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कोरोना एवं कोविड को परास्त करने के उपायों पर युवा चेतना के द्वारा वेबिनार का हुआ आयोजन

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स्व. लल्लन राय के स्मृति में कोरोना एवं कोविड को परास्त करने के उपायों पर युवा चेतना के द्वारा वेबिनार का आयोजन हुआ। स्वामी सर्वेश्वरानंद सरस्वती ने स्व. लल्लन राय को पुण्यआत्मा बताया। वेबिनार का उद्घाटन करते हुए स्वामी अभिषेक ब्रह्मचारी ने कहा की माता-पिता का ऋण नहीं उतारा जा सकता है।स्वामी अभिषेक ब्रह्मचारी ने कहा की सामूहिक प्रयास से कोरोना को पराजित किया जा सकता है।स्वामी अभिषेक ब्रह्मचारी ने कहा की युवा चेतना लगातार कोरोना को परास्त करने हेतु प्रयासरत है।

सिक्किम के राज्यपाल महामहिम गंगा प्रसाद ने कहा की लल्लन राय महापुरुष थे।महामहिम ने कहा की युवा चेतना लगातार समाज के बेहतरी हेतु संघर्षरत है।महामहिम ने कहा की कोरोना को हराने हेतु दृढ़ इक्षाशक्ति चाहिए।महामहिम ने युवा चेतना के द्वारा शुरू किए जनता की रसोई का प्रशंसा भी किया। वेबिनार का अध्यक्षता करते हुए युवा चेतना के राष्ट्रीय संयोजक रोहित कुमार सिंह ने कहा की हम कोरोना के खिलाफ लड़ रहे हैं।श्री सिंह ने कहा की हमारा लक्ष्य गरीब को मुख्यधारा से जोड़ना है।

श्री सिंह ने कहा की हम हर स्तर पर जनता को कोविड से लड़ने हेतु जागरुक कर रहे हैं।श्री सिंह ने कहा की युवा चेतना का विश्वास सेवा में है।श्री सिंह ने कहा की भारत को विश्वगुरु बनाने हेतु सबको प्रयास करना होगा। फिल्म अभिनेता आदित्य पंचोली ने कहा की कोरोना हारेगा भारत जीतेगा।श्री पंचोली ने कहा की युवा का प्रयास सार्थक है। हिमाचल केंद्रीय विश्वविद्यालय के कुलपति डा. रौशन लाल शर्मा ने कहा की कोरोना को पराजित करने हेतु सबको सतर्क रहना होगा और सुरक्षित रहना होगा।

डा. शर्मा ने कहा की कश्मीर से कन्याकुमारी तक भारत में विविधता हैं परंतु एकता के बल पर हमें कोविड को हराना होगा। शोभित विश्वविद्यालय के कुलाधिपति केएस वीजेंद्र ने कहा की महामारी कोरोना को हराने के लिए चिकित्सीय परामर्श का अनुपालन करना होगा। रिम्स राँची के निदेशक डा. कामेश्वर प्रसाद ने कहा की ग्रामीण भारत के लोगों को जागरुक कर कोरोना से हमें लड़ना होगा। एम्स भुवनेश्वर की निदेशक डा. गीतांजलि बतमनाबने ने कहा की टीकाकरण में तेज़ी लाकर हमें कोरोना को परास्त करना होगा।

आईएमएस बीएचयू के निदेशक डा. बीआर मित्तल ने कहा की कोरोना के तीसरी लहर हेतु सबको सतर्क रहना होगा और चिकित्सकों के परामर्श में रहना होगा। वुडलैंड हास्पिटल कोलकाता की निदेशक डा. रूपाली बसु ने कहा की कोरोना एक वैश्विक समस्या है जिससे लड़ने हेतु सबको चिकित्सकों के निर्देशों में रहकर अपने आपको सुरक्षित रखना होगा।
संजीवनी हास्पिटल बिलासपुर के निदेशक डा. बिनोद तिवारी ने कहा की टीकाकरण को सुदूर देहात तक पहुँचाकर कोविड को पराजित कर सकते हैं।

उद्यमी मनोज गोयल ने कहा की हम ग़रीबों तक भोजन पहुँचाकर इस महामारी के समय उनका सहयोग कर रहे हैं।
एनएमसीएच पटना की वरिष्ठ अध्यापक डा. संध्या सुमन ने कहा की भारत को संगठित होकर महामारी को पराजित करना होगा।

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Photos- जमुना राम मेमोरियल स्कूल में गणतंत्र दिवस समारोह हर्षोल्लास से संपन्न

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26 जनवरी 2026 को जमुना राम मेमोरियल स्कूल के प्रांगण में 76वां गणतंत्र दिवस समारोह बड़े हर्षोल्लास, उत्साह और गरिमामय वातावरण में संपन्न हुआ। इस अवसर पर नर्सरी से लेकर कक्षा 12वीं तक के विद्यार्थियों ने रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत कर उपस्थित अतिथियों एवं अभिभावकों का मन मोह लिया।

कार्यक्रम का शुभारंभ सरस्वती पूजा एवं ध्वजारोहण के साथ हुआ। विद्यार्थियों ने अनुशासित मार्च-पास्ट के माध्यम से राष्ट्रीय ध्वज को सलामी दी। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि संस्था के अध्यक्ष प्रोफेसर धर्मात्मानंद जी ने ध्वजारोहण किया। अपने प्रेरणादायक संबोधन में उन्होंने कहा कि सामाजिक समरसता, समानता एवं मौलिक अधिकारों की रक्षा के लिए संविधान में निहित प्रावधानों का पालन करना प्रत्येक नागरिक का कर्तव्य है। उन्होंने विद्यार्थियों से राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया।

इस अवसर पर सेना से सेवानिवृत्त महानुभूतियों को स्मृति चिन्ह एवं अंगवस्त्र भेंट कर सम्मानित किया गया, जिससे समारोह की गरिमा और भी बढ़ गई।

कार्यक्रम में नन्हे-मुन्ने बच्चों द्वारा प्रस्तुत देशभक्ति गीतों ने सभी को भावविभोर कर दिया। हरियाणवी नृत्य, “मां से ही माटी” थीम पर आधारित प्रस्तुति, “पधारो मारे देश”, कव्वाली, उत्तर-पूर्व भारत का प्रसिद्ध बिहू नृत्य तथा योग प्रदर्शन को दर्शकों ने खूब सराहा। गरबा और भांगड़ा नृत्य भी विशेष आकर्षण का केंद्र रहे। कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण “वराह रूपम” नृत्य एवं कथकली प्रस्तुति रही, जिसने उपस्थित दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।

इस भव्य आयोजन को सफल बनाने में विद्यालय के समस्त शिक्षक-शिक्षिकाओं एवं गैर-शिक्षण कर्मचारियों का महत्वपूर्ण योगदान रहा। संस्था के निदेशक तुषार नंद जी एवं सौम्या प्रसाद जी ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि संविधान में निहित मौलिक अधिकारों, कर्तव्यों एवं समानता के सिद्धांतों पर आधारित समाज के निर्माण से ही भारत को विश्वगुरु बनाने का सपना साकार हो सकता है।

कार्यक्रम के अंत में विद्यालय के प्रधानाचार्य अजीत कुमार सिंह ने सभी आगंतुकों, अतिथियों, विद्यार्थियों एवं कर्मचारीगण के प्रति आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम की सफलता में कोऑर्डिनेटर नीतू मिश्रा एवं अरविंद चौबे की विशेष सहभागिता रही।

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UGC के ‘Equity Rules’ में स्पष्टता व संतुलन की मांग, बलिया के भानु प्रकाश सिंह ने चेयरमैन को लिखा पत्र

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बलिया। ध्रुवजी सिंह स्मृति सेवा संस्थान, पूर-बलिया के सचिव भानु प्रकाश सिंह ‘बबलू’ ने विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) के चेयरमैन डॉ. विनीत जोशी को पत्र भेजकर यूजीसी विनियम, 2026 में आवश्यक स्पष्टीकरण और सुधार की मांग की है। उन्होंने पत्र की प्रतिलिपि राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, केंद्रीय शिक्षा मंत्री, गृह मंत्री एवं रक्षा मंत्री को भी भेजते हुए इस विषय पर शीघ्र और ठोस कार्रवाई की आवश्यकता जताई है।

भानु प्रकाश सिंह ने यूजीसी विनियमों के उद्देश्य को सराहनीय बताते हुए कहा कि उनके प्रभावी क्रियान्वयन के लिए संविधान के अनुच्छेद 14, 15(1) एवं 21 तथा नैसर्गिक न्याय के सिद्धांतों के अनुरूप संतुलित, स्पष्ट और न्यायसंगत व्यवस्था अनिवार्य है। उन्होंने समता समिति के गठन, उसकी संरचना और निर्णय प्रक्रिया में पारदर्शिता, संतुलन और निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए ठोस दिशा-निर्देश जारी करने की मांग की।

शिकायतों के निस्तारण के लिए एक समान मानक कार्य-प्रणाली (एसओपी) तय करने पर जोर देते हुए उन्होंने कहा कि केवल आरोप के आधार पर कठोर कार्रवाई न्यायसंगत नहीं है। किसी भी दंडात्मक कदम से पूर्व प्रथम दृष्टया जांच आवश्यक होनी चाहिए। साथ ही झूठी या दुर्भावनापूर्ण शिकायतों के दुरुपयोग को रोकने के लिए भी स्पष्ट प्रावधान किए जाने की मांग की गई।

उन्होंने स्पष्ट किया कि शिक्षा संस्थानों में नियमों का पालन सहयोग, मार्गदर्शन और न्याय की भावना पर आधारित होना चाहिए, न कि पुलिसिंग या अत्यधिक निगरानी जैसा वातावरण बनाकर। इसके अतिरिक्त उच्च शिक्षा को शोध और नवाचार का मजबूत केंद्र बनाने के लिए रिसर्च इंफ्रास्ट्रक्चर के सुदृढ़ीकरण, साझा प्रयोगशालाओं की स्थापना, उद्योग-सहयोग, स्टार्टअप को बढ़ावा देने और पेटेंट संस्कृति को प्राथमिकता देने का भी सुझाव दिया।

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