Connect with us

उत्तर प्रदेश

ABVP ने योगी सरकार के खिलाफ खोला मोर्चा, बड़े पैमाने पर प्रदर्शन करेगी

Published

on

ABVP भारतीय जनता पार्टी की यूपी में सरकार बनवाने में महत्‍वपूर्ण भूमिका अदा करने वाली राष्‍ट्रीय स्‍वयंसेवक संघ का अनुषांगिक संगठन है, इसलिए यह प्रदर्शन काफी मायने रखता है। इससे यह स्पष्ट है कि योगी सरकार से उनके समर्थक ही संतुष्ट नहीं है, इसलिए वह सरकार के खिलाफ प्रदर्शन करने का ऐलान कर रहे हैं।

अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद प्रांत संगठन मंत्री सत्‍यभान सिंह ने ईनाडु इंडिया से बातचीत में कहा कि विधानसभा चुनाव के पहले भाजपा ने संकल्‍प-पत्र में वादा किया था कि हम छात्रों और अभिभावकों को प्राइवेट स्‍कूल के मनमाने रवैये से निजात दिलाएंगे। सरकार बनने के बाद माध्यमिक शिक्षा और उच्‍च शिक्षा का मंत्रालय संभालने वाले उपमुख्‍यमंत्री डॉ दिनेश शर्मा ने कहा था कि हम कानून बनाकर इन पर शिकंजा कसेंगे, लेकिन अभी तक यह सरकार एक अध्‍यादेश भी नहीं ला पाई।

सिंह ने कहा कि स्‍कूल हर वर्ष एडमिशन फीस, भवन निर्माण शुल्‍क, परीक्षा शुल्‍क, ट्रांसपोर्ट फीस, किताब और ड्रेस की दुकानें तक चिन्हित करके बताते हैं, जिसमें भारी पैमाने पर लूटा जाता है। शैक्षणिक संस्‍थान दुकान बने यह प्रतिष्‍ठान पढ़ाई पूरा न कराने की आड़ में एक्‍स्‍ट्रा कोचिंग शुल्‍क के नाम पर भी अभिभावकों को लूट रहे हैं। उन्‍होंने कहा कि कमीशनखोरी करने के लिए नाटक एवं सांस्‍कृतिक कार्यक्रम के नाम पर बच्‍चों तथा उनके मां-बाप की भी ड्रेस बनवा लेते हैं।

सत्‍यभान सिंह ने कहा कि विद्यार्थी परिषद ने 27 मार्च को प्रदेश के सभी जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालयों पर धरना दिया था। इसके बावजूद सरकार गंभीर नहीं हुई। अब जिस दिन से शैक्षिक सत्र शुरू हो रहा है उसी दिन 2 अप्रैल को सभी जिला मुख्‍यालयों पर धरना प्रदर्शन किया जाएगा। यदि सरकार की आंख नहीं खुली तो राजधानी में भी प्रदर्शन करेंगे।

भारतीय जनता पार्टी के सहयोगी संगठन विद्यार्थी परिषद और योगी सरकार के खिलाफ मोर्चा खोलने पर प्रांत संगठन मंत्री कहते हैं कि सरकार और भाजपा अपना काम कर रही है। हमारा संगठन छात्र हितों को लेकर काम करता रहेगा और आगे भी काम जारी रहेगा। विद्यार्थी परिषद निजी कान्वेंट स्कूलों की मनमानी फीस वसूली के खिलाफ संघर्ष लगातार करता रहेगा। शिक्षा माफिया लगातार छात्रों और लोगों का शोषण कर रहे हैं जो कतई भी बर्दाश्त नहीं है।

समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता और विधानसभा में नेता विरोधी दल राम गोविंद चौधरी ने कहा कि झूठ का रिकार्ड बनाने वाली सरकार ने जिन वादों को लिखा-पढ़ी में स्‍वीकार किया था, उससे भी मुकर रही है। शिक्षा माफिया प्रदेश में समानांतर सरकार चला रहे हैं। यह सरकार नकल के नाम पर विद्यार्थियों का उत्‍पीड़न कर रही है। जब प्रदेश का नौजवान पढ़ ही नहीं पाएगा तो नौकरी कहां से पाएगा। सरकार सिर्फ बातें कर सकती है, काम करने की हिम्मत सरकार में नहीं है।

Advertisement
Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

उत्तर प्रदेश

बलिया का बढ़ा मान! जमुना राम मेमोरियल स्कूल सीबीएसई ईस्ट जोन हैंडबॉल के फाइनल में

Published

on

मिर्जापुर। सनबीम एकेडमी नॉलेज पार्क, मिर्जापुर में आयोजित सीबीएसई ईस्ट जोन हैंडबॉल प्रतियोगिता 2026-27 में जमुना राम मेमोरियल स्कूल, चितबड़ागांव (बलिया) की टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए फाइनल में प्रवेश कर लिया।

प्रतियोगिता के दूसरे दिन खेले गए रोमांचक मुकाबले में जमुना राम मेमोरियल स्कूल ने मेजबान सनबीम एकेडमी नॉलेज पार्क को 06-02 के बड़े अंतर से हराया। मैच की शुरुआत से ही जमुना राम मेमोरियल स्कूल की टीम ने आक्रामक खेल का प्रदर्शन किया और पूरे मुकाबले में अपनी पकड़ बनाए रखी।

टीम की ओर से अंकिता कुशवाहा ने 2, रितिका यादव ने 2, आइशा गुप्ता ने 1 और श्रेया ने 1 गोल कर टीम की जीत में अहम योगदान दिया। इस शानदार जीत के साथ टीम ने प्रतियोगिता के खिताबी मुकाबले में अपनी जगह पक्की कर ली है। फाइनल मुकाबला कल खेला जाएगा।

टीम की सफलता पर विद्यालय के प्रबंध निदेशक इंजीनियर तुषारनंद एवं प्रधानाचार्य अजीत सिंह ने खिलाड़ियों और खेल स्टाफ को बधाई दी। उन्होंने शारीरिक शिक्षक सरदार मोहम्मद अफ़ज़ल, टीम प्रशिक्षक मनोज कुमार और टीम मैनेजर रश्मि श्रीवास्तव को भी शुभकामनाएं देते हुए फाइनल के लिए उत्साह बढ़ाया।

इस अवसर पर इंचार्ज अरविंद चौबे, आनन्द मिश्रा, नीतू मिश्रा सहित विद्यालय के शिक्षक-शिक्षिकाओं ने खिलाड़ियों के शानदार प्रदर्शन की सराहना करते हुए उन्हें फाइनल के लिए शुभकामनाएं दीं।

Continue Reading

featured

PET परीक्षा में फर्जीवाड़ा, बलिया के बांसडीह CHC के मेडिकल ऑफिसर अमित गुप्ता गिरफ्तार

Published

on

बलिया। प्रारंभिक अर्हता परीक्षा (PET) में धांधली करने वाले गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए पुलिस ने बलिया के बांसडीह सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) में तैनात मेडिकल ऑफिसर अमित गुप्ता को गिरफ्तार किया है। आरोपी डॉक्टर पर अभ्यर्थियों से मोटी रकम लेकर फर्जी दस्तावेज के जरिए सॉल्वर को परीक्षा में बैठाने का गंभीर आरोप है। पुलिस ने इस मामले में दो अन्य लोगों को भी हिरासत में लिया है।

कैसे चलता था खेल
पुलिस के मुताबिक, गिरोह अभ्यर्थियों से 50 हजार से लेकर 1 लाख रुपये तक वसूलता था। इसके बाद एडमिट कार्ड और पहचान पत्र में हेरफेर कर किसी अन्य व्यक्ति को परीक्षा देने के लिए भेजा जाता था। इस खेल को मेडिकल ऑफिसर अमित गुप्ता संगठित तरीके से संचालित कर रहा था।

गिरफ्तारी और बरामदगी
छापेमारी के दौरान पुलिस ने आरोपी के पास से फर्जी आधार कार्ड, एडमिट कार्ड, मोबाइल फोन और अन्य दस्तावेज बरामद किए। पुलिस अधीक्षक ने बताया कि गिरोह के बाकी सदस्यों की तलाश जारी है।

पुलिस का सख्त रुख
एसपी ने कहा कि परीक्षा में गड़बड़ी करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। अमित गुप्ता समेत तीनों आरोपियों को जेल भेज दिया गया है और पूरे नेटवर्क की गहन जांच चल रही है।

यह गिरफ्तारी जिले में स्वास्थ्य विभाग और परीक्षा प्रणाली दोनों पर गंभीर सवाल खड़े कर रही है।

Continue Reading

featured

गाली देने वाले शहरों के टॉप 10 में शामिल हुआ बलिया, 73% लोग करते हैं गालियों का इस्तेमाल

Published

on

बलिया। उत्तर प्रदेश के बलिया जिले का नाम अब उन शहरों की लिस्ट में शामिल हो गया है, जहाँ गालियों का इस्तेमाल सबसे ज्यादा होता है। हाल ही में जारी एक सर्वे के मुताबिक, बलिया के 73% लोगों ने खुद कबूल किया कि वे बातचीत के दौरान गालियों का प्रयोग करते हैं।

रिपोर्ट में यह भी सामने आया कि अब यह आदत सिर्फ युवाओं और बड़ों तक सीमित नहीं रही, बल्कि चौथी क्लास तक के बच्चे भी गालियां देने लगे हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, इसका कारण सोशल मीडिया, मोबाइल गेम्स और घर-परिवार का माहौल है।

विशेषज्ञों की चेतावनी

मनोवैज्ञानिकों का कहना है कि गालियों की बढ़ती आदत न केवल भाषा को दूषित कर रही है, बल्कि बच्चों और युवाओं के व्यक्तित्व और मानसिक स्वास्थ्य पर भी नकारात्मक असर डाल रही है। उन्होंने माता-पिता और शिक्षकों से बच्चों को बेहतर वातावरण और सही भाषा सिखाने की अपील की।

टॉप 10 शहर जहाँ सबसे ज्यादा गालियां दी जाती हैं

  1. कानपुर – 78%

  2. लखनऊ – 76%

  3. वाराणसी – 76%

  4. मुरादाबाद – 76%

  5. संतकबीरनगर – 76%

  6. मेरठ – 75%

  7. प्रयागराज – 75%

  8. गौतमबुद्ध नगर – 73%

  9. बलिया – 73%

  10. मिर्जापुर – 73%

Continue Reading

TRENDING STORIES

error: Content is protected !!