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बलिया में कोरोना टेस्टिंग न होने के चलते मजदूर बन रहे आफत !
बलिया डेस्क : प्रवासी मजदूर बलिया जिले की सेहत के लिये खतरा बन गए हैं। सोमवार को कोरोना के 16 नये रोगी मिले, इसके साथ ही जिले में रोगियों की कुल संख्या 30 हो गई है। जिलाधिकारी हरि प्रताप शाही ने बताया कि सोमवार को कोरोना के 16 नये रोगी मिले हैं। इनकी उम्र 10 से लेकर 45 वर्ष है।
हिंदी के प्रख्यात समालोचक हजारी प्रसाद द्विवेदी का गांव दुबहर ब्लॉक के ओझवलिया के सर्वाधिक 4 रोगी मिले हैं । इसके साथ ही बांसडीह ब्लाक के केवरा ग्राम, नगरा ब्लॉक के डिहवा ग्राम व रेवती ब्लॉक के बिसौली ग्राम के दो-दो रोगी हैं। इसके अलावा छह रोगी अलग अलग ग्रामों के हैं।
उन्होंने बताया कि जिले में 10 कंटेन्मेंट जोन अब और बन गए, इस तरह कुल जोन 18 हो गए हैं। उन्होंने बताया कि जिले में कोरोना रोगियों की अब कुल संख्या 30 हो गई है। उन्होंने बताया कि सभी नये रोगियों को आइसोलेट करने के साथ ही इनके संपर्क में रहने वाले लोगों की शिनाख्त की जा रही है। उन्होंने बताया कि कोरोना के सभी रोगी प्रवासी हैं, जो हाल ही में बलिया आये हैं। स्वास्थ्य विभाग ने सोमवार को कोरोना हेल्थ बुलेटिन जारी किया है।
बुलेटिन के अनुसार 24 मई को 6 नाबालिगों सहित कुल 73 नमूने लिये गये। 24 मई तक कुल सैम्पल की संख्या 1437 है, जिसमें 1064 सैम्पल की नेगेटिव रिपोर्ट प्राप्त हुई है। बात यह है कि अधिकांश रोगी बैरिया व पड़ोसी क्षेत्र के हैं। बैरिया के भाजपा विधायक सुरेंद्र सिंह दावा करते रहे हैं कि वह हल्दी व गो मूत्र के सेवन के जरिये कोरोना का उपचार कर सकते हैं।
बलिया जिले की आबोहवा व सेहत के लिए प्रवासी कामगार खतरा हो गए हैं । जिले के नगरीय क्षेत्र से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों में प्रवासी कामगारों की रोजाना आवाजाही हो रही है। कामगारों के लिए चली विशेष ट्रेनों को चेनपुलिंग कर प्रवासी उतर कर घर पहुंच रहे हैं। इनका न तो स्वास्थ्य परीक्षण हो रहा है और न ही प्रशासन इनकी सूची तैयार कर पा रहा है। इनको लेकर गांव से लेकर शहर के मोहल्ले तक स्थिति विकट हो गई है। आये दिन झड़प की घटना हो रही है। निगरानी के लिए बनी समिति भी केवल कागजी खानापूर्ति तक सिमट कर रह गई है।
प्रशासन द्वारा प्रवासी कामगारों को गृह एकांतवास रहने व क्वारन्टीन केंद्र में रहने का निर्देश दिया गया है, लेकिन निर्देश की धज्जियां उड़ाते हुए प्रवासी कामगार घूमते नजर आ रहे हैं। जिले के भीमपुरा क्षेत्र के उधरन केंद्र पर प्रवासी कामगारों द्वारा मुर्गा पार्टी आयोजित करने का मामला सुर्खियों में रहा है। बैरिया क्षेत्र में एक विद्यालय के केंद्र में एकांतवास में रखे गये प्रवासी नदी में स्नान करते मिले। जिले में प्रशासन लॉकडाउन का पालन कराने में भी असफल साबित हो रहा है। आम लोग लॉकडाउन की धज्जियां उड़ाते दिखाई दे रहे हैं। वह न तो मास्क पहन रहे हैं और न सोशल डिस्टेंस का पालन कर रहे हैं।
साभार: newstrack
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UPSC में सफलता पर बलिया के जमुना राम मेमोरियल स्कूल में आदित्य कृष्ण तिवारी का सम्मान
जमुना राम मेमोरियल स्कूल, चितबड़ागांव में संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की परीक्षा में सफलता हासिल करने वाले आदित्य कृष्ण तिवारी को विद्यालय परिसर में सम्मानित किया गया। विद्यालय परिवार की ओर से उन्हें अंगवस्त्र व पुष्प भेंट कर सम्मानित करते हुए उनकी इस उपलब्धि पर गर्व व्यक्त किया गया।
इस अवसर पर आदित्य के पिता अशोक तिवारी, अरुण तिवारी सहित परिवार के अन्य सदस्यों को भी सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में विद्यालय के प्रबंधक प्रोफेसर धर्मात्मा नंद, प्रधानाचार्य अजीत कुमार सिंह, अरविंद चौबे, आनंद मिश्रा समेत अन्य शिक्षकों व गणमान्य लोगों ने आदित्य को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

कार्यक्रम में केसरी नंदन त्रिपाठी (पूर्व चेयरमैन) तथा अमरजीत सिंह (चेयरमैन, नगर पंचायत चितबड़ागांव) भी उपस्थित रहे। उन्होंने आदित्य कृष्ण तिवारी को उनकी सफलता पर शुभकामनाएं देते हुए कहा कि उनकी उपलब्धि क्षेत्र के युवाओं के लिए प्रेरणा
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Photos- जमुना राम मेमोरियल स्कूल में गणतंत्र दिवस समारोह हर्षोल्लास से संपन्न
26 जनवरी 2026 को जमुना राम मेमोरियल स्कूल के प्रांगण में 76वां गणतंत्र दिवस समारोह बड़े हर्षोल्लास, उत्साह और गरिमामय वातावरण में संपन्न हुआ। इस अवसर पर नर्सरी से लेकर कक्षा 12वीं तक के विद्यार्थियों ने रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत कर उपस्थित अतिथियों एवं अभिभावकों का मन मोह लिया।

कार्यक्रम का शुभारंभ सरस्वती पूजा एवं ध्वजारोहण के साथ हुआ। विद्यार्थियों ने अनुशासित मार्च-पास्ट के माध्यम से राष्ट्रीय ध्वज को सलामी दी। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि संस्था के अध्यक्ष प्रोफेसर धर्मात्मानंद जी ने ध्वजारोहण किया। अपने प्रेरणादायक संबोधन में उन्होंने कहा कि सामाजिक समरसता, समानता एवं मौलिक अधिकारों की रक्षा के लिए संविधान में निहित प्रावधानों का पालन करना प्रत्येक नागरिक का कर्तव्य है। उन्होंने विद्यार्थियों से राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया।
इस अवसर पर सेना से सेवानिवृत्त महानुभूतियों को स्मृति चिन्ह एवं अंगवस्त्र भेंट कर सम्मानित किया गया, जिससे समारोह की गरिमा और भी बढ़ गई।

कार्यक्रम में नन्हे-मुन्ने बच्चों द्वारा प्रस्तुत देशभक्ति गीतों ने सभी को भावविभोर कर दिया। हरियाणवी नृत्य, “मां से ही माटी” थीम पर आधारित प्रस्तुति, “पधारो मारे देश”, कव्वाली, उत्तर-पूर्व भारत का प्रसिद्ध बिहू नृत्य तथा योग प्रदर्शन को दर्शकों ने खूब सराहा। गरबा और भांगड़ा नृत्य भी विशेष आकर्षण का केंद्र रहे। कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण “वराह रूपम” नृत्य एवं कथकली प्रस्तुति रही, जिसने उपस्थित दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।

इस भव्य आयोजन को सफल बनाने में विद्यालय के समस्त शिक्षक-शिक्षिकाओं एवं गैर-शिक्षण कर्मचारियों का महत्वपूर्ण योगदान रहा। संस्था के निदेशक तुषार नंद जी एवं सौम्या प्रसाद जी ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि संविधान में निहित मौलिक अधिकारों, कर्तव्यों एवं समानता के सिद्धांतों पर आधारित समाज के निर्माण से ही भारत को विश्वगुरु बनाने का सपना साकार हो सकता है।

कार्यक्रम के अंत में विद्यालय के प्रधानाचार्य अजीत कुमार सिंह ने सभी आगंतुकों, अतिथियों, विद्यार्थियों एवं कर्मचारीगण के प्रति आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम की सफलता में कोऑर्डिनेटर नीतू मिश्रा एवं अरविंद चौबे की विशेष सहभागिता रही।


