तब छोटेलाल राजभर को अपना विधायक चुना.
अभी एक बार और उन्हें बगैर किसी पार्टी के झंडा के चुनाव मैदान में उतरना था. साल 2002. यूपी में विधानसभा चुनाव हुआ. इस बार भी सनातन पांडेय एड़ी-चोटी की ताकत झोंक चुके थे ताकि सपा का टिकट उन्हें मिले. लेकिन टिकट नहीं मिला. 2002 में बीजेपी के रामइकबाल सिंह यहां से चुनाव जीतकर विधानसभा पहुंचे. सनातन निर्दलीय चुनाव लड़े और हारे.
दो बार निर्दलीय चुनाव लड़ने के बाद आखिरकार 2007 के विधानसभा चुनाव में सपा ने उन पर दांव लगाया. दांव कामयाब हुआ और सनातन पांडेय चुनाव जीत गए. घटनाक्रम देखने पर ऐसा लगता है कि चिलकहर विधानसभा सीट सनातन को विधायक बनाने के इंतजार में बैठी थी. क्योंकि 2007 इस सीट का आखिरी चुनाव था. 2011 में परिसीमन हुआ और चिलकहर सीट की कहानी समाप्त हो गई.
अब सीट हो गई थी रसड़ा. 2012 का विधानसभा चुनाव आया. सपा ने सनातन पांडेय को टिकट दिया. सामने बहुजन समाज पार्टी की टिकट पर एक मजबूत दावेदार थे. नाम- उमाशंकर सिंह. उमाशंकर सिंह के हाथों सनातन पांडेय को हार मिली. और ये हार 2017 में भी उनके दरवाज़े लौटकर आई. लेकिन सूबे में सरकार बनी समाजवादी पार्टी की. तब तक सनातन पांडेय सपा आलाकमान के करीबी हो चुके थे.करीबी होने का नतीजा ये हुआ कि सपा सरकार में उन्हें उत्तर प्रदेश सरकार के संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री का सलाहकार बना दिया गया. ‘17 का विधानसभा चुनाव हारने के बाद भी पार्टी से मिले संकेत के बाद सनातन पांडेय बलिया लोकसभा सीट से दावेदारी की तैयारी में जुट गए.
2019 के लोकसभा चुनाव बीजेपी और ख़ासकर नरेंद्र मोदी की लहर छाई हुई थी. बीजेपी ने बलिया सीट से वीरेंद्र सिंह ‘मस्त’ को मैदान में उतारा. सामने थे सपा के सनातन पांडेय. वोटिंग हुई और जब नतीजे आए तो पता चला कि वीरेंद्र सिंह ‘मस्त’ को 4,69,114 वोट मिले थे, वहीं सनातन पांडेय को 4,53,595 वोट. हार का अंतर 15,519 वोटों का था. बलिया ख़बर से बातचीत में जब नमो नारायण सिंह ने ये दावा किया कि इस बार के चुनाव में सनातन 1 लाख से ज्यादा वोटों से जीतेंगे तो हमने उनसे पूछा कि आख़िर 2019 में हार क्यों हो गई थी? इस पर वो कहते हैं,
“पिछली बार वो हारे कहां थे? उनको तंत्र से हराया गया था. नियम है कि काउंटिंग स्थल पर कोई भी असलहाधारी नहीं जाएगा. कोई उम्मीदवार सुरक्षा में ऐसे लोगों को लेकर नहीं जाएगा. लेकिन पिछली विरोधी लोग गए वैसे.”
प्रशासन की मिली-भगत का आरोप सपा और सनातन पांडेय से जुड़े लोग 2019 के बाद से ही लगाते रहे हैं. लेकिन सवाल है कि इस बार क्या सनातन की राह आसान है?
2024 की राह:
बीजेपी ने बलिया से पूर्व प्रधानमंत्री चंद्रशेखर के बेटे और राज्यसभा सांसद नीरज शेखर को टिकट दिया है. 2024 के लोकसभा चुनाव में बीजेपी ने अपना प्रत्याशी बदला है. क्योंकि माना जा रहा था कि वीरेंद्र सिंह ‘मस्त’ को लेकर बलिया के लोगों में नाराज़गी है. उनकी जगह लाए गए नीरज शेखर. ऐसे में सभी की निगाहें इस बात पर टिकी थीं कि सपा बलिया से किसे टिकट देती है. अब नीरज शेखर के सामने सनातन पांडेय को मैदान में उतारना ‘नहले पर दहला’ जैसा दांव माना जा रहा है.
बलिया की कुल आबादी करीब 25 लाख है. मतदाता हैं करीब-करीब 18 लाख. इनमें सबसे ज्यादा वोट ब्राह्मण समुदाय का है. तीन लाख ब्राह्मण वोटर्स हैं. राजपूत, यादव और दलित वोटर लगभग ढाई-ढाई लाख हैं. इसके बाद मुस्लिम मतदाता हैं एक लाख. भूमिहार और राजभर जाति के वोट भी प्रभावी हैं.
बलिया में बीजेपी से नाराज़गी, नीरज शेखर पर ‘दो बार सांसद वाला ’ का टैग, ब्राह्मण वोटर्स का समीकरण. ये तीनों अगर कयासों के मुताबिक़ ग्राउंड पर उतरे और इसी आधार पर वोटिंग हुई तो ज़ाहिर तौर पर सनातन पांडेय की संसद की राह आसान बन सकती है. लेकिन अभी वोटिंग में ठीक-ठाक वक़्त बचा है. बलिया में सातवें चरण में यानी 1 जून को वोटिंग होगी. ऐसे में इस दौरान क्या कुछ नए समीकरण उभरकर सामने ये कहना मुश्किल होगा.
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