बलिया स्पेशल
बलिया- बा’रिश में पटरी धं’सने से नि’रस्त, रूट बदले या आं’शिक नि’रस्त ट्रेनों की पूरी लिस्ट यहाँ देखें
एक तरफ जहाँ बलिया बा’ढ़ की चपेट में आ गया है और फिलहाल अभी लोगों को राहत मिली भी नहीं थी कि इस बीच अब पूर्वांचल में लगातार बारिश हो रही है। बारिश का सिलसला कई दिनों से जारी ही है जिसकी वजह से लोगों की ज़िन्दगी अस्त व्यस्त हो चुकी है और हर तरफ अफ’रा त’फरी का माहौल देखने को मिल रहा है।बारिश की वजह से बलिया की सड़के पानी में डूबी हुई हैं और लोगों का घर से निकलना मु’श्कि’ल हो गया है। वहीँ अब रेलवे ट्रैक पर भी पानी भर आया है।
बारिश में पटरी धंसने से निरस्त होने वाली ट्रेनें- 30 सितम्बर,2019 को फर्रूखाबादसे प्रस्थान करने वाली 18192फर्रूखाबाद-छपराएक्सप्रेस निरस्त रहेगी। 30 सितम्बर,2019 को गाजीपुरसिटी से प्रस्थान करने वाली13122 गाजीपुरसिटी-कोलकाताएक्सप्रेस निरस्त रहेगी। 30सितम्बर,2019 को मऊ सेप्रस्थान करने वाली 55018मऊ-छपरासवारी गाड़ी निरस्त रहेगी। 30सितम्बर,2019 को छपरा सेप्रस्थान करने वाली 55131छपरा-वाराणसीसिटी सवारी गाड़ी निरस्त रहेगी।

इन ट्रेनों को बीच में किया गया टर्मिनेट- 30 सितम्बर,2019 को वाराणसीसिटी से प्रस्थान करने वाली55014 वाराणसीसिटी-छपरासवारी गाड़ी बलिया में शार्टटर्मिनेट होगी। 29 सितम्बर,2019 को वाराणसीसिटी से प्रस्थान करने वाली55014 वाराणसीसिटी-छपरासवारी गाड़ी शाहबाजकुली मेंशार्ट टर्मिनेट किया गया। 28 सितम्बर,2019 को लखनऊ सेप्रस्थान करने वाली 15054लखनऊ-छपराएक्सप्रेस को बलिया में शार्टटर्मिनेट किया गया। 29 सितम्बर,2019 को छपरा सेप्रस्थान करने वाली 15053छपरा-लखनऊएक्सप्रेस बलिया से चलाई गयी। 29 सितम्बर,2019 को शाहगंजसे प्रस्थान करने वाली 55138शाहगंज-बलियासवारी गाड़ी को मऊ में शार्टटर्मिनेट किया गया। 29 सितम्बर,2019 को बलिया सेप्रस्थान करने वाली 55139बलिया-शाहगंजसवारी गाड़ी मऊ से चलाई गयी।
सितम्बर,2019 को वाराणसीसिटी से प्रस्थान करने वाली15111 वाराणसीसिटी-छपराएक्सप्रेस बांसडीह में शार्टटर्मिनेट की गयी। 28 सितम्बर,2019 को सियालदहसे प्रस्थान करने वाली 13105सियालदह-बलियाएक्सप्रेस सहतवार में शार्टटर्मिनेट की गयी। 29 सितम्बर,2019 को बलिया सेप्रस्थान करने वाली 13106बलिया-सियालदहएक्सप्रेस सहतवार से चलायीगयी। 28 सितम्बर,2019 को फर्रूखाबादसे प्रस्थान करने वाली 18192फर्रूखाबाद-छपराएक्सप्रेस बलिया में शार्टटर्मिनेट की गयी। 29 सितम्बर,2019 को वाराणसीसिटी से प्रस्थान करने वाली55014 वाराणसीसिटी-छपरासवारी गाड़ी शाहबाजकुली मेंशार्ट टर्मिनेट की गयी। 29 सितम्बर,2019 को मऊ सेप्रस्थान करने वाली 55018मऊ-छपरासवारी गाड़ी बलिया में शार्टटर्मिनेट की गयी। 29 सितम्बर,2019 को छपरा सेप्रस्थान करने वाली 55013छपरा-वाराणसीसिटी सवारी गाड़ी बलिया सेचलायी गयी।

इन ट्रेनों का किया गया मार्ग परविर्तन 28 सितम्बर,2019 को लोकमान्यतिलक टर्मिनेस से प्रस्थानकरने वाली 11061 लोकमान्यतिलक टर्मिनेस-दरभंगाएक्सप्रेस परिवर्तित मार्गऔंडि़हार-भटनी-छपरासे रास्ते चलाई गयी। 28 सितम्बर,2019 को अम्बालासे प्रस्थान करने वाली 14524अम्बाला-बरौनीएक्सप्रेस परिवर्तित मार्गऔंडि़हार-भटनी-छपरासे रास्ते चलाई गयी। 28 सितम्बर,2019 को अमृतसरसे प्रस्थान करने वाली 14650अमृतसर-जयनगरएक्सप्रेस परिवर्तित मार्गइंदारा-भटनी-छपरासे रास्ते चलाई गयी। 29 सितम्बर,2019 को जयनगर सेप्रस्थान करने वाली 14649जयनगर-अमृतसरएक्सप्रेस परिवर्तित मार्गछपरा-भटनी-मऊके रास्ते चलाई गयी। 29 सितम्बर,2019 को बरौनी सेप्रस्थान करने वाली 15231बरौनी-गोंडि़याएक्सप्रेस परिवर्तित मार्गछपरा-भटनी-औंडि़हारके रास्ते चलाई गयी।
29 सितम्बर,2019 को किषनगंजसे प्रस्थान करने वाली 15715किषनगंज-अजमेरएक्सप्रेस परिवर्तित मार्गछपरा-भटनी-मऊके रास्ते चलाई गयी। 27 सितम्बर,2019 को अहमदाबादसे प्रस्थान करने वाली 15560अहमदाबाद-दरभंगाएक्सप्रेस परिवर्तित मार्गवाराणसी-भटनी-सीवान-छपराके रास्ते चलाई गयी। 28 सितम्बर,2019 को नई दिल्लीसे प्रस्थान करने वाली 12562नई दिल्ली-जयनगरएक्सप्रेस परिवर्तित मार्गवाराणसी-भटनी-सीवान-छपराके रास्ते चलाई गयी। 29 सितम्बर,2019 को छपरा सेप्रस्थान करने वाली 19046छपरा-सूरतएक्सप्रेस परिवर्तित मार्गछपरा-सीवान-भटनी-मऊ-शाहगंजके रास्ते चलाई गयी।
29 सितम्बर,2019 को छपरा सेप्रस्थान करने वाली 15159छपरा-दुर्गएक्सप्रेस परिवर्तित मार्गछपरा-सीवान-भटनी-मऊ-वाराणसीके रास्ते चलाई गयी। 28 सितम्बर,2019 को दुर्ग सेप्रस्थान करने वाली 15160दुर्ग-छपराएक्सप्रेस परिवर्तित मार्गऔंड़हार-भटनी-छपराके रास्ते चलाई गयी। 29 सितम्बर,2019 को दरभंगासे प्रस्थान करने वाली 11062दरभंगा-लोकमान्यतिलक टर्मिनस एक्सप्रेसपरिवर्तित मार्ग छपरा-भटनी-औंडि़हारके रास्ते चलाई गयी। 27 सितम्बर,2019 को अहमदाबादसे प्रस्थान करने वाली 19165अहमदाबाद-दरभंगासाबरमती एक्सप्रेस परिवर्तितमार्ग इंदारा-भटनी-सीवान-छपराके रास्ते चलाई गयी।
उत्तर प्रदेश
बलिया का बढ़ा मान! जमुना राम मेमोरियल स्कूल सीबीएसई ईस्ट जोन हैंडबॉल के फाइनल में
मिर्जापुर। सनबीम एकेडमी नॉलेज पार्क, मिर्जापुर में आयोजित सीबीएसई ईस्ट जोन हैंडबॉल प्रतियोगिता 2026-27 में जमुना राम मेमोरियल स्कूल, चितबड़ागांव (बलिया) की टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए फाइनल में प्रवेश कर लिया।
प्रतियोगिता के दूसरे दिन खेले गए रोमांचक मुकाबले में जमुना राम मेमोरियल स्कूल ने मेजबान सनबीम एकेडमी नॉलेज पार्क को 06-02 के बड़े अंतर से हराया। मैच की शुरुआत से ही जमुना राम मेमोरियल स्कूल की टीम ने आक्रामक खेल का प्रदर्शन किया और पूरे मुकाबले में अपनी पकड़ बनाए रखी।
टीम की ओर से अंकिता कुशवाहा ने 2, रितिका यादव ने 2, आइशा गुप्ता ने 1 और श्रेया ने 1 गोल कर टीम की जीत में अहम योगदान दिया। इस शानदार जीत के साथ टीम ने प्रतियोगिता के खिताबी मुकाबले में अपनी जगह पक्की कर ली है। फाइनल मुकाबला कल खेला जाएगा।
टीम की सफलता पर विद्यालय के प्रबंध निदेशक इंजीनियर तुषारनंद एवं प्रधानाचार्य अजीत सिंह ने खिलाड़ियों और खेल स्टाफ को बधाई दी। उन्होंने शारीरिक शिक्षक सरदार मोहम्मद अफ़ज़ल, टीम प्रशिक्षक मनोज कुमार और टीम मैनेजर रश्मि श्रीवास्तव को भी शुभकामनाएं देते हुए फाइनल के लिए उत्साह बढ़ाया।
इस अवसर पर इंचार्ज अरविंद चौबे, आनन्द मिश्रा, नीतू मिश्रा सहित विद्यालय के शिक्षक-शिक्षिकाओं ने खिलाड़ियों के शानदार प्रदर्शन की सराहना करते हुए उन्हें फाइनल के लिए शुभकामनाएं दीं।
featured
तीन बार के विधायक उमाशंकर सिंह नहीं रहे, बलिया की राजनीति ने खोया अपना सबसे बड़ा जननेता
बलिया। रसड़ा विधानसभा क्षेत्र से लगातार तीन बार विधायक रहे और बहुजन समाज पार्टी (बसपा) के प्रदेश में इकलौते विधायक उमाशंकर सिंह के निधन से पूरे बलिया जिले में शोक की लहर दौड़ गई। बुधवार देर रात उनके निधन की आधिकारिक पुष्टि होते ही उनके आवास पर समर्थकों, शुभचिंतकों और क्षेत्रीय लोगों का हुजूम उमड़ पड़ा। हर ओर गम और सन्नाटा पसरा रहा।
नगरा ब्लॉक के खनवर गांव निवासी उमाशंकर सिंह लंबे समय से गंभीर बीमारी से जूझ रहे थे। पिछले कई महीनों से उनका इलाज चल रहा था। उनके स्वास्थ्य को लेकर लगातार चर्चाएं थीं, लेकिन बुधवार रात उनके निधन की खबर ने पूरे पूर्वांचल को स्तब्ध कर दिया।
उमाशंकर सिंह केवल एक विधायक नहीं थे, बल्कि रसड़ा की राजनीति का ऐसा चेहरा थे जिनकी पहचान पार्टी से कहीं अधिक उनके जनसंपर्क, विकास कार्यों और सामाजिक सरोकारों से थी। यही वजह रही कि राजनीतिक मतभेदों से ऊपर उठकर हर दल के नेताओं ने उनके निधन को क्षेत्र की अपूरणीय क्षति बताया।
छात्र राजनीति से विधानसभा तक का सफर
सेवानिवृत्त सैनिक घुरहू सिंह के बड़े पुत्र उमाशंकर सिंह ने छात्र राजनीति से अपना सार्वजनिक जीवन शुरू किया। वे सतीश चंद्र महाविद्यालय, बलिया के छात्रसंघ महामंत्री रहे। इसके बाद वर्ष 2002-03 में जिला पंचायत सदस्य चुने गए और यहीं से उनकी राजनीतिक यात्रा ने नई दिशा पकड़ी।
लगातार तीन चुनाव जीते
साल 2012 में बसपा के टिकट पर पहली बार रसड़ा विधानसभा से चुनाव लड़ते हुए उन्होंने करीब 84 हजार वोट हासिल किए और सपा प्रत्याशी सनातन पांडेय को 52,825 वोटों के बड़े अंतर से हराकर पहली बार विधायक बने।
2017 में भाजपा के पूर्व विधायक राम इकबाल सिंह को 33,885 वोटों से हराकर दूसरी बार विधानसभा पहुंचे।
वहीं 2022 के चुनाव में सपा-सुभासपा गठबंधन की चुनौती के बावजूद उन्होंने सुभासपा प्रत्याशी महेंद्र चौहान को करीब 5 हजार वोटों से हराकर जीत की हैट्रिक पूरी की। बसपा के कमजोर दौर में भी उनकी यह जीत पूरे प्रदेश में चर्चा का विषय बनी थी।
समाजसेवा से बनाई अलग पहचान
राजनीति में आने से पहले उमाशंकर सिंह सड़क निर्माण के व्यवसाय से जुड़े रहे। विधायक बनने के बाद इस कार्य की जिम्मेदारी उनके परिवार ने संभाली। लेकिन उनकी सबसे बड़ी पहचान समाजसेवी के रूप में रही। उन्होंने अपने जीवनकाल में 600 से अधिक निर्धन कन्याओं के सामूहिक विवाह कराकर समाज में एक अलग मिसाल कायम की।
शोक में डूबा बलिया
उनके निधन की खबर मिलते ही रसड़ा, नगरा और पूरे बलिया जिले में शोक की लहर दौड़ गई। बड़ी संख्या में लोग उनके आवास पर पहुंचकर अंतिम दर्शन कर रहे हैं। विभिन्न राजनीतिक दलों, सामाजिक संगठनों और आम नागरिकों ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि पूर्वांचल ने आज अपना एक लोकप्रिय, जुझारू और जनसेवा के लिए समर्पित नेता खो दिया।
उमाशंकर सिंह के अंतिम संस्कार और श्रद्धांजलि सभा के कार्यक्रम की जानकारी का इंतजार किया जा रहा है। उनका निधन केवल रसड़ा विधानसभा ही नहीं, बल्कि पूरे बलिया की राजनीति के लिए एक ऐसा खालीपन छोड़ गया है, जिसे भर पाना आसान नहीं होगा।
featured
आवास योजना में लापरवाही पर सभी एसडीएम का वेतन रोकने के आदेश
बलिया। जिले में राजस्व और विकास कार्यों की समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी मंगला प्रसाद सिंह ने लापरवाही पर कड़ा रुख अपनाया। मंगलवार को कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित समीक्षा बैठक में उन्होंने भूमि आवंटन और आवासीय पट्टा वितरण में खराब प्रगति पर सभी उपजिलाधिकारियों (एसडीएम) का वेतन रोकने के आदेश दिए। साथ ही लंबित राजस्व वादों के 15 दिनों के भीतर निस्तारण और 90 दिन से अधिक पुराने मामलों को मिशन मोड में खत्म करने के निर्देश दिए।
जिलाधिकारी ने विभिन्न विभागों से जुड़े 25 महत्वपूर्ण एजेंडों की समीक्षा करते हुए आईजीआरएस, डिजिटल क्रॉप सर्वे, स्वामित्व योजना, अंश निर्धारण, मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना कल्याण योजना, भूमि आवंटन, मत्स्य पट्टा, चकबंदी, बाढ़ प्रबंधन और अन्य राजस्व मामलों की प्रगति पर अधिकारियों से जवाब-तलब किया।
उन्होंने आईजीआरएस के लंबित प्रकरणों का गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करने को कहा। स्वामित्व योजना के तहत लक्ष्य के सापेक्ष 1,286 गांवों में सर्वे कार्य शेष रहने पर नाराजगी जताते हुए सभी एसडीएम को अभियान चलाकर कार्य पूरा करने के निर्देश दिए।
आगामी बाढ़ को देखते हुए डीएम ने रेड जोन के गांवों की पहचान, नावों की उपलब्धता, मेडिकल कैंप, पशुओं के चारे, राहत सामग्री और कंट्रोल रूम की अग्रिम व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने 183 संभावित बाढ़ प्रभावित गांवों के लिए समुचित तैयारी रखने को भी कहा।
राजस्व वादों की समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने धारा 24, 33, 34, 67 और 116 से संबंधित लंबित मामलों की स्थिति जानी और निर्देश दिया कि सभी लंबित वादों का 15 दिनों के भीतर निस्तारण किया जाए। 90 दिन से अधिक पुराने मामलों के लिए विशेष कार्ययोजना बनाकर मिशन मोड में कार्रवाई करने को कहा।
मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना कल्याण योजना के तहत सभी तहसीलों में 16 प्रकरण लंबित मिलने पर उन्होंने संबंधित लेखपालों और कानूनगो के विरुद्ध आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए।
भूमि आवंटन की समीक्षा में रसड़ा, सिकंदरपुर और बैरिया तहसीलों में कृषि पट्टों का आवंटन नहीं होने पर 10 दिन के भीतर कार्रवाई पूरी करने के निर्देश दिए। वहीं आवासीय पट्टा वितरण में लक्ष्य के अनुरूप प्रगति न मिलने पर सभी एसडीएम का वेतन रोकने के आदेश जारी किए।
मत्स्य पालन के लिए पट्टा आवंटन में बांसडीह, बलिया सदर और बैरिया तहसीलों की खराब प्रगति पर संबंधित तहसीलदारों का वेतन रोकने के निर्देश दिए गए। वहीं चकबंदी विभाग में 4,969 मुकदमे लंबित मिलने पर संबंधित अधिकारियों को शोकॉज नोटिस जारी करने और पांच वर्ष से अधिक पुराने मामलों का प्राथमिकता के आधार पर निस्तारण सुनिश्चित करने को कहा।
बैठक में अन्नपूर्णा भवनों के उद्घाटन, सस्ता गल्ला दुकानों के चयन, अवैध खनन पर कार्रवाई, भूमि अधिग्रहण, नदी कटान निरोधक कार्य, गंगा ऑडिटोरियम के जीर्णोद्धार, एसटीपी परियोजना तथा अन्य विकास कार्यों की भी समीक्षा की गई। इस दौरान अपर जिलाधिकारी अनिल कुमार, मुख्य राजस्व अधिकारी गुलशन जी, सभी एसडीएम, तहसीलदार, नायब तहसीलदार एवं अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
-
featured1 week agoबलिया में विनोद राय की दसवीं पुण्यतिथि पर उमड़ा जनसैलाब, दिग्गज नेताओं ने दी श्रद्धांजलि
-
featured2 weeks agoतीन बार के विधायक उमाशंकर सिंह नहीं रहे, बलिया की राजनीति ने खोया अपना सबसे बड़ा जननेता
-
featured2 weeks agoCBSE ईस्ट जोन हॉकी प्रतियोगिता में जमुना राम स्कूल की बेटियों का कमाल, कांस्य पदक जीतकर बढ़ाया मान
-
उत्तर प्रदेश1 week agoबलिया का बढ़ा मान! जमुना राम मेमोरियल स्कूल सीबीएसई ईस्ट जोन हैंडबॉल के फाइनल में
-
खेल कूद1 week agoसीबीएसई ईस्ट जोन हैंडबॉल में बलिया का जलवा, जमुना राम मेमोरियल स्कूल बना उपविजेता
-
featured6 days agoजमुना राम मेमोरियल स्कूल में धूमधाम से मना 80वां स्वतंत्रता दिवस, बच्चों की प्रस्तुतियों ने बांधा समां


