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बलिया के निखिल करेंगे माउंट एवरेस्ट की चढ़ाई, 2022 में रचेंगे इतिहास, पढ़िए पूरी कहानी

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बलिया जिले के निखिल प्रताप सिंह आगामी साल 2022 में माउंट एवरेस्ट की चढ़ाई करने की तैयारी कर रहे हैं। निखिल प्रताप सिंह जिले के नगरा थाना क्षेत्र के लहसानी गांव के रहने वाले हैं। 29 वर्षीय निखिल एडवेंचर जंकी और सोशल इंटरप्रेन्योर हैं। निखिल पूर्वांचल के पहले पर्वतारोही हैं जो माउंट एवरेस्ट पर चढ़ाई करने जा रहे हैं।

2015 में संयुक्त राष्ट्र ने दुनिया भर से गरीबी खत्म करने, धरती की सुरक्षा और यह सुनिश्चित करने का लक्ष्य तय किया था कि 2030 तक दुनया भर के लोग सुखी और समृद्ध हो जाएंगे। इन लक्ष्यों को सतत विकास लक्ष्य या वैश्विक लक्ष्य का नाम दिया गया। इसी के तहत निखिल प्रताप सिंह माउंट एवरेस्ट और अलग-अलग महाद्वीपों के पर्वतों की चढ़ाई करने जा रहे हैं। जिससे भारत और पूरी दुनिया के लोग प्रभावित होंगे।

2022 के अप्रैल महीने में निखिल प्रताप सिंह माउंट एवरेस्ट की चढ़ाई करेंगे। लेकिन इससे पहले निखिल प्रताप सिंह दक्षिण अफ्रिका के तंजानिया में माउंट किलीमंजारो, यूरोप के माउंट एलब्रस, दक्षिण अमेरिका के माउंट एकोन्कागुआ, उत्तरी अमेरिका के माउंट डेनाली, आस्ट्रेलिया के माउंट कोसिउसको, और आस्ट्रेलिया के जया पीक पर चढ़ेंगे।

निखिल पर्वतारोही तो हैं ही साथ में केकिंग, राफ्टिंग भी करते हैं। उन्हें जंगलों में रहने और सर्वाइवल की विशेषज्ञता भी हासिल है। निखिल प्रताप सिंह प्लानेट ट्रोटर नाम से एक कंपनी चलाते हैं। जो देश के सुदुरवर्ती इलाकों के गांवों में अलग-अलग तरह के कार्यक्रम चलाते हैं। ये कंपनी एडवेंचर को लेकर शिक्षा भी देती है।

निखिल प्रताप सिंह के पिता प्रेम प्रताप सिंह सेंट्रल इंडस्ट्री सुरक्षा बल यानी सीआईएसएफ के जवान हैं। मां मीना सिंह गृहणी हैं। पिता प्रेम प्रताप सिंह की तैनाती फिलहाल झारखंड की राजधानी रांची में है। सीआईएसएफ में काम करने की वजह से प्रेम प्रताप सिंह की की तैनाती देश के अलग-अलग राज्यों में होती रही है। जिसके चलते निखिल की पढ़ाई किसी एक ही राज्य में नहीं हुई।

बलिया खबर से बातचीत में निखिल प्रताप सिंह ने बताया कि “शुरुआती दो सालों की पढ़ाई-लिखाई आंध्र प्रदेश में हुई। लेकिन फिर कक्षा एक से कक्षा पांच तक की शिक्षा केरल के केंद्रीय विद्यालय में पूरी हुई। फिर अगले साल पिता की पोस्टिंग चेन्नई में हो गई। तो निखिल की पढ़ाई चेन्नई के केंद्रीय विद्यालय में शुरू हो गई।”

“कक्षा दस की पढ़ाई छत्तीसगढ़ के केंद्रीय विद्यालय में पूरी हुई। तो वहीं इंटरमीडिएट की शिक्षा हासिल की गुजरात के केंद्रीय विद्यालय में। 2011 में मैंने देहरादुन स्थित उत्तराखंड टेक्निकल यूनिवर्सिटी से इंजीनियरिंग की। अपनी पढ़ाई के दौरान मेरी दिलचस्पी खेलकूद में भी थी। घर वालों ने भी खेल के क्षेत्र में प्रोत्साहित किया। इंजीनियरिंग के दौरान ही मैंने नार्थ ज़ोन के लिए इंटर यूनिवर्सिटी क्रिकेट टूर्नामेंट खेला।” निखिल ने बताया।

सेना में काम करने को लेकर भी निखिल की दिलचस्पी रही। निखिल कहते हैं कि “मैंने पांच बार नेवी, आर्मी, एयरफोर्स में साक्षात्कार दिया। लेकिन पांचों बार कान्फ्रेंस आउट हो गया।”

इंजीनियरिंग के बाद निखिल को एक नौकरी मिल चुकी थी। लेकिन नौकरी करने में उनका मन नहीं लगा। घर वालों को ये बात बताकर निखिल ने अपनी नौकरी छोड़ दी। उन्होंने बताया कि “2017-18 में मैंने दार्जलिंग के हिमालयन माउंटेनियरिंग इंस्टीच्युट से माउंटेनियरिंग कोर्स पूरा किया। इसके बाद नदी और समुद्र में तैराकी से लेकर राफ्टिंग तक भी सीखने लगा।”

इसके बाद निखिल प्रताप सिंह ने अपनी कंपनी शुरू की। जो बच्चों की शिक्षा से लेकर उन्हें हर क्षेत्र में आगे बढ़ाने के लिए जागरूक करना शुरू किया। ये कंपनी मुख्यधारा से कटे गांवों को गोद लेती है। इन गांवों में निखिल प्रताप सिंह की टीम रूरल टूरिज्म को बढ़ावा देती है। इसके अलावा बच्चों की शिक्षा से लेकर गांवों के स्कूल और अस्पताल के लिए काम करती है। महिला सशक्तिकरण को लेकर भी कंपनी काम करती है।

निखिल प्रताप सिंह का एक प्रोडक्शन हाउस भी है।  यह प्रोडक्शन हाउस डाक्यूमेंट्री बनाती है। ज्यादातर डाक्यूमेंट्री फिल्में गांवों में बनाई जाती है जहां कंपनी काम कर रही होती है। फिलहाल निखिल मैंगलोर में अपनी ट्रेनिंग में जुटे हुए हैं। उन्हें एमएमए और कर्माटक के मुएथाई स्पोर्ट स्टेट इंचार्ज नितेश कुमार के तहत ट्रेनिंग मिल रही है।

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CBSE ईस्ट जोन हॉकी प्रतियोगिता में जमुना राम स्कूल की बेटियों का कमाल, कांस्य पदक जीतकर बढ़ाया मान

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गोरखपुर स्थित बी.एन. पब्लिक स्कूल में 31 जुलाई से 2 अगस्त 2026 तक आयोजित सीबीएसई ईस्ट जोन हॉकी प्रतियोगिता (सत्र 2026-27) में जमुना राम मेमोरियल स्कूल, चितबड़ागांव (बलिया) की अंडर-17 बालिका हॉकी टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए कांस्य पदक (तृतीय स्थान) अपने नाम किया। इस उपलब्धि से विद्यालय के साथ-साथ पूरे बलिया जिले का गौरव बढ़ा है।

प्रतियोगिता के दौरान टीम ने कई मजबूत विद्यालयों को कड़ी टक्कर देते हुए सेमीफाइनल तक का शानदार सफर तय किया और अंततः तीसरा स्थान हासिल कर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया।

कांस्य पदक जीतकर विद्यालय पहुंची टीम का ढोल-नगाड़ों, पुष्प वर्षा और तालियों की गूंज के बीच भव्य स्वागत किया गया। विद्यालय परिसर में आयोजित सम्मान समारोह में खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की गई।

विद्यालय के प्रबंध निदेशक इंजीनियर तुषारनंद ने खिलाड़ियों को बधाई देते हुए कहा कि, “हमारे विद्यालय की बेटियां आज शिक्षा के साथ-साथ खेल के क्षेत्र में भी नए कीर्तिमान स्थापित कर रही हैं। सीबीएसई ईस्ट जोन प्रतियोगिता में कांस्य पदक जीतना उनकी कड़ी मेहनत, अनुशासन और समर्पण का परिणाम है। विद्यालय प्रबंधन खिलाड़ियों को भविष्य में भी विश्वस्तरीय सुविधाएं और बेहतर अवसर उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध रहेगा।”

इस उपलब्धि पर विद्यालय परिवार, अभिभावकों और क्षेत्रवासियों ने टीम को शुभकामनाएं देते हुए इसे जिले के लिए गर्व का क्षण बताया। खिलाड़ियों की इस सफलता से विद्यालय में उत्साह का माहौल है और अन्य छात्र-छात्राओं को भी खेलों में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए प्रेरणा मिली है।

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‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत जमुना राम पीजी कॉलेज में हुआ पौधरोपण, वन महोत्सव-2026 का आयोजन

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बलिया। पर्यावरण संरक्षण और हरियाली को बढ़ावा देने के उद्देश्य से बुधवार को श्री जमुना राम पीजी कॉलेज, चितबड़ागांव में ‘वन महोत्सव-2026’ के अंतर्गत ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान चलाया गया। कार्यक्रम में आम के फलदार पौधे रोपकर प्रकृति संरक्षण का संदेश दिया गया।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया, चितबड़ागांव शाखा के वरिष्ठ शाखा प्रबंधक शक्ति कुमार ने पांच आम के पौधे लगाकर अभियान की शुरुआत की। उन्होंने अधिक से अधिक पौधे लगाने और उनकी देखभाल करने का आह्वान किया।

इस अवसर पर महाविद्यालय के संस्थापक प्रबंधक प्रो. धर्मात्मानंद, उप प्राचार्य डॉ. विपिन गुप्ता, शिक्षा संकायाध्यक्ष डॉ. उदयनारायण श्रीवास्तव, डॉ. विनोद यादव, डॉ. राकेश गुप्ता, डॉ. आशुतोष उपाध्याय, बृजेश गुप्ता, आरती पांडे, मंदाकिनी सिंह, मदन सिंह सहित महाविद्यालय परिवार के सदस्य उपस्थित रहे।

कार्यक्रम में सभी ने पर्यावरण संरक्षण का संकल्प लेते हुए अधिक से अधिक पौधरोपण और उनकी नियमित देखभाल करने का संदेश दिया।

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आवास योजना में लापरवाही पर सभी एसडीएम का वेतन रोकने के आदेश

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बलिया। जिले में राजस्व और विकास कार्यों की समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी मंगला प्रसाद सिंह ने लापरवाही पर कड़ा रुख अपनाया। मंगलवार को कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित समीक्षा बैठक में उन्होंने भूमि आवंटन और आवासीय पट्टा वितरण में खराब प्रगति पर सभी उपजिलाधिकारियों (एसडीएम) का वेतन रोकने के आदेश दिए। साथ ही लंबित राजस्व वादों के 15 दिनों के भीतर निस्तारण और 90 दिन से अधिक पुराने मामलों को मिशन मोड में खत्म करने के निर्देश दिए।

जिलाधिकारी ने विभिन्न विभागों से जुड़े 25 महत्वपूर्ण एजेंडों की समीक्षा करते हुए आईजीआरएस, डिजिटल क्रॉप सर्वे, स्वामित्व योजना, अंश निर्धारण, मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना कल्याण योजना, भूमि आवंटन, मत्स्य पट्टा, चकबंदी, बाढ़ प्रबंधन और अन्य राजस्व मामलों की प्रगति पर अधिकारियों से जवाब-तलब किया।

उन्होंने आईजीआरएस के लंबित प्रकरणों का गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करने को कहा। स्वामित्व योजना के तहत लक्ष्य के सापेक्ष 1,286 गांवों में सर्वे कार्य शेष रहने पर नाराजगी जताते हुए सभी एसडीएम को अभियान चलाकर कार्य पूरा करने के निर्देश दिए।

आगामी बाढ़ को देखते हुए डीएम ने रेड जोन के गांवों की पहचान, नावों की उपलब्धता, मेडिकल कैंप, पशुओं के चारे, राहत सामग्री और कंट्रोल रूम की अग्रिम व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने 183 संभावित बाढ़ प्रभावित गांवों के लिए समुचित तैयारी रखने को भी कहा।

राजस्व वादों की समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने धारा 24, 33, 34, 67 और 116 से संबंधित लंबित मामलों की स्थिति जानी और निर्देश दिया कि सभी लंबित वादों का 15 दिनों के भीतर निस्तारण किया जाए। 90 दिन से अधिक पुराने मामलों के लिए विशेष कार्ययोजना बनाकर मिशन मोड में कार्रवाई करने को कहा।

मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना कल्याण योजना के तहत सभी तहसीलों में 16 प्रकरण लंबित मिलने पर उन्होंने संबंधित लेखपालों और कानूनगो के विरुद्ध आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए।

भूमि आवंटन की समीक्षा में रसड़ा, सिकंदरपुर और बैरिया तहसीलों में कृषि पट्टों का आवंटन नहीं होने पर 10 दिन के भीतर कार्रवाई पूरी करने के निर्देश दिए। वहीं आवासीय पट्टा वितरण में लक्ष्य के अनुरूप प्रगति न मिलने पर सभी एसडीएम का वेतन रोकने के आदेश जारी किए।

मत्स्य पालन के लिए पट्टा आवंटन में बांसडीह, बलिया सदर और बैरिया तहसीलों की खराब प्रगति पर संबंधित तहसीलदारों का वेतन रोकने के निर्देश दिए गए। वहीं चकबंदी विभाग में 4,969 मुकदमे लंबित मिलने पर संबंधित अधिकारियों को शोकॉज नोटिस जारी करने और पांच वर्ष से अधिक पुराने मामलों का प्राथमिकता के आधार पर निस्तारण सुनिश्चित करने को कहा।

बैठक में अन्नपूर्णा भवनों के उद्घाटन, सस्ता गल्ला दुकानों के चयन, अवैध खनन पर कार्रवाई, भूमि अधिग्रहण, नदी कटान निरोधक कार्य, गंगा ऑडिटोरियम के जीर्णोद्धार, एसटीपी परियोजना तथा अन्य विकास कार्यों की भी समीक्षा की गई। इस दौरान अपर जिलाधिकारी अनिल कुमार, मुख्य राजस्व अधिकारी गुलशन जी, सभी एसडीएम, तहसीलदार, नायब तहसीलदार एवं अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

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