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बलिया जिले में हुई ये हत्या रहस्यमयी है या पुलिस डाल रही है पर्दा?
बलिया जिले में 10-15 साल पहले हुई एक कथित हत्या को लेकर इन दिनों में हंगामा खड़ा हो गया है। बलिया के भीमपुरा थाना क्षेत्र का यह मामला है। हत्या हुए पंद्रह वर्ष का वक्त बीत चुका है लेकिन पुलिस अब तक पीड़ित परिवार को न्याय नहीं दिला सकी है। आर्थिक रूप से बेहद कमजोर परिवार आज तक अपनी बेटी की हत्या के लिए इंसाफ मांग रही है।
भीमपुरा थाना में एक गांव है सबदलपुर। इसी गांव का रहने वाले सुग्रीव नाम के एक लड़के पर आरोप है कि एक लड़की को अपने प्रेम पाश में फंसाकर बाद में हत्या कर दिया। गांव के कई लोगों द्वारा इस मामले में गवाही दिए जाने के बाद भी पुलिस अब तक कोई सख्त कार्रवाई नहीं कर सकी है।
जन ज्वार वेबसाइट के मुताबिक सबदलपुर के एक लड़की और एक लड़की आपस में प्रेम करने लगते हैं। लड़का एक इलेक्ट्रॉनिक सामानों का दुकान चलाता है। कुछ दिनों के बाद लड़का और लड़की दोनों भाग गए। बताया जाता है कि लड़के ने कई दिनों तक लड़की को अपने ट्यूबवेल पर रखा था। इसके बाद दोनों पंजाब भागकर चले गए।
मु0अ0सँ0 108/19 थाना-भीमपुरा, बलिया में CBI या किसी अन्य जांच एजेंसी की जरूरत है पुलिस सिर्फ मुजरिम के बचाव की बात कर रही है , लड़की को सुग्रीव भगाकर ले गया लड़की अगर जिंदा है तो कहां है ???@dgpup @Uppolice pic.twitter.com/BYVuUQFauW
— Singhasan Chauhan (@chauhans11) October 19, 2021
पंजाब से लौटकर एक बार फिर दोनों ट्यूबवेल पर ही रहने लगे। लड़के के परिजनों को इस बात की खबर थी कि उनका लड़का किसी लड़की को लेकर ट्यूबवेल पर रह रहा है। मामला तब बिगड़ा जब लड़के के परिवार वालों ने लड़की को ट्यूबवेल से हटाने का दबाव बनाया। परिजनों के दबाव पर लड़के ने लड़की को हटाने की योजना बनाई।
लड़के ने इसी के बाद कथित तौर पर लड़की को जहर देकर मार डाला। गांव वाले बताते हैं कि लड़के ने भी लड़की के साथ जहर पीने का नाटक किया था। लड़की के मर जाने पर लड़के ने गांव में ही एक पावर ग्रिड के हाईटेंशन पोल के गड्ढें में उसके शव को छुपा दिया। गड्ढे में लड़की के शव को डालने के बाद मिट्टी से ढक दिया गया।
लड़की के परिवार वाले अपनी बेटी को खोजते रहे। अंत में हार मानकर तलाश बंद कर दिया। लड़की के घर वाले बेहद गरीब हैं। उन्होंने इस मामले में कोई मुकदमा दर्ज भी नहीं करवाया। कई सालों बाद 2018 में इस घटना का खुलासा तब हुआ जब आरटीआई कार्यकर्ता सिंहासन चौहान को इस मामले का पता चला।
बहुत ही घटिया स्तर है जनसुनवाई पोर्टल का, पोर्टल पर दर्ज होने के 15 दिन बाद तक भी अग्रसित नहीं किया जाता है @UPGovt @myogiadityanath @ChiefSecyUP @CMHelpline1076 @myogioffice pic.twitter.com/9fk9155ck7
— Singhasan Chauhan (@chauhans11) October 17, 2021
सिंहासन ने खुद ही गांव के कई लोगों से पूछताछ की। उसके बाद जनसुनवाई पोर्टल पर इसकी शिकायत की। इसके बाद पुलिस ने तफ्तीश शुरू की। पीड़ित परिवार पर आरोपियों की ओर से कई बार सुलह के लिए दबाव बनाया गया। पुलिस पर इस मामले को रफ-दफा करवाने के लिए दबाव बनाने का आरोप है।
सिंहासन चौहान के कहने मृतक लड़की की मां रमावती देवी ने 4 जुलाई, 2018 को भीमपुरा थाना में शिकायतत दर्ज कराई। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए दो लोगों को हिरासत में भी लिया था। हालांकि बाद में दोनों को छोड़ दिया गया। तीन साल पहले पुलिस के पास की गई शिकायत पर आज तक कोई बड़ी कार्रवाई नहीं हो सकी है। देखना होगा कि पुलिस कब तक लड़की के हत्यारों को पकड़ती है?
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UGC के ‘Equity Rules’ में स्पष्टता व संतुलन की मांग, बलिया के भानु प्रकाश सिंह ने चेयरमैन को लिखा पत्र
बलिया। ध्रुवजी सिंह स्मृति सेवा संस्थान, पूर-बलिया के सचिव भानु प्रकाश सिंह ‘बबलू’ ने विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) के चेयरमैन डॉ. विनीत जोशी को पत्र भेजकर यूजीसी विनियम, 2026 में आवश्यक स्पष्टीकरण और सुधार की मांग की है। उन्होंने पत्र की प्रतिलिपि राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, केंद्रीय शिक्षा मंत्री, गृह मंत्री एवं रक्षा मंत्री को भी भेजते हुए इस विषय पर शीघ्र और ठोस कार्रवाई की आवश्यकता जताई है।
भानु प्रकाश सिंह ने यूजीसी विनियमों के उद्देश्य को सराहनीय बताते हुए कहा कि उनके प्रभावी क्रियान्वयन के लिए संविधान के अनुच्छेद 14, 15(1) एवं 21 तथा नैसर्गिक न्याय के सिद्धांतों के अनुरूप संतुलित, स्पष्ट और न्यायसंगत व्यवस्था अनिवार्य है। उन्होंने समता समिति के गठन, उसकी संरचना और निर्णय प्रक्रिया में पारदर्शिता, संतुलन और निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए ठोस दिशा-निर्देश जारी करने की मांग की।
शिकायतों के निस्तारण के लिए एक समान मानक कार्य-प्रणाली (एसओपी) तय करने पर जोर देते हुए उन्होंने कहा कि केवल आरोप के आधार पर कठोर कार्रवाई न्यायसंगत नहीं है। किसी भी दंडात्मक कदम से पूर्व प्रथम दृष्टया जांच आवश्यक होनी चाहिए। साथ ही झूठी या दुर्भावनापूर्ण शिकायतों के दुरुपयोग को रोकने के लिए भी स्पष्ट प्रावधान किए जाने की मांग की गई।
उन्होंने स्पष्ट किया कि शिक्षा संस्थानों में नियमों का पालन सहयोग, मार्गदर्शन और न्याय की भावना पर आधारित होना चाहिए, न कि पुलिसिंग या अत्यधिक निगरानी जैसा वातावरण बनाकर। इसके अतिरिक्त उच्च शिक्षा को शोध और नवाचार का मजबूत केंद्र बनाने के लिए रिसर्च इंफ्रास्ट्रक्चर के सुदृढ़ीकरण, साझा प्रयोगशालाओं की स्थापना, उद्योग-सहयोग, स्टार्टअप को बढ़ावा देने और पेटेंट संस्कृति को प्राथमिकता देने का भी सुझाव दिया।
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BHU छात्र नेता योगेश योगी के प्रयास से एक्सप्रेस ट्रेनों के ठहराव को मिली मंजूरी!
बलिया। फेफना जंक्शन पर एक्सप्रेस ट्रेनों के ठहराव को लेकर क्षेत्रवासियों की लंबे समय से चली आ रही मांग अब पूरी हो गई है। बीएचयू छात्र नेता योगेश योगी के लगातार प्रयास और पहल से रेलवे ने एक्सप्रेस ट्रेनों के ठहराव को स्वीकृति दे दी है। प्राप्त जानकारी के अनुसार 16 जनवरी से इन ट्रेनों का फेफना स्टेशन पर ठहराव शुरू हो जाएगा। इस उपलब्धि का श्रेय प्रदेश सरकार के आयुष मंत्री दयानंद मिश्रा ‘दयालु’ को दिया जा रहा है,
छात्र नेता योगेश योगी ने यात्रियों, छात्रों और आम नागरिकों की समस्याओं को लेकर संबंधित अधिकारियों व जनप्रतिनिधियों के समक्ष लगातार मांग उठाई थी। उनके प्रयासों के बाद यह महत्वपूर्ण फैसला लिया गया, जिससे क्षेत्र के हजारों यात्रियों को सीधा लाभ मिलेगा।
ट्रेन ठहराव से विशेष रूप से छात्रों, नौकरीपेशा लोगों, व्यापारियों और इलाज के लिए बाहर जाने वाले मरीजों को सुविधा होगी। स्थानीय लोगों ने इसे जनहित में लिया गया निर्णय बताते हुए योगेश योगी के प्रति आभार जताया है।
योगेश योगी ने कहा कि यह केवल शुरुआत है, आगे भी क्षेत्र और छात्रों के हित में संघर्ष जारी रहेगा।
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