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बलिया में दुष्कर्म और हत्या के दोषी को सख्त सजा, न्यायालय ने दिया कड़ा संदेश

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बलिया में एक बड़े अपराध मामले में न्यायालय ने दोषी अंचल राजभर को सख्त सजा सुनाई है। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश/एफटीसी-1 की अदालत ने दुष्कर्म और हत्या के गंभीर आरोपों में उसे दोषी ठहराया और सजा का ऐलान किया। यह मामला थाना उभांव में दर्ज मुकदमा संख्या 05/2022 से संबंधित है।

अंचल राजभर, जो रामपुर कानूनगोयान का निवासी है, को अदालत ने हत्या के आरोप में आजीवन कारावास और 10,000 रुपये जुर्माना की सजा दी। वहीं, दुष्कर्म के मामले में उसे 10 वर्ष का कठोर कारावास और 10,000 रुपये जुर्माना लगाने का आदेश दिया गया।

अदालत ने यह भी कहा कि यदि दोषी जुर्माना नहीं चुका पाता, तो उसे प्रत्येक अपराध के लिए 6 महीने का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। यह सजा उत्तर प्रदेश पुलिस के “ऑपरेशन कनविक्शन” अभियान के तहत दी गई, जिसका संचालन पुलिस अधीक्षक ओमवीर सिंह कर रहे थे।

अभियोजन पक्ष की ओर से एडीजीसी विजय शंकर पांडेय ने प्रभावी पैरवी की, जिससे यह फैसला संभव हो सका। यह सजा अपराधियों को एक कड़ा संदेश देती है और न्याय व्यवस्था में आम जनता के विश्वास को और मजबूती प्रदान करती है।

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बलिया के होटल में महिला की हत्या के मामले का पर्दाफाश, पुलिस ने आरोपी को किया गिरफ्तार

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बलिया के महावीर लाज में 30 मार्च को हुई महिला की हत्या के मामले में पुलिस ने बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने तेज़ी से कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी जमील अहमद को गिरफ्तार कर लिया है। मृतका की पहचान गाजीपुर निवासी 29 वर्षीय नेहा परवीन के रूप में हुई है, जिसकी शादी घनी गांव निवासी हामिद से हुई थी।

जांच में सामने आया है कि आरोपी जमील अहमद ने नेहा को होटल में बुलाकर उसकी बेरहमी से हत्या कर दी। यह घटना बलिया सदर कोतवाली क्षेत्र के अंतर्गत रेलवे स्टेशन के सामने स्थित महावीर लाज में घटित हुई। होटल रजिस्टर के अनुसार, 28 मार्च को दोनों ने पति-पत्नी के रूप में कमरा बुक किया था।

30 मार्च को दोपहर के बाद से कमरे का दरवाज़ा नहीं खुला, जिससे लाज प्रबंधन को शक हुआ। शाम 7 बजे पुलिस को सूचना दी गई, जिसके बाद मौके पर पहुंचे सिटी मजिस्ट्रेट और पुलिस अधिकारियों ने जब दरवाज़ा खोला तो अंदर का दृश्य बेहद खौफनाक था—कमरे और बाथरूम में खून फैला हुआ था।

नेहा का शव कमरे में पड़ा था, जबकि जमील अहमद की कलाई की नसें कटी हुई थीं। उसे गंभीर हालत में जिला अस्पताल पहुंचाया गया। पुलिस अधीक्षक ओमवीर सिंह के निर्देशन में अपर पुलिस अधीक्षक कृपा शंकर और नगर क्षेत्राधिकारी श्यामकांत के नेतृत्व में कोतवाली पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।

पीड़िता के परिजनों की शिकायत पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है और आरोपी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है। पुलिस पूरे मामले की बारीकी से जांच कर रही है ताकि हत्या के पीछे की पूरी सच्चाई सामने लाई जा सके।

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बलिया के हिमांशु ने लंबे सघर्ष के बाद पास की IBPS SO परीक्षा, प्रेरणादायक है उनकी सफलता की कहानी

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लहरों से डरकर नौका पार नहीं होती और कोशिश करने वालों की कभी हार नहीं होती। बलिया के हिमांशु राय ने इन पंक्तियों को चारितार्थ करके दिखाया है। उन्होंने लंबे संघर्ष के बाद IBPS SO की परीक्षा में उच्चतम अंक हासिल कर सफलता हासिल की। इस परीक्षा में सफलता प्राप्त करने के बाद उनका चयन पंजाब नेशनल बैंक में हुआ है, जो उनके करियर की एक नई शुरुआत साबित होगी।

अजीत कुमार राय के पुत्र हिमांशु राय का जीवन एक प्रेरणा है। बचपन से ही मेधावी रहे हिमांशु ने अपनी शिक्षा में कभी भी समझौता नहीं किया। 2014 में उन्होंने ज्ञान कुंज अकादमी से कॉमर्स में इंटरमीडिएट की परीक्षा में लगभग 90 प्रतिशत अंक प्राप्त किए। इसके बाद, उन्होंने BHU से बी.कॉम में प्रथम श्रेणी से सफलता हासिल की और MBA (MAT) की परीक्षा पास की। इसके साथ ही UGC NET की परीक्षा भी उत्तीर्ण की और HDFC बैंक में नौकरी प्राप्त की।

हालांकि, जीवन की राह में आ रही कठिनाइयों ने हिमांशु को कभी हार मानने नहीं दिया। कोरोना महामारी के कारण उन्हें अपनी नौकरी छोड़नी पड़ी, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी और कुछ समय तक कॉलेज में पढ़ाना शुरू किया। इस दौरान, उन्होंने अपने परिवार की दुकान में भी मदद की और घर में मां का ख्याल रखते हुए रात में अपनी पढ़ाई जारी रखी।

संगर्ष की इस लंबी यात्रा में, हिमांशु ने कई बार सफलता के काफी करीब जाकर असफलता का सामना किया, लेकिन उनकी मेहनत और हिम्मत ने उन्हें 1 अप्रैल को शानदार सफलता दिलाई। हिमांशु अपनी इस सफलता का श्रेय अपने पिता श्री अजीत कुमार राय के मार्गदर्शन और संघर्ष, और अपनी मां श्रीमती संगीता राय के त्याग को देते हैं। वे कहते हैं, “मेरे माता-पिता ने हमेशा मुझे संघर्ष से लड़ने और जीवन में आगे बढ़ने की प्रेरणा दी।”

हिमांशु ने अपनी मौसी, जिन्हें वह छोटी माता के नाम से बुलाते हैं, को भी इस सफलता का अहम श्रेय दिया। इसके अलावा, उनकी एक मित्र संध्या ने इस परीक्षा में उनका अनमोल साथ दिया, जिन्होंने न केवल पढ़ाई में मदद की बल्कि परीक्षा और इंटरव्यू की तैयारी में भी मार्गदर्शन किया। हिमांशु का मानना है कि संध्या के सहयोग के बिना यह सफलता संभव नहीं थी।

आखिरकार, हिमांशु ने अपनी इस सफलता का श्रेय अपने परिवार, रिश्तेदारों और बाजार के सभी लोगों को दिया, जिन्होंने हर कदम पर उनका समर्थन किया। उनकी यह कहानी यह सिद्ध करती है कि सही मार्गदर्शन, कड़ी मेहनत, और कभी हार न मानने का जज्बा किसी भी मुश्किल को पार कर सफलता की ऊँचाइयों तक पहुंच सकता है।

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बलिया में आयुष्मान योजना में धोखाधड़ी को लेकर ईडी ने की छापेमारी, तीन गाड़ियों में आई टीम को देखकर मचा हड़कंप

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बलिया जिले के खेजुरी थाना क्षेत्र के खेजुरी बाजार में शुक्रवार को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की एक टीम ने अचानक छापेमारी की। तीन गाड़ियों में आई टीम को देख स्थानीय लोग पहले असमंजस में पड़ गए, लेकिन बाद में मामले को लेकर कयासों का दौर शुरू हो गया। करीब सुबह 9 बजे ईडी की टीम मकान के अंदर दाखिल हुई, और छापेमारी की कार्रवाई तब तक जारी रही जब तक समाचार लिखे जा रहे थे।

प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, यह छापेमारी झारखंड में आयुष्मान भारत योजना से जुड़ी धोखाधड़ी के मामले में की गई है। आरोप है कि कुछ लोगों ने बिना किसी चिकित्सा सेवा के, महज कागजी दावों के आधार पर योजना के तहत लाखों रुपये का भुगतान हासिल किया। सूत्रों का कहना है कि ईडी ने इस धोखाधड़ी की जांच के बाद यह कार्रवाई शुरू की, जिसके तहत खेजुरी बाजार स्थित इस मकान पर छापे मारे गए।

मकान के मालिक हरेराम यादव पहले सिकंदरपुर थाना क्षेत्र के एक मेडिकल स्टोर के मालिक थे। उनके दो बेटे आयुष्मान योजना से जुड़ी कार्यवाही में सक्रिय हैं—एक झारखंड में और दूसरा मऊ जिले में कार्यरत है। बताया जा रहा है कि ईडी ने आयुष्मान योजना के तहत बिना इलाज किए गए दावों की जांच के बाद इस परिवार के खिलाफ छानबीन तेज की है।

हालांकि, बलिया के अपर पुलिस अधीक्षक अनिल झा ने इस मामले पर टिप्पणी करने से इनकार कर दिया है। ईडी की यह छापेमारी आयुष्मान योजना में कथित धोखाधड़ी के मामलों में एक और महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है, जिसके परिणामों का अब इंतजार किया जा रहा है।

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