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बलिया में बिजली विभाग के 2 अफसरों पर कार्रवाई, ऊर्जा मंत्री ने जेई और विजिलेंस प्रभारी को किया निलंबित

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बलिया में घूसखोरी के मामले में बिजली विभाग के 2 अफसरों पर ऊर्जा मंत्री एके शर्मा ने कार्रवाई की है। पिछले दिनों विद्युत चोरी के मामले में रिपोर्ट न दर्ज कराने के नाम पर उपभोक्ता से पैसा मांगने की ऑडिया क्लिप वायरल हुई थी। इसी पर संज्ञान लेते हुए मंत्री ने अवर अभियन्ता और प्रभारी विजिलेंस को तत्काल निलंबित करते हुए तत्कालीन मुख्य आरक्षी के विरुद्ध दण्डात्मक कार्यवाही करने के निर्देश दिए हैं।

बता दें कि ग्राम व पोस्ट चंद्रावर, बलिया निवासी विवेक कुमार चौहान और अंकित कुमार यादव से पैसे मांगने का मामला सामने आया था। रविवार को ऊर्जा मंत्री शर्मा जल निगम के फील्ड हॉस्टल में सभी डिस्कॉम के प्रबंध निदेशकों, मुख्य अभियंता, अधीक्षण अभियंता तथा यूपीपीसीएल के उच्च अधिकारियों के साथ वर्चुअल समीक्षा कर रहे थे। इस दौरान बिजली चोरी से संबंधित मामला सामने आते ही उन्होंने अवर अभियंता विजिलेंस गोपीचंद गुप्ता तथा उप निरीक्षक प्रभारी प्रवर्तन दल अमित कुमार यादव को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। साथ ही बलिया के तत्कालीन मुख्य आरक्षी राजकुमार (वर्तमान में फिरोजाबाद जनपद में तैनात) के विरुद्ध दंडात्मक कार्रवाई करने के लिए पुलिस अधीक्षक फिरोजाबाद को निर्देश दिए हैं।

ऊर्जा मंत्री ने सभी विद्युत कार्मिकों और विजिलेंस टीम के कार्मिकों को सख्त चेतावनी दी है की विभाग में भ्रष्टाचार में संलिप्त तथा कार्य दायित्वों के प्रति उदासीनता बरतने वाले कार्मिकों के विरुद्ध अब कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि बिजली चोरी के मामलों में बिजली कार्मिकों की संलिप्तता किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी। चोरी के मामलों में कार्मिकों की संलिप्तता सीधे-सीधे विभागीय राजस्व को नुकसान पहुंचाने के साथ ही विभाग की छवि को भी धूमिल कर रही है। ऐसे कार्मिकों को चिन्हित कर उनके खिलाफ सख्त करवाई की जाएगी।

समीक्षा बैठक के दौरान मंत्री ने सभी डिस्कॉम के प्रबंध निदेशकों को निर्धारित शेड्यूल के अनुरूप ही सभी क्षेत्रों को विद्युत आपूर्ति करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि विद्युत फॉल्ट, ट्रांसफार्मर जलने या अन्य किसी कारण से बिजली आपूर्ति बाधित हुई हो, ऐसे प्रकरणों का त्वरित संज्ञान लिया जाए। उपभोक्ताओं की शिकायतों को नजरअंदाज करने वाले कार्मिकों को बहुत महंगा पड़ेगा। उन्हें अपनी लचर कार्य संस्कृति में शीघ्र सुधार लाना होगा।

इसके अलावा ऊर्जा मंत्री ने बिजली शटडाउन होने से पहले उपभोक्ताओं को सूचित करने के निर्देश दिए, ताकि आम लोगों को समस्या न आए। बैठक में अध्यक्ष यूपीपीसीएल डॉ. आशीष कुमार गोयल एवं अन्य अधिकारी उपस्थित थे तथा सभी डिस्कॉम के प्रबंध निदेशक, मुख्य अभियंता, अधीक्षण अभियंता वर्चुअल रूप से शामिल हुए।

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Photos- जमुना राम मेमोरियल स्कूल में गणतंत्र दिवस समारोह हर्षोल्लास से संपन्न

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26 जनवरी 2026 को जमुना राम मेमोरियल स्कूल के प्रांगण में 76वां गणतंत्र दिवस समारोह बड़े हर्षोल्लास, उत्साह और गरिमामय वातावरण में संपन्न हुआ। इस अवसर पर नर्सरी से लेकर कक्षा 12वीं तक के विद्यार्थियों ने रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत कर उपस्थित अतिथियों एवं अभिभावकों का मन मोह लिया।

कार्यक्रम का शुभारंभ सरस्वती पूजा एवं ध्वजारोहण के साथ हुआ। विद्यार्थियों ने अनुशासित मार्च-पास्ट के माध्यम से राष्ट्रीय ध्वज को सलामी दी। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि संस्था के अध्यक्ष प्रोफेसर धर्मात्मानंद जी ने ध्वजारोहण किया। अपने प्रेरणादायक संबोधन में उन्होंने कहा कि सामाजिक समरसता, समानता एवं मौलिक अधिकारों की रक्षा के लिए संविधान में निहित प्रावधानों का पालन करना प्रत्येक नागरिक का कर्तव्य है। उन्होंने विद्यार्थियों से राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया।

इस अवसर पर सेना से सेवानिवृत्त महानुभूतियों को स्मृति चिन्ह एवं अंगवस्त्र भेंट कर सम्मानित किया गया, जिससे समारोह की गरिमा और भी बढ़ गई।

कार्यक्रम में नन्हे-मुन्ने बच्चों द्वारा प्रस्तुत देशभक्ति गीतों ने सभी को भावविभोर कर दिया। हरियाणवी नृत्य, “मां से ही माटी” थीम पर आधारित प्रस्तुति, “पधारो मारे देश”, कव्वाली, उत्तर-पूर्व भारत का प्रसिद्ध बिहू नृत्य तथा योग प्रदर्शन को दर्शकों ने खूब सराहा। गरबा और भांगड़ा नृत्य भी विशेष आकर्षण का केंद्र रहे। कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण “वराह रूपम” नृत्य एवं कथकली प्रस्तुति रही, जिसने उपस्थित दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।

इस भव्य आयोजन को सफल बनाने में विद्यालय के समस्त शिक्षक-शिक्षिकाओं एवं गैर-शिक्षण कर्मचारियों का महत्वपूर्ण योगदान रहा। संस्था के निदेशक तुषार नंद जी एवं सौम्या प्रसाद जी ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि संविधान में निहित मौलिक अधिकारों, कर्तव्यों एवं समानता के सिद्धांतों पर आधारित समाज के निर्माण से ही भारत को विश्वगुरु बनाने का सपना साकार हो सकता है।

कार्यक्रम के अंत में विद्यालय के प्रधानाचार्य अजीत कुमार सिंह ने सभी आगंतुकों, अतिथियों, विद्यार्थियों एवं कर्मचारीगण के प्रति आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम की सफलता में कोऑर्डिनेटर नीतू मिश्रा एवं अरविंद चौबे की विशेष सहभागिता रही।

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UGC के ‘Equity Rules’ में स्पष्टता व संतुलन की मांग, बलिया के भानु प्रकाश सिंह ने चेयरमैन को लिखा पत्र

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बलिया। ध्रुवजी सिंह स्मृति सेवा संस्थान, पूर-बलिया के सचिव भानु प्रकाश सिंह ‘बबलू’ ने विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) के चेयरमैन डॉ. विनीत जोशी को पत्र भेजकर यूजीसी विनियम, 2026 में आवश्यक स्पष्टीकरण और सुधार की मांग की है। उन्होंने पत्र की प्रतिलिपि राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, केंद्रीय शिक्षा मंत्री, गृह मंत्री एवं रक्षा मंत्री को भी भेजते हुए इस विषय पर शीघ्र और ठोस कार्रवाई की आवश्यकता जताई है।

भानु प्रकाश सिंह ने यूजीसी विनियमों के उद्देश्य को सराहनीय बताते हुए कहा कि उनके प्रभावी क्रियान्वयन के लिए संविधान के अनुच्छेद 14, 15(1) एवं 21 तथा नैसर्गिक न्याय के सिद्धांतों के अनुरूप संतुलित, स्पष्ट और न्यायसंगत व्यवस्था अनिवार्य है। उन्होंने समता समिति के गठन, उसकी संरचना और निर्णय प्रक्रिया में पारदर्शिता, संतुलन और निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए ठोस दिशा-निर्देश जारी करने की मांग की।

शिकायतों के निस्तारण के लिए एक समान मानक कार्य-प्रणाली (एसओपी) तय करने पर जोर देते हुए उन्होंने कहा कि केवल आरोप के आधार पर कठोर कार्रवाई न्यायसंगत नहीं है। किसी भी दंडात्मक कदम से पूर्व प्रथम दृष्टया जांच आवश्यक होनी चाहिए। साथ ही झूठी या दुर्भावनापूर्ण शिकायतों के दुरुपयोग को रोकने के लिए भी स्पष्ट प्रावधान किए जाने की मांग की गई।

उन्होंने स्पष्ट किया कि शिक्षा संस्थानों में नियमों का पालन सहयोग, मार्गदर्शन और न्याय की भावना पर आधारित होना चाहिए, न कि पुलिसिंग या अत्यधिक निगरानी जैसा वातावरण बनाकर। इसके अतिरिक्त उच्च शिक्षा को शोध और नवाचार का मजबूत केंद्र बनाने के लिए रिसर्च इंफ्रास्ट्रक्चर के सुदृढ़ीकरण, साझा प्रयोगशालाओं की स्थापना, उद्योग-सहयोग, स्टार्टअप को बढ़ावा देने और पेटेंट संस्कृति को प्राथमिकता देने का भी सुझाव दिया।

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