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आप सांसद संजय सिंह ने बलिया के लिए सीएम को लिखा पत्र, नगरा का है मामला

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आम आदमी पार्टी से राज्यसभा सांसद और उत्तर प्रदेश के प्रभारी संजय सिंह ने बलिया के सन्दर्भ में मुख्यमंत्री आदित्यनाथ को पत्र लिखकर सरकार पर ही आरोप लगाया है। यह पत्र सड़क निर्माण के लिए किसानों के खेतों से जबरन मिट्टी निकालने और फसल बर्बाद करने के संदर्भ में लिखा गया है।  इस पत्र को शेयर करते हुए संजय सिंह ने लिखा है कि उन्हें नगरा क्षेत्र से ग्रामीणों के लगातार वीडियो प्राप्त हो रहे हैं। संजय सिंह उत्तर प्रदेश में आम आदमी पार्टी के प्रभारी हैं। वह लगातार उत्तर प्रदेश के मुद्दों पर मुखर है।

बलिया को लेकर भी उन्होंने अपनी मुखरता दर्ज कराई है। अपने पत्र में संजय सिंह ने आरोप लगाया है कि उन्हें ग्रामीणों द्वारा बताया जा रहा है कि सड़क निर्माण के लिए जेसीबी से खेतों में जबरन मिट्टी निकाली जा रही है जिसकी वजह से नगरा ब्लाक के ककरी गांव से इंदरौली गांव तक 3 किलोमीटर के सभी खेतों में बड़े-बड़े गड्ढे हो चुके हैं। कहा जा रहा है अभी तकरीबन 8 किलोमीटर तक किसानों के खेतों से ऐसे ही मिट्टी निकाल कर सड़क बनाई जाएगी। उन्होंने पत्र में लिखा है, ‘किसानों के खेतों से मिट्टी निकाल कर सड़क बनाई जाएगी।

इन गढ्ढों को भरने के लिए हर एक किसान को लगभग 50 से 500 ट्रॉली तक मिट्टी चाहिए। इस प्रकार इनको भरने के लिए कुल लाखों ट्रॉली मिट्टी की जरूरत होगी। सड़क बनाने के लिए किसानों के खेत से मिट्टी निकलना एक बहुत बड़ा अपराध है, महामारी के इस दौर में उनके ऊपर पैसे के बोझ का पहाड़ टूटने जैसा है। मुख्यमंत्री जी कोरोना महामारी के दौर में किसान कहाँ से लाएंगे इतने पैसे? आपका सड़क बनाने का यह कौन सा मॉडल है, जिसमें किसान की सोने जैसी मिट्टी का प्रयोग होता है ?’ संजय सिंह ने अपने पत्र में बताया है कि ग्रामीण जब विरोध कर रहे हैं तो मशीनें वापस चली

जा रही है मगर फिर उनके खेतों से मिट्टी निकालने लगती है। मुख्यमंत्री को लिखे इस पत्र में धान की रोपाई का जिक्र करते हुए संजय सिंह ने लिखा है, ‘आपको ज्ञात होगा कि अधिकतर किसानों के खेतों में धान की रोपाई हो चुकी है। खेतों की किनारों पर बड़े-बड़े गड्ढे हो जाने से किसानों के खेत का पूरा पानी इसमें इकठ्ठा हो जाएगा, उन्हें अपनी फसल की वृद्धि के लिए पानी एकत्रित करना मुश्किल हक जाएगा। कोरोना महामारी के वक्त किसानों की अतिरिक्त आमदनी का कोई श्रोत नहीं है, कई किसान कर्ज लेकर अपने खेतों में रोपाई करते हैं।’

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UGC के ‘Equity Rules’ में स्पष्टता व संतुलन की मांग, बलिया के भानु प्रकाश सिंह ने चेयरमैन को लिखा पत्र

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बलिया। ध्रुवजी सिंह स्मृति सेवा संस्थान, पूर-बलिया के सचिव भानु प्रकाश सिंह ‘बबलू’ ने विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) के चेयरमैन डॉ. विनीत जोशी को पत्र भेजकर यूजीसी विनियम, 2026 में आवश्यक स्पष्टीकरण और सुधार की मांग की है। उन्होंने पत्र की प्रतिलिपि राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, केंद्रीय शिक्षा मंत्री, गृह मंत्री एवं रक्षा मंत्री को भी भेजते हुए इस विषय पर शीघ्र और ठोस कार्रवाई की आवश्यकता जताई है।

भानु प्रकाश सिंह ने यूजीसी विनियमों के उद्देश्य को सराहनीय बताते हुए कहा कि उनके प्रभावी क्रियान्वयन के लिए संविधान के अनुच्छेद 14, 15(1) एवं 21 तथा नैसर्गिक न्याय के सिद्धांतों के अनुरूप संतुलित, स्पष्ट और न्यायसंगत व्यवस्था अनिवार्य है। उन्होंने समता समिति के गठन, उसकी संरचना और निर्णय प्रक्रिया में पारदर्शिता, संतुलन और निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए ठोस दिशा-निर्देश जारी करने की मांग की।

शिकायतों के निस्तारण के लिए एक समान मानक कार्य-प्रणाली (एसओपी) तय करने पर जोर देते हुए उन्होंने कहा कि केवल आरोप के आधार पर कठोर कार्रवाई न्यायसंगत नहीं है। किसी भी दंडात्मक कदम से पूर्व प्रथम दृष्टया जांच आवश्यक होनी चाहिए। साथ ही झूठी या दुर्भावनापूर्ण शिकायतों के दुरुपयोग को रोकने के लिए भी स्पष्ट प्रावधान किए जाने की मांग की गई।

उन्होंने स्पष्ट किया कि शिक्षा संस्थानों में नियमों का पालन सहयोग, मार्गदर्शन और न्याय की भावना पर आधारित होना चाहिए, न कि पुलिसिंग या अत्यधिक निगरानी जैसा वातावरण बनाकर। इसके अतिरिक्त उच्च शिक्षा को शोध और नवाचार का मजबूत केंद्र बनाने के लिए रिसर्च इंफ्रास्ट्रक्चर के सुदृढ़ीकरण, साझा प्रयोगशालाओं की स्थापना, उद्योग-सहयोग, स्टार्टअप को बढ़ावा देने और पेटेंट संस्कृति को प्राथमिकता देने का भी सुझाव दिया।

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BHU छात्र नेता योगेश योगी के प्रयास से एक्सप्रेस ट्रेनों के ठहराव को मिली मंजूरी!

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बलिया। फेफना जंक्शन पर एक्सप्रेस ट्रेनों के ठहराव को लेकर क्षेत्रवासियों की लंबे समय से चली आ रही मांग अब पूरी हो गई है। बीएचयू छात्र नेता योगेश योगी के लगातार प्रयास और पहल से रेलवे ने एक्सप्रेस ट्रेनों के ठहराव को स्वीकृति दे दी है। प्राप्त जानकारी के अनुसार 16 जनवरी से इन ट्रेनों का फेफना स्टेशन पर ठहराव शुरू हो जाएगा। इस उपलब्धि का श्रेय प्रदेश सरकार के आयुष मंत्री दयानंद मिश्रा ‘दयालु’ को दिया जा रहा है,

छात्र नेता योगेश योगी ने यात्रियों, छात्रों और आम नागरिकों की समस्याओं को लेकर संबंधित अधिकारियों व जनप्रतिनिधियों के समक्ष लगातार मांग उठाई थी। उनके प्रयासों के बाद यह महत्वपूर्ण फैसला लिया गया, जिससे क्षेत्र के हजारों यात्रियों को सीधा लाभ मिलेगा।

ट्रेन ठहराव से विशेष रूप से छात्रों, नौकरीपेशा लोगों, व्यापारियों और इलाज के लिए बाहर जाने वाले मरीजों को सुविधा होगी। स्थानीय लोगों ने इसे जनहित में लिया गया निर्णय बताते हुए योगेश योगी के प्रति आभार जताया है।

योगेश योगी ने कहा कि यह केवल शुरुआत है, आगे भी क्षेत्र और छात्रों के हित में संघर्ष जारी रहेगा।

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