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बलिया में लैब टेक्नीशियन, कांस्टेबल समेत 14 गिरफ्तार, कांस्टेबल भर्ती परीक्षा में की थी सेंधमारी की कोशिश

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उत्तर प्रदेश आरक्षी भर्ती परीक्षा को शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न कराने के लिए बलिया पुलिस लगातार सक्रिय है। पुलिस लगातार संदिग्धों पर नजर रखी है। पुलिस ने अब तक भर्ती परीक्षा संबंधी 3 गैंग के 11 गैंग सदस्यों और 3 फर्जी अभ्यर्थियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार अभियुक्तों में एक स्वास्थ्य विभाग में तैनात लैब टेक्नीशियन तथा एक वन विभाग में कार्यरत कांस्टेबल है।

पुलिस अधीक्षक देव रंजन वर्मा ने बताया कि पुलिस आरक्षी भर्ती परीक्षा को नकल विहिन कराने को लेकर बलिया पुलिस चौकन्ना है और लगातार सूचना संकलित कर कार्रवाई कर रही है। इसी क्रम में गुरुवार की शाम रसड़ा पुलिस ने सलीम अन्सारी पुत्र नईमुद्दीन अन्सारी को गिरफ्तार किया था। इसके पास से पुलिस आरक्षी भर्ती परीक्षा से संबंधित अभ्यर्थियों के 16 प्रवेश पत्र, 12 मूल शैक्षिक प्रमाण पत्र, 04 स्वयं के फर्जी आधार कार्ड, एक मोबाइल स्क्रीन टच आई. फोन 13 एप्पल तथा एक लेखबद्ध डायरी बरामद किया गया था।

पहले फर्जी अभ्यर्थी की गिरफ्तारी गुलाब देवी स्नातकोत्तर महाविद्यालय बलिया से हुई, जहां भर्ती परीक्षा की दूसरी पाली की परीक्षा के दौरान अभ्यर्थी उपेन्द्र यादव के स्थान पर फर्जी तरीके से परीक्षा दे रहे मनीष कुमार यादव पुत्र बैज नाथ यादव को कूट रचित दस्तावेज के साथ हिरासत में लिया गया।

दूसरी गिरफ्तारी में पुलिस ने अभय कुमार श्रीवास्तव, विनित कुमार, रुकुमकेश पाल को हिरासत में लिया। ये सभी पुलिस भर्ती में शामिल होने वाले अभ्यर्थियों को परीक्षा पास कराने का झाँसा देकर वसूली करने एवं कूटरचित दस्तावेज तैयार कर धनार्जन कर रहे थे।

तीसरी गिरफ्तारी के दौरान अमृतपाली अण्डर पास से कुल 05 अभियुक्त अमित यादव, विशाल यादव, अंकित यादव, निखिल यादव, गिरजाशंकर को गिरफ्तार किया गया। इनके कब्जे से एक वाकी टाकी सेट, दो इलेक्ट्रानिक डिवाइस, एक ब्लूटूथ, दो डिवाइस बैट्री, दो सिम, एक आधार कार्ड, एक एटीएम कार्ड, एक डीएल सहित नकद 1,00,220 रूपये बरामद किया गया।

पुलिस ने तीन गैंग के 11 सदस्यों को गिरफ्तार किया है। प्रथम गैंग के सरगना अभय कुमार श्रीवास्तव है, जो यूपी के ही सुल्तानपुर स्वास्थ्य विभाग में बतौर लैब टेक्नीशियन तैनात है। इसके साथ विनीत कुमार राम और रुकुमेश पाल को दबोचा गया है। वहीं, दूसरा गैंग फतेहबहादुर राजभर का है। फतेहबहादुर राजभर मध्यप्रदेश के कटनी में वन विभाग का कांस्टेबल है। इसके साथ अजीत यादव और वरुण कुमार यादव को पकड़ा गया है। जबकि तीसरा गैंग गिरिजाशंकर का है। इसके साथ अमित यादव, विशाल यादव, अंकित यादव व निखिल यादव को गिरफ्तार किया गया है।

पुलिस अधीक्षक देव रंजन वर्मा ने बताया कि इन गैंग्स के संपर्क में रहने वाले सभी अभ्यर्थी परीक्षा केंद्रों में विशेष रूप चेक किए जायेंगे। पुलिस की विशेष निगरानी इन पर रहेगी। अग्रिम विवेचना कर ऐसे अभ्यर्थियों के खिलाफ भी कार्यवाही की जाएगी।

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Photos- जमुना राम मेमोरियल स्कूल में गणतंत्र दिवस समारोह हर्षोल्लास से संपन्न

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26 जनवरी 2026 को जमुना राम मेमोरियल स्कूल के प्रांगण में 76वां गणतंत्र दिवस समारोह बड़े हर्षोल्लास, उत्साह और गरिमामय वातावरण में संपन्न हुआ। इस अवसर पर नर्सरी से लेकर कक्षा 12वीं तक के विद्यार्थियों ने रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत कर उपस्थित अतिथियों एवं अभिभावकों का मन मोह लिया।

कार्यक्रम का शुभारंभ सरस्वती पूजा एवं ध्वजारोहण के साथ हुआ। विद्यार्थियों ने अनुशासित मार्च-पास्ट के माध्यम से राष्ट्रीय ध्वज को सलामी दी। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि संस्था के अध्यक्ष प्रोफेसर धर्मात्मानंद जी ने ध्वजारोहण किया। अपने प्रेरणादायक संबोधन में उन्होंने कहा कि सामाजिक समरसता, समानता एवं मौलिक अधिकारों की रक्षा के लिए संविधान में निहित प्रावधानों का पालन करना प्रत्येक नागरिक का कर्तव्य है। उन्होंने विद्यार्थियों से राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया।

इस अवसर पर सेना से सेवानिवृत्त महानुभूतियों को स्मृति चिन्ह एवं अंगवस्त्र भेंट कर सम्मानित किया गया, जिससे समारोह की गरिमा और भी बढ़ गई।

कार्यक्रम में नन्हे-मुन्ने बच्चों द्वारा प्रस्तुत देशभक्ति गीतों ने सभी को भावविभोर कर दिया। हरियाणवी नृत्य, “मां से ही माटी” थीम पर आधारित प्रस्तुति, “पधारो मारे देश”, कव्वाली, उत्तर-पूर्व भारत का प्रसिद्ध बिहू नृत्य तथा योग प्रदर्शन को दर्शकों ने खूब सराहा। गरबा और भांगड़ा नृत्य भी विशेष आकर्षण का केंद्र रहे। कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण “वराह रूपम” नृत्य एवं कथकली प्रस्तुति रही, जिसने उपस्थित दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।

इस भव्य आयोजन को सफल बनाने में विद्यालय के समस्त शिक्षक-शिक्षिकाओं एवं गैर-शिक्षण कर्मचारियों का महत्वपूर्ण योगदान रहा। संस्था के निदेशक तुषार नंद जी एवं सौम्या प्रसाद जी ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि संविधान में निहित मौलिक अधिकारों, कर्तव्यों एवं समानता के सिद्धांतों पर आधारित समाज के निर्माण से ही भारत को विश्वगुरु बनाने का सपना साकार हो सकता है।

कार्यक्रम के अंत में विद्यालय के प्रधानाचार्य अजीत कुमार सिंह ने सभी आगंतुकों, अतिथियों, विद्यार्थियों एवं कर्मचारीगण के प्रति आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम की सफलता में कोऑर्डिनेटर नीतू मिश्रा एवं अरविंद चौबे की विशेष सहभागिता रही।

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UGC के ‘Equity Rules’ में स्पष्टता व संतुलन की मांग, बलिया के भानु प्रकाश सिंह ने चेयरमैन को लिखा पत्र

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बलिया। ध्रुवजी सिंह स्मृति सेवा संस्थान, पूर-बलिया के सचिव भानु प्रकाश सिंह ‘बबलू’ ने विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) के चेयरमैन डॉ. विनीत जोशी को पत्र भेजकर यूजीसी विनियम, 2026 में आवश्यक स्पष्टीकरण और सुधार की मांग की है। उन्होंने पत्र की प्रतिलिपि राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, केंद्रीय शिक्षा मंत्री, गृह मंत्री एवं रक्षा मंत्री को भी भेजते हुए इस विषय पर शीघ्र और ठोस कार्रवाई की आवश्यकता जताई है।

भानु प्रकाश सिंह ने यूजीसी विनियमों के उद्देश्य को सराहनीय बताते हुए कहा कि उनके प्रभावी क्रियान्वयन के लिए संविधान के अनुच्छेद 14, 15(1) एवं 21 तथा नैसर्गिक न्याय के सिद्धांतों के अनुरूप संतुलित, स्पष्ट और न्यायसंगत व्यवस्था अनिवार्य है। उन्होंने समता समिति के गठन, उसकी संरचना और निर्णय प्रक्रिया में पारदर्शिता, संतुलन और निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए ठोस दिशा-निर्देश जारी करने की मांग की।

शिकायतों के निस्तारण के लिए एक समान मानक कार्य-प्रणाली (एसओपी) तय करने पर जोर देते हुए उन्होंने कहा कि केवल आरोप के आधार पर कठोर कार्रवाई न्यायसंगत नहीं है। किसी भी दंडात्मक कदम से पूर्व प्रथम दृष्टया जांच आवश्यक होनी चाहिए। साथ ही झूठी या दुर्भावनापूर्ण शिकायतों के दुरुपयोग को रोकने के लिए भी स्पष्ट प्रावधान किए जाने की मांग की गई।

उन्होंने स्पष्ट किया कि शिक्षा संस्थानों में नियमों का पालन सहयोग, मार्गदर्शन और न्याय की भावना पर आधारित होना चाहिए, न कि पुलिसिंग या अत्यधिक निगरानी जैसा वातावरण बनाकर। इसके अतिरिक्त उच्च शिक्षा को शोध और नवाचार का मजबूत केंद्र बनाने के लिए रिसर्च इंफ्रास्ट्रक्चर के सुदृढ़ीकरण, साझा प्रयोगशालाओं की स्थापना, उद्योग-सहयोग, स्टार्टअप को बढ़ावा देने और पेटेंट संस्कृति को प्राथमिकता देने का भी सुझाव दिया।

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