ग्रामों के विकास को ध्यान में रखते हुए उत्तरप्रदेश सरकार ने एक अहम फैसला लिया है। इसके मुताबिक अब हर ग्राम पंचायत का अपना भवन होगा। जिसमें ग्राम प्रधान के कार्यालय के साथ इंटरनेट सुविधा युक्त कम्प्यूटर, स्कैनर आदि भी व्यवस्था भी रहेगी। जिन ग्राम पंचायतों के भवन हैं वहां भी बेहतर व्यवस्थाएं बनाने के लिए हर ग्राम पंचायत को पौने दो लाख रुपए दिए जाएंगे।
नए पंचायत भवन बनने से युवाओं को मिलेगा रोजगार– हर ग्राम पंचायत में भवन बनाने के बाद एक पंचायत सहायक और कंप्यूटर ऑपरेटर की नियुक्ति की जाएगी, ऐसे में करीब एक लाख 20 हजार युवाओं को रोजगार मिलेगा। लिहाजा पंचायत भवन की समस्या के साथ बेरोजगारी की समस्या भी दूर होगी। प्रत्येक ग्राम पंचायत में पंचायत सहायक/एकाउंटेंट-कम डाटा इण्ट्री आपरेटर के चयन और इनकी तैनाती, तथा इन पर होने वाले व्यय को वित्त आयोग, मनरेगा, ग्राम निधि, और अन्य योजनाओं के प्रशासनिक मद में अनुमन्य धनराशि से खर्च किये जाने के प्रस्ताव को मंजूरी दी है, प्रदेश में पहली बार ग्रामीण सचिवालय की स्थापना की जा रही है।
बता दें कि उत्तरप्रदेश में फिलहाल 58189 ग्राम पंचायतें हैं और इसमें से 33500 ग्राम पंचायतों में भवन बने हैं, इनमें व्यवस्थाएं ठीक नहीं हैं। ऐसे में उनकी मरम्मत और विस्तार के लिए हर ग्राम पंचायत को पौने दो लाख रूपये दिये जाएंगे। प्रदेश में पहली बार ग्रामीण सचिवालय की स्थापना की जा रही है।
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