बलिया
बलिया- आकाशीय बिजली की चपेट में आने से एक युवक की मौत
बलिया में एक बार फिर आसमानी आफत एक युवक और एक गाय की जान ले गई। रेवती थाना क्षेत्र के गोपालनगर में जहाँ एक युवक की मौत आकाशीय बिजली गिरने से हुई तो शिवाल मठिया में गुरुवार को आकाशीय बिजली गिरने से एक गाय भी कालकवलित हो गयी। युवक की मौत से उसके परिवार में मातम पसरा हुआ है।L
बताया जा रहा है गोपालनगर निवासी उमेश साहनी पशु चराने के लिए खेतों में गए थे। तभी तेज बारिश के साथ बिजली कड़कने लगी और आकाशीय बिजली उमेश पर गिरी। इससे उमेश की दर्दनाक मौत हो गयी। सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची रेवती पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा। साथ ही क्षेत्रीय लेखपाल भी कार्रवाई में जुट गये। वहीं उमेश की मौत की खबर मिलते ही पत्नी सानमती देवी बेसुध हो गयी। मृतक की मां कौशल्या देवी का रो-रोकर बुरा हाल है। मृतक के दो पुत्र 15 वर्षीय नितीश और 12 वर्षीय आतीश के सिर से बाप का साया उठ गया।
दूसरी तरफ रेवती थाना क्षेत्र के ही शिवाल मठिया में गुरुवार के दिन आकाशीय बिजली गिरने से एक दुधारू गाय की मौत हो गयी। थाना क्षेत्र के शिवाल मठिया निवासी रामधन यादव की दुधारू गाय गुरूवार के दिन चरने गयी थी। इसी बीच तेज बारिश के साथ बिजली कड़क रहा था और आकाशीय बिजली गाय के शरीर पर गिर गई, जिसकी वजह से गाय की मौत हो गयी।
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फेफना में अकीदत के साथ मनाया गया मोहर्रम, मातमी जुलूस और हैरतअंगेज करतब बने आकर्षण का केंद्र
बलिया। फेफना थाना क्षेत्र में शुक्रवार को मोहर्रम का पर्व पूरी अकीदत, शांति और सौहार्दपूर्ण माहौल में संपन्न हुआ। चिलचिलाती धूप के बावजूद फेफना सहित आसपास के गांवों में पारंपरिक ताजिया जुलूस निकाला गया। हजरत इमाम हुसैन की शहादत की याद में मातमी दस्तों ने नोहा-ख्वानी और मातम कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।
फेफना में निकले मातमी जुलूस के दौरान मुस्लिम समुदाय के युवाओं ने पारंपरिक हैरतअंगेज करतबों का प्रदर्शन किया, जिसने लोगों का ध्यान आकर्षित किया। वहीं समाजसेवी लडू अंसारी द्वारा जुलूस में शामिल लोगों और राहगीरों के लिए ठंडे शरबत की व्यवस्था की गई, जिसकी लोगों ने सराहना की।
जुलूस निर्धारित मार्गों से गुजरते हुए कर्बला पहुंचा, जहां परंपरागत रीति-रिवाज के अनुसार ताजियों को सुपुर्द-ए-खाक किया गया।

फेफना के अलावा तीखा, मिठवार, पक्काकोट, बहादुरपुर, सिंहपुर, एकौनी, बलेजी, सागरपाली, अमडारी, निधरिया और मिढ्ढा गांवों में भी मोहर्रम का पर्व शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ।
सुरक्षा व्यवस्था को लेकर थानाध्यक्ष अखिलेश चंद पांडेय पुलिस बल के साथ लगातार क्षेत्र में भ्रमण करते रहे और पूरे आयोजन पर नजर बनाए रखी। पर्व सकुशल संपन्न होने के बाद बड़ी संख्या में लोगों ने बलेजी में लगे मेले का भी आनंद लिया।

ग्रामीणों ने कहा कि मोहर्रम केवल शोक का पर्व नहीं, बल्कि इंसानियत, त्याग, सत्य और कुर्बानी का संदेश देने वाला अवसर है, जो समाज में भाईचारा, एकता और आपसी सौहार्द को मजबूत करता है।
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