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ये छेह आदतें छोड़ दें आप जल्द बूढ़े नहीं होंगे, छेह काम जो आपकी जवानी खा जाते हैं…देखिये विडियो
दोस्तो आज हम आपको कुछ ऐसी चीज बताएंगे जिससे आपको जल्दी बुढ़ापा नहीं आएगा जी हां दोस्तो आज हम ऐसी ही कुछ बाते आपसे शेयर करने जा रहे है जिसको छोड़ देने से आपको जल्दी बुढ़ापा नहीं आयेगा दोस्तो आज हम उन लोगो तक ये बात पहुंचाना चहेते है जो लोग अपनी उम्र से बहुत जादा बड़े लगते है और उनके चेहरे बहुत झुर्रियों वाले हो जाते है जी हां ऐसे लोगो के लिए हम ये ६ बाते लेे कर आए है जिनको छोड़ देने से वो अपनी उम्र से बहुत कि कम के नजर आएंगे दोस्तो तो अगर आप चहेते हो की आप का चेहरा झुर्रियों वाला ना दिखे.
आप को अपनी स्किन खराब स्किन ना लगे और आप भी अपने उमर से कम दिखो तो आपको रोज़ की ज़िन्दगी की कुछ आदतों में तब्दीली लनी पड़े गई तो दोस्तो आपको इन ६ आदतों को छोड़ना पड़ेगा तो जैसा की आप जानते है कि आपके खाने पीने से भी और आपके नींद से भी आपके चेहरे पर इफेक्ट पड़ता है दोस्तों आपको बता दे की आपकी खुराक और नींद आपकी ज़िंदगी को भी कम कर देते है दोस्तो खुराक और नींद अगर सही से ना ली जाए तो ये आपकी ज़िन्दगी की मुद्दत को भी कम कर देते है.

आए हम आपको कुछ आदतों के बारे में बताते है जो आपको जल्दी बूढ़ा कर देती है जिसमें सबसे पहला है कम सोना यानी नींद का पूरा ना होना नींद का पूरा ना होना भी उम्र बढ़ने का सबब बनता है दोस्तों अगर आप ७ घंटा नींद लेते हो बिना किसी डिस्टर्बेंस के तो वो आपके ज़िन्दगी पी बहुत खुशगवार असर छोड़ती है दोस्तो जैसे ही आपको नींद आने लगे आप सब कुछ छोड़ दे और फौरन सो जाए टीवी और मोबाइल को आफ के दे और फौरन सो जाए नींद कि कमी कई मसायाल का सबब बनती है इससे आप पर पूरा दिन थकान का असर रहता है दोस्तो इससे ब्रेन भी कमजोर हो जाता है और दिमाग ठीक से काम नहीं करता.

दोस्तो जिनको रात में दर से सोने की आदत उनको बता दे कि पहले तो उन्हें काफी मुश्किल का सामना करना पड़ेगा हो सकता है वो कई घंटे बिस्तर पर करवट ही बदलते रहे लेकिन दोस्तो अगर आप इस अमल को ४ से५ दिन किया तो आपकी आदत हो ज्येगी और आप भी जल्दी सोने के आदि हो जाओगे दोस्तो इसके साथ साथ रात का जो खाना है उसे आपको सोने से ३ घंटे पहले खाना है क्युकी जब आप खाना खाते हो तो आपके को उसको पचाने में थोड़ा टाइम लगता यानी इस प्रोसेस में थोड़ा वक़्त लग जाता है इसलिए कोशिश करे कि खाना खाते ही ना लेट जाए बल्कि ३ घंटे बाद ही सोएं।। आगे देखें वीडियो में।।
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जमुना राम मेमोरियल स्कूल में कक्षा 12वीं का भव्य विदाई समारोह, सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के बीच छात्रों को मिली नई उड़ान की प्रेरणा
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जमुना राम महाविद्यालय पहुचें बलिया एसपी ने छात्राओं को दी सुरक्षा की जानकारी
बलिया। जमुना राम स्नातकोत्तर महाविद्यालय, चितबड़ागांव में बुधवार 15 अक्टूबर को मिशन शक्ति पंचम चरण के तहत नारी सुरक्षा, नारी सम्मान व नारी स्वावलंबन विषय पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि पुलिस अधीक्षक डॉ. ओमवीर सिंह रहे।

कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण से हुआ। संस्थापक प्रबंधक प्रो. धर्मात्मा नंद, प्रबंध निदेशक ई. तुषार नंद और प्राचार्य डॉ. अंगद प्रसाद गुप्त ने मुख्य अतिथि का अंगवस्त्र और बुके देकर स्वागत किया।
एसपी डॉ. ओमवीर सिंह ने छात्राओं को आत्मरक्षा, साइबर सुरक्षा, सड़क सुरक्षा और हेल्पलाइन नंबर 112, 108, 1098, 181, 102, 1090, 1930 और 1076 की जानकारी दी तथा उन्हें अपने जीवन में आत्मनिर्भर बनने की प्रेरणा दी।
कार्यक्रम की अध्यक्षता प्राचार्य डॉ. अंगद प्रसाद गुप्त ने की तथा संचालन श्री बृजेश गुप्ता ने किया। इस अवसर पर महाविद्यालय के सभी शिक्षक और शिक्षणेत्तर कर्मचारी उपस्थित रहे।
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माता-पिता की बीमारी से मौत, डीएम पहुंचे बच्चे!
बलिया। नगर के रामपुर महावल निवासी दो मासूम भाई-बहन ऋषभ सिंह (6) और रितिका सिंह (5) सोमवार को अपने नाना राधेश्याम खरवार के साथ जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचे और मदद की गुहार लगाई। दोनों बच्चों ने बताया कि उनके माता-पिता की मौत बीमारी से हो चुकी है और अब उनके रिश्तेदारों ने घर और आभूषणों पर कब्जा कर लिया है।
नाना राधेश्याम खरवार, जो पनिचा गांव के निवासी हैं, ने जिलाधिकारी से फरियाद करते हुए कहा कि उनकी बेटी सपना की दो वर्ष पूर्व बीमारी से मौत हो गई थी। इसके बाद दामाद रोशन सिंह को पड़ोसियों ने इतना प्रताड़ित किया कि वह भी एक वर्ष पहले बीमारी के चलते चल बसे।
राधेश्याम ने बताया कि उनकी बेटी और दामाद के आभूषण बच्चों की बड़ी मां और बड़े पिता ने अपने पास रख लिए हैं और घर में ताला लगा दिया है। उन्होंने इस संबंध में जिले के कई अधिकारियों से शिकायत की, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई।
उन्होंने जिलाधिकारी से अनुरोध किया कि मुख्यमंत्री बाल संरक्षण योजना और बाल सेवायोजन योजना के तहत बच्चों को सहायता दी जाए, ताकि उनका पालन-पोषण और शिक्षा सुचारु रूप से हो सके।





