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बलिया के गौरव का जलवा, उनके हॉस्टल अन्नपूर्णा को मिला बेस्ट हॉस्टल का अवार्ड
नई दिल्ली डेस्क : बलिया के गौरव गिरी इन दिनों काफी चर्चाओं में हैं। दिल्ली -NCR में उनके अन्नपूर्णा हॉस्टल को बेस्ट हॉस्टल का अवॉर्ड मिला है जो पहले सिर्फ गर्ल्स हॉस्टल था और अब गर्ल्स और बॉयस दोनों बनने जा रहा है। हॉस्टल में बलिया, गाजीपुर, बनारस, लखनऊ, चंडीगढ़, हरियाणा और कश्मीर तक के सैकड़ों बच्चे रहते हैं। बलिया खबर से बात करते हुए गौरव गिरी ने बताया की बेस्ट हॉस्टल का अवार्ड हमारी मेहनत और अच्छी व्यवस्थाओं की वजह से मिला है , तभी हॉस्टल में देश के लगभग हर कोने से बच्चे आकर के रहते हैं।
पहले तो हमारा हॉस्टल सिर्फ गर्ल्स हॉस्टल था लेकिन इस साल से हमारा हॉस्टल गर्ल्स और बॉयस दोनों रहेगा और हमारी पूरी कोशिश रहेगी कि बच्चों को अधिक से अधिक सुविधाएं दे। हमारे हॉस्टल में हर तरह की फैसिलिटी उपलब्ध हैं जैसे की वाईफाई, जिम, लॉन्ड्री, ट्रांसपोर्टेशन ,कैफेटेरिया इत्यादि की सुविधाएं हम बच्चों को देते हैं। जिले के बैरिया विधानसभा के भगवानपुर के रहने वाले गौरव गिरी की प्रारंभिक शिक्षा बलिया से इतर देहरादून के ऑल सेंट्स कॉन्वेंट स्कूल से और इलेक्ट्रिकल ब्रांच में इंजीनियरिंग स्काईलाइन कॉलेज, ग्रेटर नोएडा से हुई है।

उन्होंने बताया कि इंजीनियरिंग की पढ़ाई करते वक्त हॉस्टल की जिंदगी जीने का अनुभव ही ग्रेटर नोएडा के प्रतिष्ठित हॉस्टल में से एक अन्नपूर्णा को स्थापित करने की प्रेरणा रहा है। इन्होंने अपने ही मकान के एक रूम में 3 बच्चों को रख कर इस मुकाम की नीव रखी थी। इन्होंने सुविधाओं को हमेशा मुनाफे से ऊपर रखा और यही सोच इनकी आज अन्नपूर्ण में रहे बच्चो द्वारा कही जाती है। अन्नपूर्णा हॉस्टल में प्रवास करने वाले आज देश में कई प्रतिष्ठित और जिम्मेदार पदों पर आसीन है जिनमे शुभंकर मिश्र जी, मशहूर टी वी न्यूज एंकर एवं दिल्ली मेट्रो में सहायक प्रबंधक अमित शुक्ला जी हैं।
आखिर क्यों मिला बेस्ट हॉस्टल का अवॉर्ड- गौरव गिरी ने बताया कि सैकड़ों हॉस्टल होने के बावजूद भी हमारे हॉस्टल को बेस्ट हॉस्टल का अवार्ड इसलिए मिला क्योंकि इस व्यवसाय से अगर कोई 10 कमाता हैं तो मैं सिर्फ 2 कमाने में विश्वास रखता हूं ताकि अपने बच्चों को हर प्रकार की अच्छी सुविधा दे सकूं। बच्चे जब घर से बाहर निकलते हैं तो सबसे बड़ी दिक्कत खाने की होती है और मैं उसमें किसी भी तरीके की कोताही नहीं करता हूं। बच्चों को घर से भी बढ़िया खाना और चार टाइम खाने की व्यवस्था देता हूं।

मेरी कोशिश ये रहती है की अच्छे खाने के साथ-साथ उनको एक अच्छा मार्गदर्शन भी दूं क्योंकि मैं खुद इंजीनियरिंग का स्टूडेंट रहा हूं और मेरे सैकड़ों ऐसे मित्र हैं जो बड़ी बड़ी मल्टीनेशनल कंपनियों में कार्यरत हैं उन के माध्यम से भी मैं जो ज्ञान अर्जित कर पाता हूं मैं उसे अपने छात्रावास में रहने वाले छात्रों के साथ साझा करता हूं। दूसरे शहर से आने वाले विद्यार्थियों के लिए सुरक्षा एक बहुत बड़ी चिंता होती है जो की मैने विगत 10 वर्षों से उच्चतम मानकों के अनुसार रखी है जिसमे फिंगर प्रिंट स्कैनर से लेकर आधुनिक हथियारों से लैस सुरक्षा गार्ड है।
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बलिया के जमुना राम मेमोरियल स्कूल में सफलता का जश्न, छात्रों ने रचा इतिहास
सीबीएसई कक्षा 10वीं के परीक्षा परिणाम घोषित होते ही जमुना राम मेमोरियल स्कूल में खुशी की लहर दौड़ गई। उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए विद्यालय के छात्र-छात्राओं ने शानदार सफलता हासिल कर नया इतिहास रच दिया।
गुरुवार की सुबह विद्यालय परिसर में उत्सव जैसा माहौल देखने को मिला, जब 90 प्रतिशत से अधिक अंक प्राप्त करने वाले दर्जनों विद्यार्थी अपने अभिभावकों के साथ स्कूल पहुंचे। इस दौरान विद्यालय के प्रबंध निदेशक इंजीनियर तुषारनंद जी एवं प्राचार्य अजीत कुमार सिंह ने मेधावी छात्रों का माल्यार्पण कर स्वागत किया और मिष्ठान खिलाकर उनका उत्साहवर्धन किया।
परीक्षा परिणाम में चैतन्य कुमार ने 95 प्रतिशत अंक प्राप्त कर विद्यालय में प्रथम स्थान हासिल किया। अर्पित मिश्रा ने 94.6 प्रतिशत अंक के साथ द्वितीय स्थान प्राप्त किया, जबकि सजल शेखर तिवारी 92 प्रतिशत अंक के साथ तृतीय स्थान पर रहे।
इसके अलावा अविरल तिवारी, रोहन गिरी, शिवराज चौहान, अनन्या सिंह, आस्था गुप्ता, अंशुमान सिंह, शिवम सिंह, भूमि सिंह एवं प्रिया मौर्य सहित कई छात्रों ने 90 प्रतिशत से अधिक अंक प्राप्त कर विद्यालय का नाम गौरवान्वित किया।
विद्यालय के संस्थापक प्रबंधक प्रोफेसर धर्मात्मानंद जी ने सभी छात्रों को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
इस अवसर पर प्रथम स्थान प्राप्त करने वाले चैतन्य कुमार के पिता अनिल कुमार (प्रधानाचार्य, जूनियर हाई स्कूल नरही) तथा तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले सजल शेखर तिवारी के पिता देवेश तिवारी को भी विद्यालय परिवार द्वारा सम्मानित किया गया।
विद्यालय परिवार ने इस सफलता को सामूहिक प्रयास का परिणाम बताते हुए कहा कि छात्रों की मेहनत, शिक्षकों के मार्गदर्शन और अभिभावकों के सहयोग से यह उपलब्धि संभव हो पाई है।
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बलिया के जमुना राम स्नातकोत्तर महाविद्यालय में धूमधाम से हुआ ‘नव आरंभ विदाई समारोह’
बलिया के चित्तबड़ागांव स्थित श्री जमुना राम स्नातकोत्तर महाविद्यालय में शनिवार को भावनाओं, उत्साह और रंगारंग प्रस्तुतियों के बीच “नव आरंभ विदाई समारोह-2026” का भव्य आयोजन किया गया। बीए चतुर्थ व एमए द्वितीय सेमेस्टर के छात्रों ने अपने सीनियर्स (बीए VI व एमए IV सेमेस्टर) को यादगार विदाई दी।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि इंजि० तुषारनंद ने मां सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। सरस्वती वंदना, स्वागत गीत और आकर्षक सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने माहौल को भावुक और उत्साहपूर्ण बना दिया।

प्राचार्य डॉ० अंगद प्रसाद गुप्त ने विद्यार्थियों को जीवन में आगे बढ़ने की प्रेरणा देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। इस दौरान अतिथियों द्वारा छात्र-छात्राओं और शिक्षकों को सम्मानित किया गया, वहीं सीनियर छात्रों ने गुरुजनों को अंगवस्त्र भेंट कर आभार जताया।

सांस्कृतिक कार्यक्रमों में गीत, नृत्य, भजन और कविता ने सभी का मन मोह लिया। कार्यक्रम के अंत में मुख्य अतिथि ने कहा कि ऐसे आयोजन विद्यार्थियों को नए सफर के लिए आत्मविश्वास और प्रेरणा देते हैं।

समारोह में महाविद्यालय परिवार की गरिमामयी उपस्थिति रही, जबकि संचालन बृजेश गुप्ता, अंकिता और सलोनी ने संयुक्त रूप से किया।
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बलिया की सियासत में नई हलचल: इंजीनियर विजय कांत तिवारी की एंट्री, 2027 पर नजर!
बलिया– अपनी राजनीतिक चेतना और संघर्षों के लिए पहचान रखने वाले बलिया की राजनीति में अब एक नया नाम तेजी से चर्चा में है। पेशे से एक प्रतिष्ठित बहुराष्ट्रीय कंपनी (MNC) में इंजीनियर रहे विजय कांत तिवारी ने सक्रिय राजनीति में कदम रखकर राजनीतिक गलियारों में हलचल पैदा कर दी है। वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर वे बलिया विधानसभा क्षेत्र से एक मजबूत और प्रबल दावेदार के रूप में उभरते दिखाई दे रहे हैं।
बताया जाता है कि विजय कांत तिवारी लंबे समय तक कॉरपोरेट सेक्टर में अपनी सेवाएं देने के बाद अब अपने गृह जनपद के विकास और जनसमस्याओं के समाधान के उद्देश्य से राजनीति के मैदान में उतरे हैं। उनका कहना है कि बलिया जैसे ऐतिहासिक और गौरवशाली जिले में आज भी बुनियादी सुविधाओं की कमी कई क्षेत्रों में देखने को मिलती है, जिसे दूर करना उनकी प्राथमिकता होगी।
तिवारी का मुख्य फोकस जिले में बेहतर और सुलभ चिकित्सा व्यवस्था उपलब्ध कराना है। उनका मानना है कि बलिया के लोगों को गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए वाराणसी या अन्य बड़े शहरों का रुख करना पड़ता है, जो एक बड़ी समस्या है। इसके साथ ही वे सड़क, नाली और पेयजल जैसी बुनियादी समस्याओं के स्थायी समाधान पर भी जोर दे रहे हैं।
युवाओं के रोजगार को लेकर भी उन्होंने अपनी स्पष्ट योजना बताई है। विजय कांत तिवारी का कहना है कि यदि बलिया में एक सशक्त औद्योगिक क्षेत्र विकसित किया जाए और बाहरी निवेश को आकर्षित किया जाए, तो हजारों युवाओं को अपने ही जिले में रोजगार के अवसर मिल सकते हैं। उनका मानना है कि पलायन की समस्या को रोकने के लिए स्थानीय स्तर पर उद्योग और रोजगार के अवसर पैदा करना बेहद जरूरी है।
इंजीनियरिंग पृष्ठभूमि होने के कारण वे विकास कार्यों में तकनीकी समझ, पारदर्शिता और योजनाबद्ध तरीके से कार्य करने की बात करते हैं। उनका कहना है कि सरकारी योजनाओं का सही क्रियान्वयन और निगरानी सुनिश्चित कर विकास कार्यों को गति दी जा सकती है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि शिक्षित और युवा चेहरों की बढ़ती मांग के बीच विजय कांत तिवारी जैसे लोगों का राजनीति में आना आने वाले समय में बलिया की राजनीति को नई दिशा दे सकता है। वहीं स्थानीय लोगों के बीच भी उनकी छवि एक शिक्षित, सुलझे हुए और विकासोन्मुखी नेता के रूप में धीरे-धीरे मजबूत होती दिखाई दे रही है।


