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बलिया में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, आशा वर्कर और रसोइया संघ ने किया हड़ताल, मार्च भी निकाला
बलिया के आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, आशा कार्यकर्ताओं और रसोइयों ने शुक्रवार को जिलाधिकारी के सामने अपनी 17 सूत्री मांग रखी। इसमें आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, आशा कार्यकर्ताओं और रसोइयों को राज्य कर्मचारी का दर्जा देने और मानदेय बढ़ाकर न्यूनतम 21000 रुपए प्रति माह करने की मांगे भी शामिल हैं। अपनी 17 सूत्रीय मांगों को लेकर केंद्रीय ट्रेड यूनियनों के राष्ट्रव्यापी आह्वाहन पर सीटू बलिया के नेतृत्व में महिला आंगनबाड़ी कर्मचारी संघ, आशा कर्मचारी संघ और रसोइया कर्मचारी संघ के सभी कार्यकर्ताओं ने हड़ताल किया।
महिला आंगनबाड़ी कर्मचारी संघ, आशा कर्मचारी संघ और रसोइया कर्मचारी संघ के नेतृत्व में बड़ी संख्या में आंगनबाड़ी, आशा और रसोइया कर्मचारियों नें मार्च भी निकाला। रैली निकालते हुए ये सभी कार्यकर्ता बलिया जिलाधिकारी के कार्यालय पहुंची। जिला कार्यालय पर भी इन्होंने धरना दिया। उसके बाद जिलाधिकारी को अपने 17 सूत्रीय मांगों का ज्ञापन सौंपा।
जिला कार्यालय पर धरना देते हुए आंगनबाड़ी की अध्यक्षा पूनम यादव ने कहा कि कोरोना के बहाने सरकार हम स्कीम वर्कर्स का शोषण कर रही है। जिसे अब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। आशा कर्मचारी यूनियन की अध्यक्षा संगीता सिंह ने कहा कि सभी स्कीम वर्करों को सम्मानजनक मानदेय 21000 रुपए प्रतिमाह और राज्य कर्मचारी का दर्जा दिया जाए। इसके लिए जारी आंदोलन सरकार को सत्ता से हटाने तक जारी रहेगा। रसोइया संघ की जिलाध्यक्ष रेनू शर्मा ने कहा कि रसोइयों को पचास रुपए हर रोज का मानदेय और वह भी सात महीनों से नहीं दिया जा रहा है। यदि सरकार ने हमारी मांगें नहीं मानी तो हम रसोइया इस सरकार को सत्ता से हटाने का कार्य करेगें।
धरना देते हुए राज्य कर्मचारी संघ के जिलाध्यक्ष अजय यादव, सीटू के जिला संयोजक अजीत सिंह, आशा कर्मचारी संघ के जिला संरक्षक सुशील त्रिपाठी, रसोइया संघ के जिला संरक्षक चन्द्रमा प्रसाद, संयुक्त किसान सभा के रामजीयावन यादव, के साथ श्वेता मिश्रा, अर्चना सिंह, शशि सिंह, विमला भारती, संतोष राय, हेमान्ती देवी और आनन्द सहित विभन्न संगठन के कार्यकर्ताओं ने संबोधित किया।
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UGC के ‘Equity Rules’ में स्पष्टता व संतुलन की मांग, बलिया के भानु प्रकाश सिंह ने चेयरमैन को लिखा पत्र
बलिया। ध्रुवजी सिंह स्मृति सेवा संस्थान, पूर-बलिया के सचिव भानु प्रकाश सिंह ‘बबलू’ ने विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) के चेयरमैन डॉ. विनीत जोशी को पत्र भेजकर यूजीसी विनियम, 2026 में आवश्यक स्पष्टीकरण और सुधार की मांग की है। उन्होंने पत्र की प्रतिलिपि राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, केंद्रीय शिक्षा मंत्री, गृह मंत्री एवं रक्षा मंत्री को भी भेजते हुए इस विषय पर शीघ्र और ठोस कार्रवाई की आवश्यकता जताई है।
भानु प्रकाश सिंह ने यूजीसी विनियमों के उद्देश्य को सराहनीय बताते हुए कहा कि उनके प्रभावी क्रियान्वयन के लिए संविधान के अनुच्छेद 14, 15(1) एवं 21 तथा नैसर्गिक न्याय के सिद्धांतों के अनुरूप संतुलित, स्पष्ट और न्यायसंगत व्यवस्था अनिवार्य है। उन्होंने समता समिति के गठन, उसकी संरचना और निर्णय प्रक्रिया में पारदर्शिता, संतुलन और निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए ठोस दिशा-निर्देश जारी करने की मांग की।
शिकायतों के निस्तारण के लिए एक समान मानक कार्य-प्रणाली (एसओपी) तय करने पर जोर देते हुए उन्होंने कहा कि केवल आरोप के आधार पर कठोर कार्रवाई न्यायसंगत नहीं है। किसी भी दंडात्मक कदम से पूर्व प्रथम दृष्टया जांच आवश्यक होनी चाहिए। साथ ही झूठी या दुर्भावनापूर्ण शिकायतों के दुरुपयोग को रोकने के लिए भी स्पष्ट प्रावधान किए जाने की मांग की गई।
उन्होंने स्पष्ट किया कि शिक्षा संस्थानों में नियमों का पालन सहयोग, मार्गदर्शन और न्याय की भावना पर आधारित होना चाहिए, न कि पुलिसिंग या अत्यधिक निगरानी जैसा वातावरण बनाकर। इसके अतिरिक्त उच्च शिक्षा को शोध और नवाचार का मजबूत केंद्र बनाने के लिए रिसर्च इंफ्रास्ट्रक्चर के सुदृढ़ीकरण, साझा प्रयोगशालाओं की स्थापना, उद्योग-सहयोग, स्टार्टअप को बढ़ावा देने और पेटेंट संस्कृति को प्राथमिकता देने का भी सुझाव दिया।
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BHU छात्र नेता योगेश योगी के प्रयास से एक्सप्रेस ट्रेनों के ठहराव को मिली मंजूरी!
बलिया। फेफना जंक्शन पर एक्सप्रेस ट्रेनों के ठहराव को लेकर क्षेत्रवासियों की लंबे समय से चली आ रही मांग अब पूरी हो गई है। बीएचयू छात्र नेता योगेश योगी के लगातार प्रयास और पहल से रेलवे ने एक्सप्रेस ट्रेनों के ठहराव को स्वीकृति दे दी है। प्राप्त जानकारी के अनुसार 16 जनवरी से इन ट्रेनों का फेफना स्टेशन पर ठहराव शुरू हो जाएगा। इस उपलब्धि का श्रेय प्रदेश सरकार के आयुष मंत्री दयानंद मिश्रा ‘दयालु’ को दिया जा रहा है,
छात्र नेता योगेश योगी ने यात्रियों, छात्रों और आम नागरिकों की समस्याओं को लेकर संबंधित अधिकारियों व जनप्रतिनिधियों के समक्ष लगातार मांग उठाई थी। उनके प्रयासों के बाद यह महत्वपूर्ण फैसला लिया गया, जिससे क्षेत्र के हजारों यात्रियों को सीधा लाभ मिलेगा।
ट्रेन ठहराव से विशेष रूप से छात्रों, नौकरीपेशा लोगों, व्यापारियों और इलाज के लिए बाहर जाने वाले मरीजों को सुविधा होगी। स्थानीय लोगों ने इसे जनहित में लिया गया निर्णय बताते हुए योगेश योगी के प्रति आभार जताया है।
योगेश योगी ने कहा कि यह केवल शुरुआत है, आगे भी क्षेत्र और छात्रों के हित में संघर्ष जारी रहेगा।
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