आवास योजना में लापरवाही पर सभी एसडीएम का वेतन रोकने के आदेश

बलिया। जिले में राजस्व और विकास कार्यों की समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी मंगला प्रसाद सिंह ने लापरवाही पर कड़ा रुख अपनाया। मंगलवार को कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित समीक्षा बैठक में उन्होंने भूमि आवंटन और आवासीय पट्टा वितरण में खराब प्रगति पर सभी उपजिलाधिकारियों (एसडीएम) का वेतन रोकने के आदेश दिए। साथ ही लंबित राजस्व वादों के 15 दिनों के भीतर निस्तारण और 90 दिन से अधिक पुराने मामलों को मिशन मोड में खत्म करने के निर्देश दिए।

जिलाधिकारी ने विभिन्न विभागों से जुड़े 25 महत्वपूर्ण एजेंडों की समीक्षा करते हुए आईजीआरएस, डिजिटल क्रॉप सर्वे, स्वामित्व योजना, अंश निर्धारण, मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना कल्याण योजना, भूमि आवंटन, मत्स्य पट्टा, चकबंदी, बाढ़ प्रबंधन और अन्य राजस्व मामलों की प्रगति पर अधिकारियों से जवाब-तलब किया।

उन्होंने आईजीआरएस के लंबित प्रकरणों का गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करने को कहा। स्वामित्व योजना के तहत लक्ष्य के सापेक्ष 1,286 गांवों में सर्वे कार्य शेष रहने पर नाराजगी जताते हुए सभी एसडीएम को अभियान चलाकर कार्य पूरा करने के निर्देश दिए।

आगामी बाढ़ को देखते हुए डीएम ने रेड जोन के गांवों की पहचान, नावों की उपलब्धता, मेडिकल कैंप, पशुओं के चारे, राहत सामग्री और कंट्रोल रूम की अग्रिम व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने 183 संभावित बाढ़ प्रभावित गांवों के लिए समुचित तैयारी रखने को भी कहा।

राजस्व वादों की समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने धारा 24, 33, 34, 67 और 116 से संबंधित लंबित मामलों की स्थिति जानी और निर्देश दिया कि सभी लंबित वादों का 15 दिनों के भीतर निस्तारण किया जाए। 90 दिन से अधिक पुराने मामलों के लिए विशेष कार्ययोजना बनाकर मिशन मोड में कार्रवाई करने को कहा।

मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना कल्याण योजना के तहत सभी तहसीलों में 16 प्रकरण लंबित मिलने पर उन्होंने संबंधित लेखपालों और कानूनगो के विरुद्ध आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए।

भूमि आवंटन की समीक्षा में रसड़ा, सिकंदरपुर और बैरिया तहसीलों में कृषि पट्टों का आवंटन नहीं होने पर 10 दिन के भीतर कार्रवाई पूरी करने के निर्देश दिए। वहीं आवासीय पट्टा वितरण में लक्ष्य के अनुरूप प्रगति न मिलने पर सभी एसडीएम का वेतन रोकने के आदेश जारी किए।

मत्स्य पालन के लिए पट्टा आवंटन में बांसडीह, बलिया सदर और बैरिया तहसीलों की खराब प्रगति पर संबंधित तहसीलदारों का वेतन रोकने के निर्देश दिए गए। वहीं चकबंदी विभाग में 4,969 मुकदमे लंबित मिलने पर संबंधित अधिकारियों को शोकॉज नोटिस जारी करने और पांच वर्ष से अधिक पुराने मामलों का प्राथमिकता के आधार पर निस्तारण सुनिश्चित करने को कहा।

बैठक में अन्नपूर्णा भवनों के उद्घाटन, सस्ता गल्ला दुकानों के चयन, अवैध खनन पर कार्रवाई, भूमि अधिग्रहण, नदी कटान निरोधक कार्य, गंगा ऑडिटोरियम के जीर्णोद्धार, एसटीपी परियोजना तथा अन्य विकास कार्यों की भी समीक्षा की गई। इस दौरान अपर जिलाधिकारी अनिल कुमार, मुख्य राजस्व अधिकारी गुलशन जी, सभी एसडीएम, तहसीलदार, नायब तहसीलदार एवं अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

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