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इस्माइली ,आगाखानी और बोहरी में क्या फर्क है? देखिये विडियो
दोस्तो अक्सर हमारे नौजवान तबका ये सवाल करता हुआ नजर आता है कि स्माइली बोहरा और अगा खानी में क्या फर्क है तो दोस्तो आज हम आपका ये कॉन्सेप्ट क्लियर कर देंगे दोस्तो स्माइली बोहरा और आगा खानी तीनों की एक एजे है जो शुरू होती है इमाम जाफर सादिक रहमतुल्लाह अलाएह से इमाम जाफर सादिक अलामे इसलाम की एक निहायत ही मौतबर शक्सियात गुज़रे है सुन्नियों के इमाम इमाम अबू हनीफा रहमतुल्लाह अलैह आप ही के शागिर्द थे इमाम जाफर सादिक के कई बेटे थे.
जिनमें सबसे बड़े इस्माईल थे इमाम जाफर सादिक के ज़माने में ही कई लोगो ने तासौविर करना शुरू कर दिया था कि इमाम जफर सादिक के बाद इमाम इस्माईल ही बनेंगे लेकिन हज़रत इस्माईल की वफात इमाम जफर की ज़िन्दगी में ही हो गई इमाम जाफर ये जानते थे कि बाज लोग इस्माईल को ही इमाम समझते थे इमाम सादिक ने इस्माईल का जनाजा दिखाया और इमाम जाफर के वफात के बाद उनकी वसीयत के अनुसार कुछ हज़रत ने इमाम कासिम को अपना इमाम मान लिया आज हम उन्हें अस्ना अश्री के नाम से जानते है.

लेकिन एक जमात ने कहा कि इस्माईल बड़े बेटे थे लेकिन वो नहीं रहे तो उनकी औलादों में से इमाम होना चाहिए तो ये लोग स्माइली कहलाए जब इमाम जाफर के बेटे को इस्माईल को इमाम माना गया तो आगे चल एक वक़्त जब इन्हीं स्मलियो की औलाद के एस एक आदमी जिनका नाम मेहदी था उनको मिस्र में हुकूमत मिली जहा उन्होंने खेलाफत ए फातमी की बुनियाद रखी ये खुल्फा बहुत ही शानो सौकत से खेलाफ़त करते रहे काहिरा शहर और जामिया तूल अजहर की बुनियाद इन्हीं हुक्मरानों ने रखखी थी दोस्तो 1094 ईस्वी में फातमी खुलफा के दरमियान एक जंग हुई.

मुस्तली और नज्जार 2 भाई थे लोगो में २ गिरोह बने एक मस्तली को इमाम मान लिया और एक ने नज्जर को इमाम मान लिया मस्ताली के मैंने वालो को मुस्तलिया कहा जाता है जो आज कल पाकिस्तान और इंडिया में बोहरा समुदाय के नाम से जाने जाते है और नज्ज़ार को नज्जरिया कहा जाता है जिनको आज कल आगा खानी के नाम से जाना जाता है लेकिन चुकी खिलाफत मस्तलि को मिली तो आगा खानी भाग कल ईरान आए और कसगैन नमी शहर को अपना ठिकाना बना लिया।। आगे देखें वीडियो में।।
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जमुना राम मेमोरियल स्कूल में कक्षा 12वीं का भव्य विदाई समारोह, सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के बीच छात्रों को मिली नई उड़ान की प्रेरणा
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जमुना राम महाविद्यालय पहुचें बलिया एसपी ने छात्राओं को दी सुरक्षा की जानकारी
बलिया। जमुना राम स्नातकोत्तर महाविद्यालय, चितबड़ागांव में बुधवार 15 अक्टूबर को मिशन शक्ति पंचम चरण के तहत नारी सुरक्षा, नारी सम्मान व नारी स्वावलंबन विषय पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि पुलिस अधीक्षक डॉ. ओमवीर सिंह रहे।

कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण से हुआ। संस्थापक प्रबंधक प्रो. धर्मात्मा नंद, प्रबंध निदेशक ई. तुषार नंद और प्राचार्य डॉ. अंगद प्रसाद गुप्त ने मुख्य अतिथि का अंगवस्त्र और बुके देकर स्वागत किया।
एसपी डॉ. ओमवीर सिंह ने छात्राओं को आत्मरक्षा, साइबर सुरक्षा, सड़क सुरक्षा और हेल्पलाइन नंबर 112, 108, 1098, 181, 102, 1090, 1930 और 1076 की जानकारी दी तथा उन्हें अपने जीवन में आत्मनिर्भर बनने की प्रेरणा दी।
कार्यक्रम की अध्यक्षता प्राचार्य डॉ. अंगद प्रसाद गुप्त ने की तथा संचालन श्री बृजेश गुप्ता ने किया। इस अवसर पर महाविद्यालय के सभी शिक्षक और शिक्षणेत्तर कर्मचारी उपस्थित रहे।
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माता-पिता की बीमारी से मौत, डीएम पहुंचे बच्चे!
बलिया। नगर के रामपुर महावल निवासी दो मासूम भाई-बहन ऋषभ सिंह (6) और रितिका सिंह (5) सोमवार को अपने नाना राधेश्याम खरवार के साथ जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचे और मदद की गुहार लगाई। दोनों बच्चों ने बताया कि उनके माता-पिता की मौत बीमारी से हो चुकी है और अब उनके रिश्तेदारों ने घर और आभूषणों पर कब्जा कर लिया है।
नाना राधेश्याम खरवार, जो पनिचा गांव के निवासी हैं, ने जिलाधिकारी से फरियाद करते हुए कहा कि उनकी बेटी सपना की दो वर्ष पूर्व बीमारी से मौत हो गई थी। इसके बाद दामाद रोशन सिंह को पड़ोसियों ने इतना प्रताड़ित किया कि वह भी एक वर्ष पहले बीमारी के चलते चल बसे।
राधेश्याम ने बताया कि उनकी बेटी और दामाद के आभूषण बच्चों की बड़ी मां और बड़े पिता ने अपने पास रख लिए हैं और घर में ताला लगा दिया है। उन्होंने इस संबंध में जिले के कई अधिकारियों से शिकायत की, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई।
उन्होंने जिलाधिकारी से अनुरोध किया कि मुख्यमंत्री बाल संरक्षण योजना और बाल सेवायोजन योजना के तहत बच्चों को सहायता दी जाए, ताकि उनका पालन-पोषण और शिक्षा सुचारु रूप से हो सके।





