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दिल्ली : केजरीवाल का अब तक सबसे बड़ा फैसला, महिलाओ में ख़ुशी लहर …
दिल्ली में फिर से दौड़ेगी बसें ।10 साल बाद दिल्ली की सड़कों पर फिर से चलेंगी नई बसें । दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने वहां की जनता और खासकर दिव्यांग लोगों को पब्लिक ट्रांसपोर्ट से जुड़ा एक बड़ा तोहफा दिया है। दोस्तों बहुत लंबे समय से दिल्ली में बसों पर एक बड़ा ग्रहण लगा हुआ था जिसे हटाने का काम अरविंद केजरीवाल ने किया है। उन्होंने वहां की जनता को नई बसों का एक बड़ा तोहफा दिया है। इन बसों का रंग ऑरेंज कलर होगा जो बहुत ज्यादा आधुनिक तरीके से बनी हैं ।

वर्तमान समय में अरविंद केजरीवाल ने जनता को 25 आधुनिक बसें सौंपी है जबकि उन्होंने ऐसी ही 4000 बसों को जनता के हवाले करने का वादा किया है ।इन बसों के आने से दिल्ली की जनता को ट्रांसपोर्ट सिस्टम से होने वाली परेशानियों से छुटकारा मिल जाएगा। इन बसों में सीसीटीवी कैमरा, पैनिक बटन और हाइड्रोलिक लिफ्ट का भी इंतजाम किया गया है।
सूत्रों की मानें तो इन 4000 बसों में से कम से कम 1000 बसें हाइड्रोलिक लिफ्ट वाली होंगी,1000 बसें डीटीसी, 1000 लो फ्लोर एसी सीएनजी और बाकी की 1000 लो फ्लोर ऐसी इलेक्ट्रिक बसे होंगी । 4000 बसों में से केवल 25 बसे ही तैयार हुई है बाकी पर अभी काम चल रहा है और अरविंद केजरीवाल ने इस बात का वादा किया है कि वे जल्द ही बाकी की बसों को जनता को समर्पित करेंगे।

ऐसी आधुनिक बसों को बनाने का मुख्य कारण दिल्ली की बसों में हो रही दुर्घटनाओ और हादसों को रोकना है। मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने इन बसों को जनता को सौंपते वक्त यह कहा कि आज का दिन बहुत ही खुशी का दिन है बहुत दिनों से दिल्ली में बसों पर लगा ग्रहण खत्म होने का समय आ गया है और जल्द ही हम बाकी की बसे भी लाने वाले हैं अब जल्दी ही दिल्ली की सड़कों पर 4000 बसें दौड़ती नजर आएंगी। और इन बसों के कारण जनता में ट्रांसपोर्ट को लेकर होने वाली दिक्कतों का सामना नहीं करना पड़ेगा।
दोस्तों इन बसों की खास बात यह है कि अत्याधिक तरीके से बनाई गई है इन बसों में 37 सीटों के साथ 14 पैनिक बटन और 3 सीसीटीवी कैमरा लगे होंगे और दिव्यांग लोगों को बस में व्हील चेयर के साथ चढ़ाने के लिए हाइड्रोलिक लिफ्ट भी लगाई गई है।बस में सीसीटीवी कैमरे पर ज्यादा ध्यान दिया गया है तीन कैमरों में से दो कैमरा बस के अंदर लगा है और एक कैमरा बस में पीछे की तरफ लगाया गया है।

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जमुना राम मेमोरियल स्कूल में कक्षा 12वीं का भव्य विदाई समारोह, सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के बीच छात्रों को मिली नई उड़ान की प्रेरणा
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जमुना राम महाविद्यालय पहुचें बलिया एसपी ने छात्राओं को दी सुरक्षा की जानकारी
बलिया। जमुना राम स्नातकोत्तर महाविद्यालय, चितबड़ागांव में बुधवार 15 अक्टूबर को मिशन शक्ति पंचम चरण के तहत नारी सुरक्षा, नारी सम्मान व नारी स्वावलंबन विषय पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि पुलिस अधीक्षक डॉ. ओमवीर सिंह रहे।

कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण से हुआ। संस्थापक प्रबंधक प्रो. धर्मात्मा नंद, प्रबंध निदेशक ई. तुषार नंद और प्राचार्य डॉ. अंगद प्रसाद गुप्त ने मुख्य अतिथि का अंगवस्त्र और बुके देकर स्वागत किया।
एसपी डॉ. ओमवीर सिंह ने छात्राओं को आत्मरक्षा, साइबर सुरक्षा, सड़क सुरक्षा और हेल्पलाइन नंबर 112, 108, 1098, 181, 102, 1090, 1930 और 1076 की जानकारी दी तथा उन्हें अपने जीवन में आत्मनिर्भर बनने की प्रेरणा दी।
कार्यक्रम की अध्यक्षता प्राचार्य डॉ. अंगद प्रसाद गुप्त ने की तथा संचालन श्री बृजेश गुप्ता ने किया। इस अवसर पर महाविद्यालय के सभी शिक्षक और शिक्षणेत्तर कर्मचारी उपस्थित रहे।
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माता-पिता की बीमारी से मौत, डीएम पहुंचे बच्चे!
बलिया। नगर के रामपुर महावल निवासी दो मासूम भाई-बहन ऋषभ सिंह (6) और रितिका सिंह (5) सोमवार को अपने नाना राधेश्याम खरवार के साथ जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचे और मदद की गुहार लगाई। दोनों बच्चों ने बताया कि उनके माता-पिता की मौत बीमारी से हो चुकी है और अब उनके रिश्तेदारों ने घर और आभूषणों पर कब्जा कर लिया है।
नाना राधेश्याम खरवार, जो पनिचा गांव के निवासी हैं, ने जिलाधिकारी से फरियाद करते हुए कहा कि उनकी बेटी सपना की दो वर्ष पूर्व बीमारी से मौत हो गई थी। इसके बाद दामाद रोशन सिंह को पड़ोसियों ने इतना प्रताड़ित किया कि वह भी एक वर्ष पहले बीमारी के चलते चल बसे।
राधेश्याम ने बताया कि उनकी बेटी और दामाद के आभूषण बच्चों की बड़ी मां और बड़े पिता ने अपने पास रख लिए हैं और घर में ताला लगा दिया है। उन्होंने इस संबंध में जिले के कई अधिकारियों से शिकायत की, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई।
उन्होंने जिलाधिकारी से अनुरोध किया कि मुख्यमंत्री बाल संरक्षण योजना और बाल सेवायोजन योजना के तहत बच्चों को सहायता दी जाए, ताकि उनका पालन-पोषण और शिक्षा सुचारु रूप से हो सके।





