Uncategorized
जब लालू प्रसाद यादव के लिए सीबीआई ने ली थी सेना से मदद, उसके बाद …
दोस्तों आजकल हमारे सामने सीबीआई के हवाले से कोई ना कोई खबर आती ही रहती है दोस्तों हाल ही में सीबीआई कि खबर कोलकाता से आ रही है जब सीबीआई का राज्य सरकार से टकराव हुआ है लेकिन दोस्तो ऐसा कोई पहली बार नहीं हुआ है . आपको बता दें कि 1997 में भी एक बार सीबीआई का टकराव हुआ था जब सीबीआई को सेना की मदद मांगनी पड़ी थी एक नेता की गिरफ्तारी के लिए.

दोस्तों 1997 में लालू प्रसाद यादव बिहार के मुख्यमंत्री थे उस वक्त बिहार में ही नहीं बल्कि पूरे देश में एक घोटाले की चर्चा हो रही थी और वह घोटाला चारा घोटाला था दोस्तों यह मामला पटना हाई कोर्ट में पहुंचा. 11 मार्च 1996 को पटना हाई कोर्ट ने सीबीआई जांच का आदेश दिया मामला बिहार पुलिस के हाथ से निकलने वाला था लेकिन लालू की सरकार इस बात पर अड़ी हुई थी वह सुप्रीम कोर्ट पहुंचे और कहा कि सीबीआई की जांच की जरूरत नहीं है. बिहार पुलिस इस मामले की जांच कर लेगी इस बात ने ही संकेत दे दिया था कि सीबीआई और राज्य सरकार की लड़ाई तय है सुप्रीम कोर्ट ने लालू यादव की दलीलों को नहीं माना और सीबीआई जांच का आदेश दे दिया. 27 मार्च 1996 को सीबीआई ने पहला केस दर्ज किया .

जांच होती रही और वक्त बीतता गया 10 मई 1997 को सीबीआई ने बिहार के राज्यपाल को पत्र लिखा और कहा की मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव के खिलाफ केस दर्ज करना है राज्यपाल इसकी अनुमति दें उस वक्त के राज्यपाल अखलाक उर रहमान थे उन्होंने मंजूरी दे दी . इसके बाद सीबीआई ने 17 जून 1997 को बिहार सरकार के 5 बड़े अधिकारियों को हिरासत में लिया और इसकी 1 महीने के बाद ही सीबीआई ने 55 लोगों को चारा घोटाले में आरोपी बनाया . इन आरोपियों में एक नाम लालू प्रसाद यादव का भी था . सीबीआई के सामने यह चुनौती थी कि लालू प्रसाद यादव की गिरफ्तारी करना है सीबीआई ने बिहार सरकार के अधिकारियों की गिरफ्तारी तो आसानी से कर ली थी लेकिन लालू प्रसाद यादव की गिरफ्तारी उनके लिए एक चुनौती थी । नीचे दी हुई विडियो में देखिये किस तरह हुई आगे की कार्यवाई .
Uncategorized
जमुना राम मेमोरियल स्कूल में कक्षा 12वीं का भव्य विदाई समारोह, सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के बीच छात्रों को मिली नई उड़ान की प्रेरणा
Uncategorized
जमुना राम महाविद्यालय पहुचें बलिया एसपी ने छात्राओं को दी सुरक्षा की जानकारी
बलिया। जमुना राम स्नातकोत्तर महाविद्यालय, चितबड़ागांव में बुधवार 15 अक्टूबर को मिशन शक्ति पंचम चरण के तहत नारी सुरक्षा, नारी सम्मान व नारी स्वावलंबन विषय पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि पुलिस अधीक्षक डॉ. ओमवीर सिंह रहे।

कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण से हुआ। संस्थापक प्रबंधक प्रो. धर्मात्मा नंद, प्रबंध निदेशक ई. तुषार नंद और प्राचार्य डॉ. अंगद प्रसाद गुप्त ने मुख्य अतिथि का अंगवस्त्र और बुके देकर स्वागत किया।
एसपी डॉ. ओमवीर सिंह ने छात्राओं को आत्मरक्षा, साइबर सुरक्षा, सड़क सुरक्षा और हेल्पलाइन नंबर 112, 108, 1098, 181, 102, 1090, 1930 और 1076 की जानकारी दी तथा उन्हें अपने जीवन में आत्मनिर्भर बनने की प्रेरणा दी।
कार्यक्रम की अध्यक्षता प्राचार्य डॉ. अंगद प्रसाद गुप्त ने की तथा संचालन श्री बृजेश गुप्ता ने किया। इस अवसर पर महाविद्यालय के सभी शिक्षक और शिक्षणेत्तर कर्मचारी उपस्थित रहे।
Uncategorized
माता-पिता की बीमारी से मौत, डीएम पहुंचे बच्चे!
बलिया। नगर के रामपुर महावल निवासी दो मासूम भाई-बहन ऋषभ सिंह (6) और रितिका सिंह (5) सोमवार को अपने नाना राधेश्याम खरवार के साथ जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचे और मदद की गुहार लगाई। दोनों बच्चों ने बताया कि उनके माता-पिता की मौत बीमारी से हो चुकी है और अब उनके रिश्तेदारों ने घर और आभूषणों पर कब्जा कर लिया है।
नाना राधेश्याम खरवार, जो पनिचा गांव के निवासी हैं, ने जिलाधिकारी से फरियाद करते हुए कहा कि उनकी बेटी सपना की दो वर्ष पूर्व बीमारी से मौत हो गई थी। इसके बाद दामाद रोशन सिंह को पड़ोसियों ने इतना प्रताड़ित किया कि वह भी एक वर्ष पहले बीमारी के चलते चल बसे।
राधेश्याम ने बताया कि उनकी बेटी और दामाद के आभूषण बच्चों की बड़ी मां और बड़े पिता ने अपने पास रख लिए हैं और घर में ताला लगा दिया है। उन्होंने इस संबंध में जिले के कई अधिकारियों से शिकायत की, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई।
उन्होंने जिलाधिकारी से अनुरोध किया कि मुख्यमंत्री बाल संरक्षण योजना और बाल सेवायोजन योजना के तहत बच्चों को सहायता दी जाए, ताकि उनका पालन-पोषण और शिक्षा सुचारु रूप से हो सके।





