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बलिया: 12 वर्षों बाद मिला आवास, क्षेत्रीय विधायक ने उठाए सवाल
रामायण में राम को 14 साल का लंबा वनवास काटना पड़ा था। 14 वर्षों के वनवास के बाद राम को अपने अयोध्या जाने का मौका मिला था। बलिया जिले के बेलथरा रोड में भी कुछ परिवारों की कहानी ऐसी ही है। करीब 12 साल के लंबे इंतजार के बाद बेलथरा रोड के 42 पात्र परिवारों को सरकारी आवास मिला है। आसरा शहरी आवास योजना और कांशीराम आवास योजना के तहत 42 पात्रों को सरकारी आवास में कमरों का आवंटन हुआ है। आवंटन होते ही इस पर सवाल उठने लगे हैं। सवाल कोई और नहीं बल्कि बेलथरा रोड से सुभासपा के विधायक हंसू राम ने उठाए हैं। हंसू राम ने इस बात पर भी आपत्ति जताई है कि जब आवास का आवंटन हो रहा था तब क्षेत्र के जनप्रतिनिधि को क्यों नहीं बुलाया गया?
डूडा के परियोजना अधिकारी ने 14 जून को तहसील सभागार में पात्रों को सरकारी आवास का आवंटन किया। आवंटन के लिए लॉटरी सिस्टम का रास्ता चुना गया। SDM की अध्यक्षता में एक छोटी बच्ची से लॉटरी निकलवाई गई। लॉटरी में जिन पात्र लोगों के नाम निकले उन्हें आवास आवंटित किया गया। इस दौरान नगर पंचायत अध्यक्ष दिनेश कुमार गुप्ता और अधिशासी अधिकारी ब्रजेश कुमार गुप्ता की मौजूदगी रही। विधायक हंसू राम ने नगर पंचायत अध्यक्ष और अन्य अधिकारियों पर मिलीभगत कर गलत तरीके से आवंटन का आरोप लगाया है।

तहसील सभागार में पात्रों को आवास आवंटित किया गया। (फोटो साभार: दैनिक भास्कर)
पूरा मामला समझिए:
बलिया के बेलथरा रोड में लगभग 12 साल पहले आसरा योजना के तहत 60 आवासों का निर्माण कराया गया। तब उत्तर प्रदेश में बहुजन समाज पार्टी की सरकार थी। मायावती सूबे की मुख्यमंत्री थीं। उसी वक्त कांशीराम योजना के तहत भी 36 आवासों का निर्माण हुआ। लेकिन अब तक इन आवासों का आवंटन नहीं किया गया था। जिन गरीबों के लिए ये आवास बने थे वो तहसील और अधिकारियों के चक्कर ही काट रहे थे। लेकिन कोई पूछ लेने वाला तक नहीं था। गरीबों का आश्रय आवारा पशुओं और आवारा इंसानों का अड्डा बना हुआ था।
2022 का विधानसभा चुनाव हुआ। बेलथरा रोड विधानसभा सीट से सपा गठबंधन के उम्मीदवार हंसू राम चुनाव जीते। विधायक बने। हंसू राम आवास योजना के तहत आवास आवंटन के मुद्दे को लेकर उत्तर प्रदेश सरकार के नगर विकास मंत्री अरविंद कुमार शर्मा (एके शर्मा) से मिले। हंसू राम ने एके शर्मा को ज्ञापन भी सौंपा। बकौल हंसू राम नगर विकास मंत्री ने उन्हें इस मामले जल्द ही कार्रवाई करने का आश्वासन दिया।

आवास आवंटन की मांग को लेकर एके शर्मा को पत्र सौंपते हंसू राम
बलिया ख़बर से खास बातचीत में हंसू राम ने कहा कि “लखनऊ में मैं एके शर्मा जी से मिला था। पत्र भी सौंपा था। मैंने मांग की थी बेलथरा रोड में बने सरकारी आवास का आवंटन पात्रों के बीच जल्द से जल्द किया जाए। मंत्री जी ने ऐसा करने की बात भी कही थी। ये मुलाकात हुई थी 20 अप्रैल, 2022 को।”

आवास आवंटन के लिए हंसू राम ने नगर विकास मंत्री एके शर्मा को सौंपा था पत्र।
अब 42 पात्रों को सरकारी आवास का आवंटन किया गया है। लेकिन आवंटन के मौके पर क्षेत्र के विधायक हंसू राम को कार्यक्रम में आमंत्रित नहीं किया गया। सिर्फ अधिकारियों की मौजूदगी में पूरा कार्य संपन्न हो गया। हंसू राम कहते हैं कि “SDM और चेयरमैन ने प्रोटोकॉल का उल्लंघन किया। सरकारी आवास का आवंटन जब मेरे प्रयासों से हो रहा था तब क्षेत्र के जनप्रतिनिधि को जरूर बुलाया जाना चाहिए था।”
विधायक हंसू राम ने आवास के आवंटन में गड़बड़ी का भी आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि “SDM और चेयरमैन ने मिलीभगत कर लेनेदेन किया और आवास का आवंटन कुछ खास लोगों को भी किया है।” हंसू राम ने का कहना है कि वो “इस मामले में जिलाधिकारी से मिलेंगे। यही नहीं इस मामले को सदन के आगामी सत्र में भी उठाएंगे।”
बहरहाल पात्रों को आवास का आवंटन कर दिया गया है। अब आने वाले 19 जून को समाधान दिवस के मौके पर आवास की चाबी पात्रों को सौंपी जाएगी। परियोजना अधिकारी ने पात्रों को आगाह किया है कि चाबी देने के नाम पर यदि कोई रुपए मांगता है तो ना दें। ऐसे फर्जीवाड़े और ठगों से सावधान रहने की समझाइश दी गई है।
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Photos- जमुना राम मेमोरियल स्कूल में गणतंत्र दिवस समारोह हर्षोल्लास से संपन्न
26 जनवरी 2026 को जमुना राम मेमोरियल स्कूल के प्रांगण में 76वां गणतंत्र दिवस समारोह बड़े हर्षोल्लास, उत्साह और गरिमामय वातावरण में संपन्न हुआ। इस अवसर पर नर्सरी से लेकर कक्षा 12वीं तक के विद्यार्थियों ने रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत कर उपस्थित अतिथियों एवं अभिभावकों का मन मोह लिया।

कार्यक्रम का शुभारंभ सरस्वती पूजा एवं ध्वजारोहण के साथ हुआ। विद्यार्थियों ने अनुशासित मार्च-पास्ट के माध्यम से राष्ट्रीय ध्वज को सलामी दी। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि संस्था के अध्यक्ष प्रोफेसर धर्मात्मानंद जी ने ध्वजारोहण किया। अपने प्रेरणादायक संबोधन में उन्होंने कहा कि सामाजिक समरसता, समानता एवं मौलिक अधिकारों की रक्षा के लिए संविधान में निहित प्रावधानों का पालन करना प्रत्येक नागरिक का कर्तव्य है। उन्होंने विद्यार्थियों से राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया।
इस अवसर पर सेना से सेवानिवृत्त महानुभूतियों को स्मृति चिन्ह एवं अंगवस्त्र भेंट कर सम्मानित किया गया, जिससे समारोह की गरिमा और भी बढ़ गई।

कार्यक्रम में नन्हे-मुन्ने बच्चों द्वारा प्रस्तुत देशभक्ति गीतों ने सभी को भावविभोर कर दिया। हरियाणवी नृत्य, “मां से ही माटी” थीम पर आधारित प्रस्तुति, “पधारो मारे देश”, कव्वाली, उत्तर-पूर्व भारत का प्रसिद्ध बिहू नृत्य तथा योग प्रदर्शन को दर्शकों ने खूब सराहा। गरबा और भांगड़ा नृत्य भी विशेष आकर्षण का केंद्र रहे। कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण “वराह रूपम” नृत्य एवं कथकली प्रस्तुति रही, जिसने उपस्थित दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।

इस भव्य आयोजन को सफल बनाने में विद्यालय के समस्त शिक्षक-शिक्षिकाओं एवं गैर-शिक्षण कर्मचारियों का महत्वपूर्ण योगदान रहा। संस्था के निदेशक तुषार नंद जी एवं सौम्या प्रसाद जी ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि संविधान में निहित मौलिक अधिकारों, कर्तव्यों एवं समानता के सिद्धांतों पर आधारित समाज के निर्माण से ही भारत को विश्वगुरु बनाने का सपना साकार हो सकता है।

कार्यक्रम के अंत में विद्यालय के प्रधानाचार्य अजीत कुमार सिंह ने सभी आगंतुकों, अतिथियों, विद्यार्थियों एवं कर्मचारीगण के प्रति आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम की सफलता में कोऑर्डिनेटर नीतू मिश्रा एवं अरविंद चौबे की विशेष सहभागिता रही।
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UGC के ‘Equity Rules’ में स्पष्टता व संतुलन की मांग, बलिया के भानु प्रकाश सिंह ने चेयरमैन को लिखा पत्र
बलिया। ध्रुवजी सिंह स्मृति सेवा संस्थान, पूर-बलिया के सचिव भानु प्रकाश सिंह ‘बबलू’ ने विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) के चेयरमैन डॉ. विनीत जोशी को पत्र भेजकर यूजीसी विनियम, 2026 में आवश्यक स्पष्टीकरण और सुधार की मांग की है। उन्होंने पत्र की प्रतिलिपि राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, केंद्रीय शिक्षा मंत्री, गृह मंत्री एवं रक्षा मंत्री को भी भेजते हुए इस विषय पर शीघ्र और ठोस कार्रवाई की आवश्यकता जताई है।
भानु प्रकाश सिंह ने यूजीसी विनियमों के उद्देश्य को सराहनीय बताते हुए कहा कि उनके प्रभावी क्रियान्वयन के लिए संविधान के अनुच्छेद 14, 15(1) एवं 21 तथा नैसर्गिक न्याय के सिद्धांतों के अनुरूप संतुलित, स्पष्ट और न्यायसंगत व्यवस्था अनिवार्य है। उन्होंने समता समिति के गठन, उसकी संरचना और निर्णय प्रक्रिया में पारदर्शिता, संतुलन और निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए ठोस दिशा-निर्देश जारी करने की मांग की।
शिकायतों के निस्तारण के लिए एक समान मानक कार्य-प्रणाली (एसओपी) तय करने पर जोर देते हुए उन्होंने कहा कि केवल आरोप के आधार पर कठोर कार्रवाई न्यायसंगत नहीं है। किसी भी दंडात्मक कदम से पूर्व प्रथम दृष्टया जांच आवश्यक होनी चाहिए। साथ ही झूठी या दुर्भावनापूर्ण शिकायतों के दुरुपयोग को रोकने के लिए भी स्पष्ट प्रावधान किए जाने की मांग की गई।
उन्होंने स्पष्ट किया कि शिक्षा संस्थानों में नियमों का पालन सहयोग, मार्गदर्शन और न्याय की भावना पर आधारित होना चाहिए, न कि पुलिसिंग या अत्यधिक निगरानी जैसा वातावरण बनाकर। इसके अतिरिक्त उच्च शिक्षा को शोध और नवाचार का मजबूत केंद्र बनाने के लिए रिसर्च इंफ्रास्ट्रक्चर के सुदृढ़ीकरण, साझा प्रयोगशालाओं की स्थापना, उद्योग-सहयोग, स्टार्टअप को बढ़ावा देने और पेटेंट संस्कृति को प्राथमिकता देने का भी सुझाव दिया।


