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बलिया- ईओ मणि मंजरी सुसाइड केस में कंप्यूटर ऑपरेटर और ड्राइवर को 7 साल की कैद
बलिया में चर्चित मनियर ईओ मणि मंजरी राय सुसाइड केस में कोर्ट ने कंप्यूटर ऑपरेटर समेत दो आरोपियों को 7-7 साल की सजा सुनाई है। साथ ही 10 हज़ार का जुर्माना भी लगाया। वही अर्थदंड अदा ना करने पर अभियुक्त को 3 माह का अतिरिक्त कारावास की सजा भुगतनी होगी।
करीब पौने 3 साल पुराने मामले में अपर जिला न्यायाधीश अरुण कुमार की अदालत ने कंप्यूटर ऑपरेटर अखिलेश पांडे और उसके ड्राइवर चंदन वर्मा को दोषी ठहराया है। बता दें मनियर नगर पंचायत की अधिशासी अधिकारी मणि मंजरी राय ने बलिया शहर कोतवाली क्षेत्र के आवास विकास कॉलोनी स्थित अपने घर पर 6 जुलाई 2020 की रात को आत्महत्या कर ली थी।
मामले में मणि मंजरी के भाई ने मनियर नगर पंचायत के चेयरमैन भीम गुप्ता, सिकंदरपुर के ईओ संजय राव, कंप्यूटर ऑपरेटर अखिलेश पांडे, विनोद सिंह और ड्राइवर चंदन वर्मा के खिलाफ़ संबंधित धाराओं में मामला दर्ज हुआ था। आरोप था कि मणि मंजरी की पहली तैनाती मनियर नगर पंचायत में हुई थी। गलत टेंडर और फर्जी भुगतान के लिए दबाव बनाये जाने के कारण उन्होंने फांसी लगाकर खुदकुशी कर ली।
भाजपा के चेयरमैन पर भ्रष्टाचार का आरोप और प्रताड़ना से ईओ के आत्महत्या का आरोप लगने के बाद मामला हाई प्रोफाइल हो गया था। सुनवाई के दौरान चेयरमैन भीम गुप्ता और टैक्स बाबू विनोद सिंह ने हाईकोर्ट से अरेस्ट स्टे ले लिया था। जबकि नगर पंचायत सिकंदरपुर के ईओ संजय राव को पुलिस ने क्लीनचीट दे दी थी। बाकी 2 लोगों को अब सजा सुनाई गई है। 
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फेफना में अकीदत के साथ मनाया गया मोहर्रम, मातमी जुलूस और हैरतअंगेज करतब बने आकर्षण का केंद्र
बलिया। फेफना थाना क्षेत्र में शुक्रवार को मोहर्रम का पर्व पूरी अकीदत, शांति और सौहार्दपूर्ण माहौल में संपन्न हुआ। चिलचिलाती धूप के बावजूद फेफना सहित आसपास के गांवों में पारंपरिक ताजिया जुलूस निकाला गया। हजरत इमाम हुसैन की शहादत की याद में मातमी दस्तों ने नोहा-ख्वानी और मातम कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।
फेफना में निकले मातमी जुलूस के दौरान मुस्लिम समुदाय के युवाओं ने पारंपरिक हैरतअंगेज करतबों का प्रदर्शन किया, जिसने लोगों का ध्यान आकर्षित किया। वहीं समाजसेवी लडू अंसारी द्वारा जुलूस में शामिल लोगों और राहगीरों के लिए ठंडे शरबत की व्यवस्था की गई, जिसकी लोगों ने सराहना की।
जुलूस निर्धारित मार्गों से गुजरते हुए कर्बला पहुंचा, जहां परंपरागत रीति-रिवाज के अनुसार ताजियों को सुपुर्द-ए-खाक किया गया।

फेफना के अलावा तीखा, मिठवार, पक्काकोट, बहादुरपुर, सिंहपुर, एकौनी, बलेजी, सागरपाली, अमडारी, निधरिया और मिढ्ढा गांवों में भी मोहर्रम का पर्व शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ।
सुरक्षा व्यवस्था को लेकर थानाध्यक्ष अखिलेश चंद पांडेय पुलिस बल के साथ लगातार क्षेत्र में भ्रमण करते रहे और पूरे आयोजन पर नजर बनाए रखी। पर्व सकुशल संपन्न होने के बाद बड़ी संख्या में लोगों ने बलेजी में लगे मेले का भी आनंद लिया।

ग्रामीणों ने कहा कि मोहर्रम केवल शोक का पर्व नहीं, बल्कि इंसानियत, त्याग, सत्य और कुर्बानी का संदेश देने वाला अवसर है, जो समाज में भाईचारा, एकता और आपसी सौहार्द को मजबूत करता है।
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