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भाजपा प्रत्याशी उपेंद्र तिवारी और छट्ठू राम के नामांकन के बाद किसने क्या कहा !
बलियाः उत्तरप्रदेश विधानसभा चुनाव 2022 के नामांकन की प्रकिया शुरु हो चुकी है। तमाम पार्टी के प्रत्याशी अपना नामांकन भर रहे हैं। इसी बीच भारतीय जनता पार्टी के दो प्रत्याशियों ने अपना नामांकन पत्र दाखिल किया। फेफना से निवर्तमान मंत्री एवं क्षेत्रीय विधायक उपेंद्र तिवारी और बेल्थरारोड विधानसभा में भाजपा प्रत्याशी के रूप में छट्ठू राम ने नामांकन दाखिल किया। नामांकन से पहले भाजपा नगर कार्यालय पर भारी संख्या में दोनों प्रत्याशियों के समर्थकों की भीड़ लगी रही।
लेकिन नामांकन करने जाने के पूर्व गेट पर ही सुरक्षाकर्मियों ने केवल प्रत्याशी और उनके साथ राज्ससभा सांसद नीरज शेखर, सांसद वीरेंद्र सिंह मस्त, सांसद रवींद्र कुशवाहा व जिलाध्यक्ष जयप्रकाश साहू को जाने की परमिशन दिया। उधर कलेक्ट्रेट के बाहर समर्थकों ने जय श्री राम के गगनभेदी नारे भी लगाते रहे। शुक्रवार की सुबह से कलेक्ट्रेट परिसर में नामांकन को लेकर गहमागहमी रही। डीआईजी से लेकर डीएम व एसपी ने सुबह ही पहुंचकर बारी—बारी से कलेक्ट्रेट में सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया। इस दौरान पुलिसकर्मी भी जगह—जगह मुस्तैद नजर आए। मीडियाकर्मी भी अपने सेल में प्रत्याशियों का इंतजार करते रहे।इसके बाद दोपहर लगभग तीन बजे सबसे पहले छट्ठू राम की इंट्री हुई, पिफर कुछ ही देर बार निवर्तमान मंत्री उपेंद्र तिवारी भी अपने समर्थकों के साथ कलेक्ट्रेट परिसर में दाखिल हुए। इसके बाद दोनों प्रत्याशियों ने नामांकन पत्र दाखिल करने के बाद बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर की मूर्ति पर जाकर माल्यार्पण कर नमन किया।
खेल मंत्री रहा हूं दौड़कर ही जाउंगा- शुक्रवार को नामांकन करने पहुंचे निवर्तमान मंत्री उपेंद्र तिवारी जैसे ही कलेक्ट्रेट के अंदर दाखिल हुए तो उन्होंने दौड़ते हुए नामांकन स्थल पहुंचे। नामांकन के बाद जब मीडिया से रू—बरू हुए तो सवालों के जवाब में उन्होंने कहा कि मैं खेल मंत्री रहा हूं, जाहिर सी बात है दौड़कर ही नामांकन करने जाउंगा। इस दौरान उन्होंने कहा कि प्रात: छह बजे बाबा मुक्तिधाम का दर्शन के पश्चात मां मंगला भवानी का दर्शन करते हुए जगह—जगह समर्थकों से मिलकर अपराह्न नामांकन करने पहुंचा हूं।
भाजपा के जगजीवन राम है छट्ठू राम- भारजीय जनता पार्टी के नेता और बलिया के सांसद वीरेंद्र सिंह मस्त ने बेल्थरारोड से भाजपा प्रत्याशी छट्ठू राम को भारतीय जनता पार्टी का जगजीवन राम बताया है। उन्होंने कहा कि आने वाले दिनों में ये दलित समाज के बड़े नेता के रूप में भाजपा में स्थापित होंगे। उन्होंने कहा कि छट्ठू राम लगातार दलित, शोषित और पीड़ितों की आवाज बनने का काम किए हैं। दलित इनको अपना नेता मानते हैं। श्री मस्त शुक्रवार को कलेक्ट्रेट परिसर में नामांकन के पश्चात मीडिया से रू—बरू होकर उपरोक्त बातें कही।
दस मार्च के बाद सब हवा हो जाएंगे- मीडिया से बातचीत करते हुए राज्यसभा सांसद नीरज शेखर ने कहा कि एक बार पिफर भाजपा की पूर्ण बहुमत की सरकार आ रही है। आप लोग बस दस मार्च का इंजतार कीजिए। अखिलेश, मायावती और प्रियंका दस मार्च के बाद हवा हो जाएंगे। ये लोग पांच साल से सिपर्फ विरोध करने का काम किए हैं और अब सब्जबाग देकर वोट हथियाना चाहते हैं, लेकिन जनता इनका जानती भी और पहचानती भी है। लिहाजा वे मन बचा चुकी है और सरकार एक बार पिफर से भाजपा की ही बनने जा रही है।
उपेंद्र बड़े भाई और नीरज, मस्त, रवीेंद्र मेरे गार्जियन- नामांकन के बाद भाजपा प्रत्याशी छट्टू राम ने बताया कि भाजपा के शीर्ष नेतृत्व ने जो जिम्मेदारी मुझे सौंपी है उस पर अब मुझ खरा उतारकर दिखाना होगा। कहा कि जनता का आशीर्वाद मिल रहा है, जिससे मेरे अंदर जोश का संचार हो रहा है। उन्होंने कहा कि उपेंद्र तिवारी मेरे बडे भाई है और सांसद नीरज शेखर, वीरेंद्र सिंह मस्त और रवींद्र कुशवाहा मेरे गार्जियन है। इन्हीं के मार्गदर्शन में चल रहा हूं और बेल्थरारोड विधानसभा में एब बार पिफर कमल खिलाकर ही दम लूंगा।
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Photos- जमुना राम मेमोरियल स्कूल में गणतंत्र दिवस समारोह हर्षोल्लास से संपन्न
26 जनवरी 2026 को जमुना राम मेमोरियल स्कूल के प्रांगण में 76वां गणतंत्र दिवस समारोह बड़े हर्षोल्लास, उत्साह और गरिमामय वातावरण में संपन्न हुआ। इस अवसर पर नर्सरी से लेकर कक्षा 12वीं तक के विद्यार्थियों ने रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत कर उपस्थित अतिथियों एवं अभिभावकों का मन मोह लिया।

कार्यक्रम का शुभारंभ सरस्वती पूजा एवं ध्वजारोहण के साथ हुआ। विद्यार्थियों ने अनुशासित मार्च-पास्ट के माध्यम से राष्ट्रीय ध्वज को सलामी दी। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि संस्था के अध्यक्ष प्रोफेसर धर्मात्मानंद जी ने ध्वजारोहण किया। अपने प्रेरणादायक संबोधन में उन्होंने कहा कि सामाजिक समरसता, समानता एवं मौलिक अधिकारों की रक्षा के लिए संविधान में निहित प्रावधानों का पालन करना प्रत्येक नागरिक का कर्तव्य है। उन्होंने विद्यार्थियों से राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया।
इस अवसर पर सेना से सेवानिवृत्त महानुभूतियों को स्मृति चिन्ह एवं अंगवस्त्र भेंट कर सम्मानित किया गया, जिससे समारोह की गरिमा और भी बढ़ गई।

कार्यक्रम में नन्हे-मुन्ने बच्चों द्वारा प्रस्तुत देशभक्ति गीतों ने सभी को भावविभोर कर दिया। हरियाणवी नृत्य, “मां से ही माटी” थीम पर आधारित प्रस्तुति, “पधारो मारे देश”, कव्वाली, उत्तर-पूर्व भारत का प्रसिद्ध बिहू नृत्य तथा योग प्रदर्शन को दर्शकों ने खूब सराहा। गरबा और भांगड़ा नृत्य भी विशेष आकर्षण का केंद्र रहे। कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण “वराह रूपम” नृत्य एवं कथकली प्रस्तुति रही, जिसने उपस्थित दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।

इस भव्य आयोजन को सफल बनाने में विद्यालय के समस्त शिक्षक-शिक्षिकाओं एवं गैर-शिक्षण कर्मचारियों का महत्वपूर्ण योगदान रहा। संस्था के निदेशक तुषार नंद जी एवं सौम्या प्रसाद जी ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि संविधान में निहित मौलिक अधिकारों, कर्तव्यों एवं समानता के सिद्धांतों पर आधारित समाज के निर्माण से ही भारत को विश्वगुरु बनाने का सपना साकार हो सकता है।

कार्यक्रम के अंत में विद्यालय के प्रधानाचार्य अजीत कुमार सिंह ने सभी आगंतुकों, अतिथियों, विद्यार्थियों एवं कर्मचारीगण के प्रति आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम की सफलता में कोऑर्डिनेटर नीतू मिश्रा एवं अरविंद चौबे की विशेष सहभागिता रही।
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UGC के ‘Equity Rules’ में स्पष्टता व संतुलन की मांग, बलिया के भानु प्रकाश सिंह ने चेयरमैन को लिखा पत्र
बलिया। ध्रुवजी सिंह स्मृति सेवा संस्थान, पूर-बलिया के सचिव भानु प्रकाश सिंह ‘बबलू’ ने विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) के चेयरमैन डॉ. विनीत जोशी को पत्र भेजकर यूजीसी विनियम, 2026 में आवश्यक स्पष्टीकरण और सुधार की मांग की है। उन्होंने पत्र की प्रतिलिपि राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, केंद्रीय शिक्षा मंत्री, गृह मंत्री एवं रक्षा मंत्री को भी भेजते हुए इस विषय पर शीघ्र और ठोस कार्रवाई की आवश्यकता जताई है।
भानु प्रकाश सिंह ने यूजीसी विनियमों के उद्देश्य को सराहनीय बताते हुए कहा कि उनके प्रभावी क्रियान्वयन के लिए संविधान के अनुच्छेद 14, 15(1) एवं 21 तथा नैसर्गिक न्याय के सिद्धांतों के अनुरूप संतुलित, स्पष्ट और न्यायसंगत व्यवस्था अनिवार्य है। उन्होंने समता समिति के गठन, उसकी संरचना और निर्णय प्रक्रिया में पारदर्शिता, संतुलन और निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए ठोस दिशा-निर्देश जारी करने की मांग की।
शिकायतों के निस्तारण के लिए एक समान मानक कार्य-प्रणाली (एसओपी) तय करने पर जोर देते हुए उन्होंने कहा कि केवल आरोप के आधार पर कठोर कार्रवाई न्यायसंगत नहीं है। किसी भी दंडात्मक कदम से पूर्व प्रथम दृष्टया जांच आवश्यक होनी चाहिए। साथ ही झूठी या दुर्भावनापूर्ण शिकायतों के दुरुपयोग को रोकने के लिए भी स्पष्ट प्रावधान किए जाने की मांग की गई।
उन्होंने स्पष्ट किया कि शिक्षा संस्थानों में नियमों का पालन सहयोग, मार्गदर्शन और न्याय की भावना पर आधारित होना चाहिए, न कि पुलिसिंग या अत्यधिक निगरानी जैसा वातावरण बनाकर। इसके अतिरिक्त उच्च शिक्षा को शोध और नवाचार का मजबूत केंद्र बनाने के लिए रिसर्च इंफ्रास्ट्रक्चर के सुदृढ़ीकरण, साझा प्रयोगशालाओं की स्थापना, उद्योग-सहयोग, स्टार्टअप को बढ़ावा देने और पेटेंट संस्कृति को प्राथमिकता देने का भी सुझाव दिया।


