बलिया
बलिया में CM योगी ने देश के पहले विद्रोही मंगल पांडेय का किया अपमान: कांग्रेस नेता
बलिया। बलिदान दिवस पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के बलिया आगमन के बाद अब सियासी पारा भी बढ़ गया है। मंगल पांडेय की धरती बलिया में बलिदान दिवस पर मंगल पांडेय की शौर्य गाथा का ही जिक्र ना होने से कांग्रेस सवाल उठा रही है। कांग्रेस नेता पवन तिवारी ने इसे मंगल पांडेय का अपमान बताया। बीजेपी पर हमला बोलते हुए उन्होंने ये तक कहा कि बागी बलिया आने वाले वक्त में इस अपमान का बदला भी लेगा।
दरअसल बलिदान दिवस पर मुख्यमंत्री के आगमन से पूरे जनपद में जोश का माहौल था, युवाओं को रोजगार के लिए ढेरों उम्मीदें थी, लेकिन जोश का माहौल तब शांत हो गया जब सीएम योगी बलिया के वीर सपूत मंगल पाण्डेय, जिन्होंने अंग्रेजो पर पहली गोली चलाई थी उनकी प्रतिमा पर माल्यार्पण तो दूर की बात है उनका नाम तक नहीं लिया। अब इस मुद्दे पर कांग्रेस बीजेपी को घेर रही है। जिसका कहना है कि मुख्यमंत्री आये और राजनीति करके चले गए।
कांग्रेस नेता पवन तिवारी ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी के लोग नीति, धर्म, सेनानी, क्रांतिकारी का हमेशा दिखावटी चोला पहन कर ढोंग करते हैं। बागी बलिया आने वाले दिनों में बलिया के माटी के लाल मंगल पांडेय के अपमान का बदला लेगी। मुख्यमंत्री मंगल पांडेय जी के नाम से कोई बड़ी स्मारक की घोषणा करेंगे ये आस पूरा बलिया लगाए बैठा था मगर ऐसा नहीं हुआ, बलिया के स्थानीय भाजपा नेताओं को मुख्यमंत्री से बागी बलिया से माफी मांगने का निवेदन करना चाहिए। अगर भाजपा सही मायने में देश के पहले विद्रोही का सम्मान करना चाहती है तो उनके नाम पर कुछ बड़ा करके दिखाए
वहीं रोजगार को लेकर भी उन्होंने बीजेपी पर हमला बोला। कहा कि युवाओं को रोजगार के नाम पर कोई बात नहीं हुई। मुख्यमंत्री को शायद इसका डर सता रहा है कि युवा अगर रोजगार पा लेगा तो पार्टी झण्डा लेकर भाजपा की जय जयकार कौन बोलेगा।
बलिया
Protected: 2027 में रसड़ा की सियासत कैसी होगी? सर्वे में सामने आए आंकड़े
बलिया
Protected: बेल्थरा रोड में टिकट से लेकर पार्टी तक, किसे पसंद कर रहे लोग? ऑनलाइन सर्वे में सामने आए चौकाने वालेआंकड़े
featured
फेफना में अकीदत के साथ मनाया गया मोहर्रम, मातमी जुलूस और हैरतअंगेज करतब बने आकर्षण का केंद्र
बलिया। फेफना थाना क्षेत्र में शुक्रवार को मोहर्रम का पर्व पूरी अकीदत, शांति और सौहार्दपूर्ण माहौल में संपन्न हुआ। चिलचिलाती धूप के बावजूद फेफना सहित आसपास के गांवों में पारंपरिक ताजिया जुलूस निकाला गया। हजरत इमाम हुसैन की शहादत की याद में मातमी दस्तों ने नोहा-ख्वानी और मातम कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।
फेफना में निकले मातमी जुलूस के दौरान मुस्लिम समुदाय के युवाओं ने पारंपरिक हैरतअंगेज करतबों का प्रदर्शन किया, जिसने लोगों का ध्यान आकर्षित किया। वहीं समाजसेवी लडू अंसारी द्वारा जुलूस में शामिल लोगों और राहगीरों के लिए ठंडे शरबत की व्यवस्था की गई, जिसकी लोगों ने सराहना की।
जुलूस निर्धारित मार्गों से गुजरते हुए कर्बला पहुंचा, जहां परंपरागत रीति-रिवाज के अनुसार ताजियों को सुपुर्द-ए-खाक किया गया।

फेफना के अलावा तीखा, मिठवार, पक्काकोट, बहादुरपुर, सिंहपुर, एकौनी, बलेजी, सागरपाली, अमडारी, निधरिया और मिढ्ढा गांवों में भी मोहर्रम का पर्व शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ।
सुरक्षा व्यवस्था को लेकर थानाध्यक्ष अखिलेश चंद पांडेय पुलिस बल के साथ लगातार क्षेत्र में भ्रमण करते रहे और पूरे आयोजन पर नजर बनाए रखी। पर्व सकुशल संपन्न होने के बाद बड़ी संख्या में लोगों ने बलेजी में लगे मेले का भी आनंद लिया।

ग्रामीणों ने कहा कि मोहर्रम केवल शोक का पर्व नहीं, बल्कि इंसानियत, त्याग, सत्य और कुर्बानी का संदेश देने वाला अवसर है, जो समाज में भाईचारा, एकता और आपसी सौहार्द को मजबूत करता है।
-
सिकंदरपुर2 weeks agoसिकंदरपुर विधानसभा सर्वे 2027
-
बैरिया2 weeks agoबैरिया विधानसभा सर्वे 2027
-
बलिया स्पेशल2 weeks agoबलिया विधानसभा सर्वे 2027
-
बांसडीह2 weeks agoबांसडीह विधानसभा सर्वे 2027
-
फेफना2 weeks agoफेफना विधानसभा सर्वे 2027
-
रसड़ा2 weeks agoरसड़ा विधानसभा सर्वे 2027
-
बेल्थरा रोड2 weeks agoबेल्थरा रोड विधानसभा सर्वे 2027
-
featured3 days agoराम गोविंद चौधरी की विरासत संभालने को तैयार रंजीत चौधरी, फिर उन्हें कमतर दिखाने की कोशिश क्यों?


