बलिया
बलियाः 222 लाभार्थियों के मुख्यमंत्री आवास को मिली स्वीकृति, जल्द जारी होगी पहली किस्त
बलिया में 222 लाभार्थियों के मुख्यमंत्री आवास निर्माण की स्वीकृति मिल गई है। जल्द ही लाभार्थियों को पहली किस्त भेजी जाएगी। इसको लेकर तैयारियां चल रही हैं। कहा जा रहा है कि मुख्यमंत्री एक ही दिन सभी लाभार्थियों को किस्त जारी कर सकते हैं।
चयनित लाभार्थियों के खाते में जल्द ही 10.28 करोड़ की धनराशि पहुंचेगी। योजना के तहत कुल 257 आवास बनाए जाने हैं। शेष 35 लाभार्थियों के चयन की प्रक्रिया भी पूरी हो चुकी है और स्वीकृति के लिए पत्रावली तैयार की जा रही है।
बता दें कि प्रधानमंत्री आवास का आवंटन सेक (सोशल इकॉनमिक कास्ट सेंशस) की सूची से किया जाता है। लेकिन कई ऐसे लोग भी हैं जिनका नाम इस सूची में नहीं है और प्राकृतिक आपदा से पीडि़त होने के बावजूद उन्हें आवास का लाभ नहीं मिल पाता है।
प्रदेश सरकार ने साल 2018-19 में मुख्यमंत्री आवास योजना की शुरुआत की। इसके मुताबिकएक अप्रैल 2017 के बाद प्राकृतिक आपदा से ऐसे पीडि़त जिनका नाम सेक सूची में नहीं है, उन्हें आवास का लाभ दिया जाए। योजना के तहत वर्ष 2022-23 में बलिया में कुल 257 आवास का निर्माण होना है।
222 लाभार्थियों का चयन कर उन्हें योजना की पहली किस्त जारी की जाएगी। शेष 35 लाभार्थियों को भी जल्द ही स्वीकृति मिलने वाली है। आवास स्वीकृति के बाद मुख्यमंत्री की ओर से किस्त जारी करने का शुभारंभ किया जाएगा। बतौर पहली किस्त सभी लाभार्थियों के खाते में कुल 10.28 करोड़ पहुंचेगा।
बलिया में आवास योजनाओं का संचालन डीआरडीए (जिला ग्राम्य विकास अभिकरण) की ओर से किया जाता है। डीआरडीए के पीडी की माने तो मुख्यमंत्री आवास योजना के तहत वरीयता के क्रम में ऐसे आवास विहीन परिवार जो कुष्ठ रोग प्रभावित, प्राकृतिक आपदा प्रभावित, कालाजार प्रभावित, वनटांगिया एवं मुसहर वर्ग, जेई या एईएस से प्रभावित परिवार हैं, उन्हें आवास के लिए चयन किया जाता है।,
अब तक जिले में कुल 1271 मुख्यमंत्री आवास बनाए जा चुके हैं। साल 2018-19 में 358, साल 2019-20 में 478, साल 2020-21 में 273, साल 2021-22 में 162 आवास बनाए जा चुके हैं। डीआरडीए पीडी उमेशमणि त्रिपाठी का कहना है कि मुख्यमंत्री आवास चयन प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। शासन से स्वीकृति भी मिल रही है। अब तक 222 लाभार्थियों के आवास निर्माण की स्वीकृति ऑनलाइन मिल चुकी है। शेष की भी जल्द ही स्वीकृति मिल जाएगी। एक साथ सभी लाभार्थियों के खाते में पहली किस्त जल्द पहुंचेगी।
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फेफना में अकीदत के साथ मनाया गया मोहर्रम, मातमी जुलूस और हैरतअंगेज करतब बने आकर्षण का केंद्र
बलिया। फेफना थाना क्षेत्र में शुक्रवार को मोहर्रम का पर्व पूरी अकीदत, शांति और सौहार्दपूर्ण माहौल में संपन्न हुआ। चिलचिलाती धूप के बावजूद फेफना सहित आसपास के गांवों में पारंपरिक ताजिया जुलूस निकाला गया। हजरत इमाम हुसैन की शहादत की याद में मातमी दस्तों ने नोहा-ख्वानी और मातम कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।
फेफना में निकले मातमी जुलूस के दौरान मुस्लिम समुदाय के युवाओं ने पारंपरिक हैरतअंगेज करतबों का प्रदर्शन किया, जिसने लोगों का ध्यान आकर्षित किया। वहीं समाजसेवी लडू अंसारी द्वारा जुलूस में शामिल लोगों और राहगीरों के लिए ठंडे शरबत की व्यवस्था की गई, जिसकी लोगों ने सराहना की।
जुलूस निर्धारित मार्गों से गुजरते हुए कर्बला पहुंचा, जहां परंपरागत रीति-रिवाज के अनुसार ताजियों को सुपुर्द-ए-खाक किया गया।

फेफना के अलावा तीखा, मिठवार, पक्काकोट, बहादुरपुर, सिंहपुर, एकौनी, बलेजी, सागरपाली, अमडारी, निधरिया और मिढ्ढा गांवों में भी मोहर्रम का पर्व शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ।
सुरक्षा व्यवस्था को लेकर थानाध्यक्ष अखिलेश चंद पांडेय पुलिस बल के साथ लगातार क्षेत्र में भ्रमण करते रहे और पूरे आयोजन पर नजर बनाए रखी। पर्व सकुशल संपन्न होने के बाद बड़ी संख्या में लोगों ने बलेजी में लगे मेले का भी आनंद लिया।

ग्रामीणों ने कहा कि मोहर्रम केवल शोक का पर्व नहीं, बल्कि इंसानियत, त्याग, सत्य और कुर्बानी का संदेश देने वाला अवसर है, जो समाज में भाईचारा, एकता और आपसी सौहार्द को मजबूत करता है।
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