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बलिया

बलिया: दो हजार से ज्यादा आंगनबाड़ी केंद्रों के पास नहीं है कोई भवन?

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बलिया: दो हजार से ज्यादा आंगनबाड़ी केंद्रों के पास नहीं है कोई भवन? (प्रतिकात्मक तस्वीर/साभार: Patrika.com)

नई शिक्षा नीति के तहत केंद्र सरकार ने आंगनबाड़ी केंद्रों को प्री-प्राइमरी स्कूल के रूप में विकसित करने की योजना बनाई है। आंगनबाड़ी केंद्रों की व्यवस्था को सुधारकर शिक्षा के क्षेत्र में निचले स्तर से परिवर्तन लाने की कवायद हो रही है। उत्तर प्रदेश के बलिया जिला में आंगनबाड़ी केंद्रों की स्थिति बेहद खराब हो चुकी है। आंगनबाड़ी केंद्रों पर जिले के नौनिहालों के भविष्य के साथ खिलवाड़ हो रहा है। जिले में दो हजार से भी अधिक ऐसे आंगनबाड़ी केंद्र ऐसे हैं जिनके भवन ही नहीं हैं। यानी एक कमरा तक नहीं है जहां आंगनबाड़ी चल सके।

पूरे बलिया जिले में कुल 3471 आंगनबाड़ी केंद्र हैं। इनमें से लगभग 2671आंगनबाड़ी केंद्रों के पास अपनी भवन नहीं है। महज आठ सौ केंद्रों के पास अपना ढ़ांचा है। जहां बच्चों को पढ़ाया जाता है। इन आठ सौ आंगनबाड़ी केंद्रों में भी कई भवन जर्जर और पुराने हो चुके हैं। बारिश के दिनों में इनकी छत से पानी टपकना आम बात हो चुकी है। आम दिनों में भी छत से सीलन गिरने का खतरा लगातार बना रहता है।

रसड़ा की एक आंगनबाड़ी शिक्षिका पहचान उजागर न किए जाने की शर्त पर बताती हैं कि “हमलोग एक मकान में आंगनबाड़ी चलाते हैं। लेकिन वो हमारा अपना मतलब आंगनबाड़ी का नहीं है। जैसे-तैसे हमलोग काम कर रहे हैं।” आंगनबाड़ी शिक्षिका बताती हैं कि “आंगनबाड़ी का खुद का भवन न होने की वजह से कई लोग अपने बच्चों को यहां भेजते भी नहीं हैं क्योंकि सुविधा कुछ है नहीं। लोग अपने छोटे बच्चों को ऐसे ही कहीं पढ़ने के लिए नहीं भेज सकते हैं न?”

बलिया कई मौलिक मानकों पर पिछड़ा हुआ है। नीति आयोग ने हाल ही में स्वास्थ्य, शिक्षा और पोषण के आधार पर देश के अति पिछड़े जिलों की सूची बनाई थी। इसमें बलिया ने भी खराब प्रदर्शन किया था। जिले के 429 ग्राम पंचायतों में आंगनबाड़ी केंद्र बनाए गए हैं। लेकिन किसी भी पंचायत में आंगनबाड़ी केंद्र की हालत ठीक नहीं है। यहां तक कि कई ग्राम पंचायतों में पेड़ की छांव में भी आंगनबाड़ी का संचालन किया जा रहा है। ज्यादातर आंगनबाड़ी केंद्र अपने इलाके के प्राथमिक या माध्यमिक विद्यालय में चलाए जा रहे हैं।

बलिया के जिला कार्यक्रम अधिकारी कृष्ण मुरारी पांडेय का एक बयान मीडिया में छपा है कि “शासन की ओर से आंगनबाड़ी केंद्रों को प्री-प्राइमरी स्कूल की तर्ज पर विकसित करने का आदेश आ चुका है। इसे लेकर बेसिक शिक्षा विभाग के साथ समन्वया बनाकर आगे की रणनीति तैयार की जा रही है। इसके बाद आंगनबाड़ी केंद्रों के लिए जरूरी ढ़ांचा विकसित किया जाएगा।”

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बलिया

शिक्षा पदम सम्मान 2025 से सम्मानित हुए हाली पाथ कॉन्वेंट स्कूल के युवा निदेशक डॉ. परवेज अंसारी

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हिमाचल प्रदेश के प्रतिष्ठित हिलटॉप पब्लिक स्कूल में आयोजित भव्य सम्मान समारोह में हाली पाथ कॉन्वेंट स्कूल के युवा निदेशक डॉ. परवेज अंसारी को “शिक्षा पदम सम्मान 2025” से सम्मानित किया गया। यह सम्मान उन्हें शिक्षा के क्षेत्र में उनके 10 वर्षों से अधिक की समर्पित सेवा और अभिनव प्रयासों के लिए प्रदान किया गया।

डॉ. अंसारी की नेतृत्व क्षमता और शिक्षा के प्रति प्रतिबद्धता ने स्कूल को नई ऊँचाइयों तक पहुँचाया है। उनके मार्गदर्शन में हाली पाथ कॉन्वेंट स्कूल ने गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, आधुनिक शिक्षण पद्धतियों और विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास पर विशेष ध्यान दिया है।

सम्मान प्राप्त करने के बाद डॉ. परवेज अंसारी ने कहा —

“यह सम्मान मेरे लिए प्रेरणा का स्रोत है। मैं शिक्षा के क्षेत्र में लगातार नवाचार और सुधार के लिए प्रयासरत रहूँगा।”

उनकी इस उपलब्धि से न केवल स्कूल परिवार बल्कि पूरे जनपद में गर्व की भावना व्याप्त है।

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फेफना

दिखाया जज़्बा: जमुना राम मेमोरियल स्कूल के कराटे वीरों ने जीते 22 पदक, बलिया में बजाया अपना डंका

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बलिया के बापू भवन में आयोजित 2nd Gyanti Devi Memorial Cup District Karate Championship 2K25 में जिले के लगभग 15 विद्यालयों ने भाग लिया। इस प्रतियोगिता में जमुना राम मेमोरियल स्कूल, मानपुर चितबड़ागांव के 22 छात्रों ने प्रतिभाग कर दमखम दिखाया।

शानदार प्रदर्शन करते हुए स्कूल के 12 छात्रों ने स्वर्ण पदक , 6 ने रजत पदक  और 4 ने कांस्य पदक हासिल किए। छात्रों की इस उपलब्धि ने न केवल विद्यालय का नाम रोशन किया बल्कि माता-पिता और क्षेत्र को भी गौरवान्वित किया।

विद्यालय के प्रधानाचार्य अबरी के.बी. एवं प्रबंध निदेशक तुषार नंद जी ने विजेताओं को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। उन्होंने कहा कि इस प्रकार की प्रतियोगिताएं बच्चों में आत्मविश्वास, अनुशासन और शारीरिक स्फूर्ति को बढ़ावा देती हैं।

विद्यालय प्रबंधन ने यह भी आश्वस्त किया कि भविष्य में भी छात्र ऐसे आयोजनों में भाग लेकर और बेहतर प्रदर्शन करेंगे।

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बलिया की राजनीति में हलचल: भानु दुबे जल्द कर सकते हैं सपा जॉइन, अटकलों का बाजार गर्म

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बलिया।
बलिया के प्रमुख सामाजिक नेता भानु दुबे जल्द ही समाजवादी पार्टी (सपा) जॉइन कर सकते हैं। हाल ही में उनके सोशल मीडिया पोस्ट और गतिविधियों से इस बात के कयास तेज हो गए हैं। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, पिछले कुछ दिनों से भानु दुबे लगातार सपा के बड़े नेताओं से मुलाकात कर रहे हैं। उनकी इन मुलाकातों और नेताओं के काफिलों में देखे जाने के बाद यह चर्चा और तेज हो गई है कि वे जल्द ही सपा का दामन थाम सकते हैं।

भानु दुबे को ब्राह्मण समाज का बड़ा चेहरा माना जाता है। सामाजिक स्तर पर उनकी लोकप्रियता भी युवाओं में काफी मजबूत है। अगर वे सपा में शामिल होते हैं तो न केवल बलिया में पार्टी को मजबूती मिलेगी, बल्कि आगामी 2027 विधानसभा चुनाव में बलिया सदर सीट से उनकी दावेदारी भी बेहद मजबूत मानी जा रही है।

राजनीतिक जानकारों का मानना है कि भानु दुबे के सपा में आने से बलिया की राजनीति में नया समीकरण बन सकता है।  और यह फैसला पूरे जिले के राजनीतिक परिदृश्य को बदल सकता है।

अब देखना दिलचस्प होगा कि भानु दुबे कब और किस मंच से सपा की सदस्यता ग्रहण करते हैं और इसके बाद जिले की राजनीति कौन सा नया मोड़ लेती है।

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