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बलियाः DM ने किया रसड़ा में सामुदायिक शौचालय का लोकार्पण, नपा का किया निरीक्षण
बलिया। जिलाधिकारी सौम्या अग्रवाल ने आदर्श नगर पालिका परिषद, रसड़ा का निरीक्षण किया। जहां पर नगरपालिका रसड़ा की चेयरमैन मोतीरानी सोनी ने उनका स्वागत किया। इसके उपरांत जिलाधिकारी ने आदर्श नगर पालिका के कक्षों का निरीक्षण किया और उसकी साफ सफाई की व्यवस्था देखी। जिलाधिकारी ने नगर पालिका मे स्थित गांधी पार्क का भी निरीक्षण किया।
इस दौरान जिलाधिकारी ने नगरपालिका में नवनिर्मित सामुदायिक शौचालय का लोकार्पण किया। साथ ही नवनिर्मित शौचालय की व्यवस्था को भी देखा। डीएम सौम्या अग्रवाल ने उच्च प्राथमिक विद्यालय,रसड़ा के कार्यक्रम में प्रतिभाग किया। जहां स्काउट गाइड की छात्राओं ने उनका स्वागत किया। जिलाधिकारी ने कार्यक्रम की शुरुआत मां सरस्वती के चित्र पर दीप जलाकर किया। यहां पर उन्होंने बच्चों को पाठ्य पुस्तकों का वितरण भी किया।
जिलाधिकारी ने प्राथमिक विद्यालय के बच्चों और उनके अभिभावकों से संवाद स्थापित किया और उन्हें अपने बच्चों के भविष्य के प्रति गंभीर रहने का आह्वान किया। जिलाधिकारी ने कहा कि आपके बच्चे भाग्यशाली हैं कि उन्हें सुविधाजनक प्राथमिक विद्यालय में शिक्षा प्राप्त करने का अवसर मिल रहा है। यही बच्चे आगे चलकर इंजीनियर, खिलाड़ी,अफसर, राजनेता बनेंगे।
उन्होंने कहा कि अक्सर अध्यापकों की शिकायत रहती है कि हम लोग बच्चों को पूरे मन से पढ़ाते हैं परंतु घर पर माता-पिता द्वारा ध्यान न देने के कारण बच्चों की शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार नहीं हो पाता है। उन्होंने कहा कि बच्चों का प्रथम विद्यालय उनका घर ही होता है। जहां उन्हें संस्कृति की शिक्षा मिलती है। जिलाधिकारी ने शिक्षा की गुणवत्ता पर जोर देते हुए कहा कि स्कूल की बिल्डिंग कितनी भी अच्छी हो अगर उसमें अच्छी शिक्षा नहीं मिलेगी तो उसका कोई भी महत्व नहीं है। जिलाधिकारी ने कहा कि यह विद्यालय बहुत ही पुराना है। 1873 में यह बना जो आज भी चल रहा है ।
जिलाधिकारी ने विद्यालय के अध्यापकों को निर्देश दिया कि विद्यालय के बच्चों को उनकी रूचि के अनुसार शिक्षा दी जाए।बच्चों को संगीत, कला, सिलाई-कढ़ाई ,फुटबाल, बैडमिंटन, वालीबाल की भी शिक्षा दी जाए। इससे बच्चों के मानसिक विकास के साथ साथ उनका शारीरिक विकास भी होगा। बच्चों के लिए विद्यालय में ही फ्री कोचिंग की व्यवस्था भी की जाए।
उन्होंने इसके लिए बेसिक शिक्षा अधिकारी को विशेष निर्देश दिया। इसके अतिरिक्त जिला अधिकारी ने विद्यालय में चल रहे स्मार्ट क्लास का भी निरीक्षण किया। कार्यक्रम में जिलाधिकारी के अतिरिक्त बीएसए मनीराम सिंह, नगर पालिका चेयरमैन मतिरानी सोनी, विद्यालय के बच्चे और उनके अभिभावकों के अतिरिक्त खंड शिक्षा अधिकारी भी उपस्थित रहे।
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बलिया में रोजगार का सुनहरा अवसर: 23 जून को लगेगा एक दिवसीय रोजगार मेला
बलिया। जिले के बेरोजगार युवाओं के लिए रोजगार पाने का बेहतरीन अवसर सामने आया है। जिला सेवायोजन कार्यालय, बलिया द्वारा 23 जून 2026 को एक दिवसीय रोजगार मेले का आयोजन किया जा रहा है। यह रोजगार मेला सतनी सराय स्थित तारा निवास गली, भृगु आश्रम के पास स्थित जिला सेवायोजन कार्यालय परिसर में आयोजित होगा।
मेले में निजी क्षेत्र की प्रतिष्ठित कंपनी विजन इंडिया ग्लोबल एल्यूमिनियम द्वारा अप्रेंटिसशिप के लिए योग्य अभ्यर्थियों का चयन किया जाएगा। इस पद के लिए 10वीं एवं आईटीआई उत्तीर्ण अभ्यर्थी आवेदन कर सकते हैं। चयनित उम्मीदवारों को ₹17,500 प्रतिमाह तक का वेतन प्रदान किया जाएगा।
कंपनी द्वारा निर्धारित आयु सीमा 18 से 28 वर्ष रखी गई है, जबकि चयनित अभ्यर्थियों का कार्यस्थल हैदराबाद (तेलंगाना) होगा। अभ्यर्थियों का चयन साक्षात्कार के माध्यम से उनकी योग्यता एवं क्षमता के आधार पर किया जाएगा।
जिला सेवायोजन कार्यालय ने बताया कि रोजगार मेले में प्रतिभाग करने वाले सभी अभ्यर्थियों का रोजगार संगम पोर्टल पर पंजीकरण अनिवार्य है। कैंपस चयन की पूरी प्रक्रिया रोजगार संगम पोर्टल के माध्यम से संपन्न कराई जाएगी।
जिला प्रशासन ने अधिक से अधिक बेरोजगार युवाओं से इस अवसर का लाभ उठाने और समय पर आवश्यक दस्तावेजों के साथ रोजगार मेले में उपस्थित होने की अपील की है।
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लखनऊ अग्निकांड के बाद बड़ा सवाल: क्या बलिया के कोचिंग संस्थान सुरक्षित हैं?
बलिया। लखनऊ के अलीगंज स्थित कोचिंग सेंटर में लगी भीषण आग में 15 छात्रों की दर्दनाक मौत के बाद पूरे उत्तर प्रदेश में कोचिंग संस्थानों की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े हो गए हैं। प्रारंभिक जांच में सुरक्षा मानकों और अग्निशमन व्यवस्थाओं में गंभीर लापरवाही की बात सामने आई है, जिसके बाद कई जिलों में प्रशासन ने कोचिंग संस्थानों की जांच शुरू कर दी है।
इसी बीच बलिया जिले में भी बिना मानकों और पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था के संचालित हो रहे सैकड़ों कोचिंग संस्थानों को लेकर चिंता बढ़ गई है। जिला मुख्यालय से लेकर बेल्थरा रोड, रसड़ा, सिकंदरपुर, बांसडीह और बैरिया जैसी तहसीलों तक अनेक कोचिंग सेंटर संकरी गलियों, बहुमंजिला भवनों और व्यावसायिक परिसरों में संचालित हो रहे हैं, जहां न तो अग्निशमन उपकरण दिखाई देते हैं और न ही आपातकालीन निकास की समुचित व्यवस्था।
स्थानीय लोगों का कहना है कि कई कोचिंग संस्थान क्षमता से अधिक छात्रों को बैठाकर कक्षाएं संचालित कर रहे हैं। अधिकांश भवनों में फायर एनओसी, आपातकालीन निकास, अग्निशमन यंत्र और सुरक्षा मानकों की स्थिति की कभी जांच नहीं होती। ऐसे में यदि कोई दुर्घटना होती है तो हालात बेहद भयावह हो सकते हैं।
लखनऊ हादसे के बाद कानपुर समेत कई जिलों में प्रशासन ने सुरक्षा मानकों का उल्लंघन करने वाले कोचिंग संस्थानों पर कार्रवाई शुरू कर दी है और कई संस्थानों को सील भी किया गया है।
अब सवाल यह है कि क्या बलिया प्रशासन भी जिले में संचालित कोचिंग संस्थानों का व्यापक सर्वे कराएगा? क्या बिना मानक और बिना सुरक्षा व्यवस्था के चल रहे कोचिंग सेंटरों की जांच होगी? लखनऊ की त्रासदी ने एक बार फिर यह संदेश दिया है कि सुरक्षा नियमों की अनदेखी किसी भी समय बड़े हादसे का कारण बन सकती है।
(यह जनहित से जुड़ा विषय है। प्रशासन को जिले के सभी कोचिंग संस्थानों की सुरक्षा व्यवस्था, फायर एनओसी और भवन मानकों की तत्काल जांच करानी चाहिए ताकि भविष्य में किसी दुर्घटना से बचा जा सके।)
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शिक्षा पदम सम्मान 2025 से सम्मानित हुए हाली पाथ कॉन्वेंट स्कूल के युवा निदेशक डॉ. परवेज अंसारी
हिमाचल प्रदेश के प्रतिष्ठित हिलटॉप पब्लिक स्कूल में आयोजित भव्य सम्मान समारोह में हाली पाथ कॉन्वेंट स्कूल के युवा निदेशक डॉ. परवेज अंसारी को “शिक्षा पदम सम्मान 2025” से सम्मानित किया गया। यह सम्मान उन्हें शिक्षा के क्षेत्र में उनके 10 वर्षों से अधिक की समर्पित सेवा और अभिनव प्रयासों के लिए प्रदान किया गया।
डॉ. अंसारी की नेतृत्व क्षमता और शिक्षा के प्रति प्रतिबद्धता ने स्कूल को नई ऊँचाइयों तक पहुँचाया है। उनके मार्गदर्शन में हाली पाथ कॉन्वेंट स्कूल ने गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, आधुनिक शिक्षण पद्धतियों और विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास पर विशेष ध्यान दिया है।
सम्मान प्राप्त करने के बाद डॉ. परवेज अंसारी ने कहा —
“यह सम्मान मेरे लिए प्रेरणा का स्रोत है। मैं शिक्षा के क्षेत्र में लगातार नवाचार और सुधार के लिए प्रयासरत रहूँगा।”
उनकी इस उपलब्धि से न केवल स्कूल परिवार बल्कि पूरे जनपद में गर्व की भावना व्याप्त है।


