Connect with us

featured

बलिया डीएम ने 21 मई तक आक्सीजन जनरेटर शुरू करने के दिए निर्देश

Published

on

बलिया: जिलाधिकारी अदिति सिंह ने शनिवार को कलेक्ट्रेट सभागार में स्वास्थ्य विभाग व अन्य अधिकारियों के साथ बैठक कर कोविड रोकथाम की तैयारियों की समीक्षा की। उन्होंने स्पष्ट कहा कि वेंटीलेटर के नहीं चलने की बात अब सुनने में नहीं आनी चाहिए। आरटीपीसीआर लैब के संचालन में देरी पर जिलाधिकारी ने नाराजगी जताई और शीघ्र इसे शुरू करने को कहा।

आरटीपीसीआर लैब के संचालन के बावत जानकारी ली तो सीएमएस डॉ बीपी सिंह ने थोड़े बहुत एलटी स्टाफ की कमी की समस्या बताई। इस पर जिलाधिकारी ने कड़ी नाराजगी जताते हुए कहा, ‘पिछले दो माह से स्टाफ की कमी क्यों नहीं बताया।’ उन्होंने सीएमओ को निर्देश दिए कि आज ही इनको लैब टेक्निशिन देंं। मण्डलायुक्त की बैठक मेंं सीएमएस की ओर से जो समयसीमा दी गयी थी, वह पूरी हो गयी है। अब जिम्मेदारी से इस लैब को चालू कर लिया जाए। आक्सीजन जनरेटर चलाने के लिए 46 से 50 केवी के जनरेटर की आवश्यकता पर कहा कि जब तक जनरेटर क्रय नहीं हो पाता है तब तक किराए या अन्य किसी तरह जनरेटर की व्यवस्था करें। आक्सीजन जनरेटर को 22 मई तक शुरू करने की बात सामने आने पर जिलाधिकारी ने कहा कि कम्पनी की ओर से इसको इन्स्टाल करने के लिए शासन में 21 मई की तिथि तय की गयी है। इसलिए इंजीनियर से सम्पर्क कर यह बता दें कि 21 मई तक यह इंस्टाल कर शुरू कर दिया जाना चाहिए। असर्फी अस्पताल के प्रतिनिधि द्वारा आक्सीजन सिलेंडर की डिमांड पर जिलाधिकारी ने लिखित में देने को कहा, ताकि उनके लिए भी व्यवस्था कराई जा सके।

18 वेंटीलेटर को सक्रिय कर भेजें फोटो-वीडियो

वेंटीलेटर संचालन के बावत एनेस्थिसिया के डॉ अभिषेक से जरूरी जानकारी ली। बताया गया कि 11 वेंटीलेटर चालू है, जबकि 6 वेंटीलेटर कनेक्टर लगने के बाद शुरू हो जाएंगे। एक वेंटीलेटर का मॉनिटर शॉट हो गया है। जिलाधिकारी ने कहा कि असर्फी अस्पताल के टेक्निशियन 6 वेंटीलेटर में कनेक्टर लगाने गए हैं। उनसे समन्वय बनाकर ठीक करा लें और उसे भी जल्द शुरू करा दें। उन्होंने निर्देश दिया कि इन सभी 18 वेंटीलेटर को चालू हालत में कार्य करते हुए ही फोटो व वीडियो भेजें। बैठक में सीडीओ प्रवीण वर्मा, एडीएम रामआसरे, एसडीएम सदर राजेश यादव, सीएमओ डॉ राजेंद्र ​प्रसाद, समाज कल्याण अधिकारी अभय सिंह समेत अन्य अधिकारी मौजूद थे।

तीन शव वाहन उपलब्ध, जरूरत पड़ने पर इन ड्राइवरों से करें सम्पर्क

बलिया: मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ राजेन्द्र प्रसाद ने बताया कि इस समय तीन शव वाहन उपलब्ध हैं, जिसकी जरूरत पड़ने पर संजय सिंह (9452099996), भगवान (9506322181) व रमेश ड्राइवर (7376369217) से सम्पर्क किया जा सकता है। उन्होंने बताया कि दो और शव वाहन का संचालन जल्द ही शुरू हो जाएगा, जिसकी सूचना दी जाएगी।

कॉलिंग कर ले रहे फीडबैक, दूसरी डोज की दे रहे सूचना

इटीग्रेटेड कंट्रोल एंड कमांड सेंटर से लगातार होम आइसोलेट में रह रहे मरीजों से फीड​बैक लिया जा रहा है। शनिवार को भी दो हजार से अधिक मरीजों से बात की गयी। इनमें 42 ऐसे मरीज मिले, जिनको किसी प्रकार की परेशानी है। उनको कंट्रोल रूम में तैनात डॉक्टरों से बात कराया गया और उनकी परेशानी के हिसाब से दवा लेने को कहा गया। सेंटर के जरिए उनको भी फोन किया जा रहा है, जो वैक्सीन की पहली डोज ले चुके हैं और दूसरी डोज लेने का समय हो गया है। सीडीओ प्रवीण वर्मा के नेतृत्व में इस कार्य में प्रमाद श्रीवास्तव, संजय पांडेय, अनिल गुप्ता, सौरभ गुप्ता, ज्योति प्रकाश, शेफाली, स्वाति के साथ दो दर्जन से अधिक लोग लगे हैं।

Advertisement
Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

featured

Photos- जमुना राम मेमोरियल स्कूल में गणतंत्र दिवस समारोह हर्षोल्लास से संपन्न

Published

on

26 जनवरी 2026 को जमुना राम मेमोरियल स्कूल के प्रांगण में 76वां गणतंत्र दिवस समारोह बड़े हर्षोल्लास, उत्साह और गरिमामय वातावरण में संपन्न हुआ। इस अवसर पर नर्सरी से लेकर कक्षा 12वीं तक के विद्यार्थियों ने रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत कर उपस्थित अतिथियों एवं अभिभावकों का मन मोह लिया।

कार्यक्रम का शुभारंभ सरस्वती पूजा एवं ध्वजारोहण के साथ हुआ। विद्यार्थियों ने अनुशासित मार्च-पास्ट के माध्यम से राष्ट्रीय ध्वज को सलामी दी। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि संस्था के अध्यक्ष प्रोफेसर धर्मात्मानंद जी ने ध्वजारोहण किया। अपने प्रेरणादायक संबोधन में उन्होंने कहा कि सामाजिक समरसता, समानता एवं मौलिक अधिकारों की रक्षा के लिए संविधान में निहित प्रावधानों का पालन करना प्रत्येक नागरिक का कर्तव्य है। उन्होंने विद्यार्थियों से राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया।

इस अवसर पर सेना से सेवानिवृत्त महानुभूतियों को स्मृति चिन्ह एवं अंगवस्त्र भेंट कर सम्मानित किया गया, जिससे समारोह की गरिमा और भी बढ़ गई।

कार्यक्रम में नन्हे-मुन्ने बच्चों द्वारा प्रस्तुत देशभक्ति गीतों ने सभी को भावविभोर कर दिया। हरियाणवी नृत्य, “मां से ही माटी” थीम पर आधारित प्रस्तुति, “पधारो मारे देश”, कव्वाली, उत्तर-पूर्व भारत का प्रसिद्ध बिहू नृत्य तथा योग प्रदर्शन को दर्शकों ने खूब सराहा। गरबा और भांगड़ा नृत्य भी विशेष आकर्षण का केंद्र रहे। कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण “वराह रूपम” नृत्य एवं कथकली प्रस्तुति रही, जिसने उपस्थित दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।

इस भव्य आयोजन को सफल बनाने में विद्यालय के समस्त शिक्षक-शिक्षिकाओं एवं गैर-शिक्षण कर्मचारियों का महत्वपूर्ण योगदान रहा। संस्था के निदेशक तुषार नंद जी एवं सौम्या प्रसाद जी ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि संविधान में निहित मौलिक अधिकारों, कर्तव्यों एवं समानता के सिद्धांतों पर आधारित समाज के निर्माण से ही भारत को विश्वगुरु बनाने का सपना साकार हो सकता है।

कार्यक्रम के अंत में विद्यालय के प्रधानाचार्य अजीत कुमार सिंह ने सभी आगंतुकों, अतिथियों, विद्यार्थियों एवं कर्मचारीगण के प्रति आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम की सफलता में कोऑर्डिनेटर नीतू मिश्रा एवं अरविंद चौबे की विशेष सहभागिता रही।

Continue Reading

featured

Published

on

Continue Reading

featured

UGC के ‘Equity Rules’ में स्पष्टता व संतुलन की मांग, बलिया के भानु प्रकाश सिंह ने चेयरमैन को लिखा पत्र

Published

on

बलिया। ध्रुवजी सिंह स्मृति सेवा संस्थान, पूर-बलिया के सचिव भानु प्रकाश सिंह ‘बबलू’ ने विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) के चेयरमैन डॉ. विनीत जोशी को पत्र भेजकर यूजीसी विनियम, 2026 में आवश्यक स्पष्टीकरण और सुधार की मांग की है। उन्होंने पत्र की प्रतिलिपि राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, केंद्रीय शिक्षा मंत्री, गृह मंत्री एवं रक्षा मंत्री को भी भेजते हुए इस विषय पर शीघ्र और ठोस कार्रवाई की आवश्यकता जताई है।

भानु प्रकाश सिंह ने यूजीसी विनियमों के उद्देश्य को सराहनीय बताते हुए कहा कि उनके प्रभावी क्रियान्वयन के लिए संविधान के अनुच्छेद 14, 15(1) एवं 21 तथा नैसर्गिक न्याय के सिद्धांतों के अनुरूप संतुलित, स्पष्ट और न्यायसंगत व्यवस्था अनिवार्य है। उन्होंने समता समिति के गठन, उसकी संरचना और निर्णय प्रक्रिया में पारदर्शिता, संतुलन और निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए ठोस दिशा-निर्देश जारी करने की मांग की।

शिकायतों के निस्तारण के लिए एक समान मानक कार्य-प्रणाली (एसओपी) तय करने पर जोर देते हुए उन्होंने कहा कि केवल आरोप के आधार पर कठोर कार्रवाई न्यायसंगत नहीं है। किसी भी दंडात्मक कदम से पूर्व प्रथम दृष्टया जांच आवश्यक होनी चाहिए। साथ ही झूठी या दुर्भावनापूर्ण शिकायतों के दुरुपयोग को रोकने के लिए भी स्पष्ट प्रावधान किए जाने की मांग की गई।

उन्होंने स्पष्ट किया कि शिक्षा संस्थानों में नियमों का पालन सहयोग, मार्गदर्शन और न्याय की भावना पर आधारित होना चाहिए, न कि पुलिसिंग या अत्यधिक निगरानी जैसा वातावरण बनाकर। इसके अतिरिक्त उच्च शिक्षा को शोध और नवाचार का मजबूत केंद्र बनाने के लिए रिसर्च इंफ्रास्ट्रक्चर के सुदृढ़ीकरण, साझा प्रयोगशालाओं की स्थापना, उद्योग-सहयोग, स्टार्टअप को बढ़ावा देने और पेटेंट संस्कृति को प्राथमिकता देने का भी सुझाव दिया।

Continue Reading

TRENDING STORIES

error: Content is protected !!