अपनी मांगों के समर्थन में फूलन सेना के कार्यकर्ताओं ने मंगलवार को रेलवे स्टेशन के प्रांगण से सूबे के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की प्रतीकात्मक शवयात्रा निकाली। इसे रोकने के लिए उनकी पुलिस से नोकझोंक भी हुई। इससे गुस्साई महिलाओं ने पुलिस पर हमला बोल दिया। पुलिस ने किसी तरह शवयात्रा को बीच में ही समाप्त कराया। इस मामले में पुलिस ने फूलन सेना के 13 नामजद समेत करीब 50 अज्ञात कार्यकर्ताओं के खिलाफ मुकदमा पंजीकृत किया है।
विगत एक सप्ताह से कलेक्ट्रेट में फूलन सेना के सदस्यों का धरना-प्रदर्शन चल रहा था। जिसमें कई बार जिला प्रशासन के आश्वासन के बाद उनकी मांगे पूरी नहीं की गई तो आक्रोशित फूलन सेना के सदस्यों ने बिना अनुमति के ही योगी की शवयात्रा निकाली। सूचना मिलते ही पुलिस पहुंच गई। के कान खड़े हो गए। कोतवाल शशिमौलि पांडेय और चौकी प्रभारी चंद्रशेखर सिंह ने उनका शवयात्रा बीच में रोकते हुए प्रतीकात्मक अर्थी को छीन लिया। इस पर महिलाओं ने कोतवाल और चौकी प्रभारी पर हमला बोल दिया। जिसमें दोनों पुलिस अधिकारियों को चोटें आई।
बाद में शवयात्रा में शामिल लोग धरनास्थल पर पहुंचे। जहां फूलन सेना के वक्ताओं ने पुलिस पर मारपीट करने का आरोप लगाया। जबकि पुलिस महकमे के अफसरों की मानें तो फूलन सेना के महिलाओं और सदस्यों ने पुलिस पर हमला बोला था। शहर कोतवाल की तहरीर पर पुलिस ने 13 नामजद सहित करीब 50 अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा पंजीकृत कर लिया है। नगर क्षेत्राधिकारी हीतेंद्र कृष्ण ने बताया कि पुलिस से मारपीट करने के मामले में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।
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