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बेरोजगारी के अंधेरे में डूबे युवा, बलिया में 6 हजार की नौकरी के लिए B.Sc-B.Com वाले भी लाइन में लगे

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भारत में बेरोजगारी की स्थिति यह है कि इंजीनियरिंग कर चुके युवा चपरासी की नौकरी के फार्म भरते हैं। युवा करें भी तो क्या, सरकार नौकरी देने के तमाम वादे करती है लेकिन धरातल पर नौकरियों के नाम पर अवसर शून्य हैं। कोरोनाकाल के बाद से स्थितियां और ज्यादा बिगड़ गई हैं। लाखों युवा बेरोजगार हो गए हैं। ऐसे में अच्छी-खासी पढ़ाई कर चुके युवा चंद रुपयों की नौकरी के लिए भीड़ में धक्के खा रहे हैं।

ताजा मामला बलिया से सामने आया जहां 940 ग्राम पंचायतों में पंचायत सहायकों की भर्ती के लिए प्रक्रिया शुरू की गई है। इस पद के लिए कक्षा 10वीं और 12वीं न्यूनतम योग्यता निर्धारित की गई है। नौकरी करने पर प्रतिमाह 6 हजार का वेतन मिलेगा। लेकिन बेरोजगारी से हाल ऐसा है कि इस 6 हजार वाली नौकरी के लिए बीएससी, बीकॉम, बीएड कर चुके युवाओं की लाइन लगी है। अब तक 1500 से अधिक आवेदन आ चुके हैं। जिसमें कई ग्रेजुएशन और पोस्ट ग्रेजुएशन वाले युवा भी शामिल हैं। डीपीआरओ कार्यालय में अब तक करीब तीन दर्जन आवेदकों ने पंचायत सहायक पद के लिए आवेदन पत्र जमा किए हैं। इस पद के लिए न्यूनतम योग्यता इंटरमीडिएट है, लेकिन 80 प्रतिशत आवेदक ऐसे हैं, जिन्होंने स्नातक के प्रमाणपत्र आवेदन पत्र के साथ जमा किए कुछ आवेदकों ने स्नातक के प्रमाणपत्रों के साथ ट्रिपल सी के भी प्रमाणपत्र जमा किए हैं।

युवाओं का कहना है कि पढ़ाई पूरी हो गई फिर भी नौकरी नहीं मिली। अब जीविका चलाने के लिए कोई भी नौकरी करने को तैयाय हैं। नौकरी पाने के लिए यह युवा काफी जद्दोजहद कर रहे हैं। वहीं पंचायत सहायक के लिए ऑफलाइन आवेदन करने की व्यवस्था है। आवेदन ग्राम प्रधान और ग्राम पंचायत अधिकारी के पास जमा करना है। ऐसे में कई लोगों को आवेदन में छेड़छाड़ का डर है। जिसे देखते हुए डीपीआरओ अजय कुमार श्रीवास्तव ने कहा कि जिन्हें किसी भी तरह के गड़बड़ी की आशंका हो वह अपना आवेदन ब्लॉक अथवा उनके कार्यालय में जमा कर सकते हैं। साथ ही लिए सभी ग्राम पंचायत सचिव को उन्होंने आवेदन जमा करने के बाद रिसीविंग देने का निर्देश दिया है।

इस 6 हजार की नौकरी के लिए योग्यता भले ही 12वीं पास हों लेकिन इसके लिए उच्च डिग्रीधारियों के आवेदन भी आ चुके हैं। इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि भारत में बेरोजगारी किस हद तक अपनी जड़े जमा चुकी है। नौकरी के नाम पर बड़े-बड़े संस्थान मोटी फीस वसूली कर पर्स खाली करवा देते हैं और युवा जॉब सर्च करते रह जाते हैं।

 

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UPSC में सफलता पर बलिया के जमुना राम मेमोरियल स्कूल में आदित्य कृष्ण तिवारी का सम्मान

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जमुना राम मेमोरियल स्कूल, चितबड़ागांव  में संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की परीक्षा में सफलता हासिल करने वाले आदित्य कृष्ण तिवारी को विद्यालय परिसर में सम्मानित किया गया। विद्यालय परिवार की ओर से उन्हें अंगवस्त्र व पुष्प भेंट कर सम्मानित करते हुए उनकी इस उपलब्धि पर गर्व व्यक्त किया गया।

इस अवसर पर आदित्य के पिता अशोक तिवारी, अरुण तिवारी सहित परिवार के अन्य सदस्यों को भी सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में विद्यालय के प्रबंधक प्रोफेसर धर्मात्मा नंद, प्रधानाचार्य अजीत कुमार सिंह, अरविंद चौबे, आनंद मिश्रा समेत अन्य शिक्षकों व गणमान्य लोगों ने आदित्य को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

कार्यक्रम में केसरी नंदन त्रिपाठी (पूर्व चेयरमैन) तथा अमरजीत सिंह (चेयरमैन, नगर पंचायत चितबड़ागांव) भी उपस्थित रहे। उन्होंने आदित्य कृष्ण तिवारी को उनकी सफलता पर शुभकामनाएं देते हुए कहा कि उनकी उपलब्धि क्षेत्र के युवाओं के लिए प्रेरणा

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Photos- जमुना राम मेमोरियल स्कूल में गणतंत्र दिवस समारोह हर्षोल्लास से संपन्न

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26 जनवरी 2026 को जमुना राम मेमोरियल स्कूल के प्रांगण में 76वां गणतंत्र दिवस समारोह बड़े हर्षोल्लास, उत्साह और गरिमामय वातावरण में संपन्न हुआ। इस अवसर पर नर्सरी से लेकर कक्षा 12वीं तक के विद्यार्थियों ने रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत कर उपस्थित अतिथियों एवं अभिभावकों का मन मोह लिया।

कार्यक्रम का शुभारंभ सरस्वती पूजा एवं ध्वजारोहण के साथ हुआ। विद्यार्थियों ने अनुशासित मार्च-पास्ट के माध्यम से राष्ट्रीय ध्वज को सलामी दी। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि संस्था के अध्यक्ष प्रोफेसर धर्मात्मानंद जी ने ध्वजारोहण किया। अपने प्रेरणादायक संबोधन में उन्होंने कहा कि सामाजिक समरसता, समानता एवं मौलिक अधिकारों की रक्षा के लिए संविधान में निहित प्रावधानों का पालन करना प्रत्येक नागरिक का कर्तव्य है। उन्होंने विद्यार्थियों से राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया।

इस अवसर पर सेना से सेवानिवृत्त महानुभूतियों को स्मृति चिन्ह एवं अंगवस्त्र भेंट कर सम्मानित किया गया, जिससे समारोह की गरिमा और भी बढ़ गई।

कार्यक्रम में नन्हे-मुन्ने बच्चों द्वारा प्रस्तुत देशभक्ति गीतों ने सभी को भावविभोर कर दिया। हरियाणवी नृत्य, “मां से ही माटी” थीम पर आधारित प्रस्तुति, “पधारो मारे देश”, कव्वाली, उत्तर-पूर्व भारत का प्रसिद्ध बिहू नृत्य तथा योग प्रदर्शन को दर्शकों ने खूब सराहा। गरबा और भांगड़ा नृत्य भी विशेष आकर्षण का केंद्र रहे। कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण “वराह रूपम” नृत्य एवं कथकली प्रस्तुति रही, जिसने उपस्थित दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।

इस भव्य आयोजन को सफल बनाने में विद्यालय के समस्त शिक्षक-शिक्षिकाओं एवं गैर-शिक्षण कर्मचारियों का महत्वपूर्ण योगदान रहा। संस्था के निदेशक तुषार नंद जी एवं सौम्या प्रसाद जी ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि संविधान में निहित मौलिक अधिकारों, कर्तव्यों एवं समानता के सिद्धांतों पर आधारित समाज के निर्माण से ही भारत को विश्वगुरु बनाने का सपना साकार हो सकता है।

कार्यक्रम के अंत में विद्यालय के प्रधानाचार्य अजीत कुमार सिंह ने सभी आगंतुकों, अतिथियों, विद्यार्थियों एवं कर्मचारीगण के प्रति आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम की सफलता में कोऑर्डिनेटर नीतू मिश्रा एवं अरविंद चौबे की विशेष सहभागिता रही।

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