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बलिया में आप पार्टी ने बिजली कटौती पर निकाला लालटेन जुलूस, योगी सरकार को घेरा

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आम आदमी पार्टी के यूपी प्रभारी सांसद संजय सिंह के आह्वान पर रविवार को प्रदेश के सभी जिलों में बिजली कटौती को लेकर लालटेन जुलूस निकाला गया. इसी क्रम में बलिया में आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने जिलाध्यक्ष शांत राज भारत के नेतृत्व में लालटेन जुलूस निकाला. भारी संख्या में कार्यकर्ताओं के साथ बलिया शहीद चौक से से बलिया रेलवे स्टेशन, मालगोदाम रोड, सिनेमा रोड, आर्य समाज रोड होते हुए पुनः बलिया शहीद चौक तक लालटेन जुलूस निकाला गया इस दौरान अघोषित बिजली कटौती पर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की.

जिला अध्यक्ष सुशांत राज भारत ने इस मौके पर कहा कि प्रदेश में बिजली की अघोषित कटौती हो रही है.जनता बिजली कटौती से त्राहिमाम कर रही है पूरे प्रदेश में बिजली कटौती का संकट लोग झेल रहे हैं गर्मी की वजह से अस्पतालों में लोग भर्ती हो रहे हैं और मौतें हो रही हैं अकेले पूर्वांचल में सैकड़ों लोगों की मौतें हो चुकी हैं.अस्पतालों में भर्ती मरीज गर्मी से बेहाल होकर भाग रहे हैं और गर्मी के कारण तमाम बीमारियों का शिकार हो रहे हैं.

पार्टी की ओर से उन्होंने सरकार से मांग की प्रदेश में निर्बाध बिजली आपूर्ति कराई जाये जिससे इस भयंकर गर्मी से लोगों को निजात मिल सके और लोगों की मौतें न हों, गर्मी के कारण प्रदेश में जो मौतें हुई है उन मृतक के परिवार को उचित मुआवजा और सरकारी नौकरी दी जाये और बिजली विभाग में रिक्त पदों को जल्द से जल्द भरा जाये.  उन्होंने कहा ये बेहद दुर्भाग्य है कि 21वी सदी में लोगों को बिजली जैसी मूलभूत आवश्यकता की पूर्ति नहीं हो रही है. बिजली आपूर्ति न होने की वजह से गर्मी के कारण लोगों की मौत हुई है ये मौत नहीं हत्या है. लोगों की मौतों पर भाजपा के मंत्री संवेदनहीन बयान दे रहे हैं ये दुःखद है. वहीं दूसरी तरफ दिल्ली की केजरीवाल सरकार बिना कटौती 24 घंटे बिजली दिल्ली की जनता को उपलब्ध करा रही है. उत्तर प्रदेश की जनता योगी सरकार से जानना चाहती है कि जब दिल्ली की जनता को मुफ्त और बिना कटौती 24 घंटे बिजली उपलब्ध हो सकती है तो उत्तर प्रदेश की जनता को देश में सबसे महंगी और बिना कटौती 24 घंटे बिजली क्यों नहीं उपलब्ध हो पा रही है ?

जबकि भारतीय जनता पार्टी ने चुनाव के दौरान उत्तर प्रदेश की जनता को मुफ्त और 24 घंटे बिजली देने का वादा किया था आखिर यह वादा जुमला क्यों हो गया? जनता जानना चाहती है. उन्होंने कहा आज उत्तर प्रदेश में 27000 मेगावाट बिजली की जरूरत है, और मात्र 4 हजार मेगावाट बिजली का उत्पादन हो रहा है. 23 हजार मेगावाट बिजली बाहर से खरीदी जा रही है.उसके बाबजूद 10- 12 घंटे की बिजली कटौती होती है. अघोषित बिजली कटौती से लोग बेहद परेशान है. बिजली विभाग में वर्तमान में 1 लाख कर्मचारियों की जरूरत है लेकिन मात्र 34 हजार कर्मचारी बिजली विभाग में कार्यरत हैं.

66 हजार बिजली कर्मचारियों की कमी है जिसकी वजह से विभाग ठीक से काम नहीं कर पा रहा है. ट्रांसफार्मर फूंक जा रहे है, जगह जगह तार टूट रहे है कर्मचारियों के अभाव में काम नहीं हो पा रहा है और लोग गर्मी में रहने को मजबूर है.  लालटेन जुलूस* में राजकुमार पांडे, दुर्गेश कुमार कवि जी, शक्ति सिंह, लक्ष्मण सिंह, अंकुर साहनी, छोटेलाल चौरसिया, सत्येंद्र नाथ वर्मा, अंजनी तिवारी, उषा राय, अशोक कुमार, जवाहर पासवान, प्रमोद कुमार गुप्ता, संत प्रकाश सिंह, बबलू राजभर, सुगन लाल यादव, अभय कुमार सिंह, अखिलेश सिंह, विजय शंकर राजभर, ओमप्रकाश मिश्रा, सर्व दमन जयसवाल, डॉक्टर कांतेश्वर मिश्र, अभिषेक पांडे, बिहारी लाल यादव, सिपाही वर्मा, अजय राय मुन्ना, प्रवीण सिंह, विशाल सिंह, अली नवाब, अभिमन्यु यादव, ओमानंद जी महाराज, ऋषिकेश यादव, टुनटुन कुमार, भुवाल, संदीप सिंह, डॉ प्रदीप कुमार, अभिमन्यु यादव, रियाज अंसारी, धनंजय यादव, टुनटुन, अमरेश कुमार यादव, ओम प्रकाश मिश्रा, राहुल पांडेय सहित सैकड़ों कार्यकर्ता साथी मौजूद रहे l

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Photos- जमुना राम मेमोरियल स्कूल में गणतंत्र दिवस समारोह हर्षोल्लास से संपन्न

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26 जनवरी 2026 को जमुना राम मेमोरियल स्कूल के प्रांगण में 76वां गणतंत्र दिवस समारोह बड़े हर्षोल्लास, उत्साह और गरिमामय वातावरण में संपन्न हुआ। इस अवसर पर नर्सरी से लेकर कक्षा 12वीं तक के विद्यार्थियों ने रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत कर उपस्थित अतिथियों एवं अभिभावकों का मन मोह लिया।

कार्यक्रम का शुभारंभ सरस्वती पूजा एवं ध्वजारोहण के साथ हुआ। विद्यार्थियों ने अनुशासित मार्च-पास्ट के माध्यम से राष्ट्रीय ध्वज को सलामी दी। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि संस्था के अध्यक्ष प्रोफेसर धर्मात्मानंद जी ने ध्वजारोहण किया। अपने प्रेरणादायक संबोधन में उन्होंने कहा कि सामाजिक समरसता, समानता एवं मौलिक अधिकारों की रक्षा के लिए संविधान में निहित प्रावधानों का पालन करना प्रत्येक नागरिक का कर्तव्य है। उन्होंने विद्यार्थियों से राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया।

इस अवसर पर सेना से सेवानिवृत्त महानुभूतियों को स्मृति चिन्ह एवं अंगवस्त्र भेंट कर सम्मानित किया गया, जिससे समारोह की गरिमा और भी बढ़ गई।

कार्यक्रम में नन्हे-मुन्ने बच्चों द्वारा प्रस्तुत देशभक्ति गीतों ने सभी को भावविभोर कर दिया। हरियाणवी नृत्य, “मां से ही माटी” थीम पर आधारित प्रस्तुति, “पधारो मारे देश”, कव्वाली, उत्तर-पूर्व भारत का प्रसिद्ध बिहू नृत्य तथा योग प्रदर्शन को दर्शकों ने खूब सराहा। गरबा और भांगड़ा नृत्य भी विशेष आकर्षण का केंद्र रहे। कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण “वराह रूपम” नृत्य एवं कथकली प्रस्तुति रही, जिसने उपस्थित दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।

इस भव्य आयोजन को सफल बनाने में विद्यालय के समस्त शिक्षक-शिक्षिकाओं एवं गैर-शिक्षण कर्मचारियों का महत्वपूर्ण योगदान रहा। संस्था के निदेशक तुषार नंद जी एवं सौम्या प्रसाद जी ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि संविधान में निहित मौलिक अधिकारों, कर्तव्यों एवं समानता के सिद्धांतों पर आधारित समाज के निर्माण से ही भारत को विश्वगुरु बनाने का सपना साकार हो सकता है।

कार्यक्रम के अंत में विद्यालय के प्रधानाचार्य अजीत कुमार सिंह ने सभी आगंतुकों, अतिथियों, विद्यार्थियों एवं कर्मचारीगण के प्रति आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम की सफलता में कोऑर्डिनेटर नीतू मिश्रा एवं अरविंद चौबे की विशेष सहभागिता रही।

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UGC के ‘Equity Rules’ में स्पष्टता व संतुलन की मांग, बलिया के भानु प्रकाश सिंह ने चेयरमैन को लिखा पत्र

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बलिया। ध्रुवजी सिंह स्मृति सेवा संस्थान, पूर-बलिया के सचिव भानु प्रकाश सिंह ‘बबलू’ ने विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) के चेयरमैन डॉ. विनीत जोशी को पत्र भेजकर यूजीसी विनियम, 2026 में आवश्यक स्पष्टीकरण और सुधार की मांग की है। उन्होंने पत्र की प्रतिलिपि राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, केंद्रीय शिक्षा मंत्री, गृह मंत्री एवं रक्षा मंत्री को भी भेजते हुए इस विषय पर शीघ्र और ठोस कार्रवाई की आवश्यकता जताई है।

भानु प्रकाश सिंह ने यूजीसी विनियमों के उद्देश्य को सराहनीय बताते हुए कहा कि उनके प्रभावी क्रियान्वयन के लिए संविधान के अनुच्छेद 14, 15(1) एवं 21 तथा नैसर्गिक न्याय के सिद्धांतों के अनुरूप संतुलित, स्पष्ट और न्यायसंगत व्यवस्था अनिवार्य है। उन्होंने समता समिति के गठन, उसकी संरचना और निर्णय प्रक्रिया में पारदर्शिता, संतुलन और निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए ठोस दिशा-निर्देश जारी करने की मांग की।

शिकायतों के निस्तारण के लिए एक समान मानक कार्य-प्रणाली (एसओपी) तय करने पर जोर देते हुए उन्होंने कहा कि केवल आरोप के आधार पर कठोर कार्रवाई न्यायसंगत नहीं है। किसी भी दंडात्मक कदम से पूर्व प्रथम दृष्टया जांच आवश्यक होनी चाहिए। साथ ही झूठी या दुर्भावनापूर्ण शिकायतों के दुरुपयोग को रोकने के लिए भी स्पष्ट प्रावधान किए जाने की मांग की गई।

उन्होंने स्पष्ट किया कि शिक्षा संस्थानों में नियमों का पालन सहयोग, मार्गदर्शन और न्याय की भावना पर आधारित होना चाहिए, न कि पुलिसिंग या अत्यधिक निगरानी जैसा वातावरण बनाकर। इसके अतिरिक्त उच्च शिक्षा को शोध और नवाचार का मजबूत केंद्र बनाने के लिए रिसर्च इंफ्रास्ट्रक्चर के सुदृढ़ीकरण, साझा प्रयोगशालाओं की स्थापना, उद्योग-सहयोग, स्टार्टअप को बढ़ावा देने और पेटेंट संस्कृति को प्राथमिकता देने का भी सुझाव दिया।

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