featured
बलिया ने इस बार रचा इतिहास ! NEET में पहली बार एक साथ 10 छात्रों ने पाई सफलता
बलिया। नेशनल टेस्टिंग एजेंसी ने नीट UG का परिणाम जारी किया गया। इन परिणामों में बलिया के होनहारों ने अपना परचम लहराया। जिले में पिछले कई सालों के मुकाबले इस बार सबसे ज्यादा 10 छात्रों को सफलता मिली है। नीट 2022 में कुल 4 छात्र, नीट 2021 में 3 छात्र तो वहीं 2020 में 5 छात्रों को सफलता मिली थी लेकिन 2023 की परीक्षा में पहली बार रिकार्ड 10 छात्र सफल हुए हैं। बलिया के लिए इस बार NEET में एतिहासिक परिणाम है।

सबसे पहले बलिया के नगरा पंचायत वार्ड 9 के रहने वाले मोहम्मद साजिद की बात करते हैं इन्होंने इस परीक्षा 720 में से 700 अंक लाकर ऑल इंडिया रैंक 338 हासिल की। उन्होंने प्रत्येक विषय में 99 प्रतिशत से अधिक अंक हासिल किए हैं। उनकी इस सफलता पर पूरे परिवार में हर्ष का माहौल है। साजिद नगरा के नेशनल कॉन्वेंट स्कूल से पढ़ाई की और इंटरमीडिएट पास करने के बाद साल 2022 से उन्होंने तैयारी शुरू की।
बलिया के विसूकिया गांव के रहने वाले प्रशांत ने 720 में से 705 अंक हासिल कर सामान्य श्रेणी में 146वीं रैंक और ओबीसी में 25वीं रैंक हासिल की है प्रशांत ने सनबीम स्कूल लहरतारा से 96.8 प्रतिशत अंक के साथ इसी वर्ष 12वीं की परीक्षा पास की है। उनके पिता रणजीत यादव गड़वार ब्लॉक के उच्च प्राथमिक विद्यालय कनैला में शिक्षक हैं। जबकि माता इंदू यादव गृहिणी हैं। प्रशांत ने बताया कि वो दिल्ली एम्स में दाखिला लेना चाहते हैं और डॉक्टर बनकर मरीजों की सेवा करना उनका लक्ष्य है।
बैरिया तहसील के बैजनाथ छपरा निवासी सुप्रिया ने भी परीक्षा में सफलता पाई है। उन्हें 720 में से 643 अंक मिले हैं। सुप्रिया अवर अभियंता अनिल मौर्या व प्राथमिक विद्यालय बैजनाथपुर की प्रधानाध्यापिका शकुंतला मौर्या की बेटी हैं। उन्होंने नवोदय विद्यालय बलिया से हाई स्कूल की परीक्षा 94 प्रतिशत और 12वीं की परीक्षा 96 प्रतिशत अंकों से उतीर्णकी।
सफल अभ्यर्थियों की श्रेणी में हाजरा खातून भी शामिल हैं। बेलथरा रोड के चौकिया ग्राम सभी की रहने वाली हैं। उन्होंने वाराणसी के जेआरएस टूटोरियल से कोचिंग की और वर्तमान में लखनऊ के प्रतिष्ठित KJMU से BDS कर रही हैं। इसी दौरान उन्होंने परीक्षा की तैयारी की और सफलता हासिल की। उन्हें 720 में से 640 अंक मिले हैं। ओबीसी श्रेणी में उनकी रैंक 3865 है।

वहीं जूनियर हाई स्कूल बैरिया में तैनात सहायक अध्यापक बैरिया निवासी भरत गुप्ता व प्राथमिक विद्यालय जगदेवा की प्रधानाध्यापिका पूनम गुप्ता की पुत्री तनिशा ने 720 में 620 अंक प्राप्त कर घर-परिवार का मान बढ़ाया है। शुरू से मेधावी है। 10वीं की परीक्षा 97 प्रतिशत तथा 12वीं की परीक्षा 95.5 प्रतिशत से उतीर्ण करने वाली तनिशा ने नीट यूजी-2023 परीक्षा में ऑल इंडिया 18178वां रैंक हासिल किया है।
सिकंदरपुर क्षेत्र के भोरछपरा (जेठवारा) निवासी प्रभुनाथ यादव के पुत्र आदित्य यादव ने नीट की परीक्षा में सफलता पाई है। उन्होंने 720 में से 665 अंक हासिल किए। उनकी इस उपलब्धि पर परिवार में खुशी का माहौल है। आदित्य ने अपनी प्राथमिक शिक्षा प्राथमिक विद्यालय भोरछपरा जेठवार से करने के बाद यूपी बोर्ड से हाईस्कूल और इंटरमीडिएट किया। आदित्य का सपना पहले से ही डॉक्टर बनने का था, इसलिए लखनऊ में रहकर नीट की तैयारी में लग गए। आदित्य ने पिछले साल भी परीक्षा दी थी, लेकिन कुछ अंतर से रह गए थे।

बलिया शहर निवासी बिनोद पाण्डेय के पुत्र आयुष पांडेय ने नीट यूजी-2023 परीक्षा में ऑल इंडिया 1485वीं रैंक हासिल किया है। नीट यूजी-2023 में सफलता से आयुष बहुत खुश है।
शहर से सटे गड़वार रोड निवासी केतन कृष्ण कश्यप ने 677 अंक अर्जित कर ऑल इंडिया 1887वीं तथा ओबीसी कैटगरी में 527वीं रैंक हासिल कर अपनी मेधा का परचम लहराया है।
नगरा बाज़ार के संजयगुप्ता (एसकेऑटोमोबाइल) के बेटे अंशूगुप्ता को भी NEET में सफलता हासिल हुई है।
बलिया के बांसडीह रोड बलीपुर निवासी शिवांगी चतुर्वेदी ने भी 660 अंक अर्जित कर सामान्य वर्ग में 2400रैंक लाकर अपनी मेधा का परचम लहराया है। शिवांगी बताती है कि सफलता का कोई शार्ट-कट रास्ता नहीं होता, उसके लिए लक्ष्य के प्रति ईमानदारी से मेहनत करनी होती है। शिवांगी ने सफलता का श्रेय माता-पिता को दिया। 
featured
जमुना राम मेमोरियल स्कूल में धूमधाम से मना 80वां स्वतंत्रता दिवस, बच्चों की प्रस्तुतियों ने बांधा समां
बलिया। जमुना राम मेमोरियल स्कूल, मानपुर चितबड़ागांव में 15 अगस्त को 80वां स्वतंत्रता दिवस हर्षोल्लास, उमंग और देशभक्ति की भावना के साथ मनाया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि प्रोफेसर धर्मात्मा नंद ने मां सरस्वती की पूजा-अर्चना एवं ध्वजारोहण के साथ किया।

ध्वजारोहण के बाद विद्यालय के नन्हे-मुन्ने बच्चों ने रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रमों की शानदार प्रस्तुति दी। बच्चों ने भगत सिंह, चंद्रशेखर आजाद और रानी लक्ष्मीबाई जैसे महान स्वतंत्रता सेनानियों के प्रतीकात्मक रूप धारण कर उनके त्याग, संघर्ष और देशभक्ति की गाथा को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया।

कार्यक्रम की शुरुआत नंदिनी मिश्रा की मधुर आवाज में प्रस्तुत गीत ‘चिट्ठी आई है’ से हुई। उनकी प्रस्तुति ने मौजूद लोगों को भाव-विभोर कर दिया। इसके बाद ‘जहां डाल-डाल पर सोने की चिड़िया’ और ‘भारत की जान है तिरंगा’ जैसे देशभक्ति गीतों ने पूरे विद्यालय परिसर को राष्ट्रप्रेम की भावना से भर दिया।
कक्षा 11 के शारीरिक शिक्षा के विद्यार्थियों ने योग के विभिन्न आसनों का शानदार प्रदर्शन कर अपनी प्रतिभा का परिचय दिया। वहीं प्री-प्राइमरी एवं प्राइमरी के बच्चों ने ‘फिर भी दिल है हिंदुस्तानी’ गीत पर मनमोहक प्रस्तुति देकर कार्यक्रम में देशभक्ति के रंग भर दिए। कक्षा 8 की छात्राओं द्वारा पारंपरिक कजरी गीत पर प्रस्तुत नृत्य कार्यक्रम का विशेष आकर्षण रहा।
विद्यालय के प्रबंध निदेशक तुषार नंद ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि देश का भविष्य युवा पीढ़ी के हाथों में है। उन्होंने बच्चों से अपनी जिम्मेदारियों को समझते हुए राष्ट्र निर्माण में सक्रिय योगदान देने का आह्वान किया।

प्रधानाचार्य अजीत सिंह ने कार्यक्रम के सफल आयोजन के लिए मुख्य अतिथि, अभिभावकों, विद्यार्थियों एवं विद्यालय परिवार के सभी सदस्यों के प्रति आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम को सफल बनाने में सीनियर कोऑर्डिनेटर अरविंद चौबे, जूनियर कोऑर्डिनेटर नीतू मिश्रा सहित समस्त शिक्षक एवं शिक्षणेत्तर कर्मचारियों का महत्वपूर्ण योगदान रहा।
अंत में राष्ट्रगान के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ। इसके बाद विद्यार्थियों एवं उपस्थित लोगों के बीच मिष्ठान का वितरण किया गया।
featured
बलिया में विनोद राय की दसवीं पुण्यतिथि पर उमड़ा जनसैलाब, दिग्गज नेताओं ने दी श्रद्धांजलि
बलिया के नरही थाना गोलीकांड के शहीद विनोद राय की दसवीं पुण्यतिथि पर बुधवार को नरही में श्रद्धांजलि का सैलाब उमड़ पड़ा। हजारों की संख्या में पहुंचे लोगों ने शहीद विनोद राय को नमन किया। फेफना विधानसभा के विभिन्न गांवों से निकली विशाल तिरंगा यात्रा जब नरही पहुंची तो पूरा इलाका देशभक्ति के नारों और तिरंगों से पट गया। नरही खेल मैदान में आयोजित श्रद्धांजलि सभा में भाजपा के कई वरिष्ठ नेताओं ने पहुंचकर शहीद को श्रद्धासुमन अर्पित किए।

पूर्व मंत्री उपेंद्र तिवारी के नेतृत्व में फेफना विधानसभा के विभिन्न गांवों से तिरंगा यात्रा निकाली गई। मोटरसाइकिलों पर सवार हजारों कार्यकर्ता हाथों में तिरंगा लेकर नरही पहुंचे। इसके बाद खेल मैदान में श्रद्धांजलि सभा आयोजित हुई, जहां बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं और आम लोगों की मौजूदगी रही।
सभा में प्रभारी मंत्री दयाशंकर मिश्र दयालु, भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष सुरेश राणा, विधान परिषद सदस्य डॉ. महेंद्र सिंह, बांसडीह विधायक केतकी सिंह, पूर्व मंत्री आनंद स्वरूप शुक्ला, पूर्व विधायक सुरेंद्र सिंह, पूर्व विधायक संजय यादव समेत कई नेताओं ने विनोद राय के चित्र पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी।

वक्ताओं ने विनोद राय की शहादत को याद करते हुए उनके संघर्ष और बलिदान को नमन किया। भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष सुरेश राणा ने कहा कि भाजपा सरकार ने प्रदेश में कानून-व्यवस्था को मजबूत किया है। डॉ. महेंद्र सिंह ने बलिया की क्रांतिकारी धरती को नमन करते हुए कहा कि यहां की मिट्टी, पानी और जवानी में अद्भुत तेवर है।
पूर्व मंत्री आनंद स्वरूप शुक्ला ने कहा कि विनोद राय जैसे कार्यकर्ताओं का बलिदान हमेशा याद रखा जाएगा। बांसडीह विधायक केतकी सिंह ने कहा कि अपने संगठन और नेता के लिए जीवन का बलिदान देने वाले विनोद राय को हमेशा नमन किया जाएगा।

12 अगस्त 2016 की काली रात कभी नहीं भूल सकता
कार्यक्रम संयोजक पूर्व मंत्री उपेंद्र तिवारी ने भावुक होते हुए कहा कि 12 अगस्त 2016 की काली रात और विनोद राय की कुर्बानी को वह कभी नहीं भूल सकते। उन्होंने कहा कि विनोद राय के परिवार को हर कीमत पर न्याय मिलेगा और दोषियों को कतई बख्शा नहीं जाएगा।
उन्होंने श्रद्धांजलि सभा में पहुंचे सभी लोगों का आभार जताते हुए कहा कि कार्यकर्ता के सम्मान और उसकी शहादत को याद रखना संगठन की जिम्मेदारी है।

कार्यक्रम में चौसा (बक्सर) ब्लॉक प्रमुख सुनीता राय, कोऑपरेटिव बैंक चेयरमैन विनोद शंकर दूबे समेत कई लोगों ने संबोधित किया। भोजपुरी कलाकारों ने सांस्कृतिक प्रस्तुतियां भी दीं। कार्यक्रम का संचालन भाजपा जिला उपाध्यक्ष प्रदीप सिंह ने किया।
featured
तीन बार के विधायक उमाशंकर सिंह नहीं रहे, बलिया की राजनीति ने खोया अपना सबसे बड़ा जननेता
बलिया। रसड़ा विधानसभा क्षेत्र से लगातार तीन बार विधायक रहे और बहुजन समाज पार्टी (बसपा) के प्रदेश में इकलौते विधायक उमाशंकर सिंह के निधन से पूरे बलिया जिले में शोक की लहर दौड़ गई। बुधवार देर रात उनके निधन की आधिकारिक पुष्टि होते ही उनके आवास पर समर्थकों, शुभचिंतकों और क्षेत्रीय लोगों का हुजूम उमड़ पड़ा। हर ओर गम और सन्नाटा पसरा रहा।
नगरा ब्लॉक के खनवर गांव निवासी उमाशंकर सिंह लंबे समय से गंभीर बीमारी से जूझ रहे थे। पिछले कई महीनों से उनका इलाज चल रहा था। उनके स्वास्थ्य को लेकर लगातार चर्चाएं थीं, लेकिन बुधवार रात उनके निधन की खबर ने पूरे पूर्वांचल को स्तब्ध कर दिया।
उमाशंकर सिंह केवल एक विधायक नहीं थे, बल्कि रसड़ा की राजनीति का ऐसा चेहरा थे जिनकी पहचान पार्टी से कहीं अधिक उनके जनसंपर्क, विकास कार्यों और सामाजिक सरोकारों से थी। यही वजह रही कि राजनीतिक मतभेदों से ऊपर उठकर हर दल के नेताओं ने उनके निधन को क्षेत्र की अपूरणीय क्षति बताया।
छात्र राजनीति से विधानसभा तक का सफर
सेवानिवृत्त सैनिक घुरहू सिंह के बड़े पुत्र उमाशंकर सिंह ने छात्र राजनीति से अपना सार्वजनिक जीवन शुरू किया। वे सतीश चंद्र महाविद्यालय, बलिया के छात्रसंघ महामंत्री रहे। इसके बाद वर्ष 2002-03 में जिला पंचायत सदस्य चुने गए और यहीं से उनकी राजनीतिक यात्रा ने नई दिशा पकड़ी।
लगातार तीन चुनाव जीते
साल 2012 में बसपा के टिकट पर पहली बार रसड़ा विधानसभा से चुनाव लड़ते हुए उन्होंने करीब 84 हजार वोट हासिल किए और सपा प्रत्याशी सनातन पांडेय को 52,825 वोटों के बड़े अंतर से हराकर पहली बार विधायक बने।
2017 में भाजपा के पूर्व विधायक राम इकबाल सिंह को 33,885 वोटों से हराकर दूसरी बार विधानसभा पहुंचे।
वहीं 2022 के चुनाव में सपा-सुभासपा गठबंधन की चुनौती के बावजूद उन्होंने सुभासपा प्रत्याशी महेंद्र चौहान को करीब 5 हजार वोटों से हराकर जीत की हैट्रिक पूरी की। बसपा के कमजोर दौर में भी उनकी यह जीत पूरे प्रदेश में चर्चा का विषय बनी थी।
समाजसेवा से बनाई अलग पहचान
राजनीति में आने से पहले उमाशंकर सिंह सड़क निर्माण के व्यवसाय से जुड़े रहे। विधायक बनने के बाद इस कार्य की जिम्मेदारी उनके परिवार ने संभाली। लेकिन उनकी सबसे बड़ी पहचान समाजसेवी के रूप में रही। उन्होंने अपने जीवनकाल में 600 से अधिक निर्धन कन्याओं के सामूहिक विवाह कराकर समाज में एक अलग मिसाल कायम की।
शोक में डूबा बलिया
उनके निधन की खबर मिलते ही रसड़ा, नगरा और पूरे बलिया जिले में शोक की लहर दौड़ गई। बड़ी संख्या में लोग उनके आवास पर पहुंचकर अंतिम दर्शन कर रहे हैं। विभिन्न राजनीतिक दलों, सामाजिक संगठनों और आम नागरिकों ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि पूर्वांचल ने आज अपना एक लोकप्रिय, जुझारू और जनसेवा के लिए समर्पित नेता खो दिया।
उमाशंकर सिंह के अंतिम संस्कार और श्रद्धांजलि सभा के कार्यक्रम की जानकारी का इंतजार किया जा रहा है। उनका निधन केवल रसड़ा विधानसभा ही नहीं, बल्कि पूरे बलिया की राजनीति के लिए एक ऐसा खालीपन छोड़ गया है, जिसे भर पाना आसान नहीं होगा।
-
featured1 week agoबलिया में विनोद राय की दसवीं पुण्यतिथि पर उमड़ा जनसैलाब, दिग्गज नेताओं ने दी श्रद्धांजलि
-
featured2 weeks agoतीन बार के विधायक उमाशंकर सिंह नहीं रहे, बलिया की राजनीति ने खोया अपना सबसे बड़ा जननेता
-
featured2 weeks agoCBSE ईस्ट जोन हॉकी प्रतियोगिता में जमुना राम स्कूल की बेटियों का कमाल, कांस्य पदक जीतकर बढ़ाया मान
-
उत्तर प्रदेश1 week agoबलिया का बढ़ा मान! जमुना राम मेमोरियल स्कूल सीबीएसई ईस्ट जोन हैंडबॉल के फाइनल में
-
खेल कूद1 week agoसीबीएसई ईस्ट जोन हैंडबॉल में बलिया का जलवा, जमुना राम मेमोरियल स्कूल बना उपविजेता
-
featured6 days agoजमुना राम मेमोरियल स्कूल में धूमधाम से मना 80वां स्वतंत्रता दिवस, बच्चों की प्रस्तुतियों ने बांधा समां


