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एक सहाबी का किस्सा जिस कि पुकार पर अल्लाह ने फ़रिश्ता ज़मीन पर उतार दिया, तमाम लोग लाज़मी सुने
दोस्तों सलाम वालेकुम रहमतुल्लाह बरकातहू दोस्तों आज हम आपको एक ऐसे सहाबी का वाकया बताने जा रहे हैं जिन की पुकार पर अल्लाह पाक ने जमीन पर फरिश्ते उतार दिए थे दोस्तों मौलाना तारिक जमील साहब की तकरीर में उन्होंने इस वाक्कये को बताया जो आज हम आपको बताने जा रहे हैं दोस्तों अबू मालिक रजि अल्लाह ताला अनु एक सहाबी थे वह रास्ते से आ रहे थे और रास्ते में चोर आ गया तो अब मालिक रिजेलत ऐलान हो ने उस चोर से कहा कि मेरा माल ले ले मुझे क्या करेगा उस चोर ने कहा कि नहीं मैं तेरा माल भी लूंगा और तुझे पत्र भी करूंगा वरना तू जाकर उमर रजि अल्लाह ताला अन्हू से मेरी शिकायत कर देगा और मैं पकड़ा जाऊंगा.
तो उन सभी ने कहा कि मुझे 2 रकात नमाज पढ़ लेने दो तो उस चोर ने कहा कि पढ़ लो नमाज से क्या होता है तो उन सहाबी ने 2 रकात नमाज पढ़ी उसके बाद उन्होंने हाथ उठाकर अल्लाह से दुआ की और कहा या अरहमार रहिमीन और उस चोर ने तलवार उठाई तो आवाज आई कि इसे मत कत्ल करो वह चोर इधर-उधर देखने लगा तो कोई भी नहीं दिखा उसने फिर तलवार उठाई उन सभी ने फिर कहा या अरहमर रहीमीन फिर आवाज आई इसे मत मारो फिर उस चोर ने इधर-उधर देखा तो कोई भी ना था.

फिर उस चोर ने तलवार उठाई तो उन सहाबा ने कहा या अरहामार राहेमीन तो एकदम से एक घुड़सवार आया और उसके हाथ में निशा था जिसे उसने चोर के ऊपर मारा और छोर गिर गया तो अब मालिक रजि अल्लाह ताला अनु ने कहा कि भाई तुम कौन हो अल्लाह ने मेरी मदद की तुम्हारे शरीर से दोस्तों यहां पर अब मालिक रजी अल्लाह ताला उन्होंने यह नहीं कहा कि तुमने मेरी मदद की.

बल्कि उन्होंने कहा कि अल्लाह ने मेरी मदद की तुम्हारे जरिए से दोस्तों तो उन साहब ने कहा कि ऐ मेरे दोस्त जब तुमने अल्लाह को पुकारा तो सारी आसमान के दरवाजे काप उठे और जब तुमने दोबारा अल्लाह को पुकारा तो आसमान की फरिश्तों में छींक और पुकार मच गई और जब तुमने तीसरी दफा पुकारा तो मेरे अल्लाह ने कहा कौन है जो मेरे बंदे के मदद के लिए तैयार है तो मैंने अर्ज किया या अल्लाह मैं तैयार हूं.

उन सब ने बताया कि मैं सातवें आसमान का फरिश्ता हूं और फिर कहा कि जब उसने पहली मर्तबा तुम्हारे ऊपर तलवार उठाई तो मैंने सातवें आसमान से पुकारा मत मारना जब उसने दूसरी दफा तलवार उठाई तो मैं पहले आसमान पर पहुंच चुका था और मैंने कहा मत मारना और जब उसने तीसरी दफा तलवार उठाई तो मैं तेरी मदद के लिए पहुंच चुका था और जो भी अल्लाह को ऐसे पुकारेगा अल्लाह उसकी जरूर मदद करेगा।। आगे देखें वीडियो में।।
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जमुना राम मेमोरियल स्कूल में कक्षा 12वीं का भव्य विदाई समारोह, सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के बीच छात्रों को मिली नई उड़ान की प्रेरणा
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जमुना राम महाविद्यालय पहुचें बलिया एसपी ने छात्राओं को दी सुरक्षा की जानकारी
बलिया। जमुना राम स्नातकोत्तर महाविद्यालय, चितबड़ागांव में बुधवार 15 अक्टूबर को मिशन शक्ति पंचम चरण के तहत नारी सुरक्षा, नारी सम्मान व नारी स्वावलंबन विषय पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि पुलिस अधीक्षक डॉ. ओमवीर सिंह रहे।

कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण से हुआ। संस्थापक प्रबंधक प्रो. धर्मात्मा नंद, प्रबंध निदेशक ई. तुषार नंद और प्राचार्य डॉ. अंगद प्रसाद गुप्त ने मुख्य अतिथि का अंगवस्त्र और बुके देकर स्वागत किया।
एसपी डॉ. ओमवीर सिंह ने छात्राओं को आत्मरक्षा, साइबर सुरक्षा, सड़क सुरक्षा और हेल्पलाइन नंबर 112, 108, 1098, 181, 102, 1090, 1930 और 1076 की जानकारी दी तथा उन्हें अपने जीवन में आत्मनिर्भर बनने की प्रेरणा दी।
कार्यक्रम की अध्यक्षता प्राचार्य डॉ. अंगद प्रसाद गुप्त ने की तथा संचालन श्री बृजेश गुप्ता ने किया। इस अवसर पर महाविद्यालय के सभी शिक्षक और शिक्षणेत्तर कर्मचारी उपस्थित रहे।
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माता-पिता की बीमारी से मौत, डीएम पहुंचे बच्चे!
बलिया। नगर के रामपुर महावल निवासी दो मासूम भाई-बहन ऋषभ सिंह (6) और रितिका सिंह (5) सोमवार को अपने नाना राधेश्याम खरवार के साथ जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचे और मदद की गुहार लगाई। दोनों बच्चों ने बताया कि उनके माता-पिता की मौत बीमारी से हो चुकी है और अब उनके रिश्तेदारों ने घर और आभूषणों पर कब्जा कर लिया है।
नाना राधेश्याम खरवार, जो पनिचा गांव के निवासी हैं, ने जिलाधिकारी से फरियाद करते हुए कहा कि उनकी बेटी सपना की दो वर्ष पूर्व बीमारी से मौत हो गई थी। इसके बाद दामाद रोशन सिंह को पड़ोसियों ने इतना प्रताड़ित किया कि वह भी एक वर्ष पहले बीमारी के चलते चल बसे।
राधेश्याम ने बताया कि उनकी बेटी और दामाद के आभूषण बच्चों की बड़ी मां और बड़े पिता ने अपने पास रख लिए हैं और घर में ताला लगा दिया है। उन्होंने इस संबंध में जिले के कई अधिकारियों से शिकायत की, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई।
उन्होंने जिलाधिकारी से अनुरोध किया कि मुख्यमंत्री बाल संरक्षण योजना और बाल सेवायोजन योजना के तहत बच्चों को सहायता दी जाए, ताकि उनका पालन-पोषण और शिक्षा सुचारु रूप से हो सके।





