बलिया स्पेशल
बलिया में आजादी का अमृत महोत्सव एवं चौरी चौरा शताब्दी महोत्सव की शुरुआत
बलिया: काकोरी ट्रेन एक्शन की 75वीं वर्षगांठ पर आजादी का अमृत महोत्सव एवं चौरी चौरा शताब्दी महोत्सव का शुभारंभ सोमवार को हुआ। बहुउद्देश्यीय सभागार में आयोजित भव्य कार्यक्रम का शुभारंभ जिलाधिकारी अदिति सिंह व एनसीसी के कर्नल पुनीत अरोड़ा ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। इसके बाद अमर शहीदों की वीर गाथाओं को याद करते हुए नमन किया गया। अमृत महोत्सव के तहत 16 अगस्त तक देशभक्ति पर आधारित विभिन्न कार्यक्रम होंगे। इस अवसर पर काकोरी में आयोजित राज्यपाल व मुख्यमंत्री जी के कार्यक्रम का सीधा प्रसारण एलईडी स्क्रीन के माध्यम से सभागार में मौजूद सभी को दिखाया गया। सूचना विभाग की ओर से आए कलाकारों ने सांस्कृतिक कार्यक्रम के माध्यम से अमर शहीदों की वीर गाथा के साथ बलिया की बलिदानी धरती का बखान किया।

जीजीआईसी की छात्रा एवं एनसीसी की बालिकाओं ने देशभक्ति गीत और कविताओं का वाचन किया। सेनानी रामविचार पांडेय ने स्वतंत्रता संग्राम की लड़ाई से जुड़े तमाम किस्से बताए, जिसे सुनने के बाद सबके मन में देशभक्ति का एक अलग उत्साह देखने को मिला। संचालन करते हुए अतुल तिवारी ने काकोरी कांड का सजीव वर्णन किया, जिसे सबने ध्यानपूर्वक सुना। कार्यक्रम में राष्ट्रगान का भी गायन हुआ। इस अवसर पर सीडीओ प्रवीण वर्मा, एनसीसी कमांडेंट कर्नल पुनीत अरोड़ा, एडीएम रामआसरे, सिटी मजिस्ट्रेट नागेंद्र सिंह, बीएसए एसएन सिंह, ईओ दिनेश विश्वकर्मा, जिला प्रोबेशन अधिकारी मुहम्मद मुमताज समेत सैकड़ों लोग मौजूद थे।
शहीदों के परिजनों को किया सम्मानित- बहुद्देश्यीय सभागार में शहीदों के परिजनों को अंगवस्त्र, माल्यार्पण और नारियल भेंट देकर सम्मानित किया गया। जिलाधिकारी अदिति सिंह ने सेनानी रामविचार पाण्डेय को सम्मनित किया। इसके बाद 1971 में भारत-पाकिस्तान लड़ाई में शहीद शिवपुर दियर नई बस्ती निवासी रामलाल राम की पत्नी चन्द्रावती, दुमदुमा निवासी ओपी रक्षक शहीद सुदामा यादव (2004 में शहीद) की पत्नी शिवकुमारी तथा 2016 में जम्मू कश्मीर के उरी सेक्टर में शहीद हुए राजेश यादव की पत्नी पार्वती देवी को सीडीओ प्रवीण वर्मा व एनसीसी के कर्नल पुनीत अरोड़ा ने सम्मानित किया।

‘स्वतंत्रता की साइकिल रैली’ से हुई शुरुआत- आजादी का अमृत महोत्सव कार्यक्रम के पहले दिन सोमवार को ‘स्वतंत्रता की साइकिल रैली’ कुंवर सिंह चौराहे से निकाली गई। यह रैली शहर के विभिन्न चौराहों से होते हुए चौक स्थित शहीद पार्क तक गई। सभी साइकिल सवार भारतीय परिधान में थे और स्वतंत्रता आंदोलन के लोकप्रिय नारों के प्लेकार्ड के साथ थे। शहीद चौक पार्क पर सबने शहीदों को नमन किया।
दीप जलाए, पुष्पवर्षा कर किया नमन- साईकल रैली के बाद सीडीओ प्रवीण वर्मा, सिटी मजिस्ट्रेट नागेंद्र सिंह, डीडीओ राजित राम मिश्र, ईओ दिनेश विश्वकर्मा समेत अन्य अधिकारी शहीद पार्क पहुँचे। वहां महात्मा गांधी की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया। फिर शहीदों के नाम लिखे बोर्ड के आगे दीप जलाए तथा पुष्प वर्षा कर उनकी वीरगाथा को नमन किया।
बलिया
अघोषित बिजली कटौती पर सपा युवजन सभा का हल्ला बोल, 9 सूत्रीय मांगों के साथ सौंपा ज्ञापन
भीषण गर्मी के बीच लगातार हो रही अघोषित बिजली कटौती और खराब विद्युत व्यवस्था को लेकर समाजवादी युवजन सभा ने विद्युत विभाग के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। मंगलवार को समाजवादी युवजन सभा के प्रदेश अध्यक्ष अरविन्द गिरि के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने विद्युत वितरण खंड के अधिशासी अभियंता को 9 सूत्रीय मांगों से संबंधित ज्ञापन सौंपकर क्षेत्र की समस्याओं के शीघ्र समाधान की मांग की।
ज्ञापन में रघुनाथपुर, दुबहड़ और आईटीआई विद्युत उपकेंद्रों से जुड़े इलाकों में बार-बार हो रही बिजली कटौती पर रोक लगाने, जर्जर तारों को बदलने, कम क्षमता वाले ट्रांसफार्मरों की क्षमता बढ़ाने, फीडरों और लाइनों का नियमित रखरखाव कराने तथा उपभोक्ताओं को निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करने की मांग की गई।
इस दौरान गड़वार क्षेत्र में 33 केवी लाइन पर पेड़ गिरने से बाधित बिजली आपूर्ति को बहाल कराने में व्यस्त अधिशासी अभियंता से दूरभाष पर वार्ता कर क्षेत्र की समस्याओं से अवगत कराया गया। उनकी अनुपस्थिति में विभाग द्वारा अधिकृत अधिकारी को ज्ञापन सौंपा गया।
अरविन्द गिरि ने कहा कि भीषण गर्मी में अघोषित बिजली कटौती से आम जनता, किसान, छात्र-छात्राएं, व्यापारी और छोटे व्यवसायी परेशान हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि एक सप्ताह के भीतर बिजली व्यवस्था में सुधार नहीं हुआ तो समाजवादी लोग आम जनता के साथ मिलकर व्यापक जनआंदोलन शुरू करेंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी विद्युत विभाग और शासन-प्रशासन की होगी।
featured
जननायक की जन्मशताब्दी पर महाअभियान, बलिया में हजारों लोगों को मिलेगा निःशुल्क स्वास्थ्य लाभ
जननायक चन्द्रशेखर जी की जन्मशताब्दी को केवल समारोहों तक सीमित न रखकर जनसेवा के संकल्प से जोड़ने की पहल की जा रही है। इसी क्रम में 26 से 28 जून तक बलिया के विभिन्न क्षेत्रों में तीन दिवसीय विशाल निःशुल्क मेडिकल कैंप का आयोजन होगा, जिसमें वाराणसी और लखनऊ से आने वाले विशेषज्ञ चिकित्सक ग्रामीणों और जरूरतमंदों का स्वास्थ्य परीक्षण कर उन्हें परामर्श देंगे।
पूर्व प्रधानमंत्री चन्द्रशेखर जी की पुत्रवधू डॉ. सुषमा शेखर के नेतृत्व में आयोजित इस स्वास्थ्य सेवा अभियान का उद्देश्य गांवों तक बेहतर चिकित्सा सुविधाएं पहुंचाना है। शिविर में नेत्र, अस्थि, श्वास एवं सामान्य रोगों की जांच के साथ विशेषज्ञ डॉक्टरों द्वारा निःशुल्क परामर्श दिया जाएगा।

स्वास्थ्य शिविर का पहला चरण 26 जून को करनई स्थित वृंदावन शिक्षण संस्थान, दूसरा 27 जून को रतसर स्थित डी.एस. मेमोरियल गर्ल्स डिग्री कॉलेज तथा तीसरा 28 जून को सोहांव क्षेत्र के पिपरा कला स्थित प्रभा मंडपम में आयोजित किया जाएगा। सभी शिविर सुबह 8 बजे से दोपहर 2 बजे तक संचालित होंगे।
आयोजकों के अनुसार लखनऊ और वाराणसी के अनुभवी चिकित्सकों की टीम लोगों की स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं की जांच करेगी तथा आवश्यक चिकित्सकीय सलाह भी देगी। इससे ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को बड़े शहरों जैसी स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ अपने क्षेत्र में ही मिल सकेगा।
डॉ. सुषमा शेखर ने जनपदवासियों से अधिक से अधिक संख्या में शिविर में पहुंचकर स्वास्थ्य परीक्षण कराने और इस जनहितकारी पहल का लाभ उठाने की अपील की है। उन्होंने कहा कि जननायक चन्द्रशेखर के जनसेवा के आदर्शों को आगे बढ़ाने का सबसे अच्छा माध्यम समाज के जरूरतमंद लोगों तक स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचाना है।
featured
लखनऊ अग्निकांड के बाद बड़ा सवाल: क्या बलिया के कोचिंग संस्थान सुरक्षित हैं?
बलिया। लखनऊ के अलीगंज स्थित कोचिंग सेंटर में लगी भीषण आग में 15 छात्रों की दर्दनाक मौत के बाद पूरे उत्तर प्रदेश में कोचिंग संस्थानों की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े हो गए हैं। प्रारंभिक जांच में सुरक्षा मानकों और अग्निशमन व्यवस्थाओं में गंभीर लापरवाही की बात सामने आई है, जिसके बाद कई जिलों में प्रशासन ने कोचिंग संस्थानों की जांच शुरू कर दी है।
इसी बीच बलिया जिले में भी बिना मानकों और पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था के संचालित हो रहे सैकड़ों कोचिंग संस्थानों को लेकर चिंता बढ़ गई है। जिला मुख्यालय से लेकर बेल्थरा रोड, रसड़ा, सिकंदरपुर, बांसडीह और बैरिया जैसी तहसीलों तक अनेक कोचिंग सेंटर संकरी गलियों, बहुमंजिला भवनों और व्यावसायिक परिसरों में संचालित हो रहे हैं, जहां न तो अग्निशमन उपकरण दिखाई देते हैं और न ही आपातकालीन निकास की समुचित व्यवस्था।
स्थानीय लोगों का कहना है कि कई कोचिंग संस्थान क्षमता से अधिक छात्रों को बैठाकर कक्षाएं संचालित कर रहे हैं। अधिकांश भवनों में फायर एनओसी, आपातकालीन निकास, अग्निशमन यंत्र और सुरक्षा मानकों की स्थिति की कभी जांच नहीं होती। ऐसे में यदि कोई दुर्घटना होती है तो हालात बेहद भयावह हो सकते हैं।
लखनऊ हादसे के बाद कानपुर समेत कई जिलों में प्रशासन ने सुरक्षा मानकों का उल्लंघन करने वाले कोचिंग संस्थानों पर कार्रवाई शुरू कर दी है और कई संस्थानों को सील भी किया गया है।
अब सवाल यह है कि क्या बलिया प्रशासन भी जिले में संचालित कोचिंग संस्थानों का व्यापक सर्वे कराएगा? क्या बिना मानक और बिना सुरक्षा व्यवस्था के चल रहे कोचिंग सेंटरों की जांच होगी? लखनऊ की त्रासदी ने एक बार फिर यह संदेश दिया है कि सुरक्षा नियमों की अनदेखी किसी भी समय बड़े हादसे का कारण बन सकती है।
(यह जनहित से जुड़ा विषय है। प्रशासन को जिले के सभी कोचिंग संस्थानों की सुरक्षा व्यवस्था, फायर एनओसी और भवन मानकों की तत्काल जांच करानी चाहिए ताकि भविष्य में किसी दुर्घटना से बचा जा सके।)
-
featured5 hours agoजननायक की जन्मशताब्दी पर महाअभियान, बलिया में हजारों लोगों को मिलेगा निःशुल्क स्वास्थ्य लाभ
-
बलिया5 hours agoअघोषित बिजली कटौती पर सपा युवजन सभा का हल्ला बोल, 9 सूत्रीय मांगों के साथ सौंपा ज्ञापन
-
featured7 hours agoलखनऊ अग्निकांड के बाद बड़ा सवाल: क्या बलिया के कोचिंग संस्थान सुरक्षित हैं?
-
बलिया7 hours agoबलिया में रोजगार का सुनहरा अवसर: 23 जून को लगेगा एक दिवसीय रोजगार मेला


