बलिया स्पेशल
बलिया- क्रिकेटर की पीटकर की गयी हत्या, तनावपूर्ण माहौल में हुआ अंतिम संस्कार
ऐसा बहुत कम सामने आता है कि जब क्रिकेट मैच के दौरान कोई विवाद इतना बढ़ जाए कि उसमें किसी की जान तक चली जाए. मगर एक मामला ऐसा ही सामने आया है। बलिया जिले के भीखपुर गांव में एक क्रिकेट मैच के दौरान हुआ विवाद इतने आगे बढ़ गया कि उसमे एक किशोर की जान चली गयी।
तीन दिन पूर्व राड से पीटकर घायल किशोर भोला के अस्पताल में उपचार के दौरान हुई मौत के बाद से ही भीखपुर श्रीपुर डेरा के माहौल में काफी तनाव बना हुआ है। पुत्र की मौत की सूचना पाकर महाराष्ट्र के कोल्हापुर से गांव पहुंचे उसके माता-पिता के आने को लेकर गांव में सुबह से ही भीड़ जमा हो गई थी। दोपहर में उसके मां-बाप के आने के साथ ही पूरे माहौल में काफी तनाव देखा गया। पछाड़े खाकर गिरती उसकी मां माया देवी के करुण क्रंदन ने एक बार पूरे गांव को झकझोर दिया। इस दौरान थानाध्यक्ष बांसडीहरोड, मनियर, दुबहड़ समेत काफी संख्या में पुलिसकर्मी भी मौके पर मौजूद थे। नम आंखों से पूरे गांव ने किशोर की अंतिम विदाई दी गई।
बेटे की मौत की खबर सुनकर महाराष्ट्र से आए पिता ने जब थानाध्यक्ष से करुण स्वर में कहा कि बड़ी मेहनत से बेटे को पाला था। हत्यारों ने एक ही झटके में उसे मौत के घाट उतार दिया। बेटे के कातिलों को सख्त सजा मिलनी चाहिए। जिसपर थानाध्यक्ष बांसडीहरोड सत्येंद्र राय ने उसे आश्वासन दिया कि उसके बेटे को मारने वालों को सजा दिलाने में पुलिस कोई कसर नहीं छोड़ेगी। इसके बाद परिजन सामान्य हो गए और किशोर के अंतिम संस्कार की तैयारी में जुट गए।
साथियों ने नम आंखों से दी विदाई
साथ में क्रिकेट खेलने वाले भोला के साथियों के सामने जब उसके शव का कपड़ा हटाकर चेहरा खोला गया तो अचानक से उसके सभी साथी मित्र रो पड़े। जैसे कल की ही बात हो उनका वही साथी जो उनकी क्रिकेट टीम का एक मेम्बर था। आज अचानक उसकी मृत शरीर उनके सामने पड़ा था। साथी की असमय मौत और उसके प्रेम को याद कर सभी दोस्तों की आंखे नम होती जा रही थी।
फरार हैं सारे आरोपितों समेत घरवाले
घटना में जहां एक तरफ मृत किशोर के दरवाजे पर शोक संवेदना व्यक्त करने वालों का तांता लगा हुआ है। वहीं आरोपितों के दरवाजों ओर सन्नाटा पसरा है। सभी आरोपितों के साथ उनके घरवाले भी घर छोड़ कर फरार है। किशोर की मौत के बाद से ही घटना के सभी जिम्मेदार फरार है। मामले में पुलिस सभी की तलाश कर रही है।
दिन भर काफी बेचैनी में बीते
एक तरफ किशोर के अंतिम संस्कार को लेकर दबाव में आ चुका प्रशासन किसी भी तरह उसके अंतिम संस्कार के साथ माहौल के तनाव को कम करने के प्रयास में था। वहीं दूसरी तरफ गुरुवार के ग्रामीणों के विरोध प्रदर्शन के बाद हालात काफी तनावपूर्ण हो चुके थे। ऐसे में सुबह से ही मृत किशोर के शव के पास बैठी पुलिस उसके माता-पिता के आने का इंतजार कर रही थी। जबकि उनके आने की कोई सटीक जानकारी नहीं मिल पा रही थी। ऐसे में पूरा दिन काफी बेचैनी भरा था। बड़ी संख्या में ग्रामीणों की उपस्थिति के बीच मृतक के दरवाजे पर काफी गहमागहमी रही।
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एक साल से धूल फांक रही करोड़ों की जांच सुविधा, बांसडीह सीएचसी में नहीं चालू हो सकी बायोकेमिस्ट्री एनालाइजर मशीन
बांसडीह (बलिया)। ग्रामीण क्षेत्र के मरीजों को आधुनिक जांच सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) बांसडीह में स्थापित की गई बायोकेमिस्ट्री एनालाइजर मशीन पिछले एक वर्ष से अधिक समय से निष्क्रिय पड़ी है। स्वास्थ्य विभाग की यह महत्वपूर्ण मशीन अस्पताल परिसर तक पहुंचने के बावजूद अब तक चालू नहीं हो सकी है, जिससे क्षेत्र के हजारों मरीजों को अपेक्षित लाभ नहीं मिल पा रहा है।
जानकारी के अनुसार, मशीन के संचालन से लीवर फंक्शन टेस्ट, किडनी प्रोफाइल, लिपिड प्रोफाइल, यूरिक एसिड, कोलेस्ट्रॉल, थायराइड, इलेक्ट्रोलाइट्स, कार्डियक प्रोफाइल, कैल्शियम, मैग्नीशियम, प्रोटीन और आयरन समेत करीब 30 प्रकार की महत्वपूर्ण जांचें सीएचसी स्तर पर ही उपलब्ध हो सकती हैं। फिलहाल इन जांचों के लिए मरीजों को जिला अस्पताल या निजी पैथोलॉजी केंद्रों का सहारा लेना पड़ता है, जिससे समय और धन दोनों की अतिरिक्त लागत उठानी पड़ती है।
सीएचसी बांसडीह में प्रतिदिन सैकड़ों मरीज उपचार के लिए पहुंचते हैं। सामान्य जांच सुविधाएं उपलब्ध होने के बावजूद गंभीर बीमारियों से जुड़ी कई आवश्यक जांचों का अभाव बना हुआ है। ऐसे में मशीन का चालू होना क्षेत्र की स्वास्थ्य सेवाओं के लिए बड़ा बदलाव साबित हो सकता है। अनुमान है कि इससे क्षेत्र की लगभग 40 हजार आबादी को प्रत्यक्ष लाभ मिलेगा।
बायोकेमिस्ट्री एनालाइजर एक अत्याधुनिक चिकित्सा उपकरण है, जिसे क्लिनिकल केमिस्ट्री एनालाइजर भी कहा जाता है। यह रक्त, प्लाज्मा और सीरम जैसे जैविक नमूनों की रासायनिक जांच कर विभिन्न रोगों के सटीक निदान में मदद करता है। आधुनिक स्वास्थ्य सेवाओं में इसकी महत्वपूर्ण भूमिका मानी जाती है।
मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए बलिया के मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) डॉ. अभय नारायण राय ने कहा कि उन्हें मशीन के स्थापित न होने की जानकारी नहीं थी। उन्होंने आश्वासन दिया कि मामले की जांच कराकर मशीन को शीघ्र चालू कराने की कार्रवाई की जाएगी।
सीएमओ ने कहा कि मशीन के संचालन से बांसडीह सीएचसी में कई महत्वपूर्ण जांचें शुरू हो जाएंगी, जिससे मरीजों को स्थानीय स्तर पर बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध होंगी और उन्हें अनावश्यक भागदौड़ से राहत मिलेगी। अब क्षेत्रवासियों को मशीन के जल्द शुरू होने का इंतजार है।
बलिया
अघोषित बिजली कटौती पर सपा युवजन सभा का हल्ला बोल, 9 सूत्रीय मांगों के साथ सौंपा ज्ञापन
भीषण गर्मी के बीच लगातार हो रही अघोषित बिजली कटौती और खराब विद्युत व्यवस्था को लेकर समाजवादी युवजन सभा ने विद्युत विभाग के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। मंगलवार को समाजवादी युवजन सभा के प्रदेश अध्यक्ष अरविन्द गिरि के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने विद्युत वितरण खंड के अधिशासी अभियंता को 9 सूत्रीय मांगों से संबंधित ज्ञापन सौंपकर क्षेत्र की समस्याओं के शीघ्र समाधान की मांग की।
ज्ञापन में रघुनाथपुर, दुबहड़ और आईटीआई विद्युत उपकेंद्रों से जुड़े इलाकों में बार-बार हो रही बिजली कटौती पर रोक लगाने, जर्जर तारों को बदलने, कम क्षमता वाले ट्रांसफार्मरों की क्षमता बढ़ाने, फीडरों और लाइनों का नियमित रखरखाव कराने तथा उपभोक्ताओं को निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करने की मांग की गई।
इस दौरान गड़वार क्षेत्र में 33 केवी लाइन पर पेड़ गिरने से बाधित बिजली आपूर्ति को बहाल कराने में व्यस्त अधिशासी अभियंता से दूरभाष पर वार्ता कर क्षेत्र की समस्याओं से अवगत कराया गया। उनकी अनुपस्थिति में विभाग द्वारा अधिकृत अधिकारी को ज्ञापन सौंपा गया।
अरविन्द गिरि ने कहा कि भीषण गर्मी में अघोषित बिजली कटौती से आम जनता, किसान, छात्र-छात्राएं, व्यापारी और छोटे व्यवसायी परेशान हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि एक सप्ताह के भीतर बिजली व्यवस्था में सुधार नहीं हुआ तो समाजवादी लोग आम जनता के साथ मिलकर व्यापक जनआंदोलन शुरू करेंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी विद्युत विभाग और शासन-प्रशासन की होगी।
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जननायक की जन्मशताब्दी पर महाअभियान, बलिया में हजारों लोगों को मिलेगा निःशुल्क स्वास्थ्य लाभ
जननायक चन्द्रशेखर जी की जन्मशताब्दी को केवल समारोहों तक सीमित न रखकर जनसेवा के संकल्प से जोड़ने की पहल की जा रही है। इसी क्रम में 26 से 28 जून तक बलिया के विभिन्न क्षेत्रों में तीन दिवसीय विशाल निःशुल्क मेडिकल कैंप का आयोजन होगा, जिसमें वाराणसी और लखनऊ से आने वाले विशेषज्ञ चिकित्सक ग्रामीणों और जरूरतमंदों का स्वास्थ्य परीक्षण कर उन्हें परामर्श देंगे।
पूर्व प्रधानमंत्री चन्द्रशेखर जी की पुत्रवधू डॉ. सुषमा शेखर के नेतृत्व में आयोजित इस स्वास्थ्य सेवा अभियान का उद्देश्य गांवों तक बेहतर चिकित्सा सुविधाएं पहुंचाना है। शिविर में नेत्र, अस्थि, श्वास एवं सामान्य रोगों की जांच के साथ विशेषज्ञ डॉक्टरों द्वारा निःशुल्क परामर्श दिया जाएगा।

स्वास्थ्य शिविर का पहला चरण 26 जून को करनई स्थित वृंदावन शिक्षण संस्थान, दूसरा 27 जून को रतसर स्थित डी.एस. मेमोरियल गर्ल्स डिग्री कॉलेज तथा तीसरा 28 जून को सोहांव क्षेत्र के पिपरा कला स्थित प्रभा मंडपम में आयोजित किया जाएगा। सभी शिविर सुबह 8 बजे से दोपहर 2 बजे तक संचालित होंगे।
आयोजकों के अनुसार लखनऊ और वाराणसी के अनुभवी चिकित्सकों की टीम लोगों की स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं की जांच करेगी तथा आवश्यक चिकित्सकीय सलाह भी देगी। इससे ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को बड़े शहरों जैसी स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ अपने क्षेत्र में ही मिल सकेगा।
डॉ. सुषमा शेखर ने जनपदवासियों से अधिक से अधिक संख्या में शिविर में पहुंचकर स्वास्थ्य परीक्षण कराने और इस जनहितकारी पहल का लाभ उठाने की अपील की है। उन्होंने कहा कि जननायक चन्द्रशेखर के जनसेवा के आदर्शों को आगे बढ़ाने का सबसे अच्छा माध्यम समाज के जरूरतमंद लोगों तक स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचाना है।
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