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बलिया में 4 सालों में 35 हजार से अधिक गरीबों को मिली पक्की छत !
बलिया: रोटी-कपड़ा और मकान ये तीन चीजें किसी भी इंसान की सबसे बड़ी जरुरतें हैं। ऐसे में सरकार गरीबों को अपना अशियाना देने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। इसी कड़ी में बलिया जनपद में भी काम जारी है। लगातार गरीबों को रहने के लिए आवास उपलब्ध कराए जा रहे हैं। जिले में पिछले साढ़े चार वर्षों में 35 हजार से अधिक परिवार को आवास योजना के तहत पक्की छत उपलब्ध कराई जा चुकी है। अधिकारी कोशिश कर रहे हैं कि हर एक गरीब तक आशियाना पहुंचे।
परियोजना निदेशक डीएन दूबे के मुताबिक, वर्ष 2016-17 से अब तक कुल 49136 आवास स्वीकृत हुए थे, जिसमें 35358 आवास बनकर तैयार हो चुके हैं और उसमें परिवार रह भी रहे हैं। पक्का आवास के लिए हर लाभार्थी को तीन किस्तों में एक लाख 20 हजार रुपये के साथ-साथ मनरेगा योजनान्तर्गत प्रति आवास 90 दिन की मजदूरी सीधे खाते में सरकार की ओर से भेजी जाती है। वित्तीय वर्ष में 2020-21 में जिन लाभार्थियों के आवास पूरे हो गए उनको 1 सितंबर को चाभी वितरित कर दी गई। चाभी वितरण के लिए जिला मुख्यालय से लेकर सभी ब्लॉक स्तर तक भव्य कार्यक्रम आयोजित हुआ।
उल्लेखनीय है कि प्रदेश में योगी सरकार बनने के बाद हर गरीब को आवास देने के लिए पूरी पारदर्शिता के साथ कार्यवाही की गई। इस बीच योगी आदित्यनाथ ने स्पष्ट निर्देश दिए कि किसी भी अपात्र को आवास नहीं मिलना चाहिए और कोई भी पात्र आवास से वंचित नहीं होना चाहिए। इसका नतीजा भी देखने को मिला है। किसी भी गांव में शायद ही कोई ऐसा परिवार बचा है जिसके पास कच्चा मकान हो। जरूरत के हिसाब से आज भी आवास योजना के तहत पक्की छत दिलाने के लिए सरकार कटिबद्ध है।
महिलाओं को रोजगार मिला, बनी आत्मनिर्भर– दीनदयाल अंत्योदय योजना राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत जनपद में स्वयं सहायता समूह के माध्यम से महिलाओ को संगठित करते हुए उनके सशक्तीकरण और आजीविका संवर्धन के लिए बेहतर प्रयास किया जा रहा है। अभी तक बलिया में छह हजार स्वयं सहायता समूहों का गठन किया जा चुका है, जिसमे ग्रामीण क्षेत्रों की करीब 65 हजार हजार महिलाएं जुड़ चुकी है। महिलाओ को वित्तीय समावेशन से जोड़ते हुए अभी तक जनपद के 3125 स्वयं सहायता समूहों को रिवाल्विंग फण्ड के रूप में 15 हजार प्रति समूह की दर से राशि भी उपलब्ध करवाई जा चुकी है।
इसके अतिरिक्त वर्तमान वित्तीय वर्ष से सभी विकास खंड को इंटेंसिव घोषित कर दिया गया है और 1032 छः माह पुराने पात्र सक्रिय समूहों को सामुदायिक निवेश निधि के रूप में एक लाख दस हजार रुपये का ऋण भी उपलब्ध करवाया गया है। महिलाए समूहों से कर्ज लेकर अपनी खुद की कमाई का स्रोत भी बना रही है। मनियर के स्वयं सहायता समूहों द्वारा बेसन निर्माण का कार्य किया जा रहा है तो दुबहर के स्वय सहायता समूह सत्तू निर्माण करके आजीविका को बढ़ा रहे है। ऐसे ही महिलाए अगरबत्ती, मोमबत्ती, बैग, बच्चो का खिलौना, मशरूम, आचार आदि का निर्माण करके आगे बढ़ रही है।
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CBSE ईस्ट जोन हॉकी प्रतियोगिता में जमुना राम स्कूल की बेटियों का कमाल, कांस्य पदक जीतकर बढ़ाया मान
गोरखपुर स्थित बी.एन. पब्लिक स्कूल में 31 जुलाई से 2 अगस्त 2026 तक आयोजित सीबीएसई ईस्ट जोन हॉकी प्रतियोगिता (सत्र 2026-27) में जमुना राम मेमोरियल स्कूल, चितबड़ागांव (बलिया) की अंडर-17 बालिका हॉकी टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए कांस्य पदक (तृतीय स्थान) अपने नाम किया। इस उपलब्धि से विद्यालय के साथ-साथ पूरे बलिया जिले का गौरव बढ़ा है।

प्रतियोगिता के दौरान टीम ने कई मजबूत विद्यालयों को कड़ी टक्कर देते हुए सेमीफाइनल तक का शानदार सफर तय किया और अंततः तीसरा स्थान हासिल कर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया।
कांस्य पदक जीतकर विद्यालय पहुंची टीम का ढोल-नगाड़ों, पुष्प वर्षा और तालियों की गूंज के बीच भव्य स्वागत किया गया। विद्यालय परिसर में आयोजित सम्मान समारोह में खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की गई।

विद्यालय के प्रबंध निदेशक इंजीनियर तुषारनंद ने खिलाड़ियों को बधाई देते हुए कहा कि, “हमारे विद्यालय की बेटियां आज शिक्षा के साथ-साथ खेल के क्षेत्र में भी नए कीर्तिमान स्थापित कर रही हैं। सीबीएसई ईस्ट जोन प्रतियोगिता में कांस्य पदक जीतना उनकी कड़ी मेहनत, अनुशासन और समर्पण का परिणाम है। विद्यालय प्रबंधन खिलाड़ियों को भविष्य में भी विश्वस्तरीय सुविधाएं और बेहतर अवसर उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध रहेगा।”
इस उपलब्धि पर विद्यालय परिवार, अभिभावकों और क्षेत्रवासियों ने टीम को शुभकामनाएं देते हुए इसे जिले के लिए गर्व का क्षण बताया। खिलाड़ियों की इस सफलता से विद्यालय में उत्साह का माहौल है और अन्य छात्र-छात्राओं को भी खेलों में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए प्रेरणा मिली है।
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‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत जमुना राम पीजी कॉलेज में हुआ पौधरोपण, वन महोत्सव-2026 का आयोजन
बलिया। पर्यावरण संरक्षण और हरियाली को बढ़ावा देने के उद्देश्य से बुधवार को श्री जमुना राम पीजी कॉलेज, चितबड़ागांव में ‘वन महोत्सव-2026’ के अंतर्गत ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान चलाया गया। कार्यक्रम में आम के फलदार पौधे रोपकर प्रकृति संरक्षण का संदेश दिया गया।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया, चितबड़ागांव शाखा के वरिष्ठ शाखा प्रबंधक शक्ति कुमार ने पांच आम के पौधे लगाकर अभियान की शुरुआत की। उन्होंने अधिक से अधिक पौधे लगाने और उनकी देखभाल करने का आह्वान किया।
इस अवसर पर महाविद्यालय के संस्थापक प्रबंधक प्रो. धर्मात्मानंद, उप प्राचार्य डॉ. विपिन गुप्ता, शिक्षा संकायाध्यक्ष डॉ. उदयनारायण श्रीवास्तव, डॉ. विनोद यादव, डॉ. राकेश गुप्ता, डॉ. आशुतोष उपाध्याय, बृजेश गुप्ता, आरती पांडे, मंदाकिनी सिंह, मदन सिंह सहित महाविद्यालय परिवार के सदस्य उपस्थित रहे।
कार्यक्रम में सभी ने पर्यावरण संरक्षण का संकल्प लेते हुए अधिक से अधिक पौधरोपण और उनकी नियमित देखभाल करने का संदेश दिया।
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आवास योजना में लापरवाही पर सभी एसडीएम का वेतन रोकने के आदेश
बलिया। जिले में राजस्व और विकास कार्यों की समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी मंगला प्रसाद सिंह ने लापरवाही पर कड़ा रुख अपनाया। मंगलवार को कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित समीक्षा बैठक में उन्होंने भूमि आवंटन और आवासीय पट्टा वितरण में खराब प्रगति पर सभी उपजिलाधिकारियों (एसडीएम) का वेतन रोकने के आदेश दिए। साथ ही लंबित राजस्व वादों के 15 दिनों के भीतर निस्तारण और 90 दिन से अधिक पुराने मामलों को मिशन मोड में खत्म करने के निर्देश दिए।
जिलाधिकारी ने विभिन्न विभागों से जुड़े 25 महत्वपूर्ण एजेंडों की समीक्षा करते हुए आईजीआरएस, डिजिटल क्रॉप सर्वे, स्वामित्व योजना, अंश निर्धारण, मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना कल्याण योजना, भूमि आवंटन, मत्स्य पट्टा, चकबंदी, बाढ़ प्रबंधन और अन्य राजस्व मामलों की प्रगति पर अधिकारियों से जवाब-तलब किया।
उन्होंने आईजीआरएस के लंबित प्रकरणों का गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करने को कहा। स्वामित्व योजना के तहत लक्ष्य के सापेक्ष 1,286 गांवों में सर्वे कार्य शेष रहने पर नाराजगी जताते हुए सभी एसडीएम को अभियान चलाकर कार्य पूरा करने के निर्देश दिए।
आगामी बाढ़ को देखते हुए डीएम ने रेड जोन के गांवों की पहचान, नावों की उपलब्धता, मेडिकल कैंप, पशुओं के चारे, राहत सामग्री और कंट्रोल रूम की अग्रिम व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने 183 संभावित बाढ़ प्रभावित गांवों के लिए समुचित तैयारी रखने को भी कहा।
राजस्व वादों की समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने धारा 24, 33, 34, 67 और 116 से संबंधित लंबित मामलों की स्थिति जानी और निर्देश दिया कि सभी लंबित वादों का 15 दिनों के भीतर निस्तारण किया जाए। 90 दिन से अधिक पुराने मामलों के लिए विशेष कार्ययोजना बनाकर मिशन मोड में कार्रवाई करने को कहा।
मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना कल्याण योजना के तहत सभी तहसीलों में 16 प्रकरण लंबित मिलने पर उन्होंने संबंधित लेखपालों और कानूनगो के विरुद्ध आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए।
भूमि आवंटन की समीक्षा में रसड़ा, सिकंदरपुर और बैरिया तहसीलों में कृषि पट्टों का आवंटन नहीं होने पर 10 दिन के भीतर कार्रवाई पूरी करने के निर्देश दिए। वहीं आवासीय पट्टा वितरण में लक्ष्य के अनुरूप प्रगति न मिलने पर सभी एसडीएम का वेतन रोकने के आदेश जारी किए।
मत्स्य पालन के लिए पट्टा आवंटन में बांसडीह, बलिया सदर और बैरिया तहसीलों की खराब प्रगति पर संबंधित तहसीलदारों का वेतन रोकने के निर्देश दिए गए। वहीं चकबंदी विभाग में 4,969 मुकदमे लंबित मिलने पर संबंधित अधिकारियों को शोकॉज नोटिस जारी करने और पांच वर्ष से अधिक पुराने मामलों का प्राथमिकता के आधार पर निस्तारण सुनिश्चित करने को कहा।
बैठक में अन्नपूर्णा भवनों के उद्घाटन, सस्ता गल्ला दुकानों के चयन, अवैध खनन पर कार्रवाई, भूमि अधिग्रहण, नदी कटान निरोधक कार्य, गंगा ऑडिटोरियम के जीर्णोद्धार, एसटीपी परियोजना तथा अन्य विकास कार्यों की भी समीक्षा की गई। इस दौरान अपर जिलाधिकारी अनिल कुमार, मुख्य राजस्व अधिकारी गुलशन जी, सभी एसडीएम, तहसीलदार, नायब तहसीलदार एवं अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।


