बलिया
बलिया- फीडर में आग लगने से 28 घन्टे गुल रही बिजली, सवालों में विभाग की कार्यप्रणाली !
बलिया में विद्युत उपकेंद्र नगरा की स्थिति बेहद ही खराब है। जहाँ बुधवार की रात इनकमिंग मशीन एवं टाउन फीडर में आग लग गई। जिसके चलते क्षेत्र में 28 घंटे विद्युत आपूर्ति ठप रही। ऐसे में बदलते मौसम में भीषण गर्मी में आपूर्ति ठप होने से नगर से लेकर ग्रामीण इलाके तक लोगों का बुरा हाल रहा।
बता दें विद्युत उपकेंद्र नगरा में बुधवार की रात 8 बजे टाउन फीडर में आग लगी। कर्मचारी जब तक कुछ समझते इनकमिंग मशीन के वायर को भी चपेट में ले लिया। उपकेंद्र पर मौजूद कर्मचारी ने किसी तरह आग पर काबू पाया। घटना की सूचना अवर अभियंता सहित उच्चाधिकारियों को दी। रात को 12 बजे किसी तरह टाउन में आपूर्ति बहाल हो पाई। 4 फीडरों से रात भर बिजली सप्लाई बन्द रही। सुबह होते ही ईस्ट फीडर भी जल गया और आपूर्ति पूरी बाधित हो गई।
विद्युत कर्मचारियों ने दिन भर काफी मेहनत कर ईस्ट और टाउन फीडर की मरम्मत की तब जाकर देर रात 28 घंटे बाद आपूर्ति बहाल हो सकी। विद्युत अनापूर्ती के चलते लोगों के इनवर्टर तक बैठ गए। मच्छरों के आतंक से नींद हराम हो गई। उपकेंद्र के अफसरों ने 4 के बजाय लोड हल्का करने के लिए 5 फीडर करने के साथ उपकेंद्र की क्षमता वृद्धि का दावा भी किया था। पानी की तरह पैसा बहाने के बाद भी विद्युत आपूर्ति में कोई सुधार नहीं दिख रहा है। जिसका नतीजों रहवासियों को भुगतना पड़ रहा है।
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फेफना में अकीदत के साथ मनाया गया मोहर्रम, मातमी जुलूस और हैरतअंगेज करतब बने आकर्षण का केंद्र
बलिया। फेफना थाना क्षेत्र में शुक्रवार को मोहर्रम का पर्व पूरी अकीदत, शांति और सौहार्दपूर्ण माहौल में संपन्न हुआ। चिलचिलाती धूप के बावजूद फेफना सहित आसपास के गांवों में पारंपरिक ताजिया जुलूस निकाला गया। हजरत इमाम हुसैन की शहादत की याद में मातमी दस्तों ने नोहा-ख्वानी और मातम कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।
फेफना में निकले मातमी जुलूस के दौरान मुस्लिम समुदाय के युवाओं ने पारंपरिक हैरतअंगेज करतबों का प्रदर्शन किया, जिसने लोगों का ध्यान आकर्षित किया। वहीं समाजसेवी लडू अंसारी द्वारा जुलूस में शामिल लोगों और राहगीरों के लिए ठंडे शरबत की व्यवस्था की गई, जिसकी लोगों ने सराहना की।
जुलूस निर्धारित मार्गों से गुजरते हुए कर्बला पहुंचा, जहां परंपरागत रीति-रिवाज के अनुसार ताजियों को सुपुर्द-ए-खाक किया गया।

फेफना के अलावा तीखा, मिठवार, पक्काकोट, बहादुरपुर, सिंहपुर, एकौनी, बलेजी, सागरपाली, अमडारी, निधरिया और मिढ्ढा गांवों में भी मोहर्रम का पर्व शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ।
सुरक्षा व्यवस्था को लेकर थानाध्यक्ष अखिलेश चंद पांडेय पुलिस बल के साथ लगातार क्षेत्र में भ्रमण करते रहे और पूरे आयोजन पर नजर बनाए रखी। पर्व सकुशल संपन्न होने के बाद बड़ी संख्या में लोगों ने बलेजी में लगे मेले का भी आनंद लिया।

ग्रामीणों ने कहा कि मोहर्रम केवल शोक का पर्व नहीं, बल्कि इंसानियत, त्याग, सत्य और कुर्बानी का संदेश देने वाला अवसर है, जो समाज में भाईचारा, एकता और आपसी सौहार्द को मजबूत करता है।
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