बैरिया
बलिया में आर्थिक तंगी के चलते अधेड़ ने की खुदकुशी
बलिया: दोकटी क्षेत्र में मुरलीछपरा गांव निवासी 50 वर्षीय लियाकत अली ने आर्थिक तंगी से ऊबकर मंगलवार की देर शाम फांसी लगाकर जान दे दी। इससे परिजनों में कोहराम मच गया। इसकी सूचना मिलने पर बुधवार सुबह दोकटी पुलिस मौके पर पहुंची। उसके बाद पुलिस ने अधेड़ के शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
क्या है पूरा मामला ?
दोकटी क्षेत्र के मुरलीछपरा के रहने वाले लियाकत अली टेंपो चलाकर किसी तरह परिवार का भरण-पोषण करता थे। लगभग डेढ़ वर्ष पहले बड़ी बेटी का विवाह करने के बाद उसकी आर्थिक स्थिति बहुत खराब हो गयी थी। परिजनों के मुताबिक मंगलवार सुबह वह अपनी बेटी से मिलने उसकी ससुराल गए थे। देर शाम लौटने के बाद कमरे में पंखे के हुक से फांसी फंदा लगाकर उसने खुदकुशी कर ली।
पुलिस को दी गयी तहरीर में मृतक की पत्नी ने लिखा कि परिवार में लियाकत अली एकमात्र कमाऊ सदस्य थे। पत्नी के अनुसार आर्थिक तंगी से वह हमेशा परेशान रहते थो। लियाकत की दो लड़कियां व एक लड़का है।
घटना के बाद से पत्नी व बच्चों का रो-रो कर बुरा हाल है। पूर्व ब्लाक प्रमुख कन्हैया सिंह व निवर्तमान प्रधान रमाशंकर सिंह समेत तमाम लोग मौके पर पहुंचे। थानाध्यक्ष अमित सिंह ने बताया कि तहरीर के आधार पर कार्रवाई करते हुए शव को पोस्टमार्टम के लिये भेज दिया गया।
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आजाद अधिकार सेना ने ओम प्रकाश को सौंपी बलिया जिलाध्यक्ष की कमान
आजाद अधिकार सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व आईपीएस अधिकारी अमिताभ ठाकुर ने क्षेत्र के पिपरियाटा निवासी ओम प्रकाश गिरी को बलिया जनपद का जिला अध्यक्ष नियुक्त किया है। वहीं, कर्ण छपरा निवासी त्रिवेणी सिंह को बैरिया विधानसभा क्षेत्र का अध्यक्ष बनाया गया है।
राष्ट्रीय अध्यक्ष ने दोनों पदाधिकारियों को संगठन के साथ मिलकर जनहित के मुद्दों को मजबूती से उठाने और आम नागरिकों के अधिकारों की रक्षा के लिए संघर्ष करने का निर्देश दिया है।
ओम प्रकाश गिरी ने कहा कि संगठन द्वारा उन्हें जो जिम्मेदारी दी गई है, उसका पूरी निष्ठा के साथ निर्वहन करेंगे। उन्होंने कहा कि आम नागरिकों के अधिकारों की रक्षा करना और उनके साथ हो रहे अन्याय के खिलाफ आवाज उठाना संगठन की प्राथमिकता होगी।
उन्होंने कहा कि पार्टी को गांव-गांव तक मजबूत किया जाएगा और जनसमस्याओं को प्रमुखता से उठाते हुए आम लोगों को न्याय दिलाने के लिए संघर्ष किया जाएगा।
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मैनेजर सिंह राजकीय पॉलीटेक्निक के नाम से जाना जाएगा इब्राहिमाबाद का पॉलीटेक्निक
बलिया के बैरिया क्षेत्र के इब्राहिमाबाद में करोड़ों की लागत से बने राजकीय पॉलीटेक्निक बनाया गया था। अब इसे जननायक स्व. बाबू मैनेजर सिंह राजकीय पॉलीटेक्निक के नाम से जाना जाएगा। परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह की पहल पर प्रदेश सरकार और राज्यपाल की ओर से इसकी मंजूरी मिल गयी है।
बता दें कि योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व वाली प्रदेश की पिछली सरकार में करीब 19 करोड़ रुपए खर्च कर इब्राहिमाबाद में राजकीय पॉलीटेक्निक का निर्माण कराया गया था। इसका लोकार्पण तत्कालीन विधायक सुरेन्द्र सिंह ने किया था।
कुछ दिनों पहले परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह ने राजकीय पॉलीटेक्निक का नाम अपने मामा और बलिया के गांधी व बैरिया के मालवीय कहे जाने वाले पूर्व विधायक मैनेजर सिंह के नाम पर करने की पहल की थी। इसके लिए उन्होंने शासन को पत्र लिखा था।
अब इस प्रस्ताव को मंजूरी मिल गई है। गुरुवार को परिवहन मंत्री ने इसकी जानकारी देते हुए बताया कि शासन से मंजूरी के बाद राज्यपाल की ओर से नामकरण की अनुमति मिल गयी है।
खास बात है कि मैनेजर सिंह ने बेरिया क्षेत्र में प्राथमिक से लेकर उच्च शिक्षा के कई केन्द्र स्थापित किए। हालांकि किसी से उन्होंने अपना नाम नहीं जोड़ा। राजकीय पॉलीटेक्निक का नामकरण उनके नाम पर होना स्व. सिंह के प्रति श्रद्धांजलि है।
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बलिया के सुरेमनपुर रेलवे स्टेशन पर इन तीन ट्रेनों के ठहराव को मिली मंजूरी
बलिया में बैरिया विधानसभा के सुरेमनपुर रेलवे स्टेशन पर अब से 3 ट्रेनों के ठहराव को रेल मंत्रालय से मंजूरी मिल गई है। जिन 3 ट्रेनों का ठहराव होगा, उसमें बरौनी – गोंदिया एक्सप्रेस, बरौनी – अम्बाला एक्सप्रेस और गोरखपुर कोलकाता एक्सप्रेस शामिल हैं। वाराणसी डिवीजन को इन तीन ट्रेनों के ठहराव के लिए जल्द से जल्द कहा गया है।
बता दें कि इन ट्रेनों के ठहराव की लागतार मांग हो रही थी। राज्यसभा सांसद नीरज शेखर के पत्र और जिला पंचायत सदस्य प्रतिनिधि विनोद सिंह के अनुरोध पर बलिया निवासी मुरादाबाद रेल मंडल केएडीआरएम निर्भय नारायण सिंह के अथक प्रयास से आज बैरिया वासियों को बड़ी सौगात मिली है। इस पर क्षेत्रीय लोगों ने उन्हें बधाई दी।
इन ट्रेनों के ठहराव से अब बैरिया क्षेत्र के सैंकड़ों ग्रामवासियों को बहुत सुविधा होगी। अब रेलयात्री आसानी से सफर कर पाएंगे। ये तीनों ट्रेनें एक्सप्रेस ट्रेनें हैं, ऐसे में यात्री आसानी से अपने गंतव्य पर पहुंच सकेंगे।


