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बलियाः मालखाने से बैग गायब, 10 दिन बाद भी पुलिस के हाथ खाली
बलियाः दस दिन पहले नरहीं कोतवाली क्षेत्र में मालखाने से बैग गायब होने का मामला सामने आया था। लेकिन घटना के इतने दिन गुजर जाने के बाद भी पुलिस के हाथ खाली है। पीड़ित लगातार कोतवाली के चक्कर काट रहा है लेकिन पुलिस बैग नहीं ढूंढ पाई।
बता दें कि नरहीं थाना क्षेत्र में आए दिन चोरी होने के मामले सामने आ रहे हैं लेकिन पुलिस कोई ठोस कार्रवाई नहीं कर रही। जानकारी के मुताबिक शहर के एक मोहल्ले के एक व्यक्ति ने अपनी बेटी के गायब होने की तहरीर 31 दिसम्बर 2021 को कोतवाली में दिया। इस मामले में कोतवाली पुलिस नोएडा से लड़की व लड़के को पकड़ कर कोतवाली लाने के बाद लड़की को छोड़ दिया जाता है।
चार जनवरी 2022 को तिलई खुर्द निवासी सचिन गुप्ता को पॉक्सो एक्ट और बलात्कार के मामले में जेल भेज दिया गया और सचिव का बैग मालखाने में जमा किया गया। 28 जुलाई को हाईकोर्ट से जमानत मिलने के बाद सचिन गुप्ता 16 अगस्त 2022 को बैग लेने के लिए कोतवाली पहुंचा तो ऑफिस के मुंशी द्वारा दो बैग दिया जाता है।
तीसरा बैग मालखाने से गायब था, जिसमें एक मोबाइल, 15 हजार और कुछ सामान उपयोगी था। अब सवाल यह उठता है कि मालखाने से बैग कैसे गायब हो गया। कोतवाली पुलिस को मोबाइल का आईएमईआई नंबर भी दिया गया है लेकिन पुलिस अभी तक नहीं ढूंढ पाई है। कोतवाली मालखाने से बैग का गायब होना कई सवाल खड़े कर रहा है। उधर सचिन गुप्ता अपने बैग के लिए कोतवाली का दस दिनों से चक्कर काट रहा है। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार कोतवाली पुलिस को जानकारी है कि बैग किसके पास है। लेकिन पुलिस फिर भी कार्रवाई नहीं कर रही।
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फेफना में अकीदत के साथ मनाया गया मोहर्रम, मातमी जुलूस और हैरतअंगेज करतब बने आकर्षण का केंद्र
बलिया। फेफना थाना क्षेत्र में शुक्रवार को मोहर्रम का पर्व पूरी अकीदत, शांति और सौहार्दपूर्ण माहौल में संपन्न हुआ। चिलचिलाती धूप के बावजूद फेफना सहित आसपास के गांवों में पारंपरिक ताजिया जुलूस निकाला गया। हजरत इमाम हुसैन की शहादत की याद में मातमी दस्तों ने नोहा-ख्वानी और मातम कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।
फेफना में निकले मातमी जुलूस के दौरान मुस्लिम समुदाय के युवाओं ने पारंपरिक हैरतअंगेज करतबों का प्रदर्शन किया, जिसने लोगों का ध्यान आकर्षित किया। वहीं समाजसेवी लडू अंसारी द्वारा जुलूस में शामिल लोगों और राहगीरों के लिए ठंडे शरबत की व्यवस्था की गई, जिसकी लोगों ने सराहना की।
जुलूस निर्धारित मार्गों से गुजरते हुए कर्बला पहुंचा, जहां परंपरागत रीति-रिवाज के अनुसार ताजियों को सुपुर्द-ए-खाक किया गया।

फेफना के अलावा तीखा, मिठवार, पक्काकोट, बहादुरपुर, सिंहपुर, एकौनी, बलेजी, सागरपाली, अमडारी, निधरिया और मिढ्ढा गांवों में भी मोहर्रम का पर्व शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ।
सुरक्षा व्यवस्था को लेकर थानाध्यक्ष अखिलेश चंद पांडेय पुलिस बल के साथ लगातार क्षेत्र में भ्रमण करते रहे और पूरे आयोजन पर नजर बनाए रखी। पर्व सकुशल संपन्न होने के बाद बड़ी संख्या में लोगों ने बलेजी में लगे मेले का भी आनंद लिया।

ग्रामीणों ने कहा कि मोहर्रम केवल शोक का पर्व नहीं, बल्कि इंसानियत, त्याग, सत्य और कुर्बानी का संदेश देने वाला अवसर है, जो समाज में भाईचारा, एकता और आपसी सौहार्द को मजबूत करता है।
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